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बगीचा में हुईं कार और बाइक सवार के बीच टक्कर और फिर शुरू हुईं मारपीट

2 hrs ago
user_हमर जशपुर
हमर जशपुर
Bagicha, Jashpur•
2 hrs ago

बगीचा में हुईं कार और बाइक सवार के बीच टक्कर और फिर शुरू हुईं मारपीट

More news from झारखंड and nearby areas
  • मशरूम खेती से बदलेगी डुमरी की तस्वीर, पाँच सौ जनजातीय परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल 📍 डुमरी (गुमला) : आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत डुमरी प्रखंड में मशरूम कल्टीवेशन परियोजना के माध्यम से जनजातीय एवं पीवीटीजी परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विशेष पहल शुरू की गई है। जानकारी देते हुए शाम छह बजे बताया गया कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत डुमरी प्रखंड के कुल पाँच सौ पीवीटीजी एवं जनजातीय परिवारों को मशरूम खेती से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रथम चरण में मॉडल गांव औरापाट के पैंतालीस परिवारों के बीच मशरूम किट का वितरण किया गया तथा उन्हें ऑयस्टर मशरूम उत्पादन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान लाभुकों को कम लागत में घर के छोटे स्थानों पर मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीक सिखाई गई। साथ ही उत्पादन, भंडारण एवं विपणन से जुड़ी जानकारी दी गई, ताकि ग्रामीण परिवार नियमित आय अर्जित कर सकें। उन्होंने बताया कि परियोजना के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। मशरूम उत्पादन से जुड़े लाभुकों को उनके उत्पाद की खरीद सुनिश्चित करने के लिए चेक प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ जीवन स्तर में भी सुधार देखने को मिल रहा है। जिला प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि डुमरी प्रखंड आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सके। #GumlaNews #DumriGumla #MushroomFarming #AakankshiBlockProgram #JharkhandNews #RuralDevelopment #SelfReliance #TeamPRDGumla
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    मशरूम खेती से बदलेगी डुमरी की तस्वीर, पाँच सौ जनजातीय परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
📍 डुमरी (गुमला) : आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत डुमरी प्रखंड में मशरूम कल्टीवेशन परियोजना के माध्यम से जनजातीय एवं पीवीटीजी परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विशेष पहल शुरू की गई है। जानकारी देते हुए शाम छह बजे बताया गया कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत डुमरी प्रखंड के कुल पाँच सौ पीवीटीजी एवं जनजातीय परिवारों को मशरूम खेती से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रथम चरण में मॉडल गांव औरापाट के पैंतालीस परिवारों के बीच मशरूम किट का वितरण किया गया तथा उन्हें ऑयस्टर मशरूम उत्पादन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान लाभुकों को कम लागत में घर के छोटे स्थानों पर मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीक सिखाई गई। साथ ही उत्पादन, भंडारण एवं विपणन से जुड़ी जानकारी दी गई, ताकि ग्रामीण परिवार नियमित आय अर्जित कर सकें।
उन्होंने बताया कि परियोजना के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। मशरूम उत्पादन से जुड़े लाभुकों को उनके उत्पाद की खरीद सुनिश्चित करने के लिए चेक प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ जीवन स्तर में भी सुधार देखने को मिल रहा है।
जिला प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि डुमरी प्रखंड आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सके।
#GumlaNews #DumriGumla #MushroomFarming #AakankshiBlockProgram #JharkhandNews #RuralDevelopment #SelfReliance #TeamPRDGumla
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    2 hrs ago
  • चैनपुर (गुमला): चैनपुर थाना क्षेत्र के केड़ेंग गांव में एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना में गंभीर रूप से घायल जेम्स टोप्पो को इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला रेफर किया गया है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।
