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श्री श्री राम भक्त सेना संगठन का द्वितीय स्थापना दिवस सह कार्यकर्ता सम्मान समारोह होटल घराना ग्रीन नवागढ़ी गयाजी में सम्पन्न।

1 hr ago
user_Uma Shanker singh
Uma Shanker singh
Gaya Town C.D.Block, Bihar•
1 hr ago

श्री श्री राम भक्त सेना संगठन का द्वितीय स्थापना दिवस सह कार्यकर्ता सम्मान समारोह होटल घराना ग्रीन नवागढ़ी गयाजी में सम्पन्न।

More news from Manpur and nearby areas
  • मैंने लाल किले से होम्योपैथी की गोली दी थी... पीएम मोदी ने 'दिमागी नक्सल' पर क्या कहा... सुनिए... मैंने लाल किले से होम्योपैथी की गोली दी थी... पीएम मोदी ने 'दिमागी नक्सल' पर क्या कहा... सुनिए...
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    मैंने लाल किले से होम्योपैथी की गोली दी थी...

पीएम मोदी ने 'दिमागी नक्सल' पर क्या कहा... सुनिए...
मैंने लाल किले से होम्योपैथी की गोली दी थी...
पीएम मोदी ने 'दिमागी नक्सल' पर क्या कहा... सुनिए...
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Lawyer Lakhibag, Manpur•
    18 hrs ago
  • देश के पूर्व राष्ट्रपति महान दार्शनिक, शिक्षाविद एवं भारत रत्न से सम्मानित डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती के अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ मनीष पंकज मिश्रा के द्वारा शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया गया l देश के पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक, शिdक्षाविद एवं भारत रत्न से सम्मानित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीष पंकज मिश्रा जी के नूतन नगर स्थित कार्यालय में किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक सम्मानित शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।समारोह के दौरान डॉ. मनीष पंकज मिश्रा जी ने उपस्थित सभी शिक्षकों का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा उन्हें पेन, डायरी, अंगवस्त्र एवं फूलों का बुके भेंट कर सम्मानित किया। शिक्षकों के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना था।इस अवसर पर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा जी ने कहा कि भारत में शिक्षक दिवस महान शिक्षाविद एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। डॉ. राधाकृष्णन जी का पूरा जीवन शिक्षा, ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा। उनका मानना था कि किसी भी राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव उसकी शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के मार्गदर्शन पर निर्भर करती है।उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों मेंअनुशासन, संस्कार, नैतिकता, कर्तव्यबोध और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करता है। यही विद्यार्थी आगे चलकर समाज और देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए शिक्षक को समाज में सदैव सम्मानजनक स्थान प्राप्त रहा है।डॉ. मिश्रा जी ने कहा कि आज के बदलते दौर में शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, सभ्यता, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने सभी शिक्षकों से आह्वान किया कि वे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देतेरहेंकार्यक्रम में सम्मानित हुए शिक्षकों ने डॉ. मनीष पंकज मिश्रा जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के कार्यालय में शिक्षकों को सम्मानित किया जाना उनके लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इस प्रकार का सम्मान उन्हें अपने दायित्वों के प्रति और अधिक उत्साह एवं ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। सम्मानित शिक्षकों मे डॉ प्रमोद कुमार अभिषेक कुमार अतहर इकबाल एमडी शाहिद रागीव हसन श्री सुधीर कुमार विनय कुमार आलोक कुमार राजेश कुमार डॉ राजेश चौधरी डॉ अनुज सर रामानुज जी मनोज कुमार आशुतोष कुमार राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता राणा रणजीत सिंह संतोष ठाकुर संजय यादव सुनील बंबईया संतोष सिंह सुनील सिन्हा मंटू कुमार बबलू गुप्ता रामप्रवेश सिंह कुंदन सिंह सहित
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    देश के पूर्व राष्ट्रपति महान दार्शनिक, शिक्षाविद एवं भारत रत्न से सम्मानित डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती के अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ मनीष पंकज मिश्रा के द्वारा शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया गया l 
