विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 44वीं वाहिनी ने एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और एक हरित भविष्य का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। यह कार्यक्रम कमांडेंट श्री बलवंत सिंह नेगी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें वाहिनी के अधिकारियों, जवानों, संदिक्षा अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अभियान के तहत वाहिनी मुख्यालय और रेलवे प्रवेशिका +2 विद्यालय परिसर में लगभग 200 पौधे रोपे गए, वहीं 44वीं वाहिनी के कार्यक्षेत्र में स्थित सभी सीमा चौकियों पर सामूहिक रूप से 750 फलदार और छायादार पौधे लगाए गए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण को बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट श्री बलवंत सिंह नेगी ने रेखांकित किया कि पर्यावरण न केवल मानव अस्तित्व का आधार है, बल्कि इसकी रक्षा और संवर्धन प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और सतत विकास की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते दुष्प्रभावों से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति से अपने स्तर पर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने की आदत विकसित करने का आग्रह किया। कमांडेंट ने यह भी कहा कि वृक्ष हमें स्वच्छ वायु देने के साथ-साथ जैव विविधता, जल संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयास ही पृथ्वी को सुरक्षित और हरित बना सकते हैं। इस महत्वपूर्ण अवसर पर द्वितीय कमान अधिकारी श्री गोविन्द कुमार ठाकुर, सहायक कमांडेंट श्री रामवीर कुमार, सहायक कमांडेंट श्री गुलाब यादव सहित वाहिनी के सभी अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी, बलकर्मी, समवाय प्रभारी, संदिक्षा अध्यक्ष एवं सदस्य, तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के माध्यम से एसएसबी ने सीमा सुरक्षा के अपने दायित्व के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित किया, 'सीमा से समाज तक हरियाली का संदेश' पहुंचाया।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 44वीं वाहिनी ने एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और एक हरित भविष्य का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। यह कार्यक्रम कमांडेंट श्री बलवंत सिंह नेगी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें वाहिनी के अधिकारियों, जवानों, संदिक्षा अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अभियान के तहत वाहिनी मुख्यालय और रेलवे प्रवेशिका +2 विद्यालय परिसर में लगभग 200 पौधे रोपे गए, वहीं 44वीं वाहिनी के कार्यक्षेत्र में स्थित सभी सीमा चौकियों पर सामूहिक रूप से 750 फलदार और छायादार पौधे लगाए गए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण को बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट श्री बलवंत सिंह नेगी ने रेखांकित किया कि पर्यावरण न केवल मानव अस्तित्व का आधार है, बल्कि इसकी रक्षा और संवर्धन प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और सतत विकास की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते दुष्प्रभावों से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति से अपने स्तर पर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने की आदत विकसित करने का आग्रह किया। कमांडेंट ने यह भी कहा कि वृक्ष हमें स्वच्छ वायु देने के साथ-साथ जैव विविधता, जल संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयास ही पृथ्वी को सुरक्षित और हरित बना सकते हैं। इस महत्वपूर्ण अवसर पर द्वितीय कमान अधिकारी श्री गोविन्द कुमार ठाकुर, सहायक कमांडेंट श्री रामवीर कुमार, सहायक कमांडेंट श्री गुलाब यादव सहित वाहिनी के सभी अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी, बलकर्मी, समवाय प्रभारी, संदिक्षा अध्यक्ष एवं सदस्य, तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के माध्यम से एसएसबी ने सीमा सुरक्षा के अपने दायित्व के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित किया, 'सीमा से समाज तक हरियाली का संदेश' पहुंचाया।
- पश्चिमी चंपारण के बेतिया स्थित बैरिया में गंडक नदी में डूबने से एक सात वर्षीय मासूम की मौत हो गई है, जिसके बाद उसके परिवार में गहरा कोहराम मच गया है। इस दुखद खबर से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान सात वर्षीय चिंटू कुमार के रूप में हुई है, जो गहरे पानी में डूब गया था। इस दर्दनाक घटना के कारण पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 44वीं वाहिनी ने एक व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और एक हरित भविष्य का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। यह कार्यक्रम कमांडेंट श्री बलवंत सिंह नेगी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें वाहिनी के अधिकारियों, जवानों, संदिक्षा अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अभियान के तहत वाहिनी मुख्यालय और रेलवे प्रवेशिका +2 विद्यालय परिसर में लगभग 200 पौधे रोपे गए, वहीं 44वीं वाहिनी के कार्यक्षेत्र में स्थित सभी सीमा चौकियों पर सामूहिक रूप से 750 फलदार और छायादार पौधे लगाए गए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण को बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट श्री बलवंत सिंह नेगी ने रेखांकित किया कि पर्यावरण न केवल मानव अस्तित्व का आधार है, बल्कि इसकी रक्षा और संवर्धन प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और सतत विकास की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते दुष्प्रभावों से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति से अपने स्तर पर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने की आदत विकसित करने का आग्रह किया। कमांडेंट ने यह भी कहा कि वृक्ष हमें स्वच्छ वायु देने के साथ-साथ जैव विविधता, जल संरक्षण और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयास ही पृथ्वी को सुरक्षित और हरित बना सकते हैं। इस महत्वपूर्ण अवसर पर द्वितीय कमान अधिकारी श्री गोविन्द कुमार ठाकुर, सहायक कमांडेंट श्री रामवीर कुमार, सहायक कमांडेंट श्री गुलाब यादव सहित वाहिनी के सभी अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी, बलकर्मी, समवाय प्रभारी, संदिक्षा अध्यक्ष एवं सदस्य, तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के माध्यम से एसएसबी ने सीमा सुरक्षा के अपने दायित्व के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को भी सशक्त रूप से प्रदर्शित किया, 'सीमा से समाज तक हरियाली का संदेश' पहुंचाया।