भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच, मंगलवार को अमरोहा के रहरा थाने की पुलिस ने अपना मानवीय चेहरा दिखाया, जब उन्होंने राहगीरों, वाहन चालकों और आम जनता को ठंडा शरबत पिलाकर राहत पहुँचाई। पुलिस की इस पहल की क्षेत्र में खूब सराहना हुई, क्योंकि लोग तपती गर्मी से बेहाल थे। थाना परिसर के बाहर और मुख्य मार्ग पर पुलिसकर्मियों द्वारा एक विशेष शरबत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ बाइक सवारों, मजदूरों, रिक्शा चालकों और बुजुर्गों सहित राहगीरों को रोककर ठंडा शरबत पिलाया गया और उनसे गर्मी में सावधानी बरतने की अपील भी की गई। थाना प्रभारी अखिलेश कुमार प्रधान ने बताया कि लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए आमजन को राहत देने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस का काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज सेवा और जनता की सहायता करना भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रधान ने लोगों को सलाह दी कि वे अधिक गर्मी में केवल तभी घर से निकलें जब बहुत जरूरी हो और पर्याप्त पानी पिएँ। शरबत वितरण के दौरान, पुलिसकर्मियों ने राहगीरों से बातचीत भी की और उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। कई लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अक्सर पुलिस का सख्त रूप देखने को मिलता है, लेकिन रहरा पुलिस की यह मानवीय पहल उनके दिलों को छू गई है। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार के सामाजिक कार्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करते हैं। भीषण गर्मी में राहत देने वाली यह पहल पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही और खाकी वर्दी ने इंसानियत की मिसाल कायम की।
भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच, मंगलवार को अमरोहा के रहरा थाने की पुलिस ने अपना मानवीय चेहरा दिखाया, जब उन्होंने राहगीरों, वाहन चालकों और आम जनता को ठंडा शरबत पिलाकर राहत पहुँचाई। पुलिस की इस पहल की क्षेत्र में खूब सराहना हुई, क्योंकि लोग तपती गर्मी से बेहाल थे। थाना परिसर के बाहर और मुख्य मार्ग पर पुलिसकर्मियों द्वारा एक विशेष शरबत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ बाइक सवारों, मजदूरों, रिक्शा चालकों और बुजुर्गों सहित राहगीरों को रोककर ठंडा शरबत पिलाया गया और उनसे गर्मी में सावधानी
बरतने की अपील भी की गई। थाना प्रभारी अखिलेश कुमार प्रधान ने बताया कि लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए आमजन को राहत देने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस का काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज सेवा और जनता की सहायता करना भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रधान ने लोगों को सलाह दी कि वे अधिक गर्मी में केवल तभी घर से निकलें जब बहुत जरूरी हो और पर्याप्त पानी पिएँ। शरबत वितरण के दौरान, पुलिसकर्मियों ने राहगीरों से
बातचीत भी की और उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। कई लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अक्सर पुलिस का सख्त रूप देखने को मिलता है, लेकिन रहरा पुलिस की यह मानवीय पहल उनके दिलों को छू गई है। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार के सामाजिक कार्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करते हैं। भीषण गर्मी में राहत देने वाली यह पहल पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही और खाकी वर्दी ने इंसानियत की मिसाल कायम की।