देश के पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक, शिdक्षाविद एवं भारत रत्न से सम्मानित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनीष पंकज मिश्रा जी के नूतन नगर स्थित कार्यालय में किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक सम्मानित शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।समारोह के दौरान डॉ. मनीष पंकज मिश्रा जी ने उपस्थित सभी शिक्षकों का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा उन्हें पेन, डायरी, अंगवस्त्र एवं फूलों का बुके भेंट कर सम्मानित किया। शिक्षकों के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना था।इस अवसर पर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा जी ने कहा कि भारत में शिक्षक दिवस महान शिक्षाविद एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। डॉ. राधाकृष्णन जी का पूरा जीवन शिक्षा, ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा। उनका मानना था कि किसी भी राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव उसकी शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के मार्गदर्शन पर निर्भर करती है।उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों मेंअनुशासन, संस्कार, नैतिकता, कर्तव्यबोध और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करता है। यही विद्यार्थी आगे चलकर समाज और देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए शिक्षक को समाज में सदैव सम्मानजनक स्थान प्राप्त रहा है।डॉ. मिश्रा जी ने कहा कि आज के बदलते दौर में शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, सभ्यता, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने सभी शिक्षकों से आह्वान किया कि वे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देतेरहेंकार्यक्रम में सम्मानित हुए शिक्षकों ने डॉ. मनीष पंकज मिश्रा जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के कार्यालय में शिक्षकों को सम्मानित किया जाना उनके लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इस प्रकार का सम्मान उन्हें अपने दायित्वों के प्रति और अधिक उत्साह एवं ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। सम्मानित शिक्षकों मे डॉ प्रमोद कुमार अभिषेक कुमार अतहर इकबाल एमडी शाहिद रागीव हसन  श्री सुधीर कुमार विनय कुमार आलोक कुमार राजेश कुमार डॉ राजेश चौधरी डॉ अनुज सर रामानुज जी मनोज कुमार आशुतोष कुमार राजेंद्र प्रसाद अधिवक्ता राणा रणजीत सिंह संतोष ठाकुर संजय यादव  सुनील बंबईया संतोष सिंह सुनील सिन्हा मंटू कुमार बबलू गुप्ता रामप्रवेश सिंह कुंदन सिंह सहित
    user_त्रिलोकी नाथ
    त्रिलोकी नाथ
    गया टाउन सी.डी.ब्लॉक, गया, बिहार•
    23 hrs ago
  • किशोर का अनशन 24 घंटे में नहीं टूटा तो मैं भी बैठूंगा: विधायक अजय दांगी किशोर का अनशन 24 घंटे में नहीं टूटा तो मैं भी बैठूंगा: विधायक अजय दांगी कोंच। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय कुमार रमण की प्रतिनियुक्ति सहित विभिन्न मांगों को लेकर पूर्व उप प्रमुख किशोर कुमार का आमरण अनशन शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। लगातार तीन दिनों से अनशन पर रहने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें दो बोतल पानी चढ़ाया, इसके बावजूद उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने की बात समर्थकों ने कही। शनिवार को अनशन स्थल पर पहुंचे विधायक अजय कुमार दांगी ने किशोर कुमार के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर किशोर कुमार का आमरण अनशन नहीं तुड़ाया गया तो वह स्वयं प्रखंड कार्यालय कोंच में आमरण अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि मांगों पर शीघ्र पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। विधायक ने डॉ. अभय कुमार रमण की कोंच में प्रतिनियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि टिकारी में प्रबंधन समिति की बैठक के दौरान उनके बैठक से चले जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि यह प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं है। विधायक ने आरोप लगाया कि अपर मुख्य सचिव के पत्र के आलोक में पर्यवेक्षकों को बीईओ बनाने की प्रक्रिया के बावजूद डॉ. रमण को कोंच का बीईओ बनाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें कोंच का बीईओ क्यों बनाया गया। विधायक ने कहा कि 24 घंटे के भीतर बीईओ को नहीं हटाया गया तो जनांदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के आगे अधिकारियों के लिए स्थिति संभालना मुश्किल होगा। इधर, ग्राम अचुकी निवासी राम नरेश दास ने भी शनिवार से किशोर कुमार के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा की। राजद जिलाध्यक्ष सुभाष यादव ने चेतावनी दी कि यदि किशोर कुमार का अनशन नहीं तोड़ा गया तो प्रखंड में तालाबंदी और उग्र आंदोलन किया जाएगा। मालूम हो कि पूर्व उप प्रमुख किशोर कुमार डॉ. अभय कुमार रमण की कोंच में कथित नियम विरुद्ध प्रतिनियुक्ति और अन्य मामलों को लेकर दस सूत्री मांगों के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में प्रतिनियुक्ति रद्द करने, निलंबन तथा अन्य मामलों की जांच शामिल है। कार्यक्रम में पूर्व जिला पार्षद सह अतिपिछड़ा विकास संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचंद्र आजाद, राजद जिलाध्यक्ष सुभाष यादव, विनोद शर्मा, शिवकुमार चौहान, कृष्णा यादव, पंचायत समिति सदस्य जयंत यादव, महादेव यादव, द्वारिका प्रसाद, दिलीप कुमार दिलेर, मो. सरफराज समेत सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे।
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    किशोर का अनशन 24 घंटे में नहीं टूटा तो मैं भी बैठूंगा: विधायक अजय दांगी