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    चैनपुर (गुमला): चैनपुर थाना क्षेत्र के केड़ेंग गांव में एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना में गंभीर रूप से घायल जेम्स टोप्पो को इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला रेफर किया गया है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    10 hrs ago
  • यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन और नई फसलों के स्वागत का एक अत्यंत खूबसूरत और प्राचीन आदिवासी उत्सव है। ​चैनपुर क्षेत्र में सरहुल को लेकर स्थानीय लोगों और जनजातीय समाज में एक अलग ही उत्साह और उमंग देखने को मिला। ​सरहुल का शाब्दिक अर्थ 'साल (सखुआ) के पेड़ों की पूजा' है, जो इस बात का प्रमाण है कि प्रकृति ही हमारी सच्ची रक्षक है।
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    यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन और नई फसलों के स्वागत का एक अत्यंत खूबसूरत और प्राचीन आदिवासी उत्सव है।
​चैनपुर क्षेत्र में सरहुल को लेकर स्थानीय लोगों और जनजातीय समाज में एक अलग ही उत्साह और उमंग देखने को मिला।
​सरहुल का शाब्दिक अर्थ 'साल (सखुआ) के पेड़ों की पूजा' है, जो इस बात का प्रमाण है कि प्रकृति ही हमारी सच्ची रक्षक है।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    17 hrs ago
  • .लोकतंत्र में चुनाव विकास के वादे लेकर आता है, लेकिन छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में एक गांव ऐसा भी है जहाँ आज भी 'विकास कच्ची सड़क की शक्ल नहीं देख पाया है। हम बात कर रहे हैं बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत इदरीकला के जगह का नाम नावापारा है जहाँ ग्रामीण अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और सिस्टम की बेरुखी से तंग आकर आज भारी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे हैं। ​बीओ01.....बलरामपुर कलेक्ट्रेट में न्याय की गुहार लगाने पहुंचे ये लोग नावापारा के ग्रामीण हैं। इनका आरोप है कि बरसात के दिनों में इनका संपर्क बाकी दुनिया से पूरी तरह कट जाता है। स्थिति इतनी ख़राब है कि किसी की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस नहीं, बल्कि खाट' का सहारा लेना पड़ता है। अपनों की गांव मे किसी की मैयत' हो जाने पर भी शव को ले जाना किसी जंग जीतने जैसा होता है ​बरसात में संपर्क पूरी तरह बंद होजाता बारिश शुरू होते ही सड़क की जगह सिर्फ कीचड़ बचता है।​इलाज का अभाव एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, मरीजों को खाट पर ढोना मजबूरी ​खेतों की मेढ़ का सहारा मुख्य रास्ता बंद होने पर ग्रामीण खेतों की मेढ़ से जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर।​नेताओं की वादाखिलाफी चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे, लेकिन जीत के बाद सब 'ठंडे बस्ते चुनाव के समय नेता हाथ जोड़कर आते हैं, रोड बनाने का वादा करते हैं, लेकिन जीतने के बाद कोई शक्ल तक नहीं दिखाता। गर्मी में तो जैसे-तैसे निकल जाते हैं, पर बरसात में हम कैद हो जाते हैं। हमने आज कलेक्टर साहब को ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि सड़क के साथ-साथ पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार की भी जांच हो। बाइट
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    .लोकतंत्र में चुनाव विकास के वादे लेकर आता है, लेकिन छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में एक गांव ऐसा भी है जहाँ आज भी 'विकास कच्ची सड़क की शक्ल नहीं देख पाया है। हम बात कर रहे हैं बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत इदरीकला के जगह का नाम नावापारा है जहाँ ग्रामीण अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और सिस्टम की बेरुखी से तंग आकर आज भारी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे हैं।
​बीओ01.....बलरामपुर कलेक्ट्रेट में न्याय की गुहार लगाने पहुंचे ये लोग नावापारा के ग्रामीण हैं। इनका आरोप है कि बरसात के दिनों में इनका संपर्क बाकी दुनिया से पूरी तरह कट जाता है। स्थिति इतनी ख़राब है कि किसी की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस नहीं, बल्कि खाट' का सहारा लेना पड़ता है। अपनों की गांव मे किसी की मैयत' हो जाने पर भी शव को ले जाना किसी जंग जीतने जैसा होता है ​बरसात में संपर्क पूरी तरह बंद होजाता बारिश शुरू होते ही सड़क की जगह सिर्फ कीचड़ बचता है।