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बिरसिंहपुर पाली नगर पालिका परिषद अंतर्गत वार्ड नंबर 14 मैं बन रही सीसी रोड में भारी भ्रष्टाचार बिरसिंहपुर--- पाली नगर पालिका परिषद बिरसिंहपुर पाली के वार्ड नंबर 14 में बनाई गयी सीसी रोड की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा मानकों को ताक पर रखकर सड़क का निर्माण किया गया है। निर्माण कार्य में न तो निर्धारित खुदाई की गई, न मुरूम डाला गया, न रोलर चलाया गया और न ही वाइब्रेटर का उपयोग किया गया। सबसे गंभीर आरोप यह है कि सीमेंट के स्थान पर क्रेशर डस्ट का उपयोग कर सड़क बनाई गयी है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि वार्ड नंबर 14 में यह सीसी रोड शासन की योजना के तहत स्वीकृत की गई थी, जिसका उद्देश्य वार्डवासियों को आवागमन की बेहतर सुविधा देना था। लेकिन निर्माण शुरू होते ही अनियमितताएं सामने आने लगीं थी ग्रामीणों के अनुसार ठेकेदार द्वारा सड़क बनाने की मूल प्रक्रिया का पालन ही नहीं किया गया। नियमानुसार सीसी रोड बनाने से पहले जमीन की समुचित खुदाई कर बेस तैयार किया जाता है, उसके बाद मुरूम डालकर रोलर से उसकी कुटाई की जाती है, ताकि सड़क की नींव मजबूत हो सके। इसके बाद सेंटरिंग और वाइब्रेटर से कॉन्क्रीट को मजबूती दी जाती है। लेकिन वार्ड 14 में इनमें से किसी भी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। सीधे तौर पर पुरानी सतह पर ही मसाला डालकर सड़क बना दी गई। इससे सड़क के कुछ ही दिनों में उखड़ने और टूटने की आशंका बढ़ गई है। नागरिकों ने बताया कि सीसी रोड में उपयोग होने वाले मसाले में सीमेंट की मात्रा न के बराबर है। सीमेंट की जगह बड़ी मात्रा में क्रेशर से निकलने वाली डस्ट का उपयोग किया गया है। इससे सड़क की ऊपरी सतह पर पहले से ही रेत उखड़ने लगी है। गुणवत्ता विहीन निर्माण को देखकर वार्डवासियों में भारी आक्रोश है। जब इस संबंध में मीडिया की टीम ने मौके पर जाकर निर्माण की हकीकत देखी तो ग्रामीणों के आरोप सही पाए गए। मौके पर न रोलर मशीन थी, न वाइब्रेटर और न ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद था। मजदूर अपने तरीके से काम करते पाए गए। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल नगर पालिका के इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना इंजीनियर और अधिकारियों की मिलीभगत के इतना घटिया निर्माण संभव ही नहीं है। लोगों का कहना है कि अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने नहीं आते और ठेकेदार मनमानी कर रहा है। लाखों रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। इस संबंध में जब नगर पालिका के संबंधित इंजीनियर से पक्ष लिया गया तो उनके द्वारा गोलमोल जवाब दिया गया। इंजीनियर ने कहा कि "सड़क निर्माण का कार्य अभी प्रगति पर है। 7 दिन या 21 दिन के बाद इसका लैब टेस्ट कराया जाएगा। लैब टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही गुणवत्ता की पुष्टि होगी और यदि सड़क मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई तो ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।" इंजीनियर के इस बयान से स्थानीय लोग संतुष्ट नहीं हैं। लोगों का कहना है कि जब बेस ही मजबूत नहीं बनाया गया और सामग्री ही घटिया लगाई गई है तो लैब टेस्ट केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच किया जाना था और दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए। साथ ही इस कार्य में संलिप्त अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। वार्डवासियों ने जिला कलेक्टर और नगर पालिका सीएमओ से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क को मानकों के अनुसार नहीं बनाया गया।

18 hrs ago
user_Shambhu nath Soni
Shambhu nath Soni
पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
18 hrs ago
7067b38b-b653-464d-93fa-6ec9fe34225c

बिरसिंहपुर पाली नगर पालिका परिषद अंतर्गत वार्ड नंबर 14 मैं बन रही सीसी रोड में भारी भ्रष्टाचार बिरसिंहपुर--- पाली नगर पालिका परिषद बिरसिंहपुर पाली के वार्ड नंबर 14 में बनाई गयी सीसी रोड की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा मानकों को ताक पर रखकर सड़क का निर्माण किया गया है। निर्माण कार्य में न तो निर्धारित खुदाई की गई, न मुरूम डाला गया, न रोलर चलाया गया और न ही वाइब्रेटर का उपयोग किया गया। सबसे गंभीर आरोप यह है कि सीमेंट के स्थान पर क्रेशर डस्ट का उपयोग कर सड़क बनाई गयी है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि वार्ड नंबर 14 में यह सीसी रोड शासन की योजना के तहत स्वीकृत की गई थी, जिसका उद्देश्य वार्डवासियों को आवागमन की बेहतर सुविधा देना था। लेकिन निर्माण शुरू होते ही अनियमितताएं सामने आने लगीं थी ग्रामीणों के अनुसार ठेकेदार द्वारा सड़क बनाने की मूल