गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में, गुना पुलिस ने जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए कुंभराज में रंगदारी दिखाकर जानलेवा हमला करने और तोड़फोड़ के एक गंभीर मामले में फरार चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी चांचौड़ा श्री मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। यह मामला 29 मई 2026 की रात का है, जब फरियादी रोहित मीना अपने मामा के लड़के महेंद्र मीना के साथ ट्रैक्टर से अपने गांव लौट रहे थे। रात करीब 09 बजे कुंभराज के साहू मोहल्ला क्षेत्र में शिवम साहू, अरुण उर्फ अंटया अहिरवार और आदित्य उर्फ अद्दू अहिरवार ने उनका ट्रैक्टर रोककर खुद को इलाके का गुंडा बताया और अवैध रूप से रुपयों की मांग की। रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी और विरोध करने पर फरियादी व उसके साथी को अश्लील गाली-गलौज करते हुए लोहे की रॉड एवं लुहांगी से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाईं। घटना के दौरान, आरोपियों के अन्य साथियों ने भी डंडों और लाठियों से ट्रैक्टर में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया था। इस संबंध में कुंभराज थाने में अपराध क्रमांक 86/26 के तहत विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के अगले ही दिन, यानी 30 मई 2026 को आरोपी आदित्य उर्फ अद्दू अहिरवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, शेष फरार आरोपियों की लगातार तलाश जारी थी और क्षेत्रीय नागरिक भी उनकी शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इस पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने शेष फरार आरोपियों की अतिशीघ्र गिरफ्तारी के लिए कुंभराज थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज त्यागी, मृगवास थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव, सानई चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज लोधी और उपनिरीक्षक होतम सिंह सहित एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। इस टीम ने तकनीकी और मुखबिर तंत्र की मदद से सघन प्रयास किए, जिसके परिणामस्वरूप 02 जून को एक और फरार आरोपी विवेक खटीक (उम्र 19 वर्ष, निवासी खटीक मौहल्ला, कुंभराज) को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद 03 जून 2026 की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि इस मामले के तीन फरार आरोपी सोहेल खांन (उम्र 23 वर्ष, निवासी नानाखेड़ी केंट गुना), अरुण उर्फ अंटया अहिरवार (उम्र 25 वर्ष, निवासी साहू मौहल्ला कुंभराज) और शिवम साहू (उम्र 26 वर्ष, निवासी साहू मौहल्ला कुंभराज) भोपाल रेलवे स्टेशन पर बेंगलुरु भागने की फिराक में ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने भोपाल पहुंचकर तीनों आरोपियों को धर दबोचा। वैधानिक कार्यवाही के उपरांत, चारों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। गुना पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि रंगदारी, गुंडागर्दी, मारपीट, धमकी और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा, और जिले में आमजन की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। इस सफल कार्यवाही में कुंभराज थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज त्यागी, मृगवास थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव, सानई चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज लोधी, उपनिरीक्षक होतम सिंह, उपनिरीक्षक रंगलाल मेर, भमावद चौकी प्रभारी सउनि राजीव गौड, आरक्षक सत्येन्द्र रावत, आरक्षक अवनीश जाट, आरक्षक धर्मवीर रावत, आरक्षक श्रीकांत, मृगवास थाने से आरक्षक सोहन अनारे, आरक्षक नीरज धाकड़ और साइबर सेल से आरक्षक कुलदीप भदौरिया का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में, गुना पुलिस ने जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए कुंभराज में रंगदारी दिखाकर जानलेवा हमला करने और तोड़फोड़ के एक गंभीर मामले में फरार चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी चांचौड़ा श्री मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। यह मामला 29 मई 2026 की रात का है, जब फरियादी रोहित मीना अपने मामा के लड़के महेंद्र मीना के साथ ट्रैक्टर से अपने गांव लौट रहे थे। रात करीब 09 बजे कुंभराज के साहू मोहल्ला क्षेत्र में शिवम साहू, अरुण उर्फ अंटया अहिरवार और आदित्य उर्फ अद्दू अहिरवार ने उनका ट्रैक्टर रोककर खुद को इलाके का गुंडा बताया और अवैध रूप से रुपयों की मांग की। रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी और विरोध करने पर फरियादी व उसके साथी को अश्लील गाली-गलौज करते हुए लोहे की रॉड एवं लुहांगी से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाईं। घटना के दौरान, आरोपियों के अन्य साथियों ने भी डंडों और लाठियों से ट्रैक्टर
