किसान कल्याण वर्ष पूरे प्रदेश में मनाया जा रहा है। ऐसे में हमारे किसानों की फसलों को जंगली जानवरों, खासकर काले हिरण और नीलगाय से बचाने के लिए हमारी सरकार द्वारा अफ्रीका से एक विशेष टीम बुलाई गई है। इस टीम की मदद से काले हिरणों को न केवल सुरक्षित रूप से पकड़कर पिंजरों में रखा जाता है, बल्कि इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाता है कि किसी भी जानवर को चोट न पहुंचे। मुझे इस बात का संतोष है कि पूरे दक्षिण एशिया में पहली बार हेलीकॉप्टर की मदद से बोमा पद्धति के आधार पर वन्यजीवों के रेस्क्यू का यह अभियान चलाया गया है। मुझे अब तक जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार लगभग 1,236 काले हिरणों को पकड़ा गया है, जिन्हें श्योपुर के जंगलों, गांधी सागर और रानी दुर्गावती रिजर्व फॉरेस्ट में छोड़ा जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि वन्यजीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो और किसानों की फसलों की रक्षा भी की जा सके। इसके लिए 11 ट्रकों की व्यवस्था की गई है। पशु चिकित्सकों, आवश्यक उपकरणों और पूरी सावधानी के साथ जानवरों को सुरक्षित रूप से ले जाने की यह व्यवस्था वास्तव में अद्भुत है। मुझे विश्वास है कि इस परियोजना की सफलता के आधार पर देश के कई अन्य राज्य और दूसरे देश भी इस पद्धति को अपनाएंगे। मैं अपनी ओर से वन विभाग की पूरी टीम को बधाई देता हूं। - *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*
किसान कल्याण वर्ष पूरे प्रदेश में मनाया जा रहा है। ऐसे में हमारे किसानों की फसलों को जंगली जानवरों, खासकर काले हिरण और नीलगाय से बचाने के लिए हमारी सरकार द्वारा अफ्रीका से एक विशेष टीम बुलाई गई है। इस टीम की मदद से काले हिरणों को न केवल सुरक्षित रूप से पकड़कर पिंजरों में रखा जाता है, बल्कि इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाता है कि किसी भी जानवर को चोट न पहुंचे। मुझे इस बात का संतोष है कि पूरे दक्षिण एशिया में पहली बार हेलीकॉप्टर की मदद से बोमा पद्धति के आधार पर वन्यजीवों के रेस्क्यू का यह अभियान चलाया गया है। मुझे अब तक जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार लगभग 1,236 काले हिरणों को पकड़ा गया है, जिन्हें श्योपुर के जंगलों, गांधी सागर और रानी दुर्गावती रिजर्व फॉरेस्ट में छोड़ा जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि वन्यजीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो और किसानों की फसलों की रक्षा भी की जा सके। इसके लिए 11 ट्रकों की व्यवस्था की गई है। पशु चिकित्सकों, आवश्यक उपकरणों और पूरी सावधानी के साथ जानवरों को सुरक्षित रूप से ले जाने की यह व्यवस्था वास्तव में अद्भुत है। मुझे विश्वास है कि इस परियोजना की सफलता के आधार पर देश के कई अन्य राज्य और दूसरे देश भी इस पद्धति को अपनाएंगे। मैं अपनी ओर से वन विभाग की पूरी टीम को बधाई देता हूं। - *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*
- आज राजगढ़ जिले के ग्राम गुलावता स्थित श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर में प्रभु के दर्शन एवं आशीर्वाद के साथ पूर्व मुख्यमंत्री माननीय श्री दिग्विजय सिंह जी की "सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा" के नौवें दिन का शुभारंभ हुआ। धर्मरथ में विराजमान प्रभु श्रीरामलला सरकार, पवित्र तीर्थों के जल से सुशोभित कलशों एवं पार्थिव शिवलिंग का विधिवत पूजन-अर्चन एवं आरती की। तत्पश्चात राष्ट्रध्वज तिरंगे को ससम्मान सलामी अर्पित कर आगे की पदयात्रा प्रारंभ की। हमारी यह यात्रा सत्य की स्थापना, सनातन के स्वाभिमान और धर्म के नाम पर होने वाले पाखंड एवं भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनजागरण का संकल्प है। जन-जन का स्नेह हमारी शक्ति है, सत्य और धर्म के प्रति आस्था हमारी प्रेरणा। संकल्प अडिग है, कदम अविराम हैं! जय हिंद! जय सियाराम! 🙏 #सत्य_सनातन_स्वाभिमान_यात्रा #SatyaSanatanSwabhimanYatra1
