दिनांक 31 मई 2026 को जगाधरी, यमुनानगर में “एक देश – एक किताब – एक समान फीस” की मांग को लेकर अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों द्वारा एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा बच्चों के भविष्य, शिक्षा में समानता और निजी स्कूलों द्वारा किताबों व अन्य शैक्षणिक सामग्री के नाम पर की जा रही कथित मनमानी वसूली के विरोध में निकाली गई। पदयात्रा शुरू होने से पहले, अभिभावकों ने जगाधरी के सेंट थॉमस स्कूल के बाहर इकट्ठा होकर अपना रोष जताया, जहां उन्होंने शिक्षा के नाम पर बढ़ते आर्थिक बोझ और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती असमानता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों ने स्पष्ट किया कि उनका यह संघर्ष किसी एक स्कूल के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा में समानता और हर बच्चे के शिक्षा के अधिकार के लिए है। इसके उपरांत, यह पदयात्रा सेंट थॉमस स्कूल से शुरू होकर झंडा चौक तक निकाली गई। यात्रा के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने “शिक्षा सेवा बने, व्यापार नहीं” और “अब नहीं तो कभी नहीं” जैसे नारों के माध्यम से अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। अभिभावकों ने कहा कि किताबों, यूनिफॉर्म और अन्य खर्चों का बढ़ता बोझ आम और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक दबाव डाल रहा है, जबकि शिक्षा को सेवा का माध्यम होना चाहिए, व्यापार का नहीं। उन्होंने मजदूर वर्ग के योगदान और उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रहने पर भी सवाल उठाया, यह पूछते हुए कि क्या गरीब और मजदूर वर्ग के बच्चों को समान अवसर नहीं मिलने चाहिए। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों की मनमानी पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है और संबंधित विभाग शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों से बच्चों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी भूमिका निभाने और गंभीर पहल करने का आह्वान किया। इस अवसर पर, अभिभावकों ने सरकार से पूरे देश में “एक देश – एक किताब – एक समान फीस” नीति लागू करने की मांग की, ताकि सभी बच्चों को समान शिक्षा और अवसर मिल सकें। उन्होंने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और जवाबदेह बनाने का भी सुझाव दिया, जिससे आम नागरिकों का विश्वास सरकारी विद्यालयों में बढ़ सके। इस पदयात्रा में संजीव नंदा, राघव, अजय कुमार, विकास चौधरी, जय राम सैनी, अंकुश बक्शी, नीरज, सुशील बत्रा, कृष्णा हरियाल, दीपक, नरेंद्र सहित अनेक अभिभावक और जागरूक नागरिक उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने बच्चों के अधिकारों, शिक्षा में समानता और पारदर्शिता के लिए इस जन-जागरण अभियान को जारी रखने का संकल्प लिया।
दिनांक 31 मई 2026 को जगाधरी, यमुनानगर में “एक देश – एक किताब – एक समान फीस” की मांग को लेकर अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों द्वारा एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा बच्चों के भविष्य, शिक्षा में समानता और निजी स्कूलों द्वारा किताबों व अन्य शैक्षणिक सामग्री के नाम पर की जा रही कथित मनमानी वसूली के विरोध में निकाली गई। पदयात्रा शुरू होने से पहले, अभिभावकों ने जगाधरी के सेंट थॉमस स्कूल के बाहर इकट्ठा होकर अपना रोष जताया, जहां उन्होंने शिक्षा के नाम पर बढ़ते आर्थिक बोझ और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती असमानता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों ने स्पष्ट किया कि उनका यह संघर्ष किसी एक स्कूल के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा में समानता और हर बच्चे के शिक्षा के अधिकार के लिए है। इसके उपरांत, यह पदयात्रा सेंट थॉमस स्कूल से शुरू होकर झंडा चौक तक निकाली गई। यात्रा के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने “शिक्षा सेवा बने, व्यापार नहीं” और “अब नहीं तो कभी नहीं” जैसे नारों के माध्यम से अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। अभिभावकों ने कहा कि किताबों, यूनिफॉर्म और अन्य खर्चों का बढ़ता बोझ आम और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक दबाव डाल रहा है, जबकि शिक्षा को सेवा का माध्यम होना चाहिए, व्यापार का नहीं। उन्होंने मजदूर वर्ग के योगदान और उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रहने पर भी सवाल उठाया, यह पूछते हुए कि क्या गरीब और मजदूर वर्ग के बच्चों को समान अवसर नहीं मिलने चाहिए। