हरदा जिले के टिमरनी नगर में मोहर्रम पर्व के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। एसडीओपी आकांक्षा तलया के नेतृत्व में, जिसमें थाना प्रभारी मुकेश गौड़ समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे, पुलिस बल ने कस्बे के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील इलाकों में पैदल भ्रमण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया और कानून व्यवस्था को मजबूत रखने का संदेश दिया गया। पुलिस दल ने विशेष रूप से बाजार क्षेत्र में गश्त की, मुख्य चौराहों पर पहुंचा और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से त्योहार के दौरान भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने को कहा। उन्होंने यह भी बताया कि मोहर्रम के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इस फ्लैग मार्च से नगर में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी साफ दिखी, जिससे लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। प्रशासन ने जोर देकर कहा कि त्योहारों में शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
हरदा जिले के टिमरनी नगर में मोहर्रम पर्व के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से बुधवार को पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। एसडीओपी आकांक्षा तलया के नेतृत्व में, जिसमें थाना प्रभारी मुकेश गौड़ समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे, पुलिस बल ने कस्बे के
प्रमुख मार्गों और संवेदनशील इलाकों में पैदल भ्रमण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया और कानून व्यवस्था को मजबूत रखने का संदेश दिया गया। पुलिस दल ने विशेष रूप से बाजार क्षेत्र में गश्त की, मुख्य चौराहों पर पहुंचा और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया। पुलिस
अधिकारियों ने नागरिकों से त्योहार के दौरान भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने को कहा। उन्होंने यह भी बताया कि मोहर्रम के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इस फ्लैग
मार्च से नगर में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी साफ दिखी, जिससे लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। प्रशासन ने जोर देकर कहा कि त्योहारों में शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
- मध्य प्रदेश के हरसूद में मुहर्रम का त्योहार अमन और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर शहर में ताज़िये भी निकाले गए।1
- देवास जिले के कन्नौद विकास खंड के सतवास में मोहर्रम पर्व पर मनाए जाने वाले हाथी के इतिहास और परंपरा को हिंदू-मुस्लिम एकता (सांप्रदायिक सद्भाव) तथा स्थानीय मराठा संस्कृति का एक अनूठा प्रतीक बताया गया है। यह परंपरा इस क्षेत्र में सदियों से चली आ रही है, जिसमें मराठा समुदाय सक्रिय रूप से मोहर्रम के जुलूसों और आयोजनों में हिस्सा लेता है। मोहर्रम के दौरान मराठा समाज द्वारा एक विशालकाय हाथी का निर्माण किया जाता है। संजय दाभाड़े द्वारा पुश्तैनी समय से यह भीमकाय हाथी बनाया जा रहा है, जिसमें सर्वसमाज बढ़-चढ़कर सहयोग करता है। यह हाथी कलात्मकता और धार्मिक आस्था का मुख्य केंद्र माना जाता है। मोहर्रम की मेहंदी की रात को इस हाथी को एक जुलूस में शामिल किया जाता है, जहाँ पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर हाथी के प्रतीक को आगे-पीछे कर नृत्य कराया जाता है। मोहर्रम के आखिरी दिन बड़ी संख्या में लोग इस हाथी के नीचे से गुजरते हैं, यह मानते हुए कि ऐसा करने से उन्हें अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है और उनकी मन्नतें पूरी होती हैं। यह परंपरा सतवास में विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों के लोगों द्वारा एक साथ मिलकर त्योहार मनाने के गहरे सांस्कृतिक महत्व को दर्शाती है।2
- इटारसी के वार्ड नंबर 26 (नाला मोहल्ला) में पानी की किल्लत ने विकराल रूप ले लिया है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि स्थानीय लोग अपनी और अपने बच्चों की प्यास बुझाने के लिए कब्रिस्तान के समर्सिबल पंप से पानी भरने को मजबूर हैं। यह समस्या इतनी गंभीर हो गई है कि कब्रिस्तान ही ज़िंदों की प्यास बुझाने का एकमात्र सहारा बन गया है। 'इटारसी अपडेट' द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में सड़कों के नीचे पाइपलाइनें तो बिछी हुई हैं, लेकिन नलों से केवल खोखले वादे और हवा ही निकल रही है। स्थानीय जनता पूरा टैक्स चुकाती है, इसके बावजूद उन्हें पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। इस गंभीर स्थिति को लेकर स्थानीय पार्षद कुंदन गौर जी और नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं, कि वे किस गहरी नींद में सोए हैं। जनता की ओर से पुरजोर मांग की गई है कि नगर पालिका प्रशासन होश में आए और इस विकट समस्या का तुरंत समाधान करे।1
