बालाघाट जिले में कबीर पंथ के पूज्य संत उदित मुनि नाम साहेब जी का प्रकट दिवस भव्य रैली और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जिले भर से बड़ी संख्या में कबीर पंथी समाज के अनुयायी शामिल हुए, जिनके साथ जिले के विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भी इस रैली और कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता निभाई। प्रकट दिवस के कार्यक्रम के दौरान संत वाणी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक चौका आरती का आयोजन किया और प्रसाद वितरण भी किया गया, जिससे पूरे आयोजन स्थल पर एक भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। समाजजनों ने एकजुट होकर संत कबीर के बताए गए आदर्शों और मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, कबीर पंथी समाज के प्रतिनिधियों ने जनप्रतिनिधियों के समक्ष बालाघाट जिले में "सतगुरु कबीर आश्रम" की स्थापना की अपनी प्रमुख मांग रखी। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और विधायकों ने इस मांग पर सकारात्मक आश्वासन दिया कि इस दिशा में जल्द ही एक रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में प्रकट दिवस को और भी अधिक भव्यता के साथ मनाया जाएगा, तथा जिले के प्रत्येक विकासखंड में कबीर आश्रम स्थापित करने के लिए वे पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। कबीर समिति बालाघाट के अध्यक्ष और समस्त समाजजनों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने एक बार फिर संत कबीर की वाणी और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के अपने संकल्प को दोहराया।
बालाघाट जिले में कबीर पंथ के पूज्य संत उदित मुनि नाम साहेब जी का प्रकट दिवस भव्य रैली और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जिले भर से बड़ी संख्या में कबीर पंथी समाज के अनुयायी शामिल हुए, जिनके साथ जिले के विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भी इस रैली और कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता निभाई। प्रकट दिवस के कार्यक्रम के दौरान संत वाणी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक चौका आरती का आयोजन किया और प्रसाद
वितरण भी किया गया, जिससे पूरे आयोजन स्थल पर एक भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। समाजजनों ने एकजुट होकर संत कबीर के बताए गए आदर्शों और मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, कबीर पंथी समाज के प्रतिनिधियों ने जनप्रतिनिधियों के समक्ष बालाघाट जिले में "सतगुरु कबीर आश्रम" की स्थापना की अपनी प्रमुख मांग रखी। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और विधायकों ने इस मांग पर सकारात्मक आश्वासन दिया कि इस दिशा में जल्द ही एक रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने यह
भी कहा कि आने वाले वर्षों में प्रकट दिवस को और भी अधिक भव्यता के साथ मनाया जाएगा, तथा जिले के प्रत्येक विकासखंड में कबीर आश्रम स्थापित करने के लिए वे पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। कबीर समिति बालाघाट के अध्यक्ष और समस्त समाजजनों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने एक बार फिर संत कबीर की वाणी और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के अपने संकल्प को दोहराया।
- बालाघाट जिले में कबीर पंथ के पूज्य संत उदित मुनि नाम साहेब जी का प्रकट दिवस भव्य रैली और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर जिले भर से बड़ी संख्या में कबीर पंथी समाज के अनुयायी शामिल हुए, जिनके साथ जिले के विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भी इस रैली और कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता निभाई। प्रकट दिवस के कार्यक्रम के दौरान संत वाणी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक चौका आरती का आयोजन किया और प्रसाद वितरण भी किया गया, जिससे पूरे आयोजन स्थल पर एक भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। समाजजनों ने एकजुट होकर संत कबीर के बताए गए आदर्शों और मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, कबीर पंथी समाज के प्रतिनिधियों ने जनप्रतिनिधियों के समक्ष बालाघाट जिले में "सतगुरु कबीर आश्रम" की स्थापना की अपनी प्रमुख मांग रखी। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और विधायकों ने इस मांग पर सकारात्मक आश्वासन दिया कि इस दिशा में जल्द ही एक रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में प्रकट दिवस को और भी अधिक भव्यता के साथ मनाया जाएगा, तथा जिले के प्रत्येक विकासखंड में कबीर आश्रम स्थापित करने के लिए वे पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। कबीर समिति बालाघाट के अध्यक्ष और समस्त समाजजनों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने एक बार फिर संत कबीर की वाणी और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के अपने संकल्प को दोहराया।3