किशोर का अनशन 24 घंटे में नहीं टूटा तो मैं भी बैठूंगा: विधायक अजय दांगी
कोंच। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय कुमार रमण की प्रतिनियुक्ति सहित विभिन्न मांगों को लेकर पूर्व उप प्रमुख किशोर कुमार का आमरण अनशन शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। लगातार तीन दिनों से अनशन पर रहने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें दो बोतल पानी चढ़ाया, इसके बावजूद उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने की बात समर्थकों ने कही।
शनिवार को अनशन स्थल पर पहुंचे विधायक अजय कुमार दांगी ने किशोर कुमार के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर किशोर कुमार का आमरण अनशन नहीं तुड़ाया गया तो वह स्वयं प्रखंड कार्यालय कोंच में आमरण अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि मांगों पर शीघ्र पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
विधायक ने डॉ. अभय कुमार रमण की कोंच में प्रतिनियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि टिकारी में प्रबंधन समिति की बैठक के दौरान उनके बैठक से चले जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि यह प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं है। विधायक ने आरोप लगाया कि अपर मुख्य सचिव के पत्र के आलोक में पर्यवेक्षकों को बीईओ बनाने की प्रक्रिया के बावजूद डॉ. रमण को कोंच का बीईओ बनाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें कोंच का बीईओ क्यों बनाया गया।
विधायक ने कहा कि 24 घंटे के भीतर बीईओ को नहीं हटाया गया तो जनांदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के आगे अधिकारियों के लिए स्थिति संभालना मुश्किल होगा।
इधर, ग्राम अचुकी निवासी राम नरेश दास ने भी शनिवार से किशोर कुमार के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा की। राजद जिलाध्यक्ष सुभाष यादव ने चेतावनी दी कि यदि किशोर कुमार का अनशन नहीं तोड़ा गया तो प्रखंड में तालाबंदी और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मालूम हो कि पूर्व उप प्रमुख किशोर कुमार डॉ. अभय कुमार रमण की कोंच में कथित नियम विरुद्ध प्रतिनियुक्ति और अन्य मामलों को लेकर दस सूत्री मांगों के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में प्रतिनियुक्ति रद्द करने, निलंबन तथा अन्य मामलों की जांच शामिल है।
कार्यक्रम में पूर्व जिला पार्षद सह अतिपिछड़ा विकास संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचंद्र आजाद, राजद जिलाध्यक्ष सुभाष यादव, विनोद शर्मा, शिवकुमार चौहान, कृष्णा यादव, पंचायत समिति सदस्य जयंत यादव, महादेव यादव, द्वारिका प्रसाद, दिलीप कुमार दिलेर, मो. सरफराज समेत सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे।
    user_नौलेश कुमार
    नौलेश कुमार
    कोंच, गया, बिहार•
    23 hrs ago
  • रफीगंज थाना में पदस्थापित ए एस आई मुक्ति देव निराला को नोक झोक का वीडियो वायरल , ग्रामीणों ने शराब सेवन का लगया आरोप, हुई कार्रवाई रफीगंज थाना में पदस्थापित ए एस आई मुक्ति देव निराला का ग्रामीणों के साथ रफीगंज सरकारी अस्पताल के समीप शनिवार की रात्रि नोक झोक करने के वीडियो वायरल का मामला रविवार को प्रकाश में आया है। जिसे स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी अनुसार शनिवार की रात मुक्ति देव निराला अब्दुलपुर की ओर से एक रफीगंज के नगर पंचायत के एक जनप्रतिनिधि के साथ बाईक से आ रहे थे। इसी बीच सरकारी अस्पताल के पास मुक्ति देव निराला एक अन्य बाइक सवार दो लोगों के साथ नोक झोक हुआ । ग्रामीणों का अरोप है कि एएसआई नशे की हालत मे थे। और लोगों साथ गाली गलौज किया। जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने वीडियो बनाया और वायरल किया । वायरल ‌विडियो की पुष्टि औरंगाबाद पुलिस ने किया। इस संदर्भ में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर टू आदित्य कुमार ने मामले की जांच की तथा इसकी जानकारी वरीय अधिकारी को दी। जिसके आलोक में तत्काल प्रभाव से मुक्ति देव निराला को निलंबित किया गया। रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध नीयमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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    रफीगंज थाना में पदस्थापित ए एस आई मुक्ति देव निराला को नोक झोक का वीडियो वायरल , ग्रामीणों ने शराब सेवन का लगया आरोप, हुई कार्रवाई 

रफीगंज थाना में पदस्थापित ए एस आई मुक्ति देव निराला का ग्रामीणों के साथ रफीगंज सरकारी अस्पताल के समीप शनिवार की रात्रि नोक झोक करने के वीडियो वायरल का मामला  रविवार को प्रकाश में आया है। जिसे स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी अनुसार शनिवार की रात मुक्ति देव निराला अब्दुलपुर की ओर से एक रफीगंज के नगर पंचायत के एक जनप्रतिनिधि के साथ बाईक से आ रहे थे।  इसी बीच सरकारी अस्पताल के पास मुक्ति देव निराला एक अन्य बाइक सवार दो लोगों के साथ  नोक झोक हुआ ।
