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बड़ामलहरा नगर में क्षेत्रीय यादव समाज के द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित भव्य मटकी फोड़ एवं शोभायात्रा कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। छतरपुर। नगर के श्री बिहारी जी मंदिर प्रांगण से प्रारंभ यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख स्थानों से होते हुए श्री रामबाग आश्रम पर आरती, प्रसाद के साथ सम्पन्न हुई। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, उत्साह और सनातन संस्कृति के अनूठे रंगों से सराबोर यह आयोजन अत्यंत अलौकिक एवं स्मरणीय रहा। माखनचोर, जगद्गुरु भगवान श्रीदेव मुरलीधर जी के चरणों में नमन करते हुए समस्त क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि और आरोग्य की प्रार्थना करता हूँ।
Journalist Ganesh Raikwar
बड़ामलहरा नगर में क्षेत्रीय यादव समाज के द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित भव्य मटकी फोड़ एवं शोभायात्रा कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। छतरपुर। नगर के श्री बिहारी जी मंदिर प्रांगण से प्रारंभ यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख स्थानों से होते हुए श्री रामबाग आश्रम पर आरती, प्रसाद के साथ सम्पन्न हुई। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, उत्साह और सनातन संस्कृति के अनूठे रंगों से सराबोर यह आयोजन अत्यंत अलौकिक एवं स्मरणीय रहा। माखनचोर, जगद्गुरु भगवान श्रीदेव मुरलीधर जी के चरणों में नमन करते हुए समस्त क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि और आरोग्य की प्रार्थना करता हूँ।
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- श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार को लेकर विवाद, प्रशासन की मौजूदगी में हुआ दाह संस्कार पलेरा। तहसील क्षेत्र के टौरिया गांव के काशीपुरा में सोमवार को अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। 90 वर्षीय लाडकुंवर अहिरवार के निधन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए गांव स्थित मुक्तिधाम पहुंचे, लेकिन कुछ लोगों ने उन्हें रोक दिया। इससे परिजन काफी देर तक परेशान रहे। परिजनों और काशीपुरा के ग्रामीणों का कहना है कि उक्त स्थान पर करीब 100 वर्षों से श्मशान घाट है। वहीं, बखतपुरा गांव के कुछ लोगों ने श्मशान घाट की जमीन को लेकर आपत्ति जताई, जिसके चलते अंतिम संस्कार रोकने की स्थिति बनी। मामले की सूचना मिलते ही तहसीलदार पलक जैन और थाना प्रभारी प्रीति भार्गव मौके पर पहुंचीं। तहसीलदार ने दोनों पक्षों से चर्चा कर मामले को शांत कराया। बखतपुरा निवासी रक्कू अरजरिया सहित संबंधित लोगों से भी बातचीत कर समझाइश दी गई। प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद लाडकुंवर अहिरवार का उसी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कराया गया। तहसीलदार पलक जैन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मुक्तिधाम से जुड़ी समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए परेशानी न उठानी पड़े। श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार को लेकर विवाद, प्रशासन की मौजूदगी में हुआ दाह संस्कार पलेरा। तहसील क्षेत्र के टौरिया गांव के काशीपुरा में सोमवार को अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। 90 वर्षीय लाडकुंवर अहिरवार के निधन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए गांव स्थित मुक्तिधाम पहुंचे, लेकिन कुछ लोगों ने उन्हें रोक दिया। इससे परिजन काफी देर तक परेशान रहे। परिजनों और काशीपुरा के ग्रामीणों का कहना है कि उक्त स्थान पर करीब 100 वर्षों से श्मशान घाट है। वहीं, बखतपुरा गांव के कुछ लोगों ने श्मशान घाट की जमीन को लेकर आपत्ति जताई, जिसके चलते अंतिम संस्कार रोकने की स्थिति बनी। मामले की सूचना मिलते ही तहसीलदार पलक जैन और थाना प्रभारी प्रीति भार्गव मौके पर पहुंचीं। तहसीलदार ने दोनों पक्षों से चर्चा कर मामले को शांत कराया। बखतपुरा निवासी रक्कू अरजरिया सहित संबंधित लोगों से भी बातचीत कर समझाइश दी गई। प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद लाडकुंवर अहिरवार का उसी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कराया गया। तहसीलदार पलक जैन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मुक्तिधाम से जुड़ी समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए परेशानी न उठानी पड़े।4
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