- भोपाल: TIT कॉलेज के छात्रों के बीच विवाद, बदला लेने पहुंचे युवक ने पुलिस जवान पर तानी पिस्टल भोपाल: TIT कॉलेज के छात्रों के बीच विवाद, बदला लेने पहुंचे युवक ने पुलिस जवान पर तानी पिस्टल भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में TIT कॉलेज के छात्रों के दो गुटों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह पहले शिवांशु और पृथ्वीराज सिंह राजपूत के बीच विवाद हुआ था। इस दौरान पृथ्वीराज के साथियों ने शिवांशु पर हमला किया था। इसी विवाद का बदला लेने के लिए पृथ्वीराज सिंह राजपूत अपने साथी राज राजपूत के साथ इंद्रपुरी चौराहे पहुंचा। आरोप है कि राज राजपूत पिस्टल लेकर शिवांशु को धमकाने पहुंचा। इसी दौरान रेस्टोरेंट पर मौजूद पुलिस जवान पंकज डेहरिया ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो आरोपी ने जवान पर ही पिस्टल तान दी। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसमें आरोपी पिस्टल के साथ नजर आ रहा है। मामला पिपलानी थाना क्षेत्र का है। #Bhopal #MPPolice #PiplaniPolice #CrimeNews #STNews1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शाजापुर जिले के रंथभंवर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने कृष्णमृगों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के अभियान के दूसरे चरण का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वन विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों से अभियान की प्रगति और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही, कैमोफ्लाज्ड मचान से बोमा पद्धति से किए जा रहे कृष्णमृग रेस्क्यू कार्य का निरीक्षण किया। साथ ही बोमा स्थल पर वन विभाग एवं प्रशासनिक टीम के साथ समूह फोटो खिंचवाई।1
- दमुआ नगर पालिका अध्यक्ष करण खातरकर ने सफलतम 4 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नगरवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। दमुआ नगर पालिका अध्यक्ष करण खातरकर ने सफलतम 4 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नगरवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस शुभ अवसर पर उन्होंने सभी नगरवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। देखिए दमुआ नगर पालिका से जुड़ी यह खास खबर और जानिए अध्यक्ष करण खातरकर का संदेश। ऐसी ही स्थानीय खबरों के लिए जुड़े रहिए HIGHNEWS LIVE के साथ। वीडि1
- Lok janshakti party dwara Bhopal mein Vishal baithak ka aayojan Kiya Gaya Puri Khabar avashya Dekhen1
- भोपाल की निजी होटल में तीन जिलों की महिला समूह का सम्मान समारोह आयोजित किया गया4
- DSP Santosh Patel ka swagat swikar Samaj dwara Bhopal mein Diya Gaya1
- किसान कल्याण वर्ष पूरे प्रदेश में मनाया जा रहा है। ऐसे में हमारे किसानों की फसलों को जंगली जानवरों, खासकर काले हिरण और नीलगाय से बचाने के लिए हमारी सरकार द्वारा अफ्रीका से एक विशेष टीम बुलाई गई है। इस टीम की मदद से काले हिरणों को न केवल सुरक्षित रूप से पकड़कर पिंजरों में रखा जाता है, बल्कि इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाता है कि किसी भी जानवर को चोट न पहुंचे। मुझे इस बात का संतोष है कि पूरे दक्षिण एशिया में पहली बार हेलीकॉप्टर की मदद से बोमा पद्धति के आधार पर वन्यजीवों के रेस्क्यू का यह अभियान चलाया गया है। मुझे अब तक जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार लगभग 1,236 काले हिरणों को पकड़ा गया है, जिन्हें श्योपुर के जंगलों, गांधी सागर और रानी दुर्गावती रिजर्व फॉरेस्ट में छोड़ा जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि वन्यजीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो और किसानों की फसलों की रक्षा भी की जा सके। इसके लिए 11 ट्रकों की व्यवस्था की गई है। पशु चिकित्सकों, आवश्यक उपकरणों और पूरी सावधानी के साथ जानवरों को सुरक्षित रूप से ले जाने की यह व्यवस्था वास्तव में अद्भुत है। मुझे विश्वास है कि इस परियोजना की सफलता के आधार पर देश के कई अन्य राज्य और दूसरे देश भी इस पद्धति को अपनाएंगे। मैं अपनी ओर से वन विभाग की पूरी टीम को बधाई देता हूं। - *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*1