पोरसा थाना प्रभारी निरी0 दिनेश सिंह कुशवाह ने जानकारी दी है कि मध्य प्रदेश पुलिस 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक 15 दिवसीय "सेफ क्लिक 2.0" अभियान चलाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के साथ साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें साझा करना है। इस अभियान के तहत, लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपना OTP, पासवर्ड, CVV या बैंक संबंधी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर बिना सत्यापन के विश्वास न करने की हिदायत दी गई है, खासकर यदि सोशल मीडिया पर कोई परिचित बनकर पैसों की मांग करता है, तो तुरंत भरोसा करने से पहले उसकी जांच अवश्य करें। इसके अतिरिक्त, आकर्षक और लुभावने ऑफर्स, इनाम या निवेश योजनाओं के झांसे में आने से बचने को कहा गया है। नागरिकों को WhatsApp या अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली संदिग्ध APK फाइल्स या अनजान ऐप्स को इंस्टॉल न करने की भी चेतावनी दी गई है, और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करने का निर्देश दिया गया है। यदि किसी व्यक्ति के साथ किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करने या निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करने की सलाह दी गई है। थाना प्रभारी ने सभी से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील करते हुए अपनी बात समाप्त की।
पोरसा थाना प्रभारी निरी0 दिनेश सिंह कुशवाह ने जानकारी दी है कि मध्य प्रदेश पुलिस 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक 15 दिवसीय "सेफ क्लिक 2.0" अभियान चलाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के साथ साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें साझा करना है। इस अभियान के तहत, लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपना OTP, पासवर्ड, CVV या बैंक संबंधी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर बिना सत्यापन के विश्वास न करने की हिदायत दी गई है, खासकर यदि सोशल मीडिया पर कोई परिचित बनकर पैसों की मांग करता है, तो तुरंत भरोसा करने से पहले उसकी जांच अवश्य करें। इसके अतिरिक्त, आकर्षक और लुभावने ऑफर्स, इनाम या निवेश योजनाओं के झांसे में आने से बचने को कहा गया है। नागरिकों को WhatsApp या अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली संदिग्ध APK फाइल्स या अनजान ऐप्स को इंस्टॉल न करने की भी चेतावनी दी गई है, और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करने का निर्देश दिया गया है। यदि किसी व्यक्ति के साथ किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करने या निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करने की सलाह दी गई है। थाना प्रभारी ने सभी से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील करते हुए अपनी बात समाप्त की।
- मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा आगामी 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक 15 दिवसीय "सेफ क्लिक 2.0" अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत साइबर सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए, पोरसा थाना प्रभारी निरी0 दिनेश सिंह कुशवाह ने नागरिकों को सूचित किया है कि वे अपना ओटीपी (OTP), पासवर्ड, सीवीवी (CVV) या बैंक संबंधी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने विशेष रूप से सलाह दी है कि ऑनलाइन माध्यमों पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। यदि सोशल मीडिया पर कोई व्यक्ति आपका परिचित बनकर पैसों की मांग करता है, तो तुरंत भरोसा करने के बजाय उसकी जांच अवश्य करें। थाना प्रभारी ने आकर्षक और लुभावने ऑफर्स, इनाम या निवेश योजनाओं के झांसे में आने से बचने की भी अपील की। इसके अतिरिक्त, वॉट्सऐप (WhatsApp) या अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली संदिग्ध एपीके (APK) फाइल्स या अनजान ऐप्स को इंस्टॉल न करने और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचने की बात कही गई है। पुलिस ने यह भी बताया है कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें अथवा निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करें। अभियान का मुख्य संदेश 'सतर्क रहें, सुरक्षित रहें' है।1
- पोरसा थाना प्रभारी निरी0 दिनेश सिंह कुशवाह ने जानकारी दी है कि मध्य प्रदेश पुलिस 24 जून 2026 से 08 जुलाई 2026 तक 15 दिवसीय "सेफ क्लिक 2.0" अभियान चलाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के साथ साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें साझा करना है। इस अभियान के तहत, लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपना OTP, पासवर्ड, CVV या बैंक संबंधी कोई भी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर बिना सत्यापन के विश्वास न करने की हिदायत दी गई है, खासकर यदि सोशल मीडिया पर कोई परिचित बनकर पैसों की मांग करता है, तो तुरंत भरोसा करने से पहले उसकी जांच अवश्य करें। इसके अतिरिक्त, आकर्षक और लुभावने ऑफर्स, इनाम या निवेश योजनाओं के झांसे में आने से बचने को कहा गया है। नागरिकों को WhatsApp या अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली संदिग्ध APK फाइल्स या अनजान ऐप्स को इंस्टॉल न करने की भी चेतावनी दी गई है, और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करने का निर्देश दिया गया है। यदि किसी व्यक्ति के साथ किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करने या निकटतम पुलिस थाने से संपर्क करने की सलाह दी गई है। थाना प्रभारी ने सभी से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील करते हुए अपनी बात समाप्त की।1