में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया था। इस संबंध में कुंभराज थाने में अपराध क्रमांक 86/26 के तहत विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के अगले ही दिन, यानी 30 मई 2026 को आरोपी आदित्य उर्फ अद्दू अहिरवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, शेष फरार आरोपियों की लगातार तलाश जारी थी और क्षेत्रीय नागरिक भी उनकी शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इस पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने शेष फरार आरोपियों की अतिशीघ्र गिरफ्तारी के लिए कुंभराज थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज त्यागी, मृगवास थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव, सानई चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज लोधी और उपनिरीक्षक होतम सिंह सहित एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। इस टीम ने तकनीकी और मुखबिर तंत्र की मदद से सघन प्रयास किए, जिसके परिणामस्वरूप 02 जून को एक और फरार आरोपी विवेक खटीक (उम्र 19 वर्ष, निवासी खटीक मौहल्ला, कुंभराज) को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद 03 जून 2026 की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि इस मामले के तीन फरार आरोपी सोहेल खांन (उम्र 23 वर्ष, निवासी नानाखेड़ी केंट गुना),
अरुण उर्फ अंटया अहिरवार (उम्र 25 वर्ष, निवासी साहू मौहल्ला कुंभराज) और शिवम साहू (उम्र 26 वर्ष, निवासी साहू मौहल्ला कुंभराज) भोपाल रेलवे स्टेशन पर बेंगलुरु भागने की फिराक में ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने भोपाल पहुंचकर तीनों आरोपियों को धर दबोचा। वैधानिक कार्यवाही के उपरांत, चारों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। गुना पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि रंगदारी, गुंडागर्दी, मारपीट, धमकी और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा, और जिले में आमजन की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। इस सफल कार्यवाही में कुंभराज थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज त्यागी, मृगवास थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संदीप यादव, सानई चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज लोधी, उपनिरीक्षक होतम सिंह, उपनिरीक्षक रंगलाल मेर, भमावद चौकी प्रभारी सउनि राजीव गौड, आरक्षक सत्येन्द्र रावत, आरक्षक अवनीश जाट, आरक्षक धर्मवीर रावत, आरक्षक श्रीकांत, मृगवास थाने से आरक्षक सोहन अनारे, आरक्षक नीरज धाकड़ और साइबर सेल से आरक्षक कुलदीप भदौरिया का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- मध्य प्रदेश के गुना जिले के कुंभराज में घटित हुई एक घटना के विषय में पूर्व विधायक ममता दीदी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। स्थानीय लोग और मीडिया में इस बात पर चर्चा है कि उन्होंने इस घटना के बारे में क्या बयान दिया है।1
- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'खेत बचाओ अभियान' का शुभारंभ किया है। इस अभियान की शुरुआत रायसेन जिले से की गई।1
- बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखण्ड क्षेत्र के गोरधनपुरा गांव में चरागाह भूमि पर वर्षों से हो रहे अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई की है। नायब तहसीलदार राधेश्याम लववंशी के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस की एक संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ सुबह ही मौके पर पहुंची और दिनभर चले अभियान के दौरान लगभग 200 बीघा चरागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया। रेवेन्यू इंस्पेक्टर सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि गांव की कुल चरागाह भूमि में से शेष लगभग 300 बीघा भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बुधवार से फिर शुरू होगी और तब तक जारी रहेगी जब तक यह पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती। प्रशासन की इस कार्रवाई से ग्रामीणों ने काफी राहत महसूस की है, क्योंकि लंबे समय से चरागाह पर अवैध कब्ज़े के कारण पशुधन को चरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।4