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों की मनमानी पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है और संबंधित विभाग शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों से बच्चों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी भूमिका निभाने और गंभीर पहल करने का आह्वान किया। इस अवसर पर, अभिभावकों ने सरकार से पूरे देश में “एक देश – एक किताब – एक समान फीस” नीति लागू करने की मांग की, ताकि सभी बच्चों को समान शिक्षा और अवसर मिल सकें। उन्होंने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और जवाबदेह बनाने का भी सुझाव दिया, जिससे आम नागरिकों का विश्वास सरकारी विद्यालयों में बढ़ सके। इस पदयात्रा में संजीव नंदा, राघव, अजय कुमार, विकास चौधरी, जय राम सैनी, अंकुश बक्शी, नीरज, सुशील बत्रा, कृष्णा हरियाल, दीपक, नरेंद्र सहित अनेक अभिभावक और जागरूक नागरिक उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने बच्चों के अधिकारों, शिक्षा में समानता और पारदर्शिता के लिए इस जन-जागरण अभियान को जारी रखने का संकल्प लिया।
- दिनांक 31 मई 2026 को जगाधरी, यमुनानगर में “एक देश – एक किताब – एक समान फीस” की मांग को लेकर अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों द्वारा एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा बच्चों के भविष्य, शिक्षा में समानता और निजी स्कूलों द्वारा किताबों व अन्य शैक्षणिक सामग्री के नाम पर की जा रही कथित मनमानी वसूली के विरोध में निकाली गई। पदयात्रा शुरू होने से पहले, अभिभावकों ने जगाधरी के सेंट थॉमस स्कूल के बाहर इकट्ठा होकर अपना रोष जताया, जहां उन्होंने शिक्षा के नाम पर बढ़ते आर्थिक बोझ और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती असमानता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों ने स्पष्ट किया कि उनका यह संघर्ष किसी एक स्कूल के खिलाफ नहीं, बल्कि शिक्षा में समानता और हर बच्चे के शिक्षा के अधिकार के लिए है। इसके उपरांत, यह पदयात्रा सेंट थॉमस स्कूल से शुरू होकर झंडा चौक तक निकाली गई। यात्रा के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने “शिक्षा सेवा बने, व्यापार नहीं” और “अब नहीं तो कभी नहीं” जैसे नारों के माध्यम से अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। अभिभावकों ने कहा कि किताबों, यूनिफॉर्म और अन्य खर्चों का बढ़ता बोझ आम और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक दबाव डाल रहा है, जबकि शिक्षा को सेवा का माध्यम होना चाहिए, व्यापार का नहीं। उन्होंने मजदूर वर्ग के योगदान और उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रहने पर भी सवाल उठाया, यह पूछते हुए कि क्या गरीब और मजदूर वर्ग के बच्चों को समान अवसर नहीं मिलने चाहिए। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों की मनमानी पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है और संबंधित विभाग शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों से बच्चों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी भूमिका निभाने और गंभीर पहल करने का आह्वान किया। इस अवसर पर, अभिभावकों ने सरकार से पूरे देश में “एक देश – एक किताब – एक समान फीस” नीति लागू करने की मांग की, ताकि सभी बच्चों को समान शिक्षा और अवसर मिल सकें। उन्होंने सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और जवाबदेह बनाने का भी सुझाव दिया, जिससे आम नागरिकों का विश्वास सरकारी विद्यालयों में बढ़ सके। इस पदयात्रा में संजीव नंदा, राघव, अजय कुमार, विकास चौधरी, जय राम सैनी, अंकुश बक्शी, नीरज, सुशील बत्रा, कृष्णा हरियाल, दीपक, नरेंद्र सहित अनेक अभिभावक और जागरूक नागरिक उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने बच्चों के अधिकारों, शिक्षा में समानता और पारदर्शिता के लिए इस जन-जागरण अभियान को जारी रखने का संकल्प लिया।1
