दिगौड़ा थाने में हंगामा,पुलिस पर अभद्रता और बदसलूकी के आरोप,वीडियो वायरल! दिगौड़ा थाने में हंगामा,पुलिस पर अभद्रता और बदसलूकी के आरोप,वीडियो वायरल! टीकमगढ़: जिले के दिगौड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बम्हौरी (बराना) में जमीनी विवाद को लेकर एक मामला सामने आया है,जिसको लेकर पीड़ित पक्ष अपनी शिकायत लेकर दिगौड़ा थाना पहुंचा था,जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित पच्चू अहिरवार ने बताया कि उनके खेत पर लगे हरे भरे वृक्षों को बबलू,आशीष,बालचंद्र,ब्रजकिशोर और शिवम के द्वारा दबंगई से मशीन द्वारा काटा जा रहा है,पीड़ित ने जब उन्हें ऐसा करने से मना किया तो वह नहीं माने,जिसकी शिकायत लेकर पीड़ित दिगौड़ा थाने पहुंचा। पीड़ित पच्चू अहिरवार ने आरोप लगाया कि शिकायत लेकर जब वह अपनी पत्नी सुनीता,बेटी शिवानी और अपने लड़के विजय के साथ दिगौड़ा थाने पहुंचे तो वहां उनके परिवार के साथ पुलिसकर्मियों ने अभद्रता और बदसलूकी की इसके बाद उन्हें गालियां देते हुए सुबह से लेकर शाम तक थाने में बैठाए रखा। पीड़ित ने और बताया कि उनकी बेटी शिवानी(20) विवाहिता है और गर्भवती है। जब शिवानी ने इसका विरोध किया और वीडियो बनाया तो उसके साथ धक्का मुल्की और बद्तमीजी की गई। अब ऐसे में सवाल उठता है कि: क्या अब मोहन की पुलिस गुंडागर्दी पर उतारू हो गई है? क्या अब आम आदमी को न्याय की जगह गालियां और अभद्रता मिलेगी?
दिगौड़ा थाने में हंगामा,पुलिस पर अभद्रता और बदसलूकी के आरोप,वीडियो वायरल! दिगौड़ा थाने में हंगामा,पुलिस पर अभद्रता और बदसलूकी के आरोप,वीडियो वायरल! टीकमगढ़: जिले के दिगौड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बम्हौरी (बराना) में जमीनी विवाद को लेकर एक मामला सामने आया है,जिसको लेकर पीड़ित पक्ष अपनी शिकायत लेकर दिगौड़ा थाना पहुंचा था,जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित पच्चू अहिरवार ने बताया कि उनके खेत पर लगे हरे भरे वृक्षों को बबलू,आशीष,बालचंद्र,ब्रजकिशोर और शिवम के द्वारा दबंगई से मशीन द्वारा काटा जा रहा है,पीड़ित ने जब उन्हें ऐसा करने से मना किया तो वह नहीं माने,जिसकी शिकायत लेकर पीड़ित दिगौड़ा थाने पहुंचा। पीड़ित पच्चू अहिरवार ने आरोप लगाया कि शिकायत लेकर जब वह अपनी पत्नी सुनीता,बेटी शिवानी और अपने लड़के विजय के साथ दिगौड़ा थाने पहुंचे तो वहां उनके परिवार के साथ पुलिसकर्मियों ने अभद्रता और बदसलूकी की इसके बाद उन्हें गालियां देते हुए सुबह से लेकर शाम तक थाने में बैठाए रखा। पीड़ित ने और बताया कि उनकी बेटी शिवानी(20) विवाहिता है और गर्भवती है। जब शिवानी ने इसका विरोध किया और वीडियो बनाया तो उसके साथ धक्का मुल्की और बद्तमीजी की गई। अब ऐसे में सवाल उठता है कि: क्या अब मोहन की पुलिस गुंडागर्दी पर उतारू हो गई है? क्या अब आम आदमी को न्याय की जगह गालियां और अभद्रता मिलेगी?