​इलाज का अभाव एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, मरीजों को खाट पर ढोना मजबूरी ​खेतों की मेढ़ का सहारा मुख्य रास्ता बंद होने पर ग्रामीण खेतों की मेढ़ से जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर।​नेताओं की वादाखिलाफी चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे, लेकिन जीत के बाद सब 'ठंडे बस्ते चुनाव के समय नेता हाथ जोड़कर आते हैं, रोड बनाने का वादा करते हैं, लेकिन जीतने के बाद कोई शक्ल तक नहीं दिखाता। गर्मी में तो जैसे-तैसे निकल जाते हैं, पर बरसात में हम कैद हो जाते हैं। हमने आज कलेक्टर साहब को ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि सड़क के साथ-साथ पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार की भी जांच हो।
बाइट
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    45 min ago
  • Post by Shoaib Siddiqui
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    Post by Shoaib Siddiqui
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • एकंर- भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम केवटाली में शुद्ध पेयजल की गंभीर समस्या के बीच, जब लोग ढोढ़ी का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, ऐसे समय में जनपद सदस्य प्रतिनिधि, अभय प्रताप सिंह के निवेदन पर शुद्ध पेयजल हेतु टैंकर उपलब्ध कराने के लिए,,,,, प्रकाश इंडस्ट्रीज के निदेशक चतुर्वेदी साहब एवं समस्त प्रकाश इंडस्ट्रीज परिवार का हृदय से आभार,,,, जनपद सदस्य प्रतिनिधि अभय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रकाश इंडस्ट्रीज के निदेशक चतुर्वेदी साहब के, संवेदनशीलता,,, समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और त्वरित निर्णय लेने की भावना वास्तव में सराहनीय है। ऐसे जनसेवी एवं जागरूक उद्योगपति समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होते हैं,,,,, आपकी यह पहल न केवल राहत प्रदान करने वाली है, बल्कि सच्चे अर्थों में जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण भी है,,,, साथ ही, प्रशासन से विनम्र निवेदन है कि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान शीघ्र सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को बार-बार इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े,,,,, यदि समय रहते उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो हम जनता के साथ मिलकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाने को बाध्य होंगे,,,,, जनपद सदस्य प्रतिनिधि अभय सिंह ने कहा कि,जनहित सर्वोपरि है, और इसके लिए हमारा प्रयास लगातार जारी रहेगा,,,, *BGN इंडिया न्यूज़ चैनल*,,, *सरगुजा संभागीय ब्यूरो चीफ*,, *शिव नाथ बघेल कि रिपोर्ट*,,,
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    एकंर-  भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम केवटाली में शुद्ध पेयजल की गंभीर समस्या के बीच, जब लोग ढोढ़ी का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, ऐसे समय में जनपद सदस्य प्रतिनिधि, अभय प्रताप सिंह के निवेदन पर शुद्ध पेयजल हेतु टैंकर उपलब्ध कराने के लिए,,,,,
प्रकाश इंडस्ट्रीज के निदेशक चतुर्वेदी साहब एवं समस्त प्रकाश इंडस्ट्रीज परिवार का हृदय से आभार,,,,
जनपद सदस्य प्रतिनिधि अभय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रकाश इंडस्ट्रीज के निदेशक चतुर्वेदी साहब के, संवेदनशीलता,,,
समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और त्वरित निर्णय लेने की भावना वास्तव में सराहनीय है। ऐसे जनसेवी एवं जागरूक उद्योगपति समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होते हैं,,,,,
आपकी यह पहल न केवल राहत प्रदान करने वाली है, बल्कि सच्चे अर्थों में जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण भी है,,,,
साथ ही, प्रशासन से विनम्र निवेदन है कि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान शीघ्र सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को बार-बार इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े,,,,,
यदि समय रहते उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो हम जनता के साथ मिलकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाने को बाध्य होंगे,,,,,
जनपद सदस्य प्रतिनिधि अभय सिंह ने कहा कि,जनहित सर्वोपरि है, और इसके लिए हमारा प्रयास लगातार जारी रहेगा,,,,
*BGN इंडिया न्यूज़ चैनल*,,,
*सरगुजा संभागीय ब्यूरो चीफ*,,