ग्रामीणों का अरोप है कि एएसआई नशे की हालत मे थे।  और लोगों साथ गाली गलौज किया। जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने वीडियो बनाया और वायरल किया । वायरल ‌विडियो की पुष्टि औरंगाबाद पुलिस ने किया। इस संदर्भ में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर टू आदित्य कुमार ने मामले की जांच की तथा इसकी जानकारी वरीय अधिकारी को दी। जिसके आलोक में तत्काल प्रभाव से मुक्ति देव निराला को निलंबित किया गया। रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के विरुद्ध नीयमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
    user_Pappu Kumar
    Pappu Kumar
    पत्रकार रफीगंज, औरंगाबाद, बिहार•
    52 min ago
  • भूतपूर्व मुखिया राजकिशोर शर्मा के 17वें पुण्य तिथि पर दी गई श्रद्धांजलि भूतपूर्व मुखिया एवं सामाजिक कार्यकर्ता की 17वीं पुण्यतिथि पर लोगों ने दी श्रद्धांजलि भूतपूर्व मुखिया एवं सामाजिक कार्यकर्ता राजकिशोर शर्मा की 17वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को उनके पैतृक गांव मोकिमपुर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर खुदौरी पंचायत के वर्तमान मुखिया रंजीत कुमार समेत उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके सामाजिक योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय राजकिशोर शर्मा ने अपने कार्यकाल के दौरान क्षेत्र के विकास के साथ-साथ समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों के हित में महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके सरल स्वभाव और सामाजिक सरोकारों को लोग आज भी याद करते हैं। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों एवं परिजनों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
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    भूतपूर्व मुखिया राजकिशोर शर्मा के 17वें पुण्य तिथि पर दी गई श्रद्धांजलि 
भूतपूर्व मुखिया एवं सामाजिक कार्यकर्ता की 17वीं पुण्यतिथि पर लोगों ने दी श्रद्धांजलि
भूतपूर्व मुखिया एवं सामाजिक कार्यकर्ता राजकिशोर शर्मा की 17वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को उनके पैतृक गांव मोकिमपुर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर खुदौरी पंचायत के वर्तमान मुखिया रंजीत कुमार समेत उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके सामाजिक योगदान को याद किया।
वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय राजकिशोर शर्मा ने अपने कार्यकाल के दौरान क्षेत्र के विकास के साथ-साथ समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों के हित में महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके सरल स्वभाव और सामाजिक सरोकारों को लोग आज भी याद करते हैं।
इस मौके पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों एवं परिजनों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
    user_मनोज कुमार
    मनोज कुमार
    पत्रकार हुलासगंज, जहानाबाद, बिहार•
    20 hrs ago
  • *तबाही के बीच फरिश्ते की तरह उड़ रही नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट, जानें कौन हैं प्रिया अधिकारी* *नेपाल :* नेपाल में भारी तबाही के बीच कई पायलट अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों को रेस्क्यू कर रहे हैं, इनमें प्रिया अधिकारी भी शामिल हैं. प्रिया नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट हैं. *नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर पायलट* नेपाल में तबाही के बीच एक महिला पायलट की खूब चर्चा हो रही है, जिन्होंने अपने हेलीकॉप्टर से कई उड़ानें भरते हुए सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया है. पायलट प्रिया अधिकारी ने नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ में फंसे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला है. प्रिया को बाढ़ में फंसे लोग किसी फरिश्ते से कम नहीं समझ रहे हैं, जब भी उनका हेलीकॉप्टर हवा में उड़ान भरता है तो बाढ़ के चलते भूखे-प्यासे लोगों की उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं. इस तरह के हालात में रेस्क्यू काफी मुश्किल काम है, जिसे प्रिया अधिकारी बखूबी निभा रही हैं. *100 से ज्यादा रेस्क्यू* हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पायलट्स की कड़ी परीक्षा होती है. एक साथ कई हेलीकॉप्टर हवा में होते हैं, ऐसे में तमाम पायलट्स के साथ तालमेल बिठाना और सुरक्षित उड़ान भरना सबसे बड़ी चुनौती होती है. ऐसे में 40 साल की प्रिया अधिकारी ने एक हफ्ते से भी कम समय मे 100 रेस्क्यू मिशन को अंजाम दिया है. CNN के साथ एक इंटरव्यू के दौरान प्रिया ने बताया कि तबाही का ऐसा मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा. प्रिया ने कहा, "हममें से ज्यादातर लोग लगातार उड़ानों की वजह से बेहद थक चुके हैं. लेकिन हमें इसी काम के लिए ट्रेनिंग दी गई है. पायलटों को रेडियो के जरिए लगातार एक-दूसरे से संपर्क करना पड़ता है. कई बार जिंदा बचे लोगों को निकालने के लिए एक ही जगह पर पांच से छह हेलीकॉप्टर उतर रहे होते हैं." अधिकारी ने बताया कि खतरा तो लोगों को हेलीकॉप्टर में बैठाने से पहले ही शुरू हो जाता है. कुछ इलाके इतने गहरे और खतरनाक कीचड़ से ढके हैं कि