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रतनगढ़ में बड़ी कार्रवाई — डीटीओ इंस्पेक्टर सुरेश बिश्नोई निलंबित, मारपीट का मामला दर्ज
SSSO News
रतनगढ़ में बड़ी कार्रवाई — डीटीओ इंस्पेक्टर सुरेश बिश्नोई निलंबित, मारपीट का मामला दर्ज
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- आईरा न्यूज बीकानेर चूरू जिले में ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट के मामले में आरटीओ इंस्पेक्टर सुरेश विश्नोई को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई परिवहन आयुक्त द्वारा की गई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया। जानकारी के अनुसार, वाहन जांच के दौरान आरटीओ इंस्पेक्टर ने ट्रक ड्राइवर से लाइसेंस दिखाने को कहा। ड्राइवर ने बताया कि उसका लाइसेंस मोबाइल में है और मोबाइल लौटाने पर वह दिखा देगा। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में आकर इंस्पेक्टर ने ड्राइवर को सिर से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से ड्राइवर के सिर से खून बहने लगा और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार चोट गंभीर थी, हालांकि समय पर उपचार मिलने से बड़ा खतरा टल गया। घटना के वायरल वीडियो के बाद परिवहन विभाग ने जांच शुरू की और प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आरटीओ इंस्पेक्टर सुरेश विश्नोई को निलंबित कर दिया गया। मामले की विस्तृत जांच जारी है।1
- अस्थमा हों नजला ज़ुकाम खांसी आना बलग़म आना छींक आना सांस लेने में दिक्कत हो एलर्जी हो। 75686281431
- नागौर,,नागौर की लोक संस्कृति मार्च-अप्रेल में पूरी तरह से जीवंत हो उठती है। होली के साथ ही नगरवासियों में परंपरागत उत्सवों को मनाने का उत्साह जाग उठता है। यह सिलसिला रामनवमी और हनुमान जयंती तक चलता है। नागौर की संस्कृति में सामूहिकता का विशेष महत्व है। और यहां उत्सव पूरे शहर में धूमधाम से मनाए जाते हैं। संस्कृति एकता और सामूहिकता का आदर्श प्रस्तुत करती है। यहां के लोग मिलजुलकर त्यौहारों को मनाते हैं, और यही सांस्कृतिक सौहार्द शहर की पहचान है। त्यौहारों में समाज के सभी वर्गों का योगदान होता है। खास बात यह है कि यहां परम्पराओं का पालन करते हुए विभिन्न धर्मों के लोग एक दूसरे को त्यौहारों की शुभकामनाएं देते हैं। नागौर की यह सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल है। यहां की मिठाइयों का स्वाद देशभर में प्रसिद्ध है। वहीं त्यौहारों के समय गेर नृत्य का आयोजन भी लोक संस्कृति का अहम हिस्सा है। होली से लेकर गणगौर तक यह नृत्य हर जगह आयोजित किया जाता है। गेर नृत्य में ढोल-नगाड़े की थाप और गीतों पर नृत्य करते हैं। यह नृत्य सांस्कृतिक धरोहर के रूप में युवा पीढ़ी द्वारा भी आगे बढ़ाया जा रहा है। गेर नृत्य में समुदाय की सहभागिता शहर के विभिन्न स्थानों बाठडियों का चौक बंशीवाला मंदिर, नया दरवाजा, माली समाज भवन, मानासर, ताऊसर आदि इलाकों में डांडिया गेर का आयोजन होता है। आयोजनों में प्रवासी भी शामिल होने के लिए उत्सुक रहते हैं। गेर नृत्य में नर्तक अपने हाथों में लकड़ी की छड़ी रखते हैं और पारंपरिक वेशभूषा पहनकर नृत्य करते हैं। गेर नृत्य में रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए अलग-अलग स्वांग भी धारण करते हैं। गेर नृत्य में बांसुरी, ढोलक, नगाड़ा और ढोल जैसे वाद्ययंत्रों का उपयोग होता है। वाद्ययंत्रों की थाप पर नृत्य उत्सव की रंगत को और भी बढ़ा देता है। अपने में खास है नागौर की परम्पराएं त्यौहारों का सामूहिक उत्सव: नागौर में हर त्यौहार सामूहिक रूप से मनाना एक परंपरा होली से गणगौर तक गेर नृत्य का आयोजन: गेर नृत्य का आयोजन पूरे शहर में गेर नृत्य की परंपरा: ढोल-नगाड़े की थाप और गीतों पर करते हैं नृत्य प्रवासी भी होते हैं शामिल: नागौर के त्यौहारों में प्रवासी भी उत्साह से लेते हैं भाग गेर में विविध स्वांग: लोग विभिन्न स्वांग धारण कर करते हैं नृत्य वाद्ययंत्रों का समावेश: बांसुरी, ढोलक, नगाड़ा, ढोल आदि वाद्ययंत्रों का उपयोग सांस्कृतिक विविधता का मेल: विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ मनाते हैं त्यौहार यहां की संस्कृति की विशिष्ट पहचान -नागौर की लोक संस्कृति की अलग ही पहचान है। यहां बारह महीने के सभी त्याहौर परम्परागत रूप से मनाए जाते हैं। मंदिर में गाये जाने वाले भजन भी तीज- त्यौहार दिन व मौसम आधारित होते हैं। इससे भजनों का महत्व काफी बढ़ जाता है। होली पर किए जाने वाले डांडिया गेर की विशेष पहचान है। इस परम्परागत लोक नृत्य में शामिल होने के लिए प्रवासी भी इंतजार करते हैं। कई समाजों की गेर प्रसिद्ध है। गेर में 36 मीटर का बाघा पहनते है। बाठडिया का चौक, लोढों का चौक व बंशीवाला मंदिर में गेर का विशेष आयोजन होते है।2
