वैशाली के चेहराकलां प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान भवन के प्रांगण में शनिवार को 'प्रधानमंत्री - किसान उत्सव' मनाया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संध्या 3.00 बजे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की गई, जिसका सीधा प्रसारण कार्यक्रम स्थल पर दिखाया गया। यह राशि शारदीय खरीफ महाभियान 0.26 में किसानों को खरीफ फसलों की खेती करने में सहायक सिद्ध हो रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) शशि प्रकाश ने अपने संबोधन में फसल चक्र के साथ जैविक खाद से खेती करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में केवल उन्हीं किसानों को डीएपी और यूरिया मिलेगा जिनके नाम पर जमीन होगी, और इसके लिए कृषि विभाग द्वारा एक विशेष ऐप भी जारी किया गया है। इस मौके पर प्रखंड तकनीकी प्रबंधक मो शरीफ ने मिट्टी जांच के बाद ही खेती करने पर बल दिया, ताकि खेतों में आवश्यक खनिज पदार्थों की सही जानकारी मिल सके। प्रधानमंत्री - किसान सम्मान निधि योजना को उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन बजे यह राशि जारी की गई।
वैशाली के चेहराकलां प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान भवन के प्रांगण में शनिवार को 'प्रधानमंत्री - किसान उत्सव' मनाया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संध्या 3.00 बजे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की गई, जिसका सीधा प्रसारण कार्यक्रम स्थल पर दिखाया गया। यह राशि शारदीय खरीफ महाभियान 0.26 में किसानों को खरीफ फसलों की खेती करने में सहायक सिद्ध हो रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) शशि प्रकाश ने अपने संबोधन में फसल चक्र के साथ जैविक खाद से खेती करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में केवल उन्हीं किसानों को डीएपी और यूरिया मिलेगा जिनके नाम पर जमीन होगी, और इसके लिए कृषि विभाग द्वारा एक विशेष ऐप भी जारी किया गया है। इस मौके पर प्रखंड तकनीकी प्रबंधक मो शरीफ ने मिट्टी जांच के बाद ही खेती करने पर बल दिया, ताकि खेतों में आवश्यक खनिज पदार्थों की सही जानकारी मिल सके। प्रधानमंत्री - किसान सम्मान निधि योजना को उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन बजे यह राशि जारी की गई।
- वैशाली के चेहराकलां प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान भवन के प्रांगण में शनिवार को 'प्रधानमंत्री - किसान उत्सव' मनाया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संध्या 3.00 बजे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की गई, जिसका सीधा प्रसारण कार्यक्रम स्थल पर दिखाया गया। यह राशि शारदीय खरीफ महाभियान 0.26 में किसानों को खरीफ फसलों की खेती करने में सहायक सिद्ध हो रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) शशि प्रकाश ने अपने संबोधन में फसल चक्र के साथ जैविक खाद से खेती करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में केवल उन्हीं किसानों को डीएपी और यूरिया मिलेगा जिनके नाम पर जमीन होगी, और इसके लिए कृषि विभाग द्वारा एक विशेष ऐप भी जारी किया गया है। इस मौके पर प्रखंड तकनीकी प्रबंधक मो शरीफ ने मिट्टी जांच के बाद ही खेती करने पर बल दिया, ताकि खेतों में आवश्यक खनिज पदार्थों की सही जानकारी मिल सके। प्रधानमंत्री - किसान सम्मान निधि योजना को उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन बजे यह राशि जारी की गई।1
- वैशाली प्रखंड की सलेमपुर पंचायत के वार्ड संख्या-01 स्थित हुसैनपुर गांव में नल-जल योजना के लाभ से कई महीनों से वंचित ग्रामीणों ने शनिवार, 20 जून 2026 को PHED कार्यालय में तालाबंदी कर अपना विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके गांव में लंबे समय से नल का जल बंद पड़ा है, जिसके कारण उन्हें पीने के पानी के लिए गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों से कई बार शिकायतें की हैं। हालांकि, हर बार उन्हें केवल आश्वासन देकर टाल दिया गया और उनकी पेयजल समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया।1
