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खूंटी जिले के बिचना स्थित अमृतेश्वर धाम मंदिर परिसर में राटो (RATO) पावर वीडर मशीन का संचालन कार्य किया गया। इस कृषि यंत्र के प्रदर्शन को लेकर +91 7667913218 नंबर की जानकारी साझा की गई है।
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खूंटी जिले के बिचना स्थित अमृतेश्वर धाम मंदिर परिसर में राटो (RATO) पावर वीडर मशीन का संचालन कार्य किया गया। इस कृषि यंत्र के प्रदर्शन को लेकर +91 7667913218 नंबर की जानकारी साझा की गई है।
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- खूंटी जिले के बिचना स्थित अमृतेश्वर धाम मंदिर परिसर में राटो (RATO) पावर वीडर मशीन का संचालन कार्य किया गया। इस कृषि यंत्र के प्रदर्शन को लेकर +91 7667913218 नंबर की जानकारी साझा की गई है।1
- गुरुवार को खूंटी जिले के मुरहू स्थित मेन रोड के शिव कॉम्प्लेक्स में एक नए जूता-चप्पल शोरूम 'खुशी शू पैलेस' का शुभ उद्घाटन किया गया। इस प्रतिष्ठान का उद्घाटन संचालक सुधीर भगत की माता मालती देवी और मुखिया ज्योति डोडराय ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने नए व्यवसाय की सफलता की कामना करते हुए ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद एवं बेहतर सेवा प्रदान करने की शुभकामनाएं दीं। संचालक सुधीर भगत ने जानकारी दी कि शोरूम में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए विभिन्न ब्रांडों के जूते-चप्पलों की एक विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है। ग्राहकों के लिए उद्घाटन के अवसर पर विशेष छूट और आकर्षक उपहार की भी व्यवस्था की गई है। इस समारोह में स्थानीय गणमान्य नागरिक, परिजन और शुभचिंतक उपस्थित रहे।1
- दिल्ली में बसों के भीतर 'स्विमिंग पूल, सीट कूल-कूल' नाम की एक नई योजना की शुरुआत की गई है। इस नई पहल के तहत यात्रियों के लिए बस की सीटों को ठंडा रखने का दावा किया गया है।1
- रांची के हरमू स्थित बर्लिन अस्पताल को लेकर मरीज के परिजनों ने इलाज, बिलिंग और अस्पताल की व्यवस्था के संदर्भ में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की है। उल्लेखनीय है कि ये सभी आरोप मरीज के परिजनों द्वारा लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है, जिसे प्राप्त होने पर प्राथमिकता के साथ साझा किया जाएगा।1
- झारखंड के विकास को गति देने के लिए राज्य में निवेश की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिंदल ग्रुप, टाटा ग्रुप, वरुण बेवरेजेज, गूगल और ईजमायट्रिप जैसी कई दिग्गज कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों के तहत ग्रीन स्टील, रिन्यूएबल एनर्जी, न्यूक्लियर एनर्जी, फूड प्रोसेसिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल गवर्नेंस जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह पहल केवल एक समझौता नहीं है, बल्कि झारखंड के प्रति देश-दुनिया के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। अब सरकार और संबंधित पक्षों के सामने मुख्य चुनौती इन समझौतों को धरातल पर उतारने की है, ताकि राज्य में नए उद्योगों की स्थापना हो सके और निवेश के जरिए युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकें।1
- लातेहार में CIPSA की ओर से वित्तीय आजादी की मांग को लेकर हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे पर जगत प्रकाश ने एक बड़ा बयान देते हुए अपनी बात रखी है। संगठन की ओर से की जा रही इस वित्तीय स्वायत्तता की मांग के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। प्रशासन और पुलिस की सक्रियता के बीच इस मामले को लेकर #latehar_news के तहत व्यापक प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं।1
- इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में आई भीषण बाढ़ के दौरान एक बाघ तेज बहाव में फंस गया था। इस संकट के समय में वहाँ मौजूद एक हाथी ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए बाघ को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। यह घटना प्रकृति में वन्यजीवों के बीच आपसी संवेदनशीलता और सहयोग की एक अनोखी मिसाल के रूप में देखी जा रही है। लोग इस दृश्य को प्रकृति के अद्भुत व्यवहार के रूप में देख रहे हैं और यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- झारखंड के गिरिडीह जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है, जहाँ मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंबाटांड़ तालाब में नहाने के दौरान आठ वर्षीय छात्र फरहान अंसारी की डूबने से मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, फरहान झगरी उत्क्रमित विद्यालय में दूसरी कक्षा का छात्र था। वह सुबह विद्यालय तो पहुँचा, लेकिन कक्षा में किसी को बताए बिना दो अन्य बच्चों के साथ तालाब में नहाने चला गया। नहाने के दौरान फरहान गहरे पानी में चला गया, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने तत्काल उसे तालाब से बाहर निकाला और सदर अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना सिर्फ फरहान के परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए एक बड़ा सदमा है। स्कूल समय के दौरान बच्चों का इस तरह से बाहर निकलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है और बच्चों की सुरक्षा के प्रति और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता पर बल देता है।1