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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत छीपाबड़ौद स्टेडियम में बटरफ्लाई आसन का अभ्यास किया गया। यह अभ्यास आने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा है।

11 hrs ago
user_Jagdish Chandra Sharma
Jagdish Chandra Sharma
Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
11 hrs ago

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत छीपाबड़ौद स्टेडियम में बटरफ्लाई आसन का अभ्यास किया गया। यह अभ्यास आने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा है।

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  • छीपाबड़ौद निजी विद्यालय संघ का वार्षिक अधिवेशन स्थानीय बालाजी की डूंगरी पर संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में आचार्य भागचंद नागर (जिला संरक्षक बारां), वाहिद अलोन (स्कूल शिक्षा परिवार जिला संयोजक छबड़ा), मुकेश शर्मा, राजेश मान, रघुवीर पांचाल और भोजराज तिवारी जैसे अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम का विधिवत् संचालन गिरिराज बंसल द्वारा किया गया। अधिवेशन के दौरान, निजी विद्यालय संघ के अध्यक्ष सूरज वैष्णव ने संघ के छह वर्ष के कार्यकाल के विषय में जानकारी प्रदान की। इसके बाद, कोषाध्यक्ष राकेश दक्षिणी ने गत तीन वर्षों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया और प्रत्येक सदस्य को मिलने वाले लाभांश की जानकारी भी साझा की। समस्त अतिथियों की उपस्थिति में कार्यकारिणी समिति का चुनाव करवाया गया, जिसमें नवीन कार्यकारिणी समिति में अध्यक्ष पद पर सूरज वैष्णव, उपाध्यक्ष धनराज सुमन, सचिव धर्मेंद्र काकानी, सह सचिव जितेंद्र गोयल, कोषाध्यक्ष राकेश दक्षिणी, संगठन मंत्री राकेश विजय और मीडिया प्रभारी श्याम बहादुर को सर्वसम्मति से चुना गया। अंत में, अतिथियों द्वारा प्रत्येक सदस्य को लाभांश वितरित किया गया, जिसके साथ छीपाबड़ौद निजी विद्यालय संघ का वार्षिक अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
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    छीपाबड़ौद निजी विद्यालय संघ का वार्षिक अधिवेशन स्थानीय बालाजी की डूंगरी पर संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में आचार्य भागचंद नागर (जिला संरक्षक बारां), वाहिद अलोन (स्कूल शिक्षा परिवार जिला संयोजक छबड़ा), मुकेश शर्मा, राजेश मान, रघुवीर पांचाल और भोजराज तिवारी जैसे अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम का विधिवत् संचालन गिरिराज बंसल द्वारा किया गया।

अधिवेशन के दौरान, निजी विद्यालय संघ के अध्यक्ष सूरज वैष्णव ने संघ के छह वर्ष के कार्यकाल के विषय में जानकारी प्रदान की। इसके बाद, कोषाध्यक्ष राकेश दक्षिणी ने गत तीन वर्षों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया और प्रत्येक सदस्य को मिलने वाले लाभांश की जानकारी भी साझा की।