- कस्बा गंगोह में युवा ब्राह्मण समाज संगठन (वाईबीएसएस) के तत्वावधान में भगवान श्री परशुराम जी की एक भव्य शोभायात्रा बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ निकाली गई। यह शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गों, प्रमुख बाजारों और अन्य मार्गों से होकर गुजरी, जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों ने पुष्पवर्षा कर इसका भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरा नगर भगवान परशुराम के जयकारों से गुंजायमान रहा, जिसमें समाज के बड़ी संख्या में लोग, युवा और महिलाएं शामिल हुईं। यात्रा में विभिन्न झांकियां भी आकर्षण का केंद्र बनीं। संगठन के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलने तथा समाज में एकता, शिक्षा और संस्कारों को बढ़ावा देने का संदेश दिया। यात्रा में कई सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक हस्तियां भी उपस्थित रहीं। पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे, जिसके चलते यह पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- आईपीएल सीजन 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है।1
- यमुनानगर कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई, ईंधन कीमतों में वृद्धि, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों के विरोध में एक पैदल मार्च का आयोजन किया। यह विरोध मार्च फव्वारा चौक से शुरू होकर रेलवे स्टेशन तक निकाला गया। इस दौरान सांसद वरुण मौलाना, शहरी प्रधान देवेंद्र सिंह, ग्रामीण प्रधान नरपाल सिंह गुर्जर, रमन त्यागी, सतपाल कौशिक सहित कांग्रेस के अन्य सदस्य उपस्थित थे।1
- गंगोह विधानसभा के भावी प्रत्याशी ने 'cockroachjantaparty' के सदस्यों को काम पर लगने का आह्वान करते हुए अपने पहले जमीनी अभियान की घोषणा की है। इस अभियान के तहत, 'कॉकरोच' सदस्यों से कहा गया है कि वे उन सभी जनसमस्याओं को रिकॉर्ड करें जो सार्वजनिक जीवन को प्रभावित करती हैं। इसमें ऐसे गड्ढे शामिल हैं जो स्कूटर को निगल सकते हैं, टूटी हुई स्ट्रीटलाइट्स, कूड़े के ढेर और कोई भी सरकारी दफ्तर जो 'जनसेवा' के अपने मूल कर्तव्य को भूल गया हो। अभियान के लिए आवश्यक है कि प्रतिभागी इन समस्याओं की तस्वीरें लें, उन्हें दस्तावेज़ करें और फिर 'cockroachjantaparty' को सहयोग का अनुरोध भेजें। 'cockroachjantaparty' ने आश्वासन दिया है कि वे इन दस्तावेज़ों को प्रसारित करेंगे, अधिकारियों पर दबाव बनाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रशासन को पता चले कि 'कॉकरोच' लगातार उन पर नज़र रख रहे हैं। यह अभियान 'अनुकूलन करो। अवलोकन करो। समाधान करो।' के सिद्धांत पर आधारित है, जो '#LifeOfACockroach' और '#कॉकरोचज़िंदगी' के संदेश को दर्शाता है।1
- बहुजन मुक्ति पार्टी ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लघु सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पार्टी द्वारा अपनी मांगों पर जोर देने के लिए आयोजित किया गया।1
- यमुनानगर जिले के बाला जी मार्केट के दुकानदारों ने मिलकर राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए मीठे पानी की एक छबील लगाई। हर वर्ष की भांति, कन्हैया साहब चौक के पास बाला जी मार्केट के इन दुकानदारों ने आने-जाने वाले लोगों को रोककर उन्हें ठंडा और मीठा जल पिलाया।1
- करनाल से एक बड़ी खबर सामने आई है जहाँ इंद्री रोड पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। एक कार ने सड़क किनारे खड़ी एक बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में बाइक पर सवार पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बेटे को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। डायल 112 की टीम ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला।1