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर समाहरणालय परिसर में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में माननीय जिला पदाधिकारी श्री तरण जोत सिंह और जिले के अन्य पदाधिकारियों द्वारा वृक्षारोपण किया गया। यह कार्यक्रम 05.06.2026 और 5 जून को आयोजित हुआ।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को मझौलिया स्थित शुगर इंडस्ट्रीज परिसर में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मिल प्रबंधन के अधिकारियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया और लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील की। कार्यक्रम में यूनिट हेड सह सीजीएम उदयवीर सिंह, जीएम प्रोडक्शन सर्वेश कुमार दुबे, सीसीएम अखिलेश कुमार सिंह, जीएम परचेज आनंद पाल, डिप्टी जीएम अकाउंट्स विजय आनंद, नरेंद्र कुमार मिश्रा, जीएम कमर्शियल उपेंद्र नाथ राय, जीएम आईटी प्रवेश कुमार, चीफ कैशियर राजकुमार झुनझुनवाला, एसआर मैनेजर प्रोडक्शन बलजीत कुमार और टाइम ऑफिसर सूरज कुमार सहित कई अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पौधारोपण किया। इस मौके पर, यूनिट हेड उदयवीर सिंह ने जोर देकर कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण को अपनी जिम्मेदारी समझने का आह्वान किया। उदयवीर सिंह ने यह भी बताया कि "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत सभी लोगों को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल का भी संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने पेड़ों के महत्व को समझाते हुए कहा कि ये न केवल वातावरण को स्वच्छ और शुद्ध रखते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखते हैं, क्योंकि हरियाली से ही पर्यावरण संतुलित रहता है और शुद्ध हवा मिलती है। इसलिए, उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अधिकाधिक वृक्षारोपण का संकल्प लिया।4
- पश्चिम चंपारण के लौरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक आयुष चिकित्सक डॉ. अफरोज आलम पर मरीज के परिजनों के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार और बंधक बनाने का गंभीर आरोप लगा है। परिजनों ने यह भी शिकायत की है कि चिकित्सक ने उनका मोबाइल फोन छीनकर उसमें से वीडियो फुटेज डिलीट कर दिया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया था, जिससे अस्पताल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। जानकारी के अनुसार, बगही बसवरिया पंचायत के बसवरिया गांव में बच्चों के विवाद को लेकर हुई मारपीट में घायल सकीला खातून, उनके पुत्र रिजवान आलम और पुत्री साहिस्ता परवीन इलाज के लिए सीएचसी पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान चिकित्सक ने उन्हें जांच के बहाने लैब में बुलाया, जहां किसी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि उनके साथ मारपीट की गई और साथ आए एक अन्य परिजन को भी जबरन रोककर रखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शोर-शराबा बढ़ने पर अस्पताल कर्मियों और सुरक्षा गार्डों को बीच-बचाव करना पड़ा, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। परिजनों ने चिकित्सक पर दूसरे पक्ष से पारिवारिक संबंध होने के कारण पक्षपात करने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और चिकित्सक डॉ. अफरोज आलम की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रौशन कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित कर्मियों से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले का प्रतिवेदन सिविल सर्जन, जिला पदाधिकारी और संबंधित विभाग को भेजा जाएगा, ताकि निष्पक्ष जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पंचायत भवन में एक ग्रामसभा का आयोजन किया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के निर्माण पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इस दौरान, पंचायत के मुखिया राजेंद्र प्रसाद सिंह ने पर्यावरण को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुखिया राजेंद्र प्रसाद सिंह ने सभी ग्रामीणों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी उचित देखभाल करने का आह्वान किया। उनके नेतृत्व में पंचायत प्रतिनिधियों, वार्ड सदस्यों और अन्य ग्रामीणों ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जल, जंगल और जमीन के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया, तथा उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली स्थित संकल्प क्लास में छात्रों ने बिहार पुलिस में अपने अंतिम चयन पर जमकर जश्न मनाया। इस मौके पर छात्र अपनी खुशी का इजहार करते हुए उत्साहपूर्वक डांस करते दिखे।1
- बैरियां के श्रीनगर थाना क्षेत्र की उत्तरी पटजिरवा पंचायत स्थित पूजहां में गंडक नदी में नहाने के दौरान एक 7 वर्षीय बालक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान रामबेलाश मुखिया के पुत्र चिंटू कुमार के रूप में की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, चिंटू कुमार नदी में नहा रहा था, तभी वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने बालक को बचाने का प्रयास किया और ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद उसे गहरे पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस हृदय विदारक घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है; परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष अमित कुमार पाल ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेज दिया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने और बच्चों को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।1