प्रक्रिया का पालन ही नहीं किया गया। नियमानुसार सीसी रोड बनाने से पहले जमीन की समुचित खुदाई कर बेस तैयार किया जाता है, उसके बाद मुरूम डालकर रोलर से उसकी कुटाई की जाती है, ताकि सड़क की नींव मजबूत हो सके। इसके बाद सेंटरिंग और वाइब्रेटर से कॉन्क्रीट को मजबूती दी जाती है। लेकिन वार्ड 14 में इनमें से किसी भी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। सीधे तौर पर पुरानी सतह पर ही मसाला डालकर सड़क बना दी गई। इससे सड़क के कुछ ही दिनों में उखड़ने और टूटने की आशंका बढ़ गई है। नागरिकों ने बताया कि सीसी रोड में उपयोग होने वाले मसाले में सीमेंट की मात्रा न के बराबर है। सीमेंट की जगह बड़ी मात्रा में क्रेशर से निकलने वाली डस्ट का उपयोग किया गया है। इससे सड़क की ऊपरी सतह पर पहले से ही रेत उखड़ने लगी है। गुणवत्ता विहीन निर्माण को देखकर वार्डवासियों में भारी आक्रोश है। जब

इस संबंध में मीडिया की टीम ने मौके पर जाकर निर्माण की हकीकत देखी तो ग्रामीणों के आरोप सही पाए गए। मौके पर न रोलर मशीन थी, न वाइब्रेटर और न ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद था। मजदूर अपने तरीके से काम करते पाए गए। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल नगर पालिका के इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना इंजीनियर और अधिकारियों की मिलीभगत के इतना घटिया निर्माण संभव ही नहीं है। लोगों का कहना है कि अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने नहीं आते और ठेकेदार मनमानी कर रहा है। लाखों रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। इस संबंध में जब नगर पालिका के संबंधित इंजीनियर से पक्ष लिया गया तो उनके द्वारा गोलमोल जवाब दिया गया। इंजीनियर ने कहा कि "सड़क निर्माण का कार्य अभी प्रगति पर है। 7 दिन या 21 दिन के बाद इसका लैब टेस्ट कराया जाएगा। लैब टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही गुणवत्ता की पुष्टि होगी और यदि सड़क मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई तो ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।" इंजीनियर के इस बयान से स्थानीय लोग संतुष्ट नहीं हैं। लोगों का कहना है कि जब बेस ही मजबूत नहीं बनाया गया और सामग्री ही घटिया लगाई गई है तो लैब टेस्ट केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच किया जाना था और दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए। साथ ही इस कार्य में संलिप्त अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। वार्डवासियों ने जिला कलेक्टर और नगर पालिका सीएमओ से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क को मानकों के अनुसार नहीं बनाया गया।

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  • प्रसूता की मौत के बाद गांव में बवाल, महिला के दावे से बढ़ा रहस्य उमरिया। प्रसूता की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच गांव में अचानक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया। शव के पास पहुंची एक महिला ने कथित तौर पर प्रसूता की मौत और बच्चे को लेकर गंभीर दावे कर दिए। महिला की बात सामने आते ही ग्रामीणों के बीच हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मामला पुलिस तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि प्रसूता की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे उपचार के लिए उमरिया जिला अस्पताल लाया गया था। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया। इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। प्रसूता की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे हुए थे। इसी दौरान एक महिला अचानक शव के पास पहुंची। महिला ने कथित रूप से दावा किया कि प्रसूता की मौत के पीछे उसकी भूमिका है। उसने बच्चे की हत्या किए जाने जैसी बात भी कही और बदला लेने का दावा किया। महिला के इस कथित बयान से वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और मामला तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने महिला को पकड़कर अपने कब्जे में ले लिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए महिला और उसके पति को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया और दोनों को पूछताछ के लिए उमरिया कोतवाली ले जाया गया। घटना के बाद गांव में जादू-टोने से लेकर प्रसूता की मौत तक को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, महिला द्वारा किए गए दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जांच रही है। पुलिस प्रसूता के उपचार से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड, अस्पताल की रिपोर्ट और रेफर किए जाने की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही महिला के बयान और बच्चे से संबंधित उसके दावे की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला के दावे का कोई तथ्यात्मक आधार है या नहीं। फिलहाल पति-पत्नी पुलिस की निगरानी में हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन ने ग्रामीणों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है। घटना के बाद गांव में तनाव के साथ-साथ पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं।