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के संबंध में छीपाबड़ौद स्टेडियम में अभ्यास किया जा रहा है। इस अभ्यास सत्र के दौरान 'डाउनवर्ड फेसिंग' और पैदल चलने जैसी गतिविधियां की जा रही हैं।2
- बुधवार शाम 5 बजे मिली जानकारी के अनुसार, वन एवं प्रशासनिक अधिकारियों की रेंज स्तरीय टीम ने समरानियां क्षेत्र के मामोनी और ढिकवानी के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 बीघा भूमि से अतिक्रमण हटाया। इस अभियान के तहत जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध कब्जों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध खनन में इस्तेमाल हो रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी जब्त किया गया। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया। इस अभियान में समरानियां नाका प्रभारी विनोद कुमार सहित वन विभाग और प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।1
- गुना जिले के ग्राम खरा खेड़ा में एक स्कूल की बाउंड्री वॉल के निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत सामने आई है। आरोप है कि बाउंड्री वॉल बनाने में सीमेंट की मात्रा कम इस्तेमाल की गई है। साथ ही, यह भी बताया गया है कि निर्माण की गुणवत्ता तय दरों के अनुरूप नहीं है, जिससे कार्य की घटिया गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।1
- छीपाबड़ौद निजी विद्यालय संघ का वार्षिक अधिवेशन स्थानीय बालाजी की डूंगरी पर संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में आचार्य भागचंद नागर (जिला संरक्षक बारां), वाहिद अलोन (स्कूल शिक्षा परिवार जिला संयोजक छबड़ा), मुकेश शर्मा, राजेश मान, रघुवीर पांचाल और भोजराज तिवारी जैसे अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम का विधिवत् संचालन गिरिराज बंसल द्वारा किया गया। अधिवेशन के दौरान, निजी विद्यालय संघ के अध्यक्ष सूरज वैष्णव ने संघ के छह वर्ष के कार्यकाल के विषय में जानकारी प्रदान की। इसके बाद, कोषाध्यक्ष राकेश दक्षिणी ने गत तीन वर्षों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया और प्रत्येक सदस्य को मिलने वाले लाभांश की जानकारी भी साझा की। समस्त अतिथियों की उपस्थिति में कार्यकारिणी समिति का चुनाव करवाया गया, जिसमें नवीन कार्यकारिणी समिति में अध्यक्ष पद पर सूरज वैष्णव, उपाध्यक्ष धनराज सुमन, सचिव धर्मेंद्र काकानी, सह सचिव जितेंद्र गोयल, कोषाध्यक्ष राकेश दक्षिणी, संगठन मंत्री राकेश विजय और मीडिया प्रभारी श्याम बहादुर को सर्वसम्मति से चुना गया। अंत में, अतिथियों द्वारा प्रत्येक सदस्य को लाभांश वितरित किया गया, जिसके साथ छीपाबड़ौद निजी विद्यालय संघ का वार्षिक अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।2
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत छीपाबड़ौद स्टेडियम में बटरफ्लाई आसन का अभ्यास किया गया। यह अभ्यास आने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा है।1
- बुधवार शाम 4 बजे मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान के ढिकवानी गांव के आदिवासी किसान वर्षों से तालाब आधारित खेती के एक अनोखे मॉडल के माध्यम से अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। यह अभिनव मॉडल अब पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया है। इस कृषि पद्धति में, बारिश के मौसम में भरने वाले तालाबों के पानी का उपयोग रबी की फसलों जैसे गेहूं, सरसों, चना और धनिया की सिंचाई के लिए किया जाता है, जिससे इन फसलों की बेहतर पैदावार होती है। तालाब के खाली हो जाने के बाद, उसकी नमीयुक्त और उपजाऊ भूमि में तरबूज और खरबूजे की खेती की जाती है। किसानों का कहना है कि यहां पैदा होने वाले इन फलों की मिठास और खुशबू इतनी खास है कि इनकी मांग शिवपुरी और कोलारस तक रहती है, जिससे किसानों को दोहरा लाभ मिलता है।1