- बिहार के वैशाली जिले में कुख्यात अपराधी सर्वेश चौधरी ने सोशल मीडिया पर पुलिस और सरकार को खुली चुनौती देते हुए 'बिकरू कांड' दोहराने की धमकी दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सर्वेश चौधरी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसका वीडियो वायरल होते ही बवाल मच गया। अपराधी की इस धमकी, जिसमें उसने 'विकास दुबे जैसा कांड' करने की बात कही है, के बाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। पूर्व में भी सर्वेश चौधरी वैशाली पुलिस पर गोली चला चुका है। उसके खिलाफ लूट, हत्या और आर्म्स एक्ट सहित दर्जनों मामले दर्ज हैं। वैशाली एसपी विक्रम सिहाग के आदेश पर बेलसर थाना पुलिस ने कुख्यात अपराधी की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है।1
- बिहार की राजनीति में इन दिनों जोरदार बवाल मचा हुआ है, जहाँ 'अनपढ़ मुख्यमंत्री हाय-हाय!' के नारे लगाए जा रहे हैं। इन नारों के ज़रिए मुख्यमंत्री को सीधे तौर पर निशाना बनाया जा रहा है, जिससे राज्य की राजनीतिक सरगर्मी और भी तेज़ हो गई है।1
- भरत तिवारी के लिए न्याय, सम्मान और उनके परिवार को पूर्ण सहयोग की मांग के साथ पूरा समाज एकजुट खड़ा है। इस बीच, आशुतोष कुमार को गाली देने और उनके प्रति नाराजगी का माहौल रहा है, हालाँकि उनके शब्दों से असहमति हो सकती है और समय व तरीका गलत हो सकता है। बिहार सरकार ने भी जनता के आक्रोश का सम्मान करते हुए कार्रवाई की है और संबंधित पदाधिकारी को निलंबित किया है। हालाँकि, इस पूरे घटनाक्रम में यह समझने की भी आवश्यकता है कि क्या आशुतोष कुमार का संदेश समाज के युवाओं को हथियार के रास्ते से दूर रखने का प्रयास नहीं था। अब समय केवल आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है, बल्कि भारत तिवारी को उचित सम्मान दिलाने और समाज को सही दिशा प्रदान करने का है। अन्याय के खिलाफ संघर्ष करना और आवाज़ उठाना नितांत आवश्यक है, लेकिन किसी भी समस्या का समाधान हथियार नहीं हो सकता। स्थायी बदलाव का मार्ग संगठन, एकता, लोकतंत्र और जनशक्ति के माध्यम से ही प्रशस्त होता है। अपनों से भले ही असहमति हो, पर उन्हें समझने का प्रयास भी करना चाहिए।1
- मुहर्रम के मद्देनज़र पातेपुर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। इसी कड़ी में, पातेपुर थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में मुहर्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। प्रशासन ने डीजे के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है, और इसके साथ ही अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों पर भी कड़ी निगरानी रखने का निर्णय लिया गया है।1
- बिहार के औराई में सड़कों की बदहाली को लेकर जनता में गहरा रोष व्याप्त है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास के वादे केवल चुनावी पोस्टरों तक ही सीमित होकर रह गए हैं, जबकि धरातल पर सड़कें आज भी कीचड़ और गंदगी से भरी हुई हैं। जनता ने सीधे तौर पर सवाल उठाया है कि चुनाव के समय तो उन्हें याद किया जाता है, लेकिन अगले पाँच साल तक उनकी समस्याओं और विकास की जिम्मेदारी कौन उठाएगा। यह स्थिति क्षेत्र में जमीनी हकीकत और किए गए वादों के बीच के बड़े अंतर को उजागर करती है।1
- मनीष कश्यप ने एक बड़ा खुलासा किया है, जिसमें उन्होंने तेजस्वी यादव पर सीधा और तीखा सवाल दागा है। कश्यप ने पूछा है कि, 'क्या तेजस्वी यादव भरत तिवारी के घर चले गए तो सैकड़ों यादवों का एनकाउंटर नहीं होगा?' यह बयान बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है, जिसे सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।1