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    प्रसूता की मौत के बाद गांव में बवाल, महिला के दावे से बढ़ा रहस्य
उमरिया। प्रसूता की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच गांव में अचानक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया। शव के पास पहुंची एक महिला ने कथित तौर पर प्रसूता की मौत और बच्चे को लेकर गंभीर दावे कर दिए। महिला की बात सामने आते ही ग्रामीणों के बीच हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मामला पुलिस तक पहुंच गया।
बताया जा रहा है कि प्रसूता की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे उपचार के लिए उमरिया जिला अस्पताल लाया गया था। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया। इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। प्रसूता की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे हुए थे।
इसी दौरान एक महिला अचानक शव के पास पहुंची। महिला ने कथित रूप से दावा किया कि प्रसूता की मौत के पीछे उसकी भूमिका है। उसने बच्चे की हत्या किए जाने जैसी बात भी कही और बदला लेने का दावा किया। महिला के इस कथित बयान से वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और मामला तनावपूर्ण हो गया।
ग्रामीणों ने महिला को पकड़कर अपने कब्जे में ले लिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए महिला और उसके पति को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया और दोनों को पूछताछ के लिए उमरिया कोतवाली ले जाया गया।
घटना के बाद गांव में जादू-टोने से लेकर प्रसूता की मौत तक को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, महिला द्वारा किए गए दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जांच रही है।
पुलिस प्रसूता के उपचार से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड, अस्पताल की रिपोर्ट और रेफर किए जाने की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही महिला के बयान और बच्चे से संबंधित उसके दावे की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला के दावे का कोई तथ्यात्मक आधार है या नहीं।
फिलहाल पति-पत्नी पुलिस की निगरानी में हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन ने ग्रामीणों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है। घटना के बाद गांव में तनाव के साथ-साथ पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बिरसिंहपुर पाली नगर पालिका परिषद अंतर्गत वार्ड नंबर 14 मैं बन रही सीसी रोड में भारी भ्रष्टाचार बिरसिंहपुर--- पाली नगर पालिका परिषद बिरसिंहपुर पाली के वार्ड नंबर 14 में बनाई गयी सीसी रोड की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा मानकों को ताक पर रखकर सड़क का निर्माण किया गया है। निर्माण कार्य में न तो निर्धारित खुदाई की गई, न मुरूम डाला गया, न रोलर चलाया गया और न ही वाइब्रेटर का उपयोग किया गया। सबसे गंभीर आरोप यह है कि सीमेंट के स्थान पर क्रेशर डस्ट का उपयोग कर सड़क बनाई गयी है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि वार्ड नंबर 14 में यह सीसी रोड शासन की योजना के तहत स्वीकृत की गई थी, जिसका उद्देश्य वार्डवासियों को आवागमन की बेहतर सुविधा देना था। लेकिन निर्माण शुरू होते ही अनियमितताएं सामने आने लगीं थी ग्रामीणों के अनुसार ठेकेदार द्वारा सड़क बनाने की मूल प्रक्रिया का पालन ही नहीं किया गया। नियमानुसार सीसी रोड बनाने से पहले जमीन की समुचित खुदाई कर बेस तैयार किया जाता है, उसके बाद मुरूम डालकर रोलर से उसकी कुटाई की जाती है, ताकि सड़क की नींव मजबूत हो सके। इसके बाद सेंटरिंग और वाइब्रेटर से कॉन्क्रीट को मजबूती दी जाती है। लेकिन वार्ड 14 में इनमें से किसी भी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। सीधे तौर पर पुरानी सतह पर ही मसाला डालकर सड़क बना दी गई। इससे सड़क के कुछ ही दिनों में उखड़ने और टूटने की आशंका बढ़ गई है। नागरिकों ने बताया कि सीसी रोड में उपयोग होने वाले मसाले में सीमेंट की मात्रा न के बराबर है। सीमेंट की जगह बड़ी मात्रा में क्रेशर से निकलने वाली डस्ट का उपयोग किया गया है। इससे सड़क की ऊपरी सतह पर पहले से ही रेत उखड़ने लगी है। गुणवत्ता विहीन निर्माण को देखकर वार्डवासियों में भारी आक्रोश है। जब इस संबंध में मीडिया की टीम ने मौके पर जाकर निर्माण की हकीकत देखी तो ग्रामीणों के आरोप सही पाए गए। मौके पर न रोलर मशीन थी, न वाइब्रेटर और न ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद था। मजदूर अपने तरीके से काम करते पाए गए। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल नगर पालिका के इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना इंजीनियर और अधिकारियों की मिलीभगत के इतना घटिया निर्माण संभव ही नहीं है। लोगों का कहना है कि अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने नहीं आते और ठेकेदार मनमानी कर रहा है। लाखों रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। इस संबंध में जब नगर पालिका के संबंधित इंजीनियर से पक्ष लिया गया तो उनके द्वारा गोलमोल जवाब दिया गया। इंजीनियर ने कहा कि "सड़क निर्माण का कार्य अभी प्रगति पर है। 7 दिन या 21 दिन के बाद इसका लैब टेस्ट कराया जाएगा। लैब टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही गुणवत्ता की पुष्टि होगी और यदि सड़क मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई तो ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।" इंजीनियर के इस बयान से स्थानीय लोग संतुष्ट नहीं हैं। लोगों का कहना है कि जब बेस ही मजबूत नहीं बनाया गया और सामग्री ही घटिया लगाई गई है तो लैब टेस्ट केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच किया जाना था और दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए। साथ ही इस कार्य में संलिप्त अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। वार्डवासियों ने जिला कलेक्टर और नगर पालिका सीएमओ से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क को मानकों के अनुसार नहीं बनाया गया।
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    बिरसिंहपुर पाली नगर पालिका परिषद अंतर्गत वार्ड नंबर 14 मैं बन रही सीसी रोड में भारी भ्रष्टाचार
बिरसिंहपुर--- पाली नगर पालिका परिषद बिरसिंहपुर पाली के वार्ड नंबर 14 में बनाई गयी सीसी रोड की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा मानकों को ताक पर रखकर सड़क का निर्माण किया गया है। निर्माण कार्य में न तो निर्धारित खुदाई की गई, न मुरूम डाला गया, न रोलर चलाया गया और न ही वाइब्रेटर का उपयोग किया गया। सबसे गंभीर आरोप यह है कि सीमेंट के स्थान पर क्रेशर डस्ट का उपयोग कर सड़क बनाई गयी है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि वार्ड नंबर 14 में यह सीसी रोड शासन की योजना के तहत स्वीकृत की गई थी, जिसका उद्देश्य वार्डवासियों को आवागमन की बेहतर सुविधा देना था। लेकिन निर्माण शुरू होते ही अनियमितताएं सामने आने लगीं थी ग्रामीणों के अनुसार ठेकेदार द्वारा सड़क बनाने की मूल प्रक्रिया का पालन ही नहीं किया गया।
नियमानुसार सीसी रोड बनाने से पहले जमीन की समुचित खुदाई कर बेस तैयार किया जाता है, उसके बाद मुरूम डालकर रोलर से उसकी कुटाई की जाती है, ताकि सड़क की नींव मजबूत हो सके। इसके बाद सेंटरिंग और वाइब्रेटर से कॉन्क्रीट को मजबूती दी जाती है। लेकिन वार्ड 14 में इनमें से किसी भी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। सीधे तौर पर पुरानी सतह पर ही मसाला डालकर सड़क बना दी गई। इससे सड़क के कुछ ही दिनों में उखड़ने और टूटने की आशंका बढ़ गई है।
नागरिकों ने बताया कि सीसी रोड में उपयोग होने वाले मसाले में सीमेंट की मात्रा न के बराबर है। सीमेंट की जगह बड़ी मात्रा में क्रेशर से निकलने वाली डस्ट का उपयोग किया गया है। इससे सड़क की ऊपरी सतह पर पहले से ही रेत उखड़ने लगी है। गुणवत्ता विहीन निर्माण को देखकर वार्डवासियों में भारी आक्रोश है।
जब इस संबंध में मीडिया की टीम ने मौके पर जाकर निर्माण की हकीकत देखी तो ग्रामीणों के आरोप सही पाए गए। मौके पर न रोलर मशीन थी, न वाइब्रेटर और न ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद था। मजदूर अपने तरीके से काम करते पाए गए।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल नगर पालिका के इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना इंजीनियर और अधिकारियों की मिलीभगत के इतना घटिया निर्माण संभव ही नहीं है। लोगों का कहना है कि अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने नहीं आते और ठेकेदार मनमानी कर रहा है। लाखों रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।
इस संबंध में जब नगर पालिका के संबंधित इंजीनियर से पक्ष लिया गया तो उनके द्वारा गोलमोल जवाब दिया गया। इंजीनियर ने कहा कि "सड़क निर्माण का कार्य अभी प्रगति पर है। 7 दिन या 21 दिन के बाद इसका लैब टेस्ट कराया जाएगा। लैब टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही गुणवत्ता की पुष्टि होगी और यदि सड़क मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई तो ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।"