- प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर अमर चौक होली महोत्सव चंग पर एक से बढ़कर धमाल की प्रस्तुति दी रसिया नाच नाच कर होली के मस्ती में आनंद लिया इस अवसर पर नेमचंद चांडक परमेश्वर माली जितेंद्र टाक पार्षद अमर चंद मीण श्री पालचारण मनोहर शर्मा विष्णु गौड ओम प्रकाश स्वामी श्याम स्वामी श्याम सुंदर सांवरमल गडवाल अरविन्द शर्मा उमेश तिवाड़ी बाबुराम4
- Post by Kishore Singh1
- Post by Balogar Malaksar1
- 🚨 चूरू जिले में ट्रक ड्राइवर से मारपीट, आरटीओ अधिकारी निलंबित चूरू। राजस्थान के चूरू जिले में ट्रक ड्राइवर के साथ कथित मारपीट और गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में कार्रवाई करते हुए संबंधित आरटीओ अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। घटना के बाद ड्राइवरों में आक्रोश का माहौल है। घटना की वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच के आदेश दिए गए। प्रारंभिक जांच में लापरवाही और दुर्व्यवहार की बात सामने आने पर संबंधित आरटीओ अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।1
- पोस्त अफ़ीम गांजा स्मैक चिट्टा डोडा चूरा इंजेक्शन मेडिकल गोलियां इन सभी से छुटकारा पा सकते हो। वह भी घर बैठें। 75686281431
- प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर। लोक सुरों से सजी शाम, पूजा डोटासरा ने दी मनमोहक लोक व होली गीतों की प्रस्तुति, दर्शक झूम उठे, होली मायड़ भूमि री कार्यक्रम सरदारशहर. सेठ मूलचंद विकास कुमार विनीत कुमार मालू परिवार के सौजन्य से स्थानीय ताल मैदान में चल रहे चार दिवसीय होली मायड़ भूमि री कार्यक्रम में कलाकार पूजा डोटासरा, बलि मोहन बाड़ी व सांवरमल सैनी ने होली व लोक गीतों पर शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दूसरे दिन जन सैलाब उमड़ पड़ा और पूरा मैदान रंगों, रोशनी और लोक संस्कृति की सुरमयी छटा में डूब गया। दर्शकों की भारी भीड़ के बीच पारंपरिक गिधड़ नृत्य ने राजस्थान की लोक विरासत की झलक पेश की। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में जोश और उमंग के साथ प्रस्तुति देकर माहौल को जीवंत बना दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते दर्शकों ने तालियों की गडग़ड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। लोक कलाकार पूजा डोटासरा, बलि मोहन बाड़ी और सांवरमल सैनी ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियाँ देकर देर रात तक समां बांधे रखा। मधुर लोकगीतों और पारंपरिक धुनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। उद्योगपति विकास मालू ने बताया कि यह चार दिवसीय सांस्कृतिक श्रृंखला होली के पावन अवसर पर राजस्थान की समृद्ध लोक परंपराओं को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है। विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि ताल मैदान में रोशनी की जगमगाहट, रंग-बिरंगे परिधान और लोक संस्कृति की छटा ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। उन्होंने कहा कि होली मायड़ भूमि री महोत्सव ने यह साबित कर दिया कि जब संस्कृति और समाज एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तो उत्सव केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि यादगार इतिहास बन जाता है। इस अवसर पर विजयादेवी मालू, उद्योगपति विकास मालू, विनित मालू, हर्षिता मालू, शुभांकर, साक्षी, निलम धाडेवा, मधु चौरडिय़ा, प्रतिक चौरडिय़ा, छत्तरसिंह बैद, अशोक बैद, विनय मालू, गौरव राणा, आयोजन समिति के अध्यक्ष शोभाकान्त स्वामी, प्रभारी जितेन्द्रसिंह राजवी, उपाध्यक्ष रामप्रसाद सुथार, मंत्री शंकरलाल प्रेमानी, कार्यक्रम संयोजक संपतराम जांगिड़, शंभुदयाल पारीक, दिलीप सिसोदिया, श्रीकान्त पारीक, अमित पारीक, योगेंद्र राजवी, हंसराज पुजारी, भंवरलाल पुजारी आदि ने कलाकारों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर व्यापार संघ के अध्यक्ष शिवरतन सर्राफ, व्यापार मण्डल के अध्यक्ष शिवभगवान सैनी, डा.बालकृष्ण कौशिक, उमरदीन सैयद, फारूक ज्यान मोहम्मद, अब्दुल रसीद चायल, जयचन्द शर्मा, किशोर भारद्वाज, रामलाल मिश्र, राजीव व्यास सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।4