मिर्ज़ापुर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह गढ़वा ग्राम पंचायत के सिंहवान गांव के पास जंगल में एक अज्ञात युवती का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सिरसी वन क्षेत्र के रैकरा-लेदुकी पगडंडी मार्ग के किनारे झाड़ियों में शव पाए जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और पुलिस व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई, और जांच में जुट गई। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह जंगल के रास्ते से गुजर रहे लोगों ने झाड़ियों में पड़े शव को देखा। करीब 30 वर्षीय मृतका ने काले रंग का बुर्का और नाइटी पहन रखी थी, और उसके गले में उसी के दुपट्टे का फंदा कसा हुआ था। मृतका के चेहरे पर चोट के निशान थे, जबकि नाक और कान से भी खून निकलने के संकेत मिले। शव की स्थिति को देखते हुए हत्या की आशंका जताई जा रही है। जंगली जानवरों, सियारों ने मृतका के बाएं पैर का हिस्सा नोच लिया था। ग्रामीणों ने जानवरों को भगाने के बाद पुलिस को सूचित किया। घटना के बाद क्षेत्र में दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की चर्चाएं भी शुरू हो गईं, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूचना मिलने पर सबसे पहले सोनभद्र जनपद के घोरावल थाना क्षेत्र की उब्भा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन घटनास्थल की सीमा को लेकर लगभग दो घंटे तक असमंजस की स्थिति बनी रही। बाद में जांच में यह क्षेत्र मड़िहान थाना क्षेत्र का पाया गया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए हैं। मड़िहान थानाध्यक्ष रविन्द्र भूषण मौर्य ने बताया कि अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ है, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतका की पहचान कराने और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। गौरतलब है कि 2 जून को भी मड़िहान थाना क्षेत्र के कुनबिया मार जंगल में एक अज्ञात बालिका का शव बरामद हुआ था। 15 दिन के भीतर जंगल क्षेत्र में दूसरी बार शव मिलने की इस घटना से लोगों में भय और आक्रोश है।
मिर्ज़ापुर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह गढ़वा ग्राम पंचायत के सिंहवान गांव के पास जंगल में एक अज्ञात युवती का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सिरसी वन क्षेत्र के रैकरा-लेदुकी पगडंडी मार्ग के किनारे झाड़ियों में शव पाए जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और पुलिस व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई, और जांच में जुट गई। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह जंगल के रास्ते से गुजर रहे लोगों ने झाड़ियों में पड़े शव को देखा। करीब 30 वर्षीय मृतका ने काले रंग का बुर्का और नाइटी पहन रखी थी, और उसके गले में उसी के दुपट्टे का फंदा कसा हुआ था। मृतका के चेहरे पर चोट के निशान थे, जबकि नाक और कान से भी खून निकलने के संकेत मिले। शव की स्थिति को देखते हुए हत्या की आशंका जताई जा रही है। जंगली जानवरों, सियारों ने मृतका के बाएं पैर का हिस्सा नोच लिया था। ग्रामीणों ने जानवरों को भगाने के बाद पुलिस को सूचित किया। घटना के बाद क्षेत्र में दुष्कर्म के बाद
हत्या किए जाने की चर्चाएं भी शुरू हो गईं, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूचना मिलने पर सबसे पहले सोनभद्र जनपद के घोरावल थाना क्षेत्र की उब्भा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन घटनास्थल की सीमा को लेकर लगभग दो घंटे तक असमंजस की स्थिति बनी रही। बाद में जांच में यह क्षेत्र मड़िहान थाना क्षेत्र का पाया गया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए हैं। मड़िहान थानाध्यक्ष रविन्द्र भूषण मौर्य ने बताया कि अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ है, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतका की पहचान कराने और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। गौरतलब है कि 2 जून को भी मड़िहान थाना क्षेत्र के कुनबिया मार जंगल में एक अज्ञात बालिका का शव बरामद हुआ था। 15 दिन के भीतर जंगल क्षेत्र में दूसरी बार शव मिलने की इस घटना से लोगों में भय और आक्रोश है।
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- विंध्याचल के गंगा घाटों पर श्रद्धालु अपनी जान जोखिम में डालकर 'रील' बनाने में लगे हुए हैं। इस खतरनाक प्रवृत्ति के चलते अब राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) भी बेबस नजर आ रहा है, क्योंकि श्रद्धालु लगातार अपनी जान की परवाह किए बिना ऐसे कृत्य कर रहे हैं।1