इंजीनियर के इस बयान से स्थानीय लोग संतुष्ट नहीं हैं। लोगों का कहना है कि जब बेस ही मजबूत नहीं बनाया गया और सामग्री ही घटिया लगाई गई है तो लैब टेस्ट केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच किया जाना था और दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए। साथ ही इस कार्य में संलिप्त अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
वार्डवासियों ने जिला कलेक्टर और नगर पालिका सीएमओ से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क को मानकों के अनुसार नहीं बनाया गया।
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    Shambhu nath Soni
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • ग्राम हड़हा में घोरक्षत्र नदी किनारे अज्ञात युवक का शव मिलने से हड़कंप नौरोजाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम हड़हा स्थित घोरछत्र नदी में गुरुवार को संदिग्ध परिस्थितियों में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।नदी के निचले हिस्से में शव दिखाई देने की सूचना मिलते ही नौरोजाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।प्राथमिक दृष्ट्या शव करीब दो से तीन दिन पुराना बताया जा रहा है।शव जिस स्थान पर मिला है,वहां तक पहुंचना भी काफी मुश्किल बताया जा रहा है।आशंका जताई जा रही है कि युवक की मौत नदी में डूबने से हुई होगी।हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।पुलिस ने शव की शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए हैं।आसपास के गांवों में लोगों से पूछताछ कर मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है।फिलहाल मृतक कौन है और वह घोरछत्र नदी तक कैसे पहुंचा,इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और शव से जुड़े हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
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    ग्राम हड़हा में घोरक्षत्र नदी किनारे अज्ञात युवक का शव मिलने से हड़कंप

नौरोजाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम हड़हा स्थित घोरछत्र नदी में गुरुवार को संदिग्ध परिस्थितियों में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।नदी के निचले हिस्से में शव दिखाई देने की सूचना मिलते ही नौरोजाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।प्राथमिक दृष्ट्या शव करीब दो से तीन दिन पुराना बताया जा रहा है।शव जिस स्थान पर मिला है,वहां तक पहुंचना भी काफी मुश्किल बताया जा रहा है।आशंका जताई जा रही है कि युवक की मौत नदी में डूबने से हुई होगी।हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।पुलिस ने शव की शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए हैं।आसपास के गांवों में लोगों से पूछताछ कर मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है।फिलहाल मृतक कौन है और वह घोरछत्र नदी तक कैसे पहुंचा,इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और शव से जुड़े हर पहलू को खंगाला जा रहा है।
    user_NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    Karkeli, Jabalpur•
    23 hrs ago
  • शहडोल में 110 गौवंशों को ले जाने का प्रयास विफल, गौसेवकों ने बचाया शहडोल। शहडोल में करीब 110 गौवंशों को पैदल ले जाने की सूचना मिलने पर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल एवं नंदी गौ सेवा धाम की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। बताया गया कि गौवंशों को एक शोरूम के सामने से पैदल ले जाया जा रहा था। टीम ने मौके पर पहुंचकर जानकारी लेने का प्रयास किया, इसी दौरान तीन लोग मौके से भाग गए, जबकि दो संदिग्ध व्यक्तियों को गौसेवकों ने पकड़ लिया और तत्काल डायल-112 को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद सभी गौवंशों को सुरक्षित किया गया। मामले की सूचना सोहागपुर थाने में दी गई, जहां दोनों पकड़े गए संदिग्धों को पुलिस के सुपुर्द किया गया। फिलहाल सभी 110 गौवंश सुरक्षित बताए जा रहे हैं और उन्हें सुमिडाय भवन में रखा गया है। इस पूरी कार्रवाई में स्थानीय लोगों की सजगता, पुलिस की तत्परता और नंदी गौ सेवा धाम की टीम के सदस्य सिल्लू रजक अविनाश मिश्रा धीरू मिश्रा विकास जोतवानी अमन यादव कमलेश जी प्रयास महत्वपूर्ण रहा 🙏 गौवंश की रक्षा केवल जिम्मेदारी नहीं, हमारी आस्था और सेवा का संकल्प है।
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    शहडोल में 110 गौवंशों को ले जाने का प्रयास विफल, गौसेवकों ने बचाया

शहडोल। शहडोल में करीब 110 गौवंशों को पैदल ले जाने की सूचना मिलने पर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल एवं नंदी गौ सेवा धाम की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।

