सिद्धार्थनगर जिले में जहां एक ओर भीषण गर्मी और 44-45 डिग्री से अधिक तापमान ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं वन विभाग पर इस 'आपदा को अवसर' में बदलने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि विभाग भीषण गर्मी और लू के बीच भी हरे पेड़ों की कटान को नहीं रोक रहा है, जिससे 50 डिग्री तापमान तक पहुँचने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है। एक तरफ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए लाखों रुपये खर्च कर पौधरोपण करवाती है, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र में पेड़ों की कटाई जोरों पर जारी है। इसी क्रम में, नौगढ़ क्षेत्र के जोगिया थाना अन्तर्गत ग्राम पंचायत मनोहरी टोला बनरही में लगभग 10 छायादार पेड़ों की कटाई बेरोक-टोक की गई है। इस अवैध कटान के पीछे क्षेत्रीय वन कर्मियों की मिलीभगत का आरोप लगाया जा रहा है, जिनकी साँठगाँठ से हरे और प्रतिबंधित पेड़ों को लगातार काटा जा रहा है।
सिद्धार्थनगर जिले में जहां एक ओर भीषण गर्मी और 44-45 डिग्री से अधिक तापमान ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं वन विभाग पर इस 'आपदा को अवसर' में बदलने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि विभाग भीषण गर्मी और लू के बीच भी हरे पेड़ों की कटान को नहीं रोक रहा है, जिससे 50 डिग्री तापमान तक पहुँचने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है। एक तरफ सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए लाखों रुपये खर्च कर पौधरोपण करवाती है, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र में पेड़ों की कटाई जोरों पर जारी है। इसी क्रम में, नौगढ़ क्षेत्र के जोगिया थाना अन्तर्गत ग्राम पंचायत मनोहरी टोला बनरही में लगभग 10 छायादार पेड़ों की कटाई बेरोक-टोक की गई है। इस अवैध कटान के पीछे क्षेत्रीय वन कर्मियों की मिलीभगत का आरोप लगाया जा रहा है, जिनकी साँठगाँठ से हरे और प्रतिबंधित पेड़ों को लगातार काटा जा रहा है।
- संत कबीर नगर जिले के विकास खंड बेलहर कलाक्षेत्र की ग्राम पंचायत कैथवलिया में रविवार को नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर एक भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। इस यात्रा के दौरान आपसी भाईचारे और सौहार्द की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली, जब मुस्लिम समुदाय से जुड़े पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी अब्दुल जब्बार ने बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया और भीषण गर्मी के बीच बिस्लरी पानी वितरित कर उनकी प्यास बुझाई। यह कलश शोभायात्रा कैथवलिया गांव निवासी मेवालाल शर्मा के घर से शुरू होकर कैथवलिया समन्था बेलवा सेगर चौराहे, पिपरा प्रथम और राजघाट बूधानदी के विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल पर पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। इस अवसर पर अब्दुल जब्बार और मेवालाल शर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने अब्दुल जब्बार के इस सराहनीय कार्य की जमकर प्रशंसा की, यह कहते हुए कि ऐसे प्रयास समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द को मजबूत करने का संदेश देते हैं। अब्दुल जब्बार का यह योगदान मानवता की मिसाल बन गया है और पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।4
- उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के फरेंदा क्षेत्र में पेट्रोल पंपों पर तेल की भीषण किल्लत से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। इस गंभीर समस्या के बावजूद, स्थिति के लिए जिम्मेदार संबंधित पक्ष इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।1