- अम्बाह नगर में ताजिया का पर्व बड़े हर्ष, उल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। 25 जून की रात को नगर के अलग-अलग क्षेत्रों से ताजिए निकाले गए, जिनका श्रद्धालुओं और नगरवासियों ने जगह-जगह गर्मजोशी से स्वागत किया। ताजिया जुलूस के दौरान, विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने श्रद्धालुओं के लिए दूध, रूहअफजा शरबत, खिचड़ा, दाल और पाव भाजी का वितरण किया। नगर के प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में लोगों ने इस जुलूस में बढ़-चढ़कर भाग लिया और ताजियों के दर्शन किए। पूरे नगर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। जुलूस के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस बल भी पूरी तरह मुस्तैद रहे। इस ताजिया पर्व ने एक बार फिर अम्बाह नगर की गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश की। नगरवासियों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और इसे हर्षोल्लास के साथ संपन्न किया।1
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में गेहूँ खरीदी से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस मामले में लगभग एक करोड़ रुपये का घोटाला होने की बात कही जा रही है।1
- अंबाह प्रखंड की समीपवर्ती ग्राम पंचायत थरा, जो पूर्व केंद्रीय मंत्री व वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के दिमनी विधानसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है, उसे एक आदर्श और निर्मल ग्राम पंचायत बनाने की दिशा में वर्तमान सरपंच भानु प्रताप सिंह तोमर जलौनी द्वारा सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के तहत, ग्राम पंचायत सचिवालय का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जहाँ ब्लॉक बिछाने का कार्य जारी है। यह पहल विशेष रूप से सराहनीय मानी जा रही है क्योंकि पिछले कई कार्यकालों में अनेक सरपंचों के बदलने के बावजूद, सचिवालय की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया था, और वह उपेक्षित अवस्था में था। वर्तमान सरपंच की इस पहल को स्थानीय लोगों के बीच एक अत्यंत सराहनीय कार्य के रूप में देखा जा रहा है, जो थरा को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।1
- आज माता बसैया में साइबर सुरक्षा को लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बैंक कर्मियों और ग्राहकों के साथ एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उन्हें ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने और विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई, साथ ही सभी को सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरूक किया गया। इसके उपरांत, माता बसैया थाना प्रभारी श्री विवेक सिंह तोमर द्वारा चलाए जा रहे "सेफ क्लिक अभियान 2.0" के तहत पीए श्री केवी स्कूल, जींगनी, अंबाह-मुरैना रोड में छात्र-छात्राओं से भी संवाद किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा विषय पर एक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। साथ ही, विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई, और उन्हें इंटरनेट व सोशल मीडिया का सुरक्षित तथा जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले में गोहद चौराहे पर Eno निवासी कोमल जाटव के परिजनों ने उनका शव रखकर रास्ता जाम कर दिया। कोमल जाटव की आज ही मृत्यु हुई है, जिसके बाद उनके परिवारजनों ने यह प्रदर्शन किया। दरअसल, कोमल जाटव सोनी रेलवे स्टेशन पर एक फाइनेंसर द्वारा लात मारे जाने से घायल हो गए थे। इसी चोट के कारण आज उनकी मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने इस घटना के विरोध में डेड बॉडी को चौराहे पर रखकर चक्का जाम किया।2
- मुरैना जिले के पोरसा में, पुलिस ने साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक 15 दिवसीय विशेष अभियान "SAFE CLICK 2.0" शुरू किया है। इस पहल के तहत, साइबर विशेषज्ञ और महुआ थाना प्रभारी उपेंद्र पाराशर आमजन को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के महत्वपूर्ण तरीके बता रहे हैं। अभियान के दौरान, पाराशर ने नागरिकों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक विवरण या पासवर्ड साझा न करने, और सोशल मीडिया तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने लोगों को फर्जी कॉल, लॉटरी और नौकरी के झांसे में न आने के लिए भी चेतावनी दी। साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने का महत्व भी बताया गया। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे इस जानकारी को अपने परिवार, मित्रों और परिचितों तक अवश्य पहुंचाएं ताकि सभी सुरक्षित रह सकें और साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों से बच सकें।1