बताया गया कि गौवंशों को एक शोरूम के सामने से पैदल ले जाया जा रहा था। टीम ने मौके पर पहुंचकर जानकारी लेने का प्रयास किया, इसी दौरान तीन लोग मौके से भाग गए, जबकि दो संदिग्ध व्यक्तियों को गौसेवकों ने पकड़ लिया और तत्काल डायल-112 को सूचना दी।

पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद सभी गौवंशों को सुरक्षित किया गया। मामले की सूचना सोहागपुर थाने में दी गई, जहां दोनों पकड़े गए संदिग्धों को पुलिस के सुपुर्द किया गया।

फिलहाल सभी 110 गौवंश सुरक्षित बताए जा रहे हैं और उन्हें सुमिडाय भवन में रखा गया है।

इस पूरी कार्रवाई में स्थानीय लोगों की सजगता, पुलिस की तत्परता और नंदी गौ सेवा धाम की टीम के सदस्य सिल्लू रजक अविनाश मिश्रा धीरू मिश्रा विकास जोतवानी अमन यादव कमलेश जी प्रयास महत्वपूर्ण रहा 

🙏 गौवंश की रक्षा केवल जिम्मेदारी नहीं, हमारी आस्था और सेवा का संकल्प है।
    user_पार्षद सिल्लू रजक शहडोल
    पार्षद सिल्लू रजक शहडोल
    Animal Protection Organisation सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • शहडोल में खाकी पर सवाल अमलाई के बटुरा में सरेआम चल रहा जुआ फड़, वीडियो वायरल अमलाई थाना अंतर्गत ग्राम बटुरा में सरेआम चल रहे जुआ फड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है वीडियो सामने आने के बाद अमलाई पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं ​सूत्रों के अनुसार वायरल वीडियो में शायद तक बटुरा ग्राम जनप्रतिनिधि का नाम का व्यक्ति जुआ फड़ का संचालन करते दिखाई दे रहे हैं पुलिस अधीक्षक Shahdol Police डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के अवैध गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद यह खेल धड़ल्ले से जारी है ​वीडियो वायरल होने के बाद भी स्थानीय पुलिस की ओर से कोई ठोस वैधानिक कार्रवाई न होना पुलिस प्रशासन की भूमिका और मूक सहमति पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
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    शहडोल में खाकी पर सवाल अमलाई के बटुरा में सरेआम चल रहा जुआ फड़, वीडियो वायरल
अमलाई थाना अंतर्गत ग्राम बटुरा में सरेआम चल रहे जुआ फड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है वीडियो सामने आने के बाद अमलाई पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं ​सूत्रों के अनुसार वायरल वीडियो में शायद तक बटुरा ग्राम जनप्रतिनिधि का नाम का व्यक्ति जुआ फड़ का संचालन करते दिखाई दे रहे हैं पुलिस अधीक्षक Shahdol Police डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के अवैध गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद यह खेल धड़ल्ले से जारी है ​वीडियो वायरल होने के बाद भी स्थानीय पुलिस की ओर से कोई ठोस वैधानिक कार्रवाई न होना पुलिस प्रशासन की भूमिका और मूक सहमति पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय, जिला अधिवक्ता संघ एवं दक्षिण वन मंडल के संयुक्त समन्वय से निपनिया बीट में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित
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    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय, जिला अधिवक्ता संघ एवं दक्षिण वन मंडल के संयुक्त समन्वय से निपनिया बीट में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • सद्भावना दिवस' पर गूंजा राजीव गांधी का विचार: कांग्रेसजनों ने आधुनिक भारत के शिल्पकार को दी भावांजलि ​शहडोल-​जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल द्वारा देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पूरे गरिमामय वातावरण में 'सद्भावना दिवस' के रूप में मनाई गई। इस पावन अवसर पर सिंहपुर ब्लॉक के ग्राम चुनिया और जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस भवन में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। आधुनिक भारत के विजन को किया याद ​ग्राम चुनिया में जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी की अध्यक्षता में गरिमामय सभा हुई, जिसका संयोजन जिला महामंत्री हीरामणी पटेल एवं ब्लॉक अध्यक्ष अजीत सोनी ने किया। कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इसके उपरांत जिला कांग्रेस भवन में दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। ​सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा कि राजीव गांधी आधुनिक भारत के दूरदर्शी वास्तुकार थे। भारत में संचार क्रांति, कंप्यूटर युग और सूचना प्रौद्योगिकी की नींव रखने का ऐतिहासिक श्रेय उन्हीं को जाता है। उन्होंने युवाओं को मताधिकार की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष कर राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ा और पंचायती राज को संवैधानिक मजबूती दी। शांति, सद्भाव और युवा शक्ति का संकल्प ​जिलाध्यक्ष ने रेखांकित किया कि राजीव गांधी का ध्येय तकनीक और युवा ऊर्जा के