वहां हेलीकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से उतारकर उसका इंजन बंद नहीं किया जा सकता. *शवों को देखना बेहद मुश्किल* प्रिया अधिकारी ने तिमुरे के ऊपर से उड़ान भरने के मंजर को याद करते हुए बताया कि अचानक आई इस बाढ़ के बाद चारों तरफ शव बिखरे पड़े थे. इस इलाके में चले ऑपरेशन के पहले दो दिनों के भीतर 200 से ज्यादा बचे हुए लोगों को बाहर निकाला गया. बिखरे पड़े शवों को देखना काफी मुश्किल और दर्दनाक था. प्रिया ने इवीएस की पढ़ाई की और केबिन क्रू के तौर पर काम किया. फिर एक दिन हेलीकॉप्टर की एक सैर ने उनके करियर का रुख हमेशा के लिए बदल दिया. प्रिया ने ठान लिया कि वो पायलट बनेंगीं. इसके बाद उन्होंने हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग के लिए फिलीपींस की यात्रा की और कैप्टन बनने के लिए कई घंटों की उड़ान भरी. आखिरकार, 2017 में प्रिया अधिकारी फुल-टाइम हेलीकॉप्टर पायलट बन गईं. इसके साथ ही उन्होंने उस धारणा को तोड़ दिया, जिसमें महिला के हेलीकॉप्टर कैप्टन बनने पर शक किया जाता है. ऐसा नहीं है कि प्रिया अधिकारी ने पहले इतने मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं किए हैं. उन्होंने इससे पहले हिमालय के दुर्गम इलाकों में सर्च-एंड-रेस्क्यू मिशन चलाए और माउंट एवरेस्ट से घायल पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला. प्रिया लगभग 6,200 मीटर तक की ऊंचाई पर रेस्क्यू मिशन पूरा कर चुकी हैं. *तबाही के बीच फरिश्ते की तरह उड़ रही नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट, जानें कौन हैं प्रिया अधिकारी* *नेपाल :* नेपाल में भारी तबाही के बीच कई पायलट अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों को रेस्क्यू कर रहे हैं, इनमें प्रिया अधिकारी भी शामिल हैं. प्रिया नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट हैं. *नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर पायलट* नेपाल में तबाही के बीच एक महिला पायलट की खूब चर्चा हो रही है, जिन्होंने अपने हेलीकॉप्टर से कई उड़ानें भरते हुए सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया है. पायलट प्रिया अधिकारी ने नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ में फंसे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला है. प्रिया को बाढ़ में फंसे लोग किसी फरिश्ते से कम नहीं समझ रहे हैं, जब भी उनका हेलीकॉप्टर हवा में उड़ान भरता है तो बाढ़ के चलते भूखे-प्यासे लोगों की उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं. इस तरह के हालात में रेस्क्यू काफी मुश्किल काम है, जिसे प्रिया अधिकारी बखूबी निभा रही हैं. *100 से ज्यादा रेस्क्यू* हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पायलट्स की कड़ी परीक्षा होती है. एक साथ कई हेलीकॉप्टर हवा में होते हैं, ऐसे में तमाम पायलट्स के साथ तालमेल बिठाना और सुरक्षित उड़ान भरना सबसे बड़ी चुनौती होती है. ऐसे में 40 साल की प्रिया अधिकारी ने एक हफ्ते से भी कम समय मे 100 रेस्क्यू मिशन को अंजाम दिया है. CNN के साथ एक इंटरव्यू के दौरान प्रिया ने बताया कि तबाही का ऐसा मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा. प्रिया ने कहा, "हममें से ज्यादातर लोग लगातार उड़ानों की वजह से बेहद थक चुके हैं. लेकिन हमें इसी काम के लिए ट्रेनिंग दी गई है. पायलटों को रेडियो के जरिए लगातार एक-दूसरे से संपर्क करना पड़ता है. कई बार जिंदा बचे लोगों को निकालने के लिए एक ही जगह पर पांच से छह हेलीकॉप्टर उतर रहे होते हैं." अधिकारी ने बताया कि खतरा तो लोगों को हेलीकॉप्टर में बैठाने से पहले ही शुरू हो जाता है. कुछ इलाके इतने गहरे और खतरनाक कीचड़ से ढके हैं कि वहां हेलीकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से उतारकर उसका इंजन बंद नहीं किया जा सकता. *शवों को देखना बेहद मुश्किल* प्रिया अधिकारी ने तिमुरे के ऊपर से उड़ान भरने के मंजर को याद करते हुए बताया कि अचानक आई इस बाढ़ के बाद चारों तरफ शव बिखरे पड़े थे. इस इलाके में चले ऑपरेशन के पहले दो दिनों के भीतर 200 से ज्यादा बचे हुए लोगों को बाहर निकाला गया. बिखरे पड़े शवों को देखना काफी मुश्किल और दर्दनाक था. प्रिया ने इवीएस की पढ़ाई की और केबिन क्रू के तौर पर काम किया. फिर एक दिन हेलीकॉप्टर की एक सैर ने उनके करियर का रुख हमेशा के लिए बदल दिया. प्रिया ने ठान लिया कि वो पायलट बनेंगीं. इसके बाद उन्होंने हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग के लिए फिलीपींस की यात्रा की और कैप्टन बनने के लिए कई घंटों की उड़ान भरी. आखिरकार, 2017 में प्रिया अधिकारी फुल-टाइम हेलीकॉप्टर पायलट बन गईं. इसके साथ ही उन्होंने उस धारणा को तोड़ दिया, जिसमें महिला के हेलीकॉप्टर कैप्टन बनने पर शक किया जाता है. ऐसा नहीं है कि प्रिया अधिकारी ने पहले इतने मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं किए हैं. उन्होंने इससे पहले हिमालय के दुर्गम इलाकों में सर्च-एंड-रेस्क्यू मिशन चलाए और माउंट एवरेस्ट से घायल पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला. प्रिया लगभग 6,200 मीटर तक की ऊंचाई पर रेस्क्यू मिशन पूरा कर चुकी हैं.