समस्त अतिथियों की उपस्थिति में कार्यकारिणी समिति का चुनाव करवाया गया, जिसमें नवीन कार्यकारिणी समिति में अध्यक्ष पद पर सूरज वैष्णव, उपाध्यक्ष धनराज सुमन, सचिव धर्मेंद्र काकानी, सह सचिव जितेंद्र गोयल, कोषाध्यक्ष राकेश दक्षिणी, संगठन मंत्री राकेश विजय और मीडिया प्रभारी श्याम बहादुर को सर्वसम्मति से चुना गया। अंत में, अतिथियों द्वारा प्रत्येक सदस्य को लाभांश वितरित किया गया, जिसके साथ छीपाबड़ौद निजी विद्यालय संघ का वार्षिक अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।
    user_User10561
    User10561
    छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के संबंध में छीपाबड़ौद स्टेडियम में अभ्यास किया जा रहा है। इस अभ्यास सत्र के दौरान 'डाउनवर्ड फेसिंग' और पैदल चलने जैसी गतिविधियां की जा रही हैं।
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    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के संबंध में छीपाबड़ौद स्टेडियम में अभ्यास किया जा रहा है। इस अभ्यास सत्र के दौरान 'डाउनवर्ड फेसिंग' और पैदल चलने जैसी गतिविधियां की जा रही हैं।
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • खानपुर के एक कलाकार ने एक धुन तैयार की है, जो इन दिनों लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। इस धुन को लेकर इतनी दिलचस्पी है कि इसे सुनने के लिए कहा जा रहा है, जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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    खानपुर के एक कलाकार ने एक धुन तैयार की है, जो इन दिनों लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। इस धुन को लेकर इतनी दिलचस्पी है कि इसे सुनने के लिए कहा जा रहा है, जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
    user_Abhishek Nagar
    Abhishek Nagar
    Newspaper advertising department खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • प्रकृति के संरक्षण और धरती को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से खानपुर भारत विकास परिषद, ग्राम विकास एवं पर्यावरण समिति सहित कई सामाजिक संस्थाओं ने एक अनूठा और प्रभावी अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत, बड़े पैमाने पर सीड बॉल्स, जिन्हें 'बीज बम' भी कहा जाता है, तैयार किए जा रहे हैं। ये सीड बॉल्स मिट्टी, जैविक खाद और विभिन्न पौधों के बीजों का एक उत्कृष्ट मिश्रण हैं, जिन्हें जंगलों, पहाड़ी इलाकों और खाली पड़ी बंजर भूमि पर फेंका जा रहा है। आगामी मॉनसून की बारिश पड़ते ही ये बीज स्वतः अंकुरित हो उठेंगे। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि मिट्टी और खाद का यह सुरक्षात्मक आवरण बीजों को तेज धूप और पक्षियों से बचाकर उनके पौधे बनने की संभावना को काफी बढ़ा देता है। अभियान से जुड़ी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने आम जनता से इस मुहिम का हिस्सा बनने की अपील की है, क्योंकि उनका मानना है कि आज फेंकी गई एक छोटी सी सीड बॉल भविष्य में एक विशाल वृक्ष का रूप लेगी, और यह छोटा सा प्रयास कल एक घने जंगल में बदल जाएगा। 'हर हाथ से हरियाली' का संदेश देकर, यह अभियान लोगों को प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारी का एहसास करा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक शुद्ध और स्वच्छ वातावरण मिल सके और पर्यावरण में क्रांति लाई जा सके।
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    प्रकृति के संरक्षण और धरती को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से खानपुर भारत विकास परिषद, ग्राम विकास एवं पर्यावरण समिति सहित कई सामाजिक संस्थाओं ने एक अनूठा और प्रभावी अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत, बड़े पैमाने पर सीड बॉल्स, जिन्हें 'बीज बम' भी कहा जाता है, तैयार किए जा रहे हैं। ये सीड बॉल्स मिट्टी, जैविक खाद और विभिन्न पौधों के बीजों का एक उत्कृष्ट मिश्रण हैं, जिन्हें जंगलों, पहाड़ी इलाकों और खाली पड़ी बंजर भूमि पर फेंका जा रहा है। आगामी मॉनसून की बारिश पड़ते ही ये बीज स्वतः अंकुरित हो उठेंगे।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि मिट्टी और खाद का यह सुरक्षात्मक आवरण बीजों को तेज धूप और पक्षियों से बचाकर उनके पौधे बनने की संभावना को काफी बढ़ा देता है। अभियान से जुड़ी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने आम जनता से इस मुहिम का हिस्सा बनने की अपील की है, क्योंकि उनका मानना है कि आज फेंकी गई एक छोटी सी सीड बॉल भविष्य में एक विशाल वृक्ष का रूप लेगी, और यह छोटा सा प्रयास कल एक घने जंगल में बदल जाएगा। 'हर हाथ से हरियाली' का संदेश देकर, यह अभियान लोगों को प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारी का एहसास करा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक शुद्ध और स्वच्छ वातावरण मिल सके और पर्यावरण में क्रांति लाई जा सके।
    user_Reporter Rakesh Nagar
    Reporter Rakesh Nagar
    Electrician खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के गुना जिले के कुंभराज में घटित हुई एक घटना के विषय में पूर्व विधायक ममता दीदी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। स्थानीय लोग और मीडिया में इस बात पर चर्चा है कि उन्होंने इस घटना के बारे में क्या बयान दिया है।
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    मध्य प्रदेश के गुना जिले के कुंभराज में घटित हुई एक घटना के विषय में पूर्व विधायक ममता दीदी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। स्थानीय लोग और मीडिया में इस बात पर चर्चा है कि उन्होंने इस घटना के बारे में क्या बयान दिया है।
    user_SHAMBHU DAYAL KUSHWAH
    SHAMBHU DAYAL KUSHWAH
    Grain Trader कुंभराज, गुना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • राजस्थान के शाहाबाद उपखण्ड के ग्राम सहरोल तलहटी में समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया गया है, जो शुक्रवार 29 मई को एक शानदार कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ। इस आध्यात्मिक आयोजन के छठे दिन, श्री धाम वृंदावन से पधारे कथावाचक आचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री ने अपने श्रीमुख से श्रीराम विवाह प्रसंग की कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। राम विवाह प्रसंग की कथा का रसपान कर रहे श्रोताओं ने इस दौरान मधुर भजनों की धुनों पर जमकर ठुमके लगाए, जिसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे-बच्चियां सभी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। इस अवसर पर भगवान राम की भव्य झांकी भी सजाई गई थी, जिसने भक्तों के मन को मोह लिया। कथा के समापन पर महा आरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया गया। यह श्रीराम कथा का आयोजन शनिवार, 6 जून 2026 तक जारी रहेगा, और इसके बाद 7 जून को हवन एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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    राजस्थान के शाहाबाद उपखण्ड के ग्राम सहरोल तलहटी में समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया गया है, जो शुक्रवार 29 मई को एक शानदार कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ। इस आध्यात्मिक आयोजन के छठे दिन, श्री धाम वृंदावन से पधारे कथावाचक आचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री ने अपने श्रीमुख से श्रीराम विवाह प्रसंग की कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया।