- Post by Abhishek Jain1
- झांसी में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की दावों की हकीकत उस समय खुलकर सामने आई जब प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित कुमार घोष अचानक निरीक्षण के लिए जिला अस्पताल और महिला अस्पताल पहुंचे। उनके दौरे से पहले आईसीयू वार्ड में बड़े-बड़े चूहे ऑक्सीजन पाइप पर घूमते हुए नजर आए, जिसका वीडियो सामने आया है। चूहा ऑक्सीजन पाइप से होता हुआ दवा की बॉक्स पर गिरता है फिर वेंटिलेटर मशीन में जाकर छुप जाता, यह तस्वीर न केवल अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करता है।1
- *मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्णय दि0 18-01-2013 की अवमानना के सम्बन्ध में*। महोदय, अधिवक्ता भानू सहाय, अधिवक्ता रामकुमार खरे, अधिवक्ता उच्च न्यायालय अशोक सक्सेना, अधिवक्ता गौतम अस्थाना, अधिवक्ता बी. एल. भास्कर, अधिवक्ता वरुण अग्रवाल, अधिवक्ता रवि नगेले, अधिवक्ता प्रदीप झा, अधिवक्ता सचिन साहू, हनीफ खान, अनिल कश्यप, हरवंश लाल, अभिषेक तिवारी, शाहजहां बेगम, पूर्व पार्षद राजेंद्र कुमार आदि ने जिला अधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी राजस्व, नगर मजिस्ट्रेट एवं अपरनगर आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना एवं शासनादेश के उल्लंघन का नोटिस दिया गया। नोटिस में कहा गया कि कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की अग्रणी झाँसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई जी जब स्वतंत्रता की लड़ाई प्रारम्भ कर अपनी झाँसी का नाम व अपना नाम विश्व में शिखर पर पहुँचाया तथा अंग्रेज उन्हें छू भी नहीं सके और झाँसी का नाम इतिहास में शहादत के रूप में लिखा गया। ऐसी वीरांगना की याद में वीरांगना लक्ष्मीबाई पार्क जो सार्वजनिक स्थल है व उनकी एक प्रतिमा वर्षो पहले स्थापित की गई वहां लगाया जाना औचित्यपूर्ण नहीं है।जहाँ विश्व के लोग झाँसी आकर उनको नमन करते हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थान पर अन्य कोई मूर्ति स्थापित नहीं हो सकती। महारानी लक्ष्मीबाई जी की प्रतिमा का कोई भी झाँसी वासी विरोध नहीं कर सकता। हमारी भावना है कि महारानी की प्रतिमा कहीं अन्यत्र स्थान पर नियमानुसार भव्यता से लगाई जाये। *जैसा कि मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दि0 18-01-2013 में निर्णित किया है कि नगर निगम, प्राधिकरण, स्थानीय निकाय या राज्य सरकार को सार्वजनिक स्थल, कोई मूर्ति, धार्मिक स्थल या अन्य कोई भी ऐसा कृत्य नहीं किया जा सकता*। यदि कोई व्यक्ति, संस्था, स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार, केन्द्र सरकार कोई कृत्य करती है तो वह अवमानना की श्रेणी में आता है। *वीरांगना लक्ष्मीबाई सार्वजनिक पार्क व स्थल में अनाधिकृत रूप से लगाई जा रही प्रतिमा का निर्माण तत्काल प्रभाव से हमेशा के लिये रोक दें अन्यथा आप श्रीमान् जी (जिला अधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, अपर नगर आयुक्त) के विरूद्ध माननीय उच्चतम न्यायालय की अवमानना करने एवं दण्डित कराये जाने हेतु कानूनी कार्यवाही करने को बाध्य होना पड़ेगा*। भानू सहाय अध्यक्ष बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा1
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- Post by Mohammad Irshad1