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    *तबाही के बीच फरिश्ते की तरह उड़ रही नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट, जानें कौन हैं प्रिया अधिकारी*

*नेपाल :* नेपाल में भारी तबाही के बीच कई पायलट अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों को रेस्क्यू कर रहे हैं, इनमें प्रिया अधिकारी भी शामिल हैं. प्रिया नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट हैं.

*नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर पायलट*
नेपाल में तबाही के बीच एक महिला पायलट की खूब चर्चा हो रही है, जिन्होंने अपने हेलीकॉप्टर से कई उड़ानें भरते हुए सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया है. पायलट प्रिया अधिकारी ने नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ में फंसे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला है. प्रिया को बाढ़ में फंसे लोग किसी फरिश्ते से कम नहीं समझ रहे हैं, जब भी उनका हेलीकॉप्टर हवा में उड़ान भरता है तो बाढ़ के चलते भूखे-प्यासे लोगों की उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं. इस तरह के हालात में रेस्क्यू काफी मुश्किल काम है, जिसे प्रिया अधिकारी बखूबी निभा रही हैं.
 
*100 से ज्यादा रेस्क्यू*
हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पायलट्स की कड़ी परीक्षा होती है. एक साथ कई हेलीकॉप्टर हवा में होते हैं, ऐसे में तमाम पायलट्स के साथ तालमेल बिठाना और सुरक्षित उड़ान भरना सबसे बड़ी चुनौती होती है. ऐसे में 40 साल की प्रिया अधिकारी ने एक हफ्ते से भी कम समय मे 100 रेस्क्यू मिशन को अंजाम दिया है. CNN के साथ एक इंटरव्यू के दौरान प्रिया ने बताया कि तबाही का ऐसा मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा. 

प्रिया ने कहा, "हममें से ज्यादातर लोग लगातार उड़ानों की वजह से बेहद थक चुके हैं. लेकिन हमें इसी काम के लिए ट्रेनिंग दी गई है. पायलटों को रेडियो के जरिए लगातार एक-दूसरे से संपर्क करना पड़ता है. कई बार जिंदा बचे लोगों को निकालने के लिए एक ही जगह पर पांच से छह हेलीकॉप्टर उतर रहे होते हैं." अधिकारी ने बताया कि खतरा तो लोगों को हेलीकॉप्टर में बैठाने से पहले ही शुरू हो जाता है. कुछ इलाके इतने गहरे और खतरनाक कीचड़ से ढके हैं कि वहां हेलीकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से उतारकर उसका इंजन बंद नहीं किया जा सकता.

*शवों को देखना बेहद मुश्किल*
प्रिया अधिकारी ने तिमुरे के ऊपर से उड़ान भरने के मंजर को याद करते हुए बताया कि अचानक आई इस बाढ़ के बाद चारों तरफ शव बिखरे पड़े थे. इस इलाके में चले ऑपरेशन के पहले दो दिनों के भीतर 200 से ज्यादा बचे हुए लोगों को बाहर निकाला गया. बिखरे पड़े शवों को देखना काफी मुश्किल और दर्दनाक था. प्रिया ने इवीएस की पढ़ाई की और केबिन क्रू के तौर पर काम किया. फिर एक दिन हेलीकॉप्टर की एक सैर ने उनके करियर का रुख हमेशा के लिए बदल दिया. प्रिया ने ठान लिया कि वो पायलट बनेंगीं. इसके बाद उन्होंने हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग के लिए फिलीपींस की यात्रा की और कैप्टन बनने के लिए कई घंटों की उड़ान भरी. आखिरकार, 2017 में प्रिया अधिकारी फुल-टाइम हेलीकॉप्टर पायलट बन गईं. इसके साथ ही उन्होंने उस धारणा को तोड़ दिया, जिसमें महिला के हेलीकॉप्टर कैप्टन बनने पर शक किया जाता है. 

ऐसा नहीं है कि प्रिया अधिकारी ने पहले इतने मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं किए हैं. उन्होंने इससे पहले हिमालय के दुर्गम इलाकों में सर्च-एंड-रेस्क्यू मिशन चलाए और माउंट एवरेस्ट से घायल पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला. प्रिया लगभग 6,200 मीटर तक की ऊंचाई पर रेस्क्यू मिशन पूरा कर चुकी हैं.
