मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के अनुसार, किसानों को खाद-बीज की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी, जमाखोरी व अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बिलासपुर जिले में लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और कृषि आदानों की उपलब्धता में बाधा उत्पन्न करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में, कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर और उप संचालक कृषि पी.डी. हथेश्वर के मार्गदर्शन में, कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम द्वारा जिलेभर में सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 91 से अधिक निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। इसी अभियान के दौरान, ग्राम सेंदरी में उर्वरक के अवैध भंडारण की सूचना मिलने पर कृषि विभाग ने तत्काल छापा मारा। विकासखंड बिल्हा के ग्राम सेंदरी में कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने मेसर्स बंसल फर्टिलाइजर के सेंदरी और लोफंदी स्थित प्रतिष्ठानों तथा गोदामों का निरीक्षण किया। जांच में 368 बोरी उर्वरक ऐसे स्थान पर भंडारित पाया गया, जो संस्था के लाइसेंस में दर्ज अधिकृत गोदामों में शामिल नहीं था। संस्था द्वारा बिना वैधानिक अनुमति के अतिरिक्त किराये के स्थल पर उर्वरक का भंडारण किया जा रहा था। अधिकारियों द्वारा मौके पर दस्तावेजों और लाइसेंस संबंधी अभिलेखों की जांच की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधित उर्वरक को अवैध भंडारण मानते हुए जब्त कर सीलबंद कर दिया गया। जब्त उर्वरक को संबंधित संस्था की अभिरक्षा में सुपुर्द किया गया है। प्रारंभिक जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा-7 के उल्लंघन का मामला पाए जाने पर उर्वरक निरीक्षक एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री आर.एस. गौतम द्वारा संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई में सहायक संचालक कृषि श्री शशांक शिंदे, उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम, कृषि विकास अधिकारी श्री डी.पी. दिवाकर, शाखा प्रभारी श्री उमेश कश्यप और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और खरीदारी के समय अनिवार्य रूप से पक्की रसीद प्राप्त करें। साथ ही, खाद की बोरी पर निर्माण तिथि, बैच नंबर, कंपनी का नाम एवं गुणवत्ता संबंधी विवरण अवश्य जांचें। विभाग ने किसानों को खुले या बिना पैकेजिंग वाले उर्वरक खरीदने से बचने तथा किसी भी संदिग्ध खाद, बीज या कीटनाशक की सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को देने की सलाह भी दी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशों के अनुसार, किसानों को खाद-बीज की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी, जमाखोरी व अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बिलासपुर जिले में लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और कृषि आदानों की उपलब्धता में बाधा उत्पन्न करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में, कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर और उप संचालक कृषि पी.डी. हथेश्वर के मार्गदर्शन में, कृषि विभाग की उड़नदस्ता टीम द्वारा जिलेभर में सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 91 से अधिक निजी एवं सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। इसी अभियान के दौरान, ग्राम सेंदरी में उर्वरक के अवैध भंडारण की सूचना मिलने पर कृषि
विभाग ने तत्काल छापा मारा। विकासखंड बिल्हा के ग्राम सेंदरी में कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने मेसर्स बंसल फर्टिलाइजर के सेंदरी और लोफंदी स्थित प्रतिष्ठानों तथा गोदामों का निरीक्षण किया। जांच में 368 बोरी उर्वरक ऐसे स्थान पर भंडारित पाया गया, जो संस्था के लाइसेंस में दर्ज अधिकृत गोदामों में शामिल नहीं था। संस्था द्वारा बिना वैधानिक अनुमति के अतिरिक्त किराये के स्थल पर उर्वरक का भंडारण किया जा रहा था। अधिकारियों द्वारा मौके पर दस्तावेजों और लाइसेंस संबंधी अभिलेखों की जांच की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधित उर्वरक को अवैध भंडारण मानते हुए जब्त कर सीलबंद कर दिया गया। जब्त उर्वरक को संबंधित संस्था की अभिरक्षा में सुपुर्द किया गया है। प्रारंभिक जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा-7 के उल्लंघन का मामला पाए जाने पर उर्वरक निरीक्षक एवं
प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री आर.एस. गौतम द्वारा संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई में सहायक संचालक कृषि श्री शशांक शिंदे, उर्वरक निरीक्षक श्री आर.एस. गौतम, कृषि विकास अधिकारी श्री डी.पी. दिवाकर, शाखा प्रभारी श्री उमेश कश्यप और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और खरीदारी के समय अनिवार्य रूप से पक्की रसीद प्राप्त करें। साथ ही, खाद की बोरी पर निर्माण तिथि, बैच नंबर, कंपनी का नाम एवं गुणवत्ता संबंधी विवरण अवश्य जांचें। विभाग ने किसानों को खुले या बिना पैकेजिंग वाले उर्वरक खरीदने से बचने तथा किसी भी संदिग्ध खाद, बीज या कीटनाशक की सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को देने की सलाह भी दी है।