- मिर्जापुर में संस्कार भारती की स्थानीय इकाई और महेश्वर साधना ललित कला प्रशिक्षण केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कथक नृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला का भव्य समापन रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री माननीय श्री सोहनलाल श्रीमाली रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव, डॉ. गणेश प्रसाद अवस्थी, श्री दिनेश्वर पति त्रिपाठी त्रिपाठी, वेदमूर्ति आचार्य अगस्त्य द्विवेदी और प्लेवे स्कूल के निदेशक श्री रचित जी शामिल थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और संस्कार भारती गीत के साथ हुआ, जिसके बाद संस्कार भारती के पदाधिकारियों ने पुष्प एवं अंगवस्त्र भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। कार्यशाला के प्रशिक्षक मनीष शर्मा ने 15 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों द्वारा सीखे गए कला-कौशल का सुंदर प्रदर्शन कराया। बच्चों ने टुकड़ा, तिहाई, चक्कर, परन और छोटे ख़याल की बंदिशों पर आकर्षक कथक नृत्य प्रस्तुत कर अपनी साधना और प्रतिभा का परिचय दिया। अंत में, प्रशिक्षक मनीष शर्मा ने भी अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति देकर उपस्थित दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की। इस सफल आयोजन के दौरान, संस्कार भारती, मिर्जापुर इकाई ने कार्यशाला के संचालन में विशेष योगदान देने वाले संयोजकों श्री सोमेश्वर पति त्रिपाठी और श्रीमती शालू वर्मा को सम्मानित किया, जिन्होंने 15 दिनों तक मनोयोग, समर्पण और अनुशासन के साथ कार्यशाला को सफल बनाया। इसके अतिरिक्त, आर्थिक सहयोग प्रदान करने वाली श्रीमती कुसुम मालवीय और पंडित शिवांग त्रिपाठी को भी सम्मानित किया गया। सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम में शिवलाल गुप्ता, राकेश वर्मा, संजय श्रीवास्तव, शिवबली सिंह, रामलाल साहनी, बसंत गुप्ता, पंडित ओमप्रकाश मिश्रा, राममिलन जी, राम धनी पाल, सुरेश मौर्या, प्रमोद मिश्रा, अनिल जी, केदार नाथ सविता, लल्लू तिवारी, राम नारायण यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक और प्रशिक्षणार्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में, संस्कार भारती, मिर्जापुर के जिला महामंत्री शिवराम शर्मा ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, सहयोगियों, अभिभावकों और कला-प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भारतीय शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण और संवर्धन में समाज के सामूहिक सहयोग पर जोर दिया।2
- तुरंतपुर में पति-पत्नी ने एक साथ फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। इस घटना में पत्नी की मृत्यु हो गई, जबकि पति को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।1
- भदोही जनपद के जंगीगंज क्षेत्र अंतर्गत कलनुआ गांव में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट बदली। दोपहर बाद तेज हवा और आंधी के झोंकों के साथ आसमान में बादल छा गए, जिससे भीषण गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिली। हालांकि, इन तेज हवाओं के कारण राहगीरों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। क्षेत्र के लोगों के अनुसार, मौसम में अचानक बदलाव के कारण धूल भरी हवाएं चलीं और वातावरण में ठंडक महसूस की गई। मौसम विभाग ने भी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आंधी और तेज हवाओं की संभावना जताई है।1
- मिर्जापुर जिला कारागार में बंद एक कैदी, नन्हकू सिंह, की बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल और जेल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन और पुलिस की लापरवाही के कारण, समय पर उचित इलाज न मिलने से कैदी की जान चली गई। चिल्ह थाना क्षेत्र निवासी नन्हकू सिंह को लगभग पांच दिन पहले एसओजी टीम ने मादक पदार्थ (हेरोइन) की बिक्री के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा था। परिजनों के अनुसार, जेल में रहते हुए उसकी तबीयत बिगड़ी, लेकिन जेल प्रशासन ने समय रहते समुचित इलाज नहीं कराया। उनका दावा है कि डॉक्टर द्वारा अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दिए जाने के बावजूद जेलकर्मियों ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिससे उसकी हालत बिगड़ती गई और अंततः मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने जेल प्रशासन और पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि नन्हकू सिंह को समय पर उचित उपचार मिलता तो उसकी जान बच सकती थी। घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस और जेल प्रशासन फिलहाल मामले की जांच कर रहे हैं, और अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच तथा लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस कैदी की मौत के बाद जिला कारागार की स्वास्थ्य व्यवस्था और बंदियों को मिलने वाली चिकित्सीय सुविधाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।1
- आगामी मोहर्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से मिर्ज़ापुर के पुलिस लाइन स्थित विन्ध्यवासिनी सभागार में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी (DM) पवन कुमार गंगवार और पुलिस अधीक्षक (SP) अपर्णा रजत कौशिक ने संयुक्त रूप से की। बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना किसी पूर्व अनुमति के कोई भी नई परंपरा शुरू नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पुलिस प्रशासन सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट्स पर पैनी नज़र रखेगा ताकि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की शांति भंग न हो। इस बैठक का मुख्य संदेश यह था कि त्योहारों में बाधा डालने वालों की अब खैर नहीं होगी।1
- पोस्ट 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ शुरू होती है, जिसमें खुद को "मिर्ज़ापुर का बेटा" और "सबका छोटा भाई" बताते हुए लोगों से एक वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने का आग्रह किया गया है। इसमें कहा गया है कि लोग इस वीडियो को दूर-दूर तक पहुँचाएँ क्योंकि "आपका भाई मेहनत कर रहा है"।1