- बालाघाट जिले के सेलवा में पटवारियों ने अवैध रूप से संचालित दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। महिलाओं द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद, पटवारियों ने अवैध दुकानदारों को दो दिनों के भीतर अपनी दुकानें हटाने की चेतावनी जारी की है।1
- ओबीसी वर्ग को सामान्य श्रेणी में गिने जाने पर आपत्ति जताते हुए ओबीसी मोर्चा ने सोमवार, 22 जून को सरकार के खिलाफ अपना चरणबद्ध आंदोलन जारी रखा। यह आंदोलन के तीसरे और अंतिम चरण के तहत नगर के अंबेडकर चौक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया, जिसमें मोर्चा के सदस्यों ने अपनी प्रमुख मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान, पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार पर ओबीसी के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया। धरना स्थल से नगर में एक रैली निकाली गई, जो कलेक्टर कार्यालय तक पहुंची। वहाँ, मोर्चा द्वारा एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें ओबीसी वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी दिए जाने की मांग की गई है।1
- ग्राम पंचायत सारसडोल के सचिव प्रकाश झारिया का जनपद पंचायत कुरई के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सारसडोल से जनपद पंचायत धनौरा की ग्राम पंचायत धनौरा में स्थानांतरण होने पर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। सारसडोल के ग्रामवासियों, स्नेहीजनों और शुभचिंतकों ने ढोल-बाजे के साथ पुष्पहारों से उनका स्वागत किया और ग्राम का भ्रमण कराया। अपने उद्बोधन में प्रकाश झारिया ने समस्त ग्रामवासियों का हृदय से धन्यवाद प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामवासियों ने उन्हें इस लायक समझा, जिसके लिए वह सभी के आभारी हैं।2
- लखनादौन नगर परिषद की तत्कालीन सीएमओ गीता वाल्मीकि ने अपने ही क्षेत्र में दूषित पेयजल की शिकायत के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का सहारा लिया है। गीता वाल्मीकि वर्तमान में छपारा नगर परिषद में पदस्थ हैं, लेकिन उनका निवास लखनादौन में होने के कारण वह वहीं रहती हैं। उनका आरोप है कि उनके घर में लंबे समय से नलों के माध्यम से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इस मामले पर सिवनी के भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन से सवाल किया गया कि जब शिकायतों का निराकरण करने वाला अधिकारी ही सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर रहा है, तो भाजपा की सत्ता में यह एक अजूबा है।1
- सिवनी के जिंदल अस्पताल पर चिकित्सा सेवा की आड़ में वसूली का खेल चलाने के गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिस पर जनता जवाब मांग रही है। ये सवाल स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनशीलता पर उठ रहे हैं, जहां मरीज की मजबूरी को कमाई का जरिया बनाने का आरोप है। अस्पताल में डीएनसी (DNC) से अधिक चर्चा बिलों की होने की बात कही गई है, और इलाज से ज्यादा रक्त व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। खून की उपलब्धता से लेकर हजारों के बिल तक, इन आरोपों ने निजी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जनता पूछ रही है कि यदि ये आरोप सही हैं, तो यह केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं बल्कि पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक बड़ी चेतावनी है। मरीज इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचता है, लेकिन उसे लौटते समय सवालों के अंबार और जवाबों की कमी का सामना करना पड़ता है।1
- सिवनी के जम्बो सीताफल को अब भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग मिल गया है। इस महत्वपूर्ण पहचान से क्षेत्र के किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने की उम्मीद है। जीआई टैग मिलने से इस विशेष सीताफल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक विशिष्ट पहचान मिलेगी।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के वन परिक्षेत्र के अंतर्गत गोरखपुर बीट के ग्राम जिलापुर में आज वन विभाग ने एक बाघ को रेस्क्यू कर पिंजरे में कैद कर लिया। यह बाघ पहले एक महिला का शिकार कर चुका था, जब वह गुल्ली संग्रहण कर रही थी।2