- Post by Jitendra Kumar Sharma Jitendra Sharma1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में 2 जून 2026 को एक व्यापारी के परिवार और चौकीदार को हथियारों के बल पर बंधक बनाकर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया गया। इस वारदात के बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) ने घटनास्थल का दौरा किया। यह घटना हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के गिरधारी नगर स्थित एक मकान में हुई, जहाँ चार अज्ञात व्यक्तियों ने घर में घुसकर लूटपाट की। पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर थाना हापुड़ देहात में मामला दर्ज कर लिया है। घटना का खुलासा करने के लिए जनपद स्तर पर चार टीमें और रेंज स्तर पर तीन टीमें गठित की गई हैं। उच्चाधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच की गई है, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र, मेरठ ने इस संबंध में एक आधिकारिक वक्तव्य जारी किया है। इसमें बताया गया है कि वादी द्वारा कुछ पारिवारिक तथ्यों के बारे में भी जानकारी दी गई है, और पुलिस ने इस घटना का शीघ्र ही सफल अनावरण करने का आश्वासन दिया है।1
- संभल के प्रख्यात चिकित्सक डॉक्टर उमेश चंद्र सक्सेना के जीवन पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया गया है। 'पितामह डॉक्टर की एक कहानी' शीर्षक वाली इस पुस्तक में डॉक्टर उमेश चंद्र सक्सेना के जीवन के हर पहलू को विस्तार से दर्शाया गया है। इस अवसर पर संभल के समाजसेवी और जगतगुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम उपस्थित रहे, जिन्होंने डॉक्टर उमेश चंद्र सक्सेना के कार्यों की सराहना की। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि डॉक्टर उमेश चंद्र सक्सेना और उनके परिवार ने पिछले 50 सालों से संभल में सेवा की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संभल में आज तक डॉक्टर उमेश चंद्र जैसा कोई और डॉक्टर नहीं बन पाया है, क्योंकि बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी उन्हें पहचानते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें केवल एक डॉक्टर के रूप में नहीं, बल्कि एक परिवार के सदस्य के रूप में जाना जाता है। इस मौके पर, जगतगुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पुस्तक विमोचन के दौरान डॉक्टर उमेश चंद्र सक्सेना के सम्मान में एक गीत भी प्रस्तुत किया।1
- मुकुल गुर्जर नामक एक युवक पर अपनी ही बहन को कथित 'लव जिहाद' के मामले में फंसाने का गंभीर आरोप लगा है। इसके साथ ही, उस पर दो मुस्लिम युवकों से ₹10 लाख की फिरौती मांगने का भी आरोप है। इस पूरे मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया फिलहाल जारी है। इस खबर का उद्देश्य उपलब्ध समाचारों और लगाए गए आरोपों की जानकारी देना है।1
- मुरादाबाद की नगर पंचायत अग़वानपुर में चाइनीज मांझे ने एक युवक को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके कारण उसके हाथ की उंगलियां कट गईं। यह घटना क्षेत्र में चाइनीज मांझे से आए दिन हो रही दुर्घटनाओं की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसे आम जनता द्वारा 'जान का दुश्मन' बताया जा रहा है। बताया गया है कि नगर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री धड़ल्ले से जारी है, जिस पर प्रशासन कोई लगाम नहीं कस रहा। मांझे की इस अवैध बिक्री से जनता में भारी नाराजगी और गुस्सा है। आम जनता ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि वह प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर तुरंत शिकंजा कसे और इसे पूरी तरह से बंद करवाए।1
- ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को लेकर एक बयान सामने आया है, जिसमें यह दावा किया गया है कि पार्टी से सभी विपक्षी दल भयभीत हैं। इस दौरान 'ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन जिंदाबाद' के नारे भी लगाए गए। तारिक अनवर ने प्रवेश संबंधी एक बयान दिया है, जिससे AIMIM के बढ़ते प्रभाव को और बल मिला है।1
- उत्तर प्रदेश के संभल जिले की फास्ट ट्रैक अदालत ने पति पर तेजाब फेंकने की दोषी एक महिला को सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पत्नी पर 1.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। महिला ने यह घिनौना अपराध उस वक्त अंजाम दिया था, जब उसका पति गहरी नींद में सो रहा था। इस क्रूर घटना में पीड़ित पति का चेहरा बुरी तरह विकृत हो गया था और उसकी दोनों आंखों की रोशनी भी चली गई थी। यह मामला संभल में पहले भी काफी चर्चा में रहा था, और अब न्यायालय के इस फैसले के बाद यह एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।1