वोट के समय हाथ-पैर जोड़ते, जीतने के बाद बेरुखी' बस्ती की महिलाओं और पुरुषों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने तीखे लहजे में कहा कि जब चुनाव आता है, तो विधायक, सांसद और प्रधान सब हाथ-पैर जोड़ने चले आते हैं। लेकिन जीतने के बाद कोई दोबारा शक्ल दिखाने नहीं आता। हैरानी की बात: जब लोगों बस्ती के लोगों ने साफ कहा कि मेजा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उनके लिए जीवनदान बना हुआ है। यदि वहां से पानी न मिले, तो प्यास के कारण लोग दम तोड़ दें। भीषण गर्मी में पहाड़ी पर चढ़कर पानी ले जाना किसी चुनौती से कम नहीं है। प्रशासन से अपील: मेजा खास की इस आदिवासी बस्ती की पुकार क्या अधिकारियों के कानों तक पहुंचेगी? क्या चुनावी वादे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेंगे या इन प्यासे कंठों को पानी नसीब होगा? वोट के समय हाथ-पैर जोड़ते, जीतने के बाद बेरुखी' बस्ती की महिलाओं और पुरुषों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने तीखे लहजे में कहा कि जब चुनाव आता है, तो विधायक, सांसद और प्रधान सब हाथ-पैर जोड़ने चले आते हैं। लेकिन जीतने के बाद कोई दोबारा शक्ल दिखाने नहीं आता। हैरानी की बात: जब लोगों बस्ती के लोगों ने साफ कहा कि मेजा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उनके लिए जीवनदान बना हुआ है। यदि वहां से पानी न मिले, तो प्यास के कारण लोग दम तोड़ दें। भीषण गर्मी में पहाड़ी पर चढ़कर पानी ले जाना किसी चुनौती से कम नहीं है। प्रशासन से अपील: मेजा खास की इस आदिवासी बस्ती की पुकार क्या अधिकारियों के कानों तक पहुंचेगी? क्या चुनावी वादे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेंगे या इन प्यासे कंठों को पानी नसीब होगा?
वोट के समय हाथ-पैर जोड़ते, जीतने के बाद बेरुखी' बस्ती की महिलाओं और पुरुषों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने तीखे लहजे में कहा कि जब चुनाव आता है, तो विधायक, सांसद और प्रधान सब हाथ-पैर जोड़ने चले आते हैं। लेकिन जीतने के बाद कोई दोबारा शक्ल दिखाने नहीं आता। हैरानी की बात: जब लोगों बस्ती के लोगों ने साफ कहा कि मेजा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उनके लिए जीवनदान बना हुआ है। यदि वहां से पानी न मिले, तो प्यास के कारण लोग दम तोड़ दें। भीषण गर्मी में पहाड़ी पर चढ़कर पानी ले जाना किसी चुनौती से कम नहीं है। प्रशासन से अपील: मेजा खास की इस आदिवासी बस्ती की पुकार क्या अधिकारियों के कानों तक पहुंचेगी? क्या चुनावी वादे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेंगे या इन प्यासे कंठों को पानी नसीब होगा? वोट के समय हाथ-पैर जोड़ते, जीतने के बाद बेरुखी' बस्ती की महिलाओं और पुरुषों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने तीखे लहजे में कहा कि जब चुनाव आता है, तो विधायक, सांसद और प्रधान सब हाथ-पैर जोड़ने चले आते हैं। लेकिन जीतने के बाद कोई दोबारा शक्ल दिखाने नहीं आता। हैरानी की बात: जब लोगों बस्ती के लोगों ने साफ कहा कि मेजा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उनके लिए जीवनदान बना हुआ है। यदि वहां से पानी न मिले, तो प्यास के कारण लोग दम तोड़ दें। भीषण गर्मी में पहाड़ी पर चढ़कर पानी ले जाना किसी चुनौती से कम नहीं है। प्रशासन से अपील: मेजा खास की इस आदिवासी बस्ती की पुकार क्या अधिकारियों के कानों तक पहुंचेगी? क्या चुनावी वादे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेंगे या इन प्यासे कंठों को पानी नसीब होगा?