*तबाही के बीच फरिश्ते की तरह उड़ रही नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट, जानें कौन हैं प्रिया अधिकारी*
*नेपाल :* नेपाल में भारी तबाही के बीच कई पायलट अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों को रेस्क्यू कर रहे हैं, इनमें प्रिया अधिकारी भी शामिल हैं. प्रिया नेपाल की पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट हैं.
*नेपाल की पहली महिला हेलिकॉप्टर पायलट*
नेपाल में तबाही के बीच एक महिला पायलट की खूब चर्चा हो रही है, जिन्होंने अपने हेलीकॉप्टर से कई उड़ानें भरते हुए सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया है. पायलट प्रिया अधिकारी ने नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ में फंसे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला है. प्रिया को बाढ़ में फंसे लोग किसी फरिश्ते से कम नहीं समझ रहे हैं, जब भी उनका हेलीकॉप्टर हवा में उड़ान भरता है तो बाढ़ के चलते भूखे-प्यासे लोगों की उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं. इस तरह के हालात में रेस्क्यू काफी मुश्किल काम है, जिसे प्रिया अधिकारी बखूबी निभा रही हैं.
*100 से ज्यादा रेस्क्यू*
हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पायलट्स की कड़ी परीक्षा होती है. एक साथ कई हेलीकॉप्टर हवा में होते हैं, ऐसे में तमाम पायलट्स के साथ तालमेल बिठाना और सुरक्षित उड़ान भरना सबसे बड़ी चुनौती होती है. ऐसे में 40 साल की प्रिया अधिकारी ने एक हफ्ते से भी कम समय मे 100 रेस्क्यू मिशन को अंजाम दिया है. CNN के साथ एक इंटरव्यू के दौरान प्रिया ने बताया कि तबाही का ऐसा मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा. 
प्रिया ने कहा, "हममें से ज्यादातर लोग लगातार उड़ानों की वजह से बेहद थक चुके हैं. लेकिन हमें इसी काम के लिए ट्रेनिंग दी गई है. पायलटों को रेडियो के जरिए लगातार एक-दूसरे से संपर्क करना पड़ता है. कई बार जिंदा बचे लोगों को निकालने के लिए एक ही जगह पर पांच से छह हेलीकॉप्टर उतर रहे होते हैं." अधिकारी ने बताया कि खतरा तो लोगों को हेलीकॉप्टर में बैठाने से पहले ही शुरू हो जाता है. कुछ इलाके इतने गहरे और खतरनाक कीचड़ से ढके हैं कि वहां हेलीकॉप्टर को सुरक्षित तरीके से उतारकर उसका इंजन बंद नहीं किया जा सकता.
*शवों को देखना बेहद मुश्किल*
प्रिया अधिकारी ने तिमुरे के ऊपर से उड़ान भरने के मंजर को याद करते हुए बताया कि अचानक आई इस बाढ़ के बाद चारों तरफ शव बिखरे पड़े थे. इस इलाके में चले ऑपरेशन के पहले दो दिनों के भीतर 200 से ज्यादा बचे हुए लोगों को बाहर निकाला गया. बिखरे पड़े शवों को देखना काफी मुश्किल और दर्दनाक था. प्रिया ने इवीएस की पढ़ाई की और केबिन क्रू के तौर पर काम किया. फिर एक दिन हेलीकॉप्टर की एक सैर ने उनके करियर का रुख हमेशा के लिए बदल दिया. प्रिया ने ठान लिया कि वो पायलट बनेंगीं. इसके बाद उन्होंने हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग के लिए फिलीपींस की यात्रा की और कैप्टन बनने के लिए कई घंटों की उड़ान भरी. आखिरकार, 2017 में प्रिया अधिकारी फुल-टाइम हेलीकॉप्टर पायलट बन गईं. इसके साथ ही उन्होंने उस धारणा को तोड़ दिया, जिसमें महिला के हेलीकॉप्टर कैप्टन बनने पर शक किया जाता है. 
ऐसा नहीं है कि प्रिया अधिकारी ने पहले इतने मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं किए हैं. उन्होंने इससे पहले हिमालय के दुर्गम इलाकों में सर्च-एंड-रेस्क्यू मिशन चलाए और माउंट एवरेस्ट से घायल पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला. प्रिया लगभग 6,200 मीटर तक की ऊंचाई पर रेस्क्यू मिशन पूरा कर चुकी हैं.
