उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में 2 जून 2026 को एक व्यापारी के परिवार और चौकीदार को हथियारों के बल पर बंधक बनाकर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया गया। इस वारदात के बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) ने घटनास्थल का दौरा किया। यह घटना हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के गिरधारी नगर स्थित एक मकान में हुई, जहाँ चार अज्ञात व्यक्तियों ने घर में घुसकर लूटपाट की। पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर थाना हापुड़ देहात में मामला दर्ज कर लिया है। घटना का खुलासा करने के लिए जनपद स्तर पर चार टीमें और रेंज स्तर पर तीन टीमें गठित की गई हैं। उच्चाधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच की गई है, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र, मेरठ ने इस संबंध में एक आधिकारिक वक्तव्य जारी किया है। इसमें बताया गया है कि वादी द्वारा कुछ पारिवारिक तथ्यों के बारे में भी जानकारी दी गई है, और पुलिस ने इस घटना का शीघ्र ही सफल अनावरण करने का आश्वासन दिया है।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में 2 जून 2026 को एक व्यापारी के परिवार और चौकीदार को हथियारों के बल पर बंधक बनाकर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया गया। इस वारदात के बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) ने घटनास्थल का दौरा किया। यह घटना हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के गिरधारी नगर स्थित एक मकान में हुई, जहाँ चार अज्ञात व्यक्तियों ने घर में घुसकर लूटपाट की। पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर थाना हापुड़ देहात में मामला दर्ज कर लिया है। घटना का खुलासा करने के लिए जनपद स्तर पर चार टीमें और रेंज स्तर पर तीन टीमें गठित की गई हैं। उच्चाधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच की गई है, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र, मेरठ ने इस संबंध में एक आधिकारिक वक्तव्य जारी किया है। इसमें बताया गया है कि वादी द्वारा कुछ पारिवारिक तथ्यों के बारे में भी जानकारी दी गई है, और पुलिस ने इस घटना का शीघ्र ही सफल अनावरण करने का आश्वासन दिया है।
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में 2 जून 2026 को एक व्यापारी के परिवार और चौकीदार को हथियारों के बल पर बंधक बनाकर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया गया। इस वारदात के बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) ने घटनास्थल का दौरा किया। यह घटना हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के गिरधारी नगर स्थित एक मकान में हुई, जहाँ चार अज्ञात व्यक्तियों ने घर में घुसकर लूटपाट की। पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर थाना हापुड़ देहात में मामला दर्ज कर लिया है। घटना का खुलासा करने के लिए जनपद स्तर पर चार टीमें और रेंज स्तर पर तीन टीमें गठित की गई हैं। उच्चाधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच की गई है, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र, मेरठ ने इस संबंध में एक आधिकारिक वक्तव्य जारी किया है। इसमें बताया गया है कि वादी द्वारा कुछ पारिवारिक तथ्यों के बारे में भी जानकारी दी गई है, और पुलिस ने इस घटना का शीघ्र ही सफल अनावरण करने का आश्वासन दिया है।1
- भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच, मंगलवार को अमरोहा के रहरा थाने की पुलिस ने अपना मानवीय चेहरा दिखाया, जब उन्होंने राहगीरों, वाहन चालकों और आम जनता को ठंडा शरबत पिलाकर राहत पहुँचाई। पुलिस की इस पहल की क्षेत्र में खूब सराहना हुई, क्योंकि लोग तपती गर्मी से बेहाल थे। थाना परिसर के बाहर और मुख्य मार्ग पर पुलिसकर्मियों द्वारा एक विशेष शरबत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ बाइक सवारों, मजदूरों, रिक्शा चालकों और बुजुर्गों सहित राहगीरों को रोककर ठंडा शरबत पिलाया गया और उनसे गर्मी में सावधानी बरतने की अपील भी की गई। थाना प्रभारी अखिलेश कुमार प्रधान ने बताया कि लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए आमजन को राहत देने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस का काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज सेवा और जनता की सहायता करना भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रधान ने लोगों को सलाह दी कि वे अधिक गर्मी में केवल तभी घर से निकलें जब बहुत जरूरी हो और पर्याप्त पानी पिएँ। शरबत वितरण के दौरान, पुलिसकर्मियों ने राहगीरों से बातचीत भी की और उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। कई लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अक्सर पुलिस का सख्त रूप देखने को मिलता है, लेकिन रहरा पुलिस की यह मानवीय पहल उनके दिलों को छू गई है। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार के सामाजिक कार्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करते हैं। भीषण गर्मी में राहत देने वाली यह पहल पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही और खाकी वर्दी ने इंसानियत की मिसाल कायम की।3