- संतकबीरनगर पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लूट और चोरी के मामलों में शामिल तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने दिनांक 23.05.2026 को डडवा नहर पुलिया के पास से संजीव कुमार उर्फ संजू निषाद, मोहन निषाद और राहुल उर्फ मुनक्का को पकड़ा। उनके पास से कुल ₹19,450 नगद, चोरी की 4 साड़ियां, 7 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, लूटा गया एक पर्स, एक आधार कार्ड और घटना में प्रयुक्त एक पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई। पूछताछ में अभियुक्तों ने तीन प्रमुख घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पहली घटना दिनांक 15.04.2026 की रात को हुई थी, जब संजीव कुमार उर्फ संजू और राहुल उर्फ मुनक्का ने बाहिलपार गांव में एक मकान की खिड़की से घुसकर चोरी की थी। उन्होंने एक बक्सा उठाया, जिसमें से ₹2,000 नगद, 4 साड़ियाँ, सोने के दो टप्स और चांदी की एक जोड़ी पायल मिली थी। इस संबंध में थाना कोतवाली खलीलाबाद में मु0अ0सं0 283/2026 धारा 305(a), 331(4) बीएनएस के तहत एक अभियोग पंजीकृत किया गया था। दूसरी घटना दिनांक 19.05.2026 को मड़या ओवरब्रिज के पास हुई थी, जहाँ तीनों अभियुक्तों ने मिलकर अमित कुमार त्रिपाठी नामक व्यक्ति को रोककर मारपीट की और उसका मोबाइल, एटीएम, ड्राइविंग लाइसेंस और पर्स छीन लिया, जिसमें ₹8,000 नगद और आधार कार्ड भी था। उन्होंने यह रकम आपस में बाँट ली थी। इस मामले में थाना कोतवाली खलीलाबाद पर मु0अ0सं0 418/2026 धारा 309(6) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत है। तीसरी घटना दिनांक 17.05.2026 को शाम को हुई थी, जब तीनों ने थाना महुली क्षेत्र के कोदवट गांव में एक महिला पुष्पा देवी से सोने का मंगलसूत्र छीना था। इस संबंध में थाना महुली पर मु0अ0सं0 204/2026 धारा 309(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियुक्तों ने यह भी बताया कि शेष 7 एंड्रॉइड मोबाइल उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों से चोरी किए थे और उन्हें सिद्धार्थनगर तथा नेपाल बॉर्डर पर बेचने के लिए ले जा रहे थे। साक्ष्य संकलन के आधार पर उपरोक्त अभियोगों में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है, और थाना कोतवाली खलीलाबाद में मु0अ0सं0 420/2026 धारा 317(2) बीएनएस के तहत एक और अभियोग पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त संजीव कुमार उर्फ संजू निषाद का आपराधिक इतिहास भी है, जिसमें थाना बखिरा, मुण्डेरवा (बस्ती) और गीडा (गोरखपुर) में विभिन्न धाराओं के तहत चार मुकदमे दर्ज हैं। यह गिरफ्तारी प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद जयप्रकाश दूबे और एसओजी प्रभारी रजनीश राय के नेतृत्व वाली टीम ने की।2
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में, कलवारी थाना क्षेत्र के माझा खुर्द और माझा कला तीलियावा इलाके इन दिनों 'कानून के जंगलराज' का केंद्र बने हुए हैं। सरयू नदी के किनारे स्थित इन गांवों में खनन माफियाओं पर प्रशासनिक संरक्षण और दबंगई के दम पर बड़े पैमाने पर तबाही मचाने का आरोप है। स्थिति यह है कि माफिया अब केवल सरकारी पट्टे की ज़मीन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीणों की निजी खेती की ज़मीनों पर भी कब्ज़ा कर उसे खोखला कर रहे हैं। प्रशासन और खनन विभाग की संदिग्ध चुप्पी ने इस मामले को 'अंधेर नगरी, चौपट राज' जैसी स्थिति में ला दिया है। इस पूरे खेल के मुख्य भुक्तभोगी दिनेश यादव ने साक्ष्यों के साथ बताया कि खनन माफिया दिवाकर सोनकर के गुर्गों ने बिना किसी अनुमति या मुआवज़े के उनकी पुस्तैनी ज़मीन (गाटा संख्या 861 एवं 870) में जेसीबी डालकर बालू निकालना शुरू कर दिया है। दिनेश का दावा है कि पट्टा गाटा संख्या 1164/33 एवं 1164/51 के लिए स्वीकृत है, लेकिन अवैध खनन गाटा संख्या 1164/71 में किया जा रहा है। जब पीड़ितों ने इसका विरोध किया तो उन्हें धमकाया गया। थाना कलवारी में शिकायत के बाद पुलिस ने 'पैमाइश तक खुदाई बंद' रहने का आश्वासन दिया था, लेकिन यह आश्वासन महज़ खानापूर्ति साबित हुआ, और अगले ही दिन भारी मशीनों का काफिला फिर से सक्रिय हो गया। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, शाम ढलते ही प्रतिबंधित पोकलैंड मशीनों की गूंज सुनाई देने लगती है और रात भर ओवरलोडेड डंपर तथा तेज़ रफ़्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दौड़ती रहती हैं, जिससे रास्ते टूट रहे हैं और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। माझा खुर्द के ग्रामीणों ने खनन माफियाओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच एक मज़बूत 'गठजोड़' होने का आरोप लगाया है। जिला खनन अधिकारी प्रशांत यादव पर आरोप हैं कि वे शिकायतकर्ताओं को नज़रअंदाज़ करते हैं या उनके नंबर ब्लॉक कर देते हैं। इस अंधाधुंध खुदाई से सरयू नदी की कोख छलनी हो रही है, जिससे आगामी मानसून में गांव में कटान और बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ गया है, जिससे हर साल सैकड़ों एकड़ उपजाऊ कृषि योग्य ज़मीन नदी में विलीन हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि माफिया कम समय में अधिक मुनाफा कमाने की होड़ में गांव के भविष्य को ही दांव पर लगा रहे हैं। गांव के प्रधान और दर्जनों ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब ज़िले की तेज़तर्रार डीएम कृतिका ज्योत्सना के सामने यह सबसे बड़ी चुनौती है कि क्या वह इस 'खनन माफिया तंत्र' को तोड़ पाएंगी। ग्रामीणों की निगाहें उन पर टिकी हैं कि क्या गलत तरीके से जारी पट्टों को तत्काल निरस्त किया जाएगा, क्या खनन अधिकारी और माफिया के कथित 'गठजोड़' की जांच होगी, और क्या प्रशासन अपनी नाक के नीचे हो रहे इस पर्यावरणीय और राजस्व अपराध पर नकेल कस पाएगा। यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या जिला खनन विभाग 'बिक चुका है' और खनन माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है। ग्रामीणों ने 'आर-पार की लड़ाई' लड़ने का मन बना लिया है, और चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो माझा खुर्द का नक्शा बदल सकता है और आने वाली पीढ़ियां इस गांव को केवल यादों में ही देख पाएंगी।1
- उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी पर गंभीर आरोप लगे हैं। आधार लिंक होने के बावजूद कई वृद्धों को पेंशन नहीं मिल रही; पैसा रोककर ब्याज पर चलाए जाने का संदेह है। शिकायतकर्ता ने अधिकारी को तत्काल बर्खास्त या स्थानांतरित करने की मांग की है, उन पर झूठे आश्वासन देने का आरोप है।1
- उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मचारियों ने नई वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग व्यवस्था के खिलाफ तीखा विरोध जताया है। समिति का आरोप है कि इस 'तुगलकी' फैसले से पूरे प्रदेश की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है और उपभोक्ता संकट से त्रस्त हैं। कर्मचारियों ने व्यवस्था वापस न लेने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।1
- जनपद संतकबीरनगर में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में, पुलिस ने दिनांक 23 मई 2026 को बरईपार पंचायत भवन के पास से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने इनके पास से एक पिस्टल .32 बोर, दो जिंदा कारतूस .32 बोर, एक तमंचा .315 बोर, दो जिंदा कारतूस .315 बोर और घटना में प्रयुक्त एक चारपहिया वाहन भी बरामद किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान शिवम यादव पुत्र राजबहादुर यादव निवासी देवकली (थाना बखिरा, जनपद संतकबीरनगर), कमलदीप ठाकुर पुत्र पृथ्वीपाल निवासी कोटिया (बभनी, घोसियारी बाजार, थाना खेसरहाँ, जनपद सिद्धार्थनगर) और राहुल यादव पुत्र सुभाष यादव निवासी लोहरौली (पो0 भगौसे, थाना बेलहर कला, जनपद संतकबीरनगर) के रूप में हुई है। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना कोतवाली खलीलाबाद पर मु0अ0स0 419/2026 धारा 3/25 आयुध अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद जयप्रकाश दूबे के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा की गई। इस टीम में उपनिरीक्षक प्रभान्शु कुमार राय, कांस्टेबल कमलेश यादव, कांस्टेबल सूर्यप्रकाश, कांस्टेबल अतिश कुमार यादव, रिजर्व कांस्टेबल विकास पाठक और रिजर्व कांस्टेबल रिष प्रसाद तिवारी भी शामिल थे।2
- संतकबीरनगर में स्वदेशी जागरण मंच के जिला विचार वर्ग में कार्यकर्ताओं ने 'नव स्वदेशी संकल्प' लिया। इस दौरान आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था, जैविक खेती और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया गया, जिसका लक्ष्य भारत को आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत बनाना है। मंच ने आने वाले समय में कुटीर उद्योगों और हस्तशिल्प के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की घोषणा की।1
- सदन में ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने 'मोदी चोर' और 'बीजेपी चोर' जैसे नारे लगाकर विरोध जताया।1