मिर्जापुर जिला कारागार में बंद एक कैदी, नन्हकू सिंह, की बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल और जेल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन और पुलिस की लापरवाही के कारण, समय पर उचित इलाज न मिलने से कैदी की जान चली गई। चिल्ह थाना क्षेत्र निवासी नन्हकू सिंह को लगभग पांच दिन पहले एसओजी टीम ने मादक पदार्थ (हेरोइन) की बिक्री के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा था। परिजनों के अनुसार, जेल में रहते हुए उसकी तबीयत बिगड़ी, लेकिन जेल प्रशासन ने समय रहते समुचित इलाज नहीं कराया। उनका दावा है कि डॉक्टर द्वारा अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दिए जाने के बावजूद जेलकर्मियों ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे उसकी हालत बिगड़ती गई और अंततः मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने जेल प्रशासन और पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि नन्हकू सिंह को समय पर उचित उपचार मिलता तो उसकी जान बच सकती थी। घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस और जेल प्रशासन फिलहाल मामले की जांच कर रहे हैं, और अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच तथा लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस कैदी की मौत के बाद जिला कारागार की स्वास्थ्य व्यवस्था और बंदियों को मिलने वाली चिकित्सीय सुविधाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
मिर्जापुर जिला कारागार में बंद एक कैदी, नन्हकू सिंह, की बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल और जेल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन और पुलिस की लापरवाही के कारण, समय पर उचित इलाज न मिलने से कैदी की जान चली गई। चिल्ह थाना क्षेत्र निवासी नन्हकू सिंह को लगभग पांच दिन पहले एसओजी टीम ने मादक पदार्थ (हेरोइन) की बिक्री के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा था। परिजनों के अनुसार, जेल में रहते हुए उसकी तबीयत बिगड़ी, लेकिन जेल प्रशासन ने समय रहते समुचित इलाज नहीं कराया। उनका दावा है कि डॉक्टर द्वारा अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दिए जाने के बावजूद जेलकर्मियों ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे उसकी हालत बिगड़ती गई और अंततः मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने जेल प्रशासन और पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि नन्हकू सिंह को समय पर उचित उपचार मिलता तो उसकी जान बच सकती थी। घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस और जेल प्रशासन फिलहाल मामले की जांच कर रहे हैं, और अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच तथा लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस कैदी की मौत के बाद जिला कारागार की स्वास्थ्य व्यवस्था और बंदियों को मिलने वाली चिकित्सीय सुविधाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
- मिर्जापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन शातिर गो-तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस पुलिस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी रोहित यादव के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पाँच गोवंश, एक पिकअप वाहन, एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ में गिरफ्तार किए गए तस्करों ने स्वीकार किया है कि वे इन गोवंश को बिहार ले जाकर बेचने की फिराक में थे। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- मिर्जापुर के मड़िहान जंगल में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ लेदुकी मठहवा जंगल से एक करीब 25 वर्षीय अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ है। शव कई दिन पुराना बताया जा रहा है और कुत्तों द्वारा नोचे जाने के कारण उसकी पहचान करना संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जंगल में लकड़ी काटने गए लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी है। यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि एक महीने के भीतर इसी जंगल से यह दूसरा शव बरामद हुआ है। इससे पहले भी इसी क्षेत्र में एक 8 वर्षीय बालिका का शव मिला था। इस घटना के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि क्या मड़िहान का जंगल अपराधियों और हत्यारों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। पुलिस अब शव की शिनाख्त और महिला की मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है।1
- मिर्ज़ापुर के विंध्याचल स्थित पक्का घाट पर शुक्रवार सुबह लगभग 9 बजे गोरखपुर के आशीष मिश्रा और अनमोल पांडेय स्नान करते समय गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। इस घटना के दौरान घाट पर SDRF टीम और तैनात पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे। डूबते हुए युवकों की चीख-पुकार सुनकर घाट पर मौजूद नाविकों ने तत्काल कार्रवाई की। चानिका निषाद उर्फ कल्लू गोताखोर, नाविक अर्जुन और एक माली ने सूझबूझ का परिचय देते हुए अपनी नाव की लग्गी से दोनों युवकों को सकुशल बाहर निकाला। नाविकों की इस तत्परता से दो परिवारों को उजड़ने से बचा लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय घाट पर मौजूद पुलिसकर्मी भी "भाई कोई बचा लो, बचा लो..." चिल्लाते दिखे, लेकिन खुद पानी में उतरकर बचाव का प्रयास नहीं किया। नाविकों की बहादुरी के कारण एक बार फिर यह साबित हुआ कि आपदा के समय स्थानीय नाविक ही सबसे पहले मदद के लिए पहुँचते हैं। इस बचाव अभियान के दौरान नाविक की नाव भी डूबते-डूबते बची। स्थानीय लोगों ने नाविकों के इस साहसिक कार्य की सराहना की है और प्रशासन से घाट पर बचाव दल की स्थायी तैनाती की मांग की है।1