दम पर सशक्त भारत का निर्माण करना था। उनका जीवन सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय अखंडता और शांति की प्रेरणा देता है। विविधता में एकता को संजोना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। ​जिला कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला के अनुसार, आयोजन में पूर्व जिलाध्यक्ष नीरज द्विवेदी, जिला उपाध्यक्ष अनुज मिश्रा, राम नरेश तिवारी, प्रमोद जैन, नरेंद्र मरावी, हीरामणी पटेल, अजीत सोनी, शिव शंकर प्रसाद शुक्ला, विष्णु प्रताप सिंह, अजय सनपाल, दल प्रताप सिंह, महफूज अली, ललन सिंह मरावी, इकबाल अली, हीरालाल प्रजापति, विमल सिंह गुर्जर, जयकरण सिंह, राज कुमार कोल, शंभूलाल पटेल, साहू, कृष्णापाल पटेल, दयाशंकर पटेल, रामदीन पटेल, दुर्गेश सिंह, चमोलीय, दुईजी बाई, भारत पटेल, गोविंद पटेल, राजेश पटेल, महेश पटेल, प्रमोद पटेल, रामचरण पटेल, लक्ष्मण पटेल, गोरे कोरी, सुनील, नंदन पटेल, रमायन पटेल, सोनू कुशवाहा, कल्लू पटेल, संजीत बैगा, कामता पटेल, करण पटेल, प्रेमलाल, नेजमणि पटेल, कुशारी बैगा, हरिदास बैगा, भोले पटेल, माधव पटेल, धनश्याम कोरी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अजय पाल
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    सद्भावना दिवस' पर गूंजा राजीव गांधी का विचार: कांग्रेसजनों ने आधुनिक भारत के शिल्पकार को दी भावांजलि
​शहडोल-​जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल द्वारा देश के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पूरे गरिमामय वातावरण में 'सद्भावना दिवस' के रूप में मनाई गई। इस पावन अवसर पर सिंहपुर ब्लॉक के ग्राम चुनिया और जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस भवन में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
आधुनिक भारत के विजन को किया याद
​ग्राम चुनिया में जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी की अध्यक्षता में गरिमामय सभा हुई, जिसका संयोजन जिला महामंत्री हीरामणी पटेल एवं ब्लॉक अध्यक्ष अजीत सोनी ने किया। कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इसके उपरांत जिला कांग्रेस भवन में दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।
​सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा कि राजीव गांधी आधुनिक भारत के दूरदर्शी वास्तुकार थे। भारत में संचार क्रांति, कंप्यूटर युग और सूचना प्रौद्योगिकी की नींव रखने का ऐतिहासिक श्रेय उन्हीं को जाता है। उन्होंने युवाओं को मताधिकार की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष कर राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ा और पंचायती राज को संवैधानिक मजबूती दी।
शांति, सद्भाव और युवा शक्ति का संकल्प
​जिलाध्यक्ष ने रेखांकित किया कि राजीव गांधी का ध्येय तकनीक और युवा ऊर्जा के दम पर सशक्त भारत का निर्माण करना था। उनका जीवन सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय अखंडता और शांति की प्रेरणा देता है। विविधता में एकता को संजोना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
​जिला कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला के अनुसार, आयोजन में पूर्व जिलाध्यक्ष नीरज द्विवेदी, जिला उपाध्यक्ष अनुज मिश्रा, राम नरेश तिवारी, प्रमोद जैन, नरेंद्र मरावी, हीरामणी पटेल, अजीत सोनी, शिव शंकर प्रसाद शुक्ला, विष्णु प्रताप सिंह, अजय सनपाल, दल प्रताप सिंह, महफूज अली, ललन सिंह मरावी, इकबाल अली, हीरालाल प्रजापति, विमल सिंह गुर्जर, जयकरण सिंह, राज कुमार कोल, शंभूलाल पटेल, साहू, कृष्णापाल पटेल, दयाशंकर पटेल, रामदीन पटेल, दुर्गेश सिंह, चमोलीय, दुईजी बाई, भारत पटेल, गोविंद पटेल, राजेश पटेल, महेश पटेल, प्रमोद पटेल, रामचरण पटेल, लक्ष्मण पटेल, गोरे कोरी, सुनील, नंदन पटेल, रमायन पटेल, सोनू कुशवाहा, कल्लू पटेल, संजीत बैगा, कामता पटेल, करण पटेल, प्रेमलाल, नेजमणि पटेल, कुशारी बैगा, हरिदास बैगा, भोले पटेल, माधव पटेल, धनश्याम कोरी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अजय पाल
    user_Policewala news
    Policewala news
    सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • उमरिया: बारिश का जोर बढ़ा, जोहिला डैम के 2 मीटर गेट खुले उमरिया। जिले में बीते कई दिनों से लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर नदी-नालों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ा दी है। लगातार बारिश के चलते जोहिला डैम का जलस्तर भी बढ़ा है, जिसके बाद डैम के 2 मीटर गेट खोले गए हैं। गेट खोले जाने से जल निकासी शुरू हो गई है और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की नजर अब डैम के जलस्तर और नदी-नालों के बहाव पर बनी हुई है। जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 54.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश चंदिया तहसील में 67.6 मिमी और बिलासपुर में 66.2 मिमी दर्ज हुई। वहीं नौरोजाबाद में 57.6 मिमी, पाली में 57.4 मिमी, मानपुर में 46.4 मिमी, बांधवगढ़ में 44.2 मिमी तथा करकेली में 39.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश का असर जिले के कुल वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दे रहा है। एक जून से 20 अगस्त तक उमरिया जिले में कुल 811.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इसमें बांधवगढ़ तहसील में सर्वाधिक 1035.2 मिमी बारिश हुई है। पाली में 835.4 मिमी, नौरोजाबाद में 802.6 मिमी, चंदिया में 762.4 मिमी, मानपुर में 695.3 मिमी, बिलासपुर में 631.2 मिमी तथा करकेली में 609.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार जिले में अब तक कम बारिश दर्ज हुई है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में 958.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। पिछले साल बांधवगढ़ में 1037.3 मिमी, मानपुर में 1071.9 मिमी, पाली में 795.8 मिमी, नौरोजाबाद में 777.6 मिमी, चंदिया में 1008.7 मिमी, करकेली में 956.1 मिमी और बिलासपुर में 1025 मिमी वर्षा हुई थी। इस वर्ष बारिश का आंकड़ा भले ही पिछले साल से कम हो, लेकिन बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश ने जल स्रोतों में तेजी से पानी बढ़ाया है। जोहिला डैम के गेट खोले जाने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों से भी सतर्क रहने की उम्मीद है, क्योंकि बारिश के दौरान जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है। फिलहाल उमरिया में बारिश का दौर जारी है और आसमान में बादलों की मौजूदगी बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में यदि तेज बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो जोहिला डैम सहित जिले के अन्य जल स्रोतों में भी पानी की आवक बढ़ सकती है।
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    उमरिया: बारिश का जोर बढ़ा, जोहिला डैम के 2 मीटर गेट खुले
उमरिया। जिले में बीते कई दिनों से लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर नदी-नालों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ा दी है। लगातार बारिश के चलते जोहिला डैम का जलस्तर भी बढ़ा है, जिसके बाद डैम के 2 मीटर गेट खोले गए हैं। गेट खोले जाने से जल निकासी शुरू हो गई है और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की नजर अब डैम के जलस्तर और नदी-नालों के बहाव पर बनी हुई है।
जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 54.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। सबसे अधिक बारिश चंदिया तहसील में 67.6 मिमी और बिलासपुर में 66.2 मिमी दर्ज हुई। वहीं नौरोजाबाद में 57.6 मिमी, पाली में 57.4 मिमी, मानपुर में 46.4 मिमी, बांधवगढ़ में 44.2 मिमी तथा करकेली में 39.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
लगातार बारिश का असर जिले के कुल वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दे रहा है। एक जून से 20 अगस्त तक उमरिया जिले में कुल 811.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इसमें बांधवगढ़ तहसील में सर्वाधिक 1035.2 मिमी बारिश हुई है। पाली में 835.4 मिमी, नौरोजाबाद में 802.6 मिमी, चंदिया में 762.4 मिमी, मानपुर में 695.3 मिमी, बिलासपुर में 631.2 मिमी तथा करकेली में 609.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई है।
हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार जिले में अब तक कम बारिश दर्ज हुई है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में 958.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। पिछले साल बांधवगढ़ में 1037.3 मिमी, मानपुर में 1071.9 मिमी, पाली में 795.8 मिमी, नौरोजाबाद में 777.6 मिमी, चंदिया में 1008.7 मिमी, करकेली में 956.1 मिमी और बिलासपुर में 1025 मिमी वर्षा हुई थी।
इस वर्ष बारिश का आंकड़ा भले ही पिछले साल से कम हो, लेकिन बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश ने जल स्रोतों में तेजी से पानी बढ़ाया है। जोहिला डैम के गेट खोले जाने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों से भी सतर्क रहने की उम्मीद है, क्योंकि बारिश के दौरान जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है।
फिलहाल उमरिया में बारिश का दौर जारी है और आसमान में बादलों की मौजूदगी बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में यदि तेज बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो जोहिला डैम सहित जिले के अन्य जल स्रोतों में भी पानी की आवक बढ़ सकती है।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
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