राम विवाह प्रसंग की कथा का रसपान कर रहे श्रोताओं ने इस दौरान मधुर भजनों की धुनों पर जमकर ठुमके लगाए, जिसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे-बच्चियां सभी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। इस अवसर पर भगवान राम की भव्य झांकी भी सजाई गई थी, जिसने भक्तों के मन को मोह लिया। कथा के समापन पर महा आरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया गया। यह श्रीराम कथा का आयोजन शनिवार, 6 जून 2026 तक जारी रहेगा, और इसके बाद 7 जून को हवन एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
    user_भुवनेश भार्गव
    भुवनेश भार्गव
    पत्रकारिता एवं समाज सेवा Baran, Baran•
    2 hrs ago
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत छीपाबड़ौद स्टेडियम में बटरफ्लाई आसन का अभ्यास किया गया। यह अभ्यास आने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा है।
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    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत छीपाबड़ौद स्टेडियम में बटरफ्लाई आसन का अभ्यास किया गया। यह अभ्यास आने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा है।
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Video Creator छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • 13 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद जैन समाज के पूज्य संत मुनि श्री सुधासागर महाराज के गुना आगमन पर शहर में अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखा गया। उनके स्वागत के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े और लगभग 2 किलोमीटर लंबी स्वागत यात्रा करते हुए नजर आए। इस भव्य अवसर पर बैंड-बाजे, डीजे, ढोल और अखाड़ों के उस्तादों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, वहीं लेजाम के द्वारा एक अद्भुत कला प्रस्तुति भी दी गई। पूरे गुना शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया था और प्रमुख मार्गों से लेकर प्रवेश द्वारों तक भव्य सजावट की गई थी। मुनि श्री के आगमन पर पारंपरिक और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने संतों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया, कई स्थानों पर उनके चरण धोकर वंदन किया गया। मंगल आरती, पुष्पवर्षा और इत्र-सुगंध के साथ उनका अभिनंदन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने अपनी भक्ति और सम्मान का प्रदर्शन किया। स्वागत यात्रा में सनातन संस्कृति और परंपराओं की भी विशेष झलक दिखी, जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी बैलगाड़ियों को पारंपरिक शैली में सजाकर शोभायात्रा की शोभा बढ़ाई। ग्रामीण पुरुष और महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए, जबकि बच्चों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आकर्षक झाँकियों के माध्यम से सभी का ध्यान खींचा। यात्रा के दौरान घोड़े, बैंड-बाजे और धार्मिक ध्वजों के साथ श्रद्धालु जयघोष करते हुए आगे बढ़ते रहे, जिससे पूरा वातावरण धार्मिक उल्लास और भक्ति भावना से सराबोर नजर आया। शहर के विभिन्न मार्गों पर स्वागत मंच बनाए गए थे, जहाँ संतों का अभिनंदन किया गया। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए, जैन समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गईं। जगह-जगह छाया के लिए टेंट लगाए गए तथा ठंडे पानी, छाछ और लस्सी के स्टॉल लगाए गए, जिसका लाभ हजारों श्रद्धालुओं ने उठाया। स्वयंसेवक लगातार व्यवस्थाओं में जुटे रहे ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। मुनि श्री सुधासागर महाराज के आगमन को लेकर जैन समाज में लंबे समय से उत्साह था, और 13 वर्षों के बाद उनके गुना पहुँचने से समाज के लोगों में विशेष आनंद और उत्साह देखने को मिला। शहरभर में स्वागत द्वार, बैनर और धार्मिक संदेशों से सड़कों को सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने इस अवसर को सौभाग्य और आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बताया, जिसमें अनुशासन, श्रद्धा और सेवा भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली। मुनि श्री के आगमन ने गुना शहर को धार्मिक रंग में रंग दिया और यह ऐतिहासिक स्वागत लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।
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    13 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद जैन समाज के पूज्य संत मुनि श्री सुधासागर महाराज के गुना आगमन पर शहर में अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखा गया। उनके स्वागत के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े और लगभग 2 किलोमीटर लंबी स्वागत यात्रा करते हुए नजर आए। इस भव्य अवसर पर बैंड-बाजे, डीजे, ढोल और अखाड़ों के उस्तादों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, वहीं लेजाम के द्वारा एक अद्भुत कला प्रस्तुति भी दी गई। पूरे गुना शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया था और प्रमुख मार्गों से लेकर प्रवेश द्वारों तक भव्य सजावट की गई थी।