- कोरबा जिले के कटबितला और बरीडीह गांवों में सीमांकन प्रक्रिया के दौरान ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना की सूचना मिलने पर, संबंधित उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) तत्काल मौके पर पहुंचीं।1
- आदिवासी किसान टमाटर की खेती कर हजारों रुपए की कमाई कर रहे हैं। इस पहल से उन्हें आर्थिक रूप से लाभ मिल रहा है।1
- जांजगीर-चांपा जिले में कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशानुसार, कृषि विभाग ने खाद दुकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। उप संचालक कृषि श्री राकेश शर्मा के नेतृत्व में उर्वरक निरीक्षकों की टीम ने शनिवार को निजी कृषि केंद्रों का औचक निरीक्षण करते हुए कुल 2638 बोरी रासायनिक खाद जब्त की। इस अभियान के तहत, जिले के थोक विक्रेता मेसर्स दिशा सेल्स चांपा में रासायनिक उर्वरकों के भंडारण और वितरण में अनियमितता पाई गई। जिसके बाद उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत 1150 बोरी एनपीके 16:20:00:13 (एचयूआरएल), 428 बोरी एसएसपी (दानेदार), 630 बोरी एसएसपी (पावडर) और 98 बोरी जिंकेटेड एसएसपी उर्वरक पर विक्रय प्रतिबंध लगाते हुए उन्हें जब्त कर लिया गया। इसके अतिरिक्त, विकासखंड बलौदा के ग्राम पिसौद स्थित राजकुमार साहू कृषि केंद्र पर भी छापेमारी की गई। यहां 98 बोरी यूरिया, 94 बोरी जिंकेटेड एसएसपी, 70 बोरी ट्रिपल सुपर फास्फेट और 70 बोरी एनपीके 16:20:00:13 (एचयूआरएल) का अवैध भंडारण मिला। इन सभी उर्वरकों को जब्त करते हुए विक्रय प्रतिष्ठान को सीलबंद कर दिया गया है। उप संचालक कृषि श्री राकेश शर्मा ने जानकारी दी कि कृषि विभाग किसानों को खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, कालाबाजारी रोकने और उर्वरकों के वितरण में अनियमितता पर अंकुश लगाने के लिए जिले के सभी सहकारी और निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का लगातार निरीक्षण कर रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है, जहाँ कुछ क्षेत्रों में बारिश देखने को मिली तो वहीं अन्य हिस्सों में धूप निकली। सुबह के समय बारिश होने के बाद दोपहर में धूप निकल आई, जिसके कारण उमस भरी गर्मी से लोग काफी परेशान हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के भीतर एक बार फिर बारिश होने की संभावना जताई है।1
- झारखंड में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम रावणेश्वर मंदिर से आज के लाइव दर्शन उपलब्ध कराए गए हैं।1
- सक्ति जिले के डभरा ब्लॉक के उच्चपिंडा में स्थित आरकेएम पावरजेन प्लांट की दबंगई सामने आई है, जहाँ कंपनी पर आरोप है कि वह रात के अंधेरे में चोरी-छुपे शासकीय/निजी तालाबों में मिट्टी डालकर उन्हें पाट रही है। यह कवायद प्लांट द्वारा कोयला परिवहन के लिए रेलवे ट्रैक बनाने हेतु की जा रही है। निमोही ग्राम में लोहार तालाब को आधे से ज्यादा मिट्टी से पाट दिया गया है, और प्लांट के ठेकेदारों ने पंप लगाकर तालाब का पानी भी निकाल लिया है। यह तालाब, जिससे गाय-बैल पानी पीते थे और स्थानीय लोगों के निस्तारी का काम होता था, भीषण गर्मी के बावजूद कभी नहीं सूखता था। इस कृत्य से लोग और मवेशी पानी की कमी से जूझ रहे हैं। जहाँ मिशल के अनुसार यह जमीन निजी बताई जा रही है, वहीं वर्तमान रिकॉर्ड में इसे तालाब के रूप में अंकित किया गया है। आरकेएम पावरजेन उच्चपिंडा पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियाँ उड़ाने और कानून का कोई डर न होने का भी आरोप लगाया गया है। एक किसान ने इस मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से की है। सक्ति जिला कलेक्टर ने इस पूरे मामले का संज्ञान लिया है और इसकी गहन जांच कर उचित कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं।1
- सक्ति नगर से जुड़े ग्राम पंचायत हरेठी में पिछले तीन दिनों से बिजली गुल है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। बिजली विभाग को बार-बार सूचित करने के बावजूद विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लाइन सुधारने नहीं पहुंचे, जिसके चलते आज सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राज्य मार्ग 49 पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने भाजपा शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बताया कि उनके घरों में पीने के लिए पानी की भी किल्लत हो गई है, लेकिन बिजली विभाग उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रहा है। ग्रामीणों ने यह साफ कर दिया है कि जब तक गांव में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होती, तब तक उनका यह चक्का जाम प्रदर्शन जारी रहेगा। सरपंच प्रतिनिधि सोमेंद्र सिंह ठाकुर ने भी इस मामले पर अपनी बात रखी।1