Shuru
Apke Nagar Ki App…
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, बागेश्वर धाम के संत धीरेंद्र शास्त्री की बद्रीनाथ धाम पर की गई तपस्या और साधना पूर्ण हो गई है। बागेश्वर धाम के ही संत परमेश्वर महाराज ने यह जानकारी देते हुए धीरेंद्र शास्त्री की साधना पूर्ण होने पर खुशी व्यक्त की है। संत परमेश्वर महाराज ने बताया कि इसी पावन भूमि पर उन्हें भगवान सत्यनारायण की कथा सुनने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ। इस दौरान उन्होंने पूज्य गुरुदेव बाल योगी बालक दास योगेश्वर महाराज से भी भेंट वार्ता की।
Dharmendra Soni
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, बागेश्वर धाम के संत धीरेंद्र शास्त्री की बद्रीनाथ धाम पर की गई तपस्या और साधना पूर्ण हो गई है। बागेश्वर धाम के ही संत परमेश्वर महाराज ने यह जानकारी देते हुए धीरेंद्र शास्त्री की साधना पूर्ण होने पर खुशी व्यक्त की है। संत परमेश्वर महाराज ने बताया कि इसी पावन भूमि पर उन्हें भगवान सत्यनारायण की कथा सुनने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ। इस दौरान उन्होंने पूज्य गुरुदेव बाल योगी बालक दास योगेश्वर महाराज से भी भेंट वार्ता की।
- Pandit Repotarगनोड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थानजय हिन्द Jai Shri Ram4 hrs ago
- Prakash Pargiअबापुरा, बांसवाड़ा, राजस्थान👏2 hrs ago
More news from राजस्थान and nearby areas
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ में महश्री वाल्मीकि के राम धाम पर राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ की एक बैठक आयोजित की गई, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस संतों और भक्तों की बैठक के दौरान सक्रिय सदस्यों के लिए आवेदन फार्म भरे गए और नरसिंह गीरी ने संगठन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इस अवसर पर थावरचंद, धनसिंग, धिरा भगत, हिमचंद, केहरा, भुरजी भाई नागरसिंह भाई, बदरु, शांति लाल, दिनेश देवचंद्र, और विजय संतोष महाराज सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- कुशलगढ़ में पवित्र अधिक मास के शुभ अवसर पर सोमवार को नीलकंठ महिला मंडल ने पुरुषोत्तम मास महात्म्य एवं श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ किया। नीलकंठ महादेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ इस दस दिवसीय धार्मिक आयोजन की शुरुआत हुई। पंडित विपिन भट्ट के आचार्यत्व में यजमान हरेंद्र पाठक और अंबिका पाठक ने व्यासपीठ पर विराजमान पंडित डॉ. महेंद्र त्रिवेदी के सानिध्य में पूजन संपन्न कराया। शाम को नीलकंठ महादेव मंदिर से भव्य पोथी शोभायात्रा निकाली गई, जिसका नगर के विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया। कथा के यजमान कमलेश टेलर और उनकी पत्नी पवित्र पोथी को सिर पर धारण कर यात्रा का नेतृत्व कर रहे थे। बैंड-बाजों और भक्तिमय वातावरण के बीच यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंची। इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही, जिससे पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। शोभायात्रा के सफलतापूर्वक समापन के बाद, शाम 7 बजे व्यासपीठ से पंडित डॉ. महेंद्र त्रिवेदी ने पुरुषोत्तम मास की भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ किया। इस 10 दिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन के दौरान प्रतिदिन कथा, भजन-कीर्तन और प्रसादी का आयोजन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु धर्मलाभ ले सकेंगे।1
- बाँसवाड़ा जिले के वदलीपाड़ा मानजी माली क्षेत्र में लोग गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं, क्योंकि 'अलेन्ती' की पानी की टंकी बनने के बाद से आज तक उसमें पानी नहीं पहुँचा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, एक-दो दिन बाद टैंकर आने के बावजूद भी क्षेत्र में स्थिति खराब बनी हुई है और उन्हें तत्काल पेयजल की आवश्यकता है।4
- झाबुआ जिले के कुम्भाखेड़ी गांव में बिजली का एक खंभा गिरने जैसी स्थिति में है। इस स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।1
- Post by Bapulal Ahari4
- रतलाम जिले के गांव कांडरवासा में श्रीराम मारुति से संबंधित एक यज्ञ की पूर्णा आरती संपन्न हो गई है। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान एक भव्य शोभायात्रा और एक भव्य कलश यात्रा भी निकाली गई। यह पूरा आयोजन पंडित दीपक शर्मा के सानिध्य में समस्त गांव वासियों की भागीदारी से संपन्न हुआ।1
- राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की ग्राम पंचायत सालमगढ में सकल जैन समाज द्वारा नाकोड़ा भैरव की भक्ति का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष भक्ति कार्यक्रम में सभी भक्तों ने बड़े उत्साह और भक्तिभाव के साथ भाग लिया, और पूरी श्रद्धा के साथ भक्ति का भरपूर आनंद उठाया।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, बागेश्वर धाम के संत धीरेंद्र शास्त्री की बद्रीनाथ धाम पर की गई तपस्या और साधना पूर्ण हो गई है। बागेश्वर धाम के ही संत परमेश्वर महाराज ने यह जानकारी देते हुए धीरेंद्र शास्त्री की साधना पूर्ण होने पर खुशी व्यक्त की है। संत परमेश्वर महाराज ने बताया कि इसी पावन भूमि पर उन्हें भगवान सत्यनारायण की कथा सुनने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ। इस दौरान उन्होंने पूज्य गुरुदेव बाल योगी बालक दास योगेश्वर महाराज से भी भेंट वार्ता की।2