- अमरोहा जनपद के गजरौला क्षेत्र में स्थित खाद चौराहे पर एक जनसेवा केंद्र में चोरी करने पहुंचे एक युवक को स्थानीय दुकानदारों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। यह घटना तब सामने आई जब आरोपी युवक जनसेवा केंद्र के गल्ले से नकदी निकाल रहा था। तभी एक पड़ोसी दुकानदार की नजर उस पर पड़ी और उसके शोर मचाने पर आसपास के अन्य लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। भीड़ ने तुरंत युवक को दबोच लिया और उसकी जमकर पिटाई की, जिससे घटनास्थल पर भारी हंगामा हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही गजरौला पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को भीड़ के कब्जे से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी को पूछताछ के लिए थाने ले गई है, जहां उससे घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। जनसेवा केंद्र की संचालिका यशी अग्रवाल ने बताया कि घटना के समय वह घर में खाना बना रही थीं और उनके पड़ोसी दुकानदार ने ही आरोपी को चोरी करते हुए पकड़ा था। उन्होंने पुलिस के सुपुर्द आरोपी को कर दिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी घटना का एक वीडियो किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया था, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है।3
- हापुड़ के थाना हापुड़ देहात क्षेत्र स्थित मोहल्ला गिरधारी नगर में एक मकान में घुसकर अज्ञात बदमाशों द्वारा लूटपाट की घटना को अंजाम देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बदमाशों ने घर में मौजूद परिवार के सदस्यों और चौकीदार को बंधक बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर थाना हापुड़ देहात में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, घटना के खुलासे के लिए जनपद स्तर पर चार विशेष टीमों और रेंज स्तर पर तीन टीमों का गठन किया गया है, जो विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही हैं।1
- मेरठ के गढ़ रोड पर स्थित जिठौली गांव, जिसका पिन कोड 250004 और ब्लॉक राजपुर है, से श्लोक तोमर ने एक गंभीर शिकायत की है। उनका कहना है कि गांव के सभी तालाबों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है, जिसके कारण घरों में पानी भर रहा है। तोमर ने विशेष रूप से बताया कि उनके घर के पास स्थित तालाब पर भी कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है, जिसके चलते उनके मकान की पूरी दीवार में सीलन आ रही है और घर में पानी घुस जाता है। उन्होंने भविष्य में दीवार या मकान गिरने की आशंका व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि यदि ऐसी स्थिति में किसी परिवार के सदस्य की जान चली जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। श्लोक तोमर ने प्रशासन से निवेदन किया है कि तालाब की खुदाई कराकर उसकी सफाई करवाई जाए, जिसके लिए वे सदैव आभारी रहेंगे।2
- मेरठ के मवाना क्षेत्र स्थित भैंसा गांव में शुक्रवार को हुई फायरिंग और पथराव की घटना के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों में सुरक्षा का विश्वास बहाल करने के उद्देश्य से पुलिस ने गांव में फ्लैग मार्च निकाला, जिसमें भारी पुलिस बल और अधिकारी पूरे क्षेत्र का निरीक्षण करते नजर आए। इस दौरान घटना में शामिल आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमों ने कई स्थानों पर दबिश भी दी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में संलिप्त किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, हालांकि एहतियात के तौर पर पुलिस बल अभी भी तैनात है और पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है।1
- हापुड़ के गढ़ रोड स्थित देव नंदिनी अस्पताल में मंगलवार को एक नवजात शिशु की मौत के बाद उसके परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है, जिसके बाद सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। गिरधारी नगर निवासी ऋषभ अग्रवाल ने बताया कि उनकी पत्नी अपूर्वी को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने पहले सामान्य प्रसव का प्रयास किया, लेकिन बाद में ऑपरेशन की सलाह दी, जिसके बाद सोमवार को ऑपरेशन के जरिए उनके पुत्र का जन्म हुआ। परिजनों का आरोप है कि जन्म के तुरंत बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उसे मशीन पर रखा गया। उन्होंने बच्चे को किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने की बात कही थी, लेकिन चिकित्सकों ने अपने स्तर पर ही इलाज जारी रखने का भरोसा दिया। ऋषभ के अनुसार, मंगलवार तड़के अस्पताल से फोन कर बताया गया कि बच्चे को एक महंगा इंजेक्शन लगाना होगा और उसे वेंटिलेटर की आवश्यकता है। जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें नवजात की मौत की जानकारी दी गई, जिसके बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस मामले में अस्पताल प्रबंधक डॉ. श्याम कुमार का कहना है कि नवजात की हालत जन्म के बाद से ही गंभीर थी। उसे बचाने के लिए सभी आवश्यक उपचार और जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। थाना प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि नवजात की मौत की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और फिलहाल परिजनों और अस्पताल प्रबंधन से जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई लिखित शिकायत प्राप्त होती है, तो उसकी जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1