मुनि श्री के आगमन पर पारंपरिक और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने संतों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया, कई स्थानों पर उनके चरण धोकर वंदन किया गया। मंगल आरती, पुष्पवर्षा और इत्र-सुगंध के साथ उनका अभिनंदन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने अपनी भक्ति और सम्मान का प्रदर्शन किया। स्वागत यात्रा में सनातन संस्कृति और परंपराओं की भी विशेष झलक दिखी, जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी बैलगाड़ियों को पारंपरिक शैली में सजाकर शोभायात्रा की शोभा बढ़ाई। ग्रामीण पुरुष और महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए, जबकि बच्चों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आकर्षक झाँकियों के माध्यम से सभी का ध्यान खींचा। यात्रा के दौरान घोड़े, बैंड-बाजे और धार्मिक ध्वजों के साथ श्रद्धालु जयघोष करते हुए आगे बढ़ते रहे, जिससे पूरा वातावरण धार्मिक उल्लास और भक्ति भावना से सराबोर नजर आया। शहर के विभिन्न मार्गों पर स्वागत मंच बनाए गए थे, जहाँ संतों का अभिनंदन किया गया।

भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए, जैन समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की गईं। जगह-जगह छाया के लिए टेंट लगाए गए तथा ठंडे पानी, छाछ और लस्सी के स्टॉल लगाए गए, जिसका लाभ हजारों श्रद्धालुओं ने उठाया। स्वयंसेवक लगातार व्यवस्थाओं में जुटे रहे ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। मुनि श्री सुधासागर महाराज के आगमन को लेकर जैन समाज में लंबे समय से उत्साह था, और 13 वर्षों के बाद उनके गुना पहुँचने से समाज के लोगों में विशेष आनंद और उत्साह देखने को मिला। शहरभर में स्वागत द्वार, बैनर और धार्मिक संदेशों से सड़कों को सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने इस अवसर को सौभाग्य और आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बताया, जिसमें अनुशासन, श्रद्धा और सेवा भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली। मुनि श्री के आगमन ने गुना शहर को धार्मिक रंग में रंग दिया और यह ऐतिहासिक स्वागत लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा।
    user_पत्रकार राजा हतम वेग
    पत्रकार राजा हतम वेग
    Newspaper publisher गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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