- थाईलैंड में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन पुल अचानक ढहा, कई मजदूर मलबे में दबे थाईलैंड से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां निर्माण के दौरान एक पुल अचानक भरभराकर गिर गया। चंद सेकंड में लोहे और कंक्रीट का भारी ढांचा नीचे आ गिरा, जिससे कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए और पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पुल अभी अधूरा था और कमजोर सपोर्ट के चलते यह हादसा हुआ। घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शुरू किया गया। एक पल पहले सब कुछ सामान्य था… और अगले ही पल पूरा मंजर मलबे में तब्दील हो गया। अब सवाल उठता है—क्या निर्माण कार्यों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा?1
- मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने निवाड़ी जिले की ओरछा में महत्वपूर्ण घोषणा की जिन्होंने बताया कि बबीना बाईपास से ओरछा तक के सड़क मार्ग को प्रभु श्री राम के जीवन प्रसंग पर आधारित थी पर विकास किया जाएगा1
- चाय लेने होटल पहुंचे, CCTV में कैद पूरी घटना | सीपरी बाजार में मचा हड़कंप वीडियो वाइरल।1
- मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्णय दि0 18-01-2013 की अवमानना के सम्बन्ध में अधिवक्ता भानू सहाय, अधिवक्ता रामकुमार खरे, अधिवक्ता उच्च न्यायालय अशोक सक्सेना, अधिवक्ता गौतम अस्थाना, अधिवक्ता बी. एल. भास्कर, अधिवक्ता वरुण अग्रवाल, अधिवक्ता रवि नगेले, अधिवक्ता प्रदीप झा, अधिवक्ता सचिन साहू, हनीफ खान, अनिल कश्यप, हरवंश लाल, अभिषेक तिवारी, शाहजहां बेगम, पूर्व पार्षद राजेंद्र कुमार आदि ने जिला अधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी राजस्व, नगर मजिस्ट्रेट एवं अपरनगर आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना एवं शासनादेश के उल्लंघन का नोटिस दिया गया।नोटिस में कहा गया कि कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की अग्रणी झाँसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई जी जब स्वतंत्रता की लड़ाई प्रारम्भ कर अपनी झाँसी का नाम व अपना नाम विश्व में शिखर पर पहुँचाया तथा अंग्रेज उन्हें छू भी नहीं सके और झाँसी का नाम इतिहास में शहादत के रूप में लिखा गया। ऐसी वीरांगना की याद में वीरांगना लक्ष्मीबाई पार्क जो सार्वजनिक स्थल है व उनकी एक प्रतिमा वर्षो पहले स्थापित की गई वहां लगाया जाना औचित्यपूर्ण नहीं है।जहाँ विश्व के लोग झाँसी आकर उनको नमन करते हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थान पर अन्य कोई मूर्ति स्थापित नहीं हो सकती। महारानी लक्ष्मीबाई जी की प्रतिमा का कोई भी झाँसी वासी विरोध नहीं कर सकता। हमारी भावना है कि महारानी की प्रतिमा कहीं अन्यत्र स्थान पर नियमानुसार भव्यता से लगाई जाये। जैसा कि मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दि0 18-01-2013 में निर्णित किया है कि नगर निगम, प्राधिकरण, स्थानीय निकाय या राज्य सरकार को सार्वजनिक स्थल, कोई मूर्ति, धार्मिक स्थल या अन्य कोई भी ऐसा कृत्य नहीं किया जा सकता*। यदि कोई व्यक्ति, संस्था, स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार, केन्द्र सरकार कोई कृत्य करती है तो वह अवमानना की श्रेणी में आता है। वीरांगना लक्ष्मीबाई सार्वजनिक पार्क व स्थल में अनाधिकृत रूप से लगाई जा रही प्रतिमा का निर्माण तत्काल प्रभाव से हमेशा के लिये रोक दें अन्यथा आप श्रीमान् जी (जिला अधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, अपर नगर आयुक्त) के विरूद्ध माननीय उच्चतम न्यायालय की अवमानना करने एवं दण्डित कराये जाने हेतु कानूनी कार्यवाही करने को बाध्य होना पड़ेगा*।2