- भगवान के प्रति अटूट आस्था और श्रद्धा का एक अनूठा उदाहरण सामने आया है, जहाँ बालाघाट जिले की कटंगी तहसील निवासी आकाश कुमरे 800 किलोमीटर की दंडवत यात्रा पर ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर के दर्शन के लिए निकले हैं। उन्होंने यह यात्रा 17 मार्च को बालाघाट जिले से शुरू की थी। अपनी इस अनोखी श्रद्धा यात्रा के दौरान आकाश कुमरे प्रतिदिन अपनी क्षमता अनुसार 5 से 10 किलोमीटर का सफर तय करते हैं। शुक्रवार को वे अपनी यात्रा के 102वें दिन मुंदी पहुँचे।1
- नर्मदापुरम में साइबर जागरूकता अभियान 2.0 के तहत कृषि उपज मंडी परिसर में किसानों के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में एसडीओपी जितेंद्र पाठक ने किसानों को साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। एसडीओपी जितेंद्र पाठक ने किसानों को फर्जी मोबाइल एप, फिशिंग लिंक, बैंकिंग फ्रॉड, ओटीपी साझा करने और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ठगी से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। कार्यक्रम के दौरान किसानों को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी किसानों ने साइबर अपराधों के प्रति स्वयं जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ ली।4
- पिपरिया शहर में हुई तेज बारिश के कारण गिरी वार्ड नंबर 3 में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। भारी बारिश के चलते नालियों का पानी उफान पर आ गया और कई घरों में घुस गया, जिससे स्थानीय रहवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों की उचित सफाई न होने और पानी निकासी की व्यवस्था के अभाव के कारण हर बारिश में ऐसे ही हालात बनते हैं। घरों में पानी भर जाने से घरेलू सामान के खराब होने की आशंका है और लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस घटना से संबंधित एक वीडियो आज सुबह करीब 11 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वार्ड की खराब स्थिति स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। रहवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए तत्काल समाधान की मांग की है। वहीं, प्रशासन की ओर से फिलहाल मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेने की बात सामने आ रही है।1
- राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ, मध्य प्रदेश के तत्वावधान में शुक्रवार को भारत-अमेरिका संभावित ट्रेड डील के विरोध में भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन प्रदेशभर की तहसीलों में संबंधित अधिकारियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसमें नर्मदापुरम जिले की सभी तहसीलों में भी महासंघ के पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी। महासंघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि यदि भारत-अमेरिका ट्रेड डील वर्तमान स्वरूप में लागू होती है, तो इसका सबसे अधिक प्रतिकूल प्रभाव देश के किसानों पर पड़ेगा। उनका कहना है कि विदेशी कृषि उत्पादों के आयात में बढ़ोतरी से भारतीय किसानों द्वारा उत्पादित अनाज और अन्य कृषि उपज के बाजार भाव प्रभावित होंगे, जिससे किसानों की आय में कमी आएगी और वे आर्थिक संकट का सामना करने को मजबूर हो सकते हैं। ज्ञापन के माध्यम से महासंघ ने राष्ट्रपति से मांग की है कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी ऐसे व्यापारिक समझौते पर पुनर्विचार किया जाए, जिससे भारतीय कृषि और किसानों की आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका हो। यह प्रदेशव्यापी अभियान मध्य प्रदेश की सभी तहसीलों में एक साथ चलाकर सरकार का ध्यान इस महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकर्षित करने का प्रयास था। महासंघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए उनका संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।4
- कन्नौद जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बामनीखुर्द में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनी एक पुलिया लगातार बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों का आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने शुक्रवार को बताया कि किसी भी दिन यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते यह पुलिया टूट गई है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल इस पुलिया पर यातायात बंद करने और बैरिकेडिंग लगाने की मांग की है, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के जिम्मेदार अधिकारियों को पुलिया की जर्जर स्थिति के बारे में कई बार सूचित किया गया था, लेकिन उन्होंने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिया अब क्षतिग्रस्त हो चुकी है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि वहां बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड लगाकर आमजन को सावधानीपूर्वक निकलने के निर्देश दिए जाएं, जिससे किसी भी तरह के हादसे को टाला जा सके।3