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Lawyer Lakhibag, Manpur•
    18 hrs ago
  • रफीगंज में नगर पंचायत ने चलाया शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान रफीगंज नगर पंचायत द्वारा शनिवार को सड़क जाम की समस्या को देखते हुए शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान थाना के समीप से शुरू होकर हॉस्पिटल रोड होते हुए हाजीपुर तक चलाया गया। इस दौरान सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। शनिवार रात्रि 8 बजे अधिकारियों ने बताया कि अभियान से पूर्व 3 सितंबर को नगर पंचायत कार्यालय द्वारा नोटिस जारी की गई थी और 4 सितंबर को माइकिंग के माध्यम से लोगों को अतिक्रमण हटाने की जानकारी दी गई थी। इस मौके पर नगर पंचायत कनिय अभियंता विजय प्रताप सिंह, कार्यपालक सहायक रोहित रंजन, सफाई पर्यवेक्षक मिथलेश कुमार, अशोक कुमार मेहता, जितेंद्र कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे
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    रफीगंज में नगर पंचायत ने चलाया शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान
रफीगंज नगर पंचायत द्वारा शनिवार को सड़क जाम की समस्या को देखते हुए शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान थाना के समीप से शुरू होकर हॉस्पिटल रोड होते हुए हाजीपुर तक चलाया गया। इस दौरान सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। शनिवार रात्रि 8 बजे अधिकारियों ने बताया कि अभियान से पूर्व 3 सितंबर को नगर पंचायत कार्यालय द्वारा नोटिस जारी की गई थी और 4 सितंबर को माइकिंग के माध्यम से लोगों को अतिक्रमण हटाने की जानकारी दी गई थी। इस मौके पर नगर पंचायत कनिय अभियंता विजय प्रताप सिंह, कार्यपालक सहायक रोहित रंजन, सफाई पर्यवेक्षक मिथलेश कुमार, अशोक कुमार मेहता, जितेंद्र कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे
    user_Pappu Kumar
    Pappu Kumar
    पत्रकार रफीगंज, औरंगाबाद, बिहार•
    18 hrs ago
  • शिक्षक दिवस के अवसर पर हुलासगंज प्रखंड के शिक्षक शुभम कुमार एवं फ़िरदौस परवीन को जिलाधिकारी ने किया सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर आज जिले में शिक्षक दिवस श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ग्राम प्लेक्स भवन, जहानाबाद में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों के कार्यों को सम्मानित करना तथा उनके उत्कृष्ट प्रयासों को अन्य शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत करना था। इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्राथमिक, मध्य एवं उच्च विद्यालयों में उत्कृष्ट पठन-पाठन, शैक्षणिक नवाचार एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण के निर्माण में योगदान देने वाले 16 चयनित शिक्षकों को जिला पदाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर हुलासगंज प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय पाठकचक के शुभम कुमार तथा मध्य विद्यालय मुरगांव के शिक्षिका फ़िरदौस परवीन को विशिष्ठ शिक्षक के रूप में सम्मानित करते हुते प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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    शिक्षक दिवस के अवसर पर हुलासगंज प्रखंड के शिक्षक शुभम कुमार एवं फ़िरदौस परवीन को जिलाधिकारी ने किया सम्मानित 
पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर आज जिले में शिक्षक दिवस श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ग्राम प्लेक्स भवन, जहानाबाद में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। 
समारोह का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों के कार्यों को सम्मानित करना तथा उनके उत्कृष्ट प्रयासों को अन्य शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत करना था। इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्राथमिक, मध्य एवं उच्च विद्यालयों में उत्कृष्ट पठन-पाठन, शैक्षणिक नवाचार एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण के निर्माण में योगदान देने वाले 16 चयनित शिक्षकों को जिला पदाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर हुलासगंज प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय पाठकचक के शुभम कुमार तथा मध्य विद्यालय मुरगांव के शिक्षिका फ़िरदौस परवीन को विशिष्ठ शिक्षक के रूप में सम्मानित करते हुते प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
    user_मनोज कुमार
    मनोज कुमार
    पत्रकार हुलासगंज, जहानाबाद, बिहार•
    21 hrs ago
  • उपहार औरंगाबाद में जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है सभी लोगों से अनुरोध है कि इस वीडियो को जल्दी से शेयर करें उपहार गोह औरंगाबाद में जल स्थल तेजी से बढ़ रहा है" या "पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है", तो इसका अर्थ होगा कि किसी नदी, झील, समुद्र या अन्य जल स्रोत का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यदि आपका आशय "उपहार में पानी..." से है, तो कृपया पूरा वाक्य या संदर्भ लिखें, क्योंकि वर्तमान वाक्य का अर्थ स्पष्ट नहीं हो रहा है।
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    उपहार औरंगाबाद में जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है सभी लोगों से अनुरोध है कि इस वीडियो को जल्दी से शेयर करें
उपहार गोह औरंगाबाद में जल स्थल तेजी से बढ़ रहा है" या "पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है", तो इसका अर्थ होगा कि किसी नदी, झील, समुद्र या अन्य जल स्रोत का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
यदि आपका आशय "उपहार में पानी..." से है, तो कृपया पूरा वाक्य या संदर्भ लिखें, क्योंकि वर्तमान वाक्य का अर्थ स्पष्ट नहीं हो रहा है।
    user_प्रियांशु कुमारी
    प्रियांशु कुमारी
    गोह, औरंगाबाद, बिहार•
    4 hrs ago
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