- घोरावल ब्लॉक के भैसवार गांव में चकबंदी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर किसानों का गुस्सा 390वें दिन भी उबाल पर है। “जमीन बचाओ” के नारे के साथ जारी यह धरना प्रदर्शन सेमरीहवा टोला स्थित बछनार बिरबाबा देवस्थान पर चल रहा है, जो प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर सवाल उठा रहा है। किसानों का सीधा आरोप है कि चकबंदी विभाग में भारी अनियमितताएं हुई हैं, जिससे उनकी जमीनों के साथ अन्याय किया जा रहा है। इस आंदोलन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के जिलाध्यक्ष बिरजू कुशवाहा कर रहे हैं। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण एकजुट होकर अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक चकबंदी में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक गांव में चकबंदी प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। भाकियू (लोक शक्ति) के जिला अध्यक्ष सोनभद्र बिरजू कुशवाहा ने प्रशासन की निष्क्रियता पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि भैसवार गांव के किसानों को तत्काल न्याय और राहत दी जाए, क्योंकि अभी तक किसी भी प्रशासनिक या चकबंदी अधिकारी ने इस मामले का संज्ञान नहीं लिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द संज्ञान नहीं लिया और चकबंदी अनियमितताओं पर आख्या प्रस्तुत नहीं की, तो भारती किसान यूनियन लोक शक्ति बहुत जल्द पांच सूत्री मांगों को लेकर महापंचायत आयोजित करेगी, जिससे आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा, और इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। बिरजू कुशवाहा ने यह भी कहा कि समस्याओं को अनदेखा करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है और उन्होंने सरकार से अपील की कि किसानों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए और उनके हितों में ठोस निर्णय लिया जाए। धरना स्थल पर बिरजू कुशवाहा के अलावा बिहारी मौर्य, रघुराई विश्वकर्मा, मोहन कोल, गुंजन कोल, राम मूरत मौर्य, काशीनाथ, ओमप्रकाश गुप्ता, रामलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। किसानों ने ऐलान किया है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह धरना खत्म नहीं होगा।1
- #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम #धर्म #कर्म #सत्य #कटुवचन #सत्यवचन4
- मिर्ज़ापुर कलेक्ट्रेट में एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति फर्जी दरोगा बनकर अपनी पसंद का 'थाना' चुनने पहुंचा। हालांकि, जैसे ही उस व्यक्ति की नज़र वहाँ मौजूद मीडियाकर्मियों पर पड़ी, वह तत्काल मौके से नौ दो ग्यारह हो गया, यानी फरार हो गया।1
- मिर्ज़ापुर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह गढ़वा ग्राम पंचायत के सिंहवान गांव के पास जंगल में एक अज्ञात युवती का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सिरसी वन क्षेत्र के रैकरा-लेदुकी पगडंडी मार्ग के किनारे झाड़ियों में शव पाए जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और पुलिस व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई, और जांच में जुट गई। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह जंगल के रास्ते से गुजर रहे लोगों ने झाड़ियों में पड़े शव को देखा। करीब 30 वर्षीय मृतका ने काले रंग का बुर्का और नाइटी पहन रखी थी, और उसके गले में उसी के दुपट्टे का फंदा कसा हुआ था। मृतका के चेहरे पर चोट के निशान थे, जबकि नाक और कान से भी खून निकलने के संकेत मिले। शव की स्थिति को देखते हुए हत्या की आशंका जताई जा रही है। जंगली जानवरों, सियारों ने मृतका के बाएं पैर का हिस्सा नोच लिया था। ग्रामीणों ने जानवरों को भगाने के बाद पुलिस को सूचित किया। घटना के बाद क्षेत्र में दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की चर्चाएं भी शुरू हो गईं, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूचना मिलने पर सबसे पहले सोनभद्र जनपद के घोरावल थाना क्षेत्र की उब्भा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन घटनास्थल की सीमा को लेकर लगभग दो घंटे तक असमंजस की स्थिति बनी रही। बाद में जांच में यह क्षेत्र मड़िहान थाना क्षेत्र का पाया गया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए हैं। मड़िहान थानाध्यक्ष रविन्द्र भूषण मौर्य ने बताया कि अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ है, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतका की पहचान कराने और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। गौरतलब है कि 2 जून को भी मड़िहान थाना क्षेत्र के कुनबिया मार जंगल में एक अज्ञात बालिका का शव बरामद हुआ था। 15 दिन के भीतर जंगल क्षेत्र में दूसरी बार शव मिलने की इस घटना से लोगों में भय और आक्रोश है।2
- जय श्री राम के उद्घोष के साथ, मुकेश कुमार ने खुद को 'मिर्जापुर का बेटा' बताया है। उन्होंने जानकारी दी कि वे भाजपा से जुड़े हैं, और उनका संबंध ग्राम गढ़वा थाना व बाबुराव कला से है।1