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सरकारी अस्पतालों में मरीज की सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराना अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी सरकारी अस्पतालों में अगर डॉक्टर आपको दिखाने के दौरान दवाई के लिए अगर मेडिकल स्टोर में भेजता है तो ऐसे कर सकते हैं उसे डॉक्टर की शिकायत
शेखर तिवारी
सरकारी अस्पतालों में मरीज की सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराना अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी सरकारी अस्पतालों में अगर डॉक्टर आपको दिखाने के दौरान दवाई के लिए अगर मेडिकल स्टोर में भेजता है तो ऐसे कर सकते हैं उसे डॉक्टर की शिकायत
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- सीधी। जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में गेहूं की कटाई का कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। अमूमन देखा जाता है कि गेहूं की फसल लेने के बाद किसान भाई मानसून और धान की बुवाई के इंतजार में अपने खेतों को खाली छोड़ देते हैं। लेकिन कृषि विशेषज्ञों और 'विंध्य बलराम' के इस विशेष विश्लेषण के अनुसार, गेहूं की कटाई और खरीफ की बुवाई के बीच के ये 60 से 70 दिन किसानों के लिए 'गोल्डन पीरियड' साबित हो सकते हैं। इस समय को 'जायद' का सीजन कहा जाता है, जिसमें कम पानी और कम समय में तैयार होने वाली फसलें लगाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि इस समय मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलों की बुवाई करना सबसे समझदारी भरा निर्णय है। मूंग की उन्नत किस्में मात्र दो महीने में तैयार हो जाती हैं। दलहनी फसलों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनकी जड़ें मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं, जिससे आने वाली धान की फसल में यूरिया और अन्य खादों की जरूरत काफी कम हो जाती है। इससे न केवल लागत घटती है, बल्कि खेत की उपजाऊ शक्ति में भी अभूतपूर्व सुधार होता है। दूसरी ओर, जो किसान भाई नकदी आय (Cash Crop) की तलाश में हैं, उनके लिए सब्जी की खेती एक बेहतरीन विकल्प है। गर्मी के मौसम में बाजार में हरी सब्जियों की मांग और दाम दोनों ही ऊंचे रहते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस समय किसान भाई लौकी, तोरई, करेला, भिंडी, खीरा और ककड़ी जैसी फसलों पर ध्यान दें। ये फसलें 40 से 50 दिनों के भीतर फल देना शुरू कर देती हैं, जिससे किसानों के पास दैनिक आय का जरिया बन जाता है। खासकर भिंडी और ग्वार फली जैसी फसलें भीषण गर्मी को सहने की क्षमता रखती हैं और कम सिंचाई में भी अच्छा उत्पादन देती हैं। इसके साथ ही, पशुपालन से जुड़े किसानों के लिए यह समय हरे चारे के संकट को दूर करने का है। खाली पड़े खेतों में मक्का, ज्वार या लोबिया की बुवाई कर अगले 45 दिनों में पौष्टिक चारा प्राप्त किया जा सकता है, जो गर्मियों में दुधारू पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है। अंत में, 'विंध्य बलराम' के माध्यम से मैं, रुद्र प्रताप सिंह, सभी किसान भाइयों से यह विशेष अपील करता हूँ कि गेहूं की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों (नरवाई) को कतई न जलाएं। नरवाई जलाने से मिट्टी के मित्र कीट मर जाते हैं और जमीन की उर्वरा शक्ति क्षीण होती है। इसके बजाय अवशेषों को खेत में ही जोतकर मिला दें, जिससे मिट्टी को प्राकृतिक खाद मिले। उचित बीज उपचार और समय पर हल्की सिंचाई के साथ जायद की फसलें अपनाकर किसान भाई आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा सकते हैं।4
- रीवा में 3 थानों की पुलिस ने 2 घंटे में खोजा; घर के पीछे मिला था धड़ मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सोमवार को महिला की हत्या का मामला सामने आया। शव घर के पीछे क्षत-विक्षत हालत में मिला, सिर धड़ से अलग था। घर से थोड़ी दूरी पर सिर मिला। मामला बिछिया थाना क्षेत्र के लोही गांव का है। मृतका की पहचान लीलावती पटेल (60) के रूप में हुई। वह घर में अकेली रहती थीं। गांव के लोगों ने उनकी बेटी को सूचना दी, जिसके बाद नीता पटेल मौके पर पहुंचीं और पुलिस को जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। बेटी बोली- मां का सिर काटकर ले गए आरोपी नीता पटेल ने बताया कि उनकी मां की बेरहमी से हत्या की गई। शरीर पर कई गंभीर घाव हैं। उनका कहना है कि आरोपियों ने क्रूरता की हद पार करते हुए सिर काटकर अपने साथ ले गए। उनकी मां की किसी से दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में हत्या का कारण स्पष्ट नहीं है। देवर को फोन पर मिली हत्या की सूचना मृतक के देवर रामकिशोर पटेल ने बताया कि वह पिछले 12 साल से यहां रह रही थीं। घर का काम कर गुजर-बसर करती थीं। सोमवार दोपहर करीब 1 बजे उन्हें फोन आया कि उनकी भाभी की हत्या हो गई है। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे, जहां गांववालों की भीड़ जमा थी। औंधे मुंह पड़ा था शव, शरीर पर चोट के निशान रामकिशोर पटेल के अनुसार, उनकी भाभी का शव घर के बाहर औंधे मुंह पड़ा था। सिर गायब था। दोनों हाथ टूटे थे। शरीर पर कई चोट के निशान थे। पुलिस ने आसपास सर्चिग कर सिर बरामद किया। भाभी की किसी से दुश्मनी नहीं थी। पुलिस से मांग की है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाए। गेहूं के खेत में मिला कटा सिर, सर्च ऑपरेशन पूरा सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि आसपास करीब दो किलोमीटर के दायरे में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। शाम तक चले ऑपरेशन के बाद गेहूं के खेत से महिला का कटा सिर बरामद किया गया। आरोपी सिर को घर से करीब 50 मीटर दूर खेत में फेंककर फरार हो गए थे। हत्या में कितने लोग शामिल थे, यह अभी स्पष्ट नहीं है। हर पहलू पर जांच की जा रही है।1