- डबल इंजन की सरकार ने किया प्रयागराज से मेरठ जाने के लिए कम समय में यात्रा जनता देश के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को दी बधाई पूरी रिपोर्ट देखें1
- बाबा का अपना अलग ही मिजाज है और उनके बुलडोजर का अपना अंदाज है देवरिया- शादी समारोह में रील बनाने के लिए अलग अंदाज़ अपनाने का मामला सामने आया, जहां बहन की शादी में चार भाइयों ने “मटकोड़” रस्म के लिए बुलडोजर मंगवाया, बुलडोजर पर चढ़कर रस्म निभाई गई, यह अनोखा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग इसे रीलबाजी का नया ट्रेंड बता रहे हैं।1
- प्रयागराज जनपद के गौहानिया चौराहे के पास देसी शराब के ठेके पर सुबह 6:00 से ब्लैक में दारू बिक रहा है। नियमों की अनूढ़ेगी प्रयागराज जनपद के गौहनिया क्षेत्र से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां गौहनिया चौराहा के पास में स्थित देसी शराब के ठेके पर नियमों के खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है सरकारी नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है देसी शराब की दुकान खोलने का समय 10:00 बजे से रात 10:00 बजे तक निर्धारित है लेकिन यहां हालात कुछ और ही बयां कर रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक हर सुबह करीब 6:00 से ही शराब की बिक्री शुरू हो जाती है अभिक्रिया ब्लैक में की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रशासन की मिली भगत से चल रहा है।1
- प्रयागराज जनपद के यमुनापार क्षेत्र में स्थित गौहनिया चौराहे के पास देसी शराब के ठेके पर नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ठेके पर निर्धारित समय से पहले सुबह करीब 6 बजे से ही शराब की बिक्री शुरू हो जाती है। सरकारी नियमों के मुताबिक देसी शराब की दुकानें सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक ही संचालित की जा सकती हैं। इसके बावजूद आरोप है कि यहां तय समय से पहले और अधिक कीमत पर “ब्लैक” में शराब बेची जा रही है। सुबह के समय, जब आसपास की अधिकतर दुकानें बंद रहती हैं, उस दौरान भी ठेके पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि यह गतिविधि लंबे समय से जारी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की अवैध बिक्री से क्षेत्र का सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है। खासकर युवाओं पर इसका नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे ठेका संचालकों के हौसले बढ़े हैं। हालांकि, आबकारी इंस्पेक्टर आनंद पाठक ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही संबंधित दुकानदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए दंडित किया गया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस तरह की अवैध गतिविधियों पर स्थायी रूप से रोक लगाने के लिए आगे क्या कदम उठाता है।1
- प्रयागराज के हंडिया क्षेत्र के तिलकपुर गांव में पुरानी रंजिश में हुई मारपीट में घायल अधेड़ की इलाज के दौरान मौत हो गई।पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।घायल का इलाज स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में चल रहा था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।शुक्रवार लगभग 12 बजे मिली जानकारी1
- Post by Amar ji and sence company Harrai Karchhana prayagraj1