*शिव नाथ बघेल कि रिपोर्ट*,,,
    user_Shivnath bagheL
    Shivnath bagheL
    Newspaper publisher सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • चैनपुर: प्रखंड क्षेत्र में प्राकृतिक पर्व सर्हुल सोमवार को पारंपरिक उत्साह और आस्था के साथ धूमधाम से मनाया गया। सर्हुल पूजा केंद्रीय समिति द्वारा इस अवसर पर भव्य आयोजन किया गया, जिसमें रौतिया समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
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    चैनपुर: प्रखंड क्षेत्र में प्राकृतिक पर्व सर्हुल सोमवार को पारंपरिक उत्साह और आस्था के साथ धूमधाम से मनाया गया। सर्हुल पूजा केंद्रीय समिति द्वारा इस अवसर पर भव्य आयोजन किया गया, जिसमें रौतिया समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    15 hrs ago
  • बलरामपुर जिले में आंधी और तूफान से कई घर उजड़ खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर हुए ग्रामीण प्रशासन से गुहार लगाई लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं
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    बलरामपुर जिले में आंधी और तूफान से कई घर उजड़ खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर हुए ग्रामीण प्रशासन से गुहार लगाई लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • एंकर: बलरामपुर जिले में एक किसान की लंबी कानूनी लड़ाई आखिरकार रंग लाई है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद आज किसान का धान बैंड-बाजे के साथ खरीदी केंद्र में धान बेचने पहुंचा। यह मामला ग्राम चितविश्रामपुर बनोर के किसान राजदेव मिंज से जुड़ा है, जिनका धान प्रशासनिक प्रक्रिया में फंस गया था। वीओ: दरअसल ग्राम चितविश्रामपुर बनोर निवासी किसान राजदेव मिंज का करीब 525 बोरा धान समय पर ऑनलाइन टोकन नहीं कट पाने की वजह से सरकारी खरीदी केंद्र में नहीं बिक पाया था। समय सीमा समाप्त होने का हवाला देते हुए प्रशासन ने धान खरीदी पर रोक लगा दी थी। किसान ने कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाए लेकिन जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने मामला छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट पहुंचाया, मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने किसान के पक्ष में फैसला सुनाते हुए प्रशासन को धान खरीदी कराने का आदेश दिया, कोर्ट के आदेश के बाद आज किसान गांव के लोगों के साथ बरदर धान खरीदी केंद्र पहुंचा, जहां बैंड-बाजे के साथ धान की तौल कराई गई। इस दौरान गांव के कई लोग भी मौजूद रहे। किसान ने भावुक होकर कहा कि यह बाजा-गाजा माननीय न्यायालय के सम्मान में बजाया जा रहा है, क्योंकि न्यायालय की वजह से ही उन्हें न्याय मिल पाया है। सलग्न: बाइट- राजदेव मिंज (किसान)
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    एंकर:
बलरामपुर जिले में एक किसान की लंबी कानूनी लड़ाई आखिरकार रंग लाई है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद आज किसान का धान बैंड-बाजे के साथ खरीदी केंद्र में धान बेचने पहुंचा। यह मामला ग्राम चितविश्रामपुर बनोर के किसान राजदेव मिंज से जुड़ा है, जिनका धान प्रशासनिक प्रक्रिया में फंस गया था।
वीओ:
दरअसल ग्राम चितविश्रामपुर बनोर निवासी किसान राजदेव मिंज का करीब 525 बोरा धान समय पर ऑनलाइन टोकन नहीं कट पाने की वजह से सरकारी खरीदी केंद्र में नहीं बिक पाया था। समय सीमा समाप्त होने का हवाला देते हुए प्रशासन ने धान खरीदी पर रोक लगा दी थी।
किसान ने कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाए लेकिन जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने मामला छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट पहुंचाया, मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने किसान के पक्ष में फैसला सुनाते हुए प्रशासन को धान खरीदी कराने का आदेश दिया, कोर्ट के आदेश के बाद आज किसान गांव के लोगों के साथ बरदर धान खरीदी केंद्र पहुंचा, जहां बैंड-बाजे के साथ धान की तौल कराई गई। इस दौरान गांव के कई लोग भी मौजूद रहे।
किसान ने भावुक होकर कहा कि यह बाजा-गाजा माननीय न्यायालय के सम्मान में बजाया जा रहा है, क्योंकि न्यायालय की वजह से ही उन्हें न्याय मिल पाया है।
सलग्न:
बाइट- राजदेव मिंज (किसान)
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
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