- वोट के समय हाथ-पैर जोड़ते, जीतने के बाद बेरुखी' बस्ती की महिलाओं और पुरुषों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने तीखे लहजे में कहा कि जब चुनाव आता है, तो विधायक, सांसद और प्रधान सब हाथ-पैर जोड़ने चले आते हैं। लेकिन जीतने के बाद कोई दोबारा शक्ल दिखाने नहीं आता। हैरानी की बात: जब लोगों बस्ती के लोगों ने साफ कहा कि मेजा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उनके लिए जीवनदान बना हुआ है। यदि वहां से पानी न मिले, तो प्यास के कारण लोग दम तोड़ दें। भीषण गर्मी में पहाड़ी पर चढ़कर पानी ले जाना किसी चुनौती से कम नहीं है। प्रशासन से अपील: मेजा खास की इस आदिवासी बस्ती की पुकार क्या अधिकारियों के कानों तक पहुंचेगी? क्या चुनावी वादे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेंगे या इन प्यासे कंठों को पानी नसीब होगा?1
- इटावा के एक गांव की महिलाओं ने शराब के ठेके पर धावा बोलकर 5 लाख की शराब मिट्टी में मिला दी कारण: घर-परिवार के लोगों का शराबी बनना और कलह बढ़ना ग्रामीणों का आरोप है कि ठेका अवैध रूप से घनी आबादी के बीच चल रहा था. जबकि ये ठेका किसी दूसरे गांव के लिए आवंटित था1
- प्रयागराज (हंडिया)।श्रीमान् पुलिस आयुक्त महोदय व अपर पुलिस आयुक्त के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में श्रीमान् पुलिस उपायुक्त गंगानगर व अपर पुलिस उपायुक्त गंगानगर के कुशल पर्यवेक्षण में व सहायक पुलिस आयुक्त हण्डिया के कुशल नेतृत्व में गंगानगर-जोन के थाना हण्डिया पर पंजीकृत मु0अ0सं0-189/26 धारा-191(2)/191(3)/115(2)/352/351(2)/109 भा0न्या0सं0 से सम्बन्धित 02 वांछित अभियुक्त 1. रामनरेश बिन्द पुत्र मुन्नीलाल 2. गुल्लू राम पुत्र रामलोलारख निवासीगण ग्राम तिलकपुर उपरदहा थाना हण्डिया कमिश्नरेट प्रयागराज को थाना हण्डिया पुलिस टीम द्वारा आज दिनांक-30.04.2026 को थाना हण्डिया क्षेत्रान्तर्गत कस्बा बरौत स्थित पिलर नं0-01के पास से गिरफ्तार कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी । उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार उपरोक्त अभियुक्तों द्वारा अपने परिजनों के साथ मिलकर दिनांक-28.04.2026 को पुरानी रंजिश को लेकर मुकदमा वादी के परिजनों के साथ गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देते हुए मार-पीट की गयी थी, जिसमें वादी मुकदमा के चाचा को गम्भीर चोटें आयी थी, जिसके सम्बन्ध में प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना हण्डिया पर मु0अ0सं0-189/2026 उपरोक्त पंजीकृत किया गया । *गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण-* 1. रामनरेश बिन्द पुत्र मुन्नीलाल निवासी ग्राम तिलकपुर उपरदहा थाना हण्डिया कमिश्नरेट प्रयागराज, उम्र करीब 52 वर्ष । 2. गुल्लू राम पुत्र रामलोलारख निवासी ग्राम तिलकपुर उपरदहा थाना हण्डिया कमिश्नरेट प्रयागराज, उम्र करीब 41 वर्ष । *सम्बन्धित अभियोग का विवरण-* मु0अ0सं0-189/26 धारा-191(2)/191(3)/115(2)/352/351(2)/109 भा0न्या0सं0 थाना हण्डिया कमिश्नरेट प्रयागराज । *गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम-* 1. प्र0नि0 अनूप सरोज, थाना हण्डिया कमिश्नरेट प्रयागराज । 2. उ0नि0 राममिलन यादव, थाना हण्डिया कमिश्नरेट प्रयागराज । 3. उ0नि0 अनूप कुमार वर्मा, थाना हण्डिया कमिश्नरेट प्रयागराज । 4. उ0नि0 रामानुज सिंह, थाना हण्डिया कमिश्नरेट प्रयागराज । 5. उ0नि0 अम्बुज कुमार, थाना हण्डिया कमिश्नरेट प्रयागराज । 6. का0 योगेश कुशवाह, थाना हण्डिया कमिश्नरेट प्रयागराज ।1