राजस्थान के शाहाबाद उपखण्ड के ग्राम सहरोल तलहटी में समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया गया है, जो शुक्रवार 29 मई को एक शानदार कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ। इस आध्यात्मिक आयोजन के छठे दिन, श्री धाम वृंदावन से पधारे कथावाचक आचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री ने अपने श्रीमुख से श्रीराम विवाह प्रसंग की कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। राम विवाह प्रसंग की कथा का रसपान कर रहे श्रोताओं ने इस दौरान मधुर भजनों की धुनों पर जमकर ठुमके लगाए, जिसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे-बच्चियां सभी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। इस अवसर पर भगवान राम की भव्य झांकी भी सजाई गई थी, जिसने भक्तों के मन को मोह लिया। कथा के समापन पर महा आरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया गया। यह श्रीराम कथा का आयोजन शनिवार, 6 जून 2026 तक जारी रहेगा, और इसके बाद 7 जून को हवन एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
राजस्थान के शाहाबाद उपखण्ड के ग्राम सहरोल तलहटी में समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया गया है, जो शुक्रवार 29 मई को एक शानदार कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ। इस आध्यात्मिक आयोजन के छठे दिन, श्री धाम वृंदावन से पधारे कथावाचक आचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री
ने अपने श्रीमुख से श्रीराम विवाह प्रसंग की कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। राम विवाह प्रसंग की कथा का रसपान कर रहे श्रोताओं ने इस दौरान मधुर भजनों की धुनों पर जमकर ठुमके लगाए, जिसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे-बच्चियां सभी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। इस अवसर पर भगवान राम की भव्य झांकी भी सजाई
गई थी, जिसने भक्तों के मन को मोह लिया। कथा के समापन पर महा आरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया गया। यह श्रीराम कथा का आयोजन शनिवार, 6 जून 2026 तक जारी रहेगा, और इसके बाद 7 जून को हवन एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
- राजस्थान के शाहाबाद उपखण्ड के ग्राम सहरोल तलहटी में समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया गया है, जो शुक्रवार 29 मई को एक शानदार कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ। इस आध्यात्मिक आयोजन के छठे दिन, श्री धाम वृंदावन से पधारे कथावाचक आचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री ने अपने श्रीमुख से श्रीराम विवाह प्रसंग की कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। राम विवाह प्रसंग की कथा का रसपान कर रहे श्रोताओं ने इस दौरान मधुर भजनों की धुनों पर जमकर ठुमके लगाए, जिसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे-बच्चियां सभी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। इस अवसर पर भगवान राम की भव्य झांकी भी सजाई गई थी, जिसने भक्तों के मन को मोह लिया। कथा के समापन पर महा आरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया गया। यह श्रीराम कथा का आयोजन शनिवार, 6 जून 2026 तक जारी रहेगा, और इसके बाद 7 जून को हवन एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा।3
- खानपुर के एक कलाकार ने एक धुन तैयार की है, जो इन दिनों लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। इस धुन को लेकर इतनी दिलचस्पी है कि इसे सुनने के लिए कहा जा रहा है, जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।1
- प्रकृति के संरक्षण और धरती को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से खानपुर भारत विकास परिषद, ग्राम विकास एवं पर्यावरण समिति सहित कई सामाजिक संस्थाओं ने एक अनूठा और प्रभावी अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत, बड़े पैमाने पर सीड बॉल्स, जिन्हें 'बीज बम' भी कहा जाता है, तैयार किए जा रहे हैं। ये सीड बॉल्स मिट्टी, जैविक खाद और विभिन्न पौधों के बीजों का एक उत्कृष्ट मिश्रण हैं, जिन्हें जंगलों, पहाड़ी इलाकों और खाली पड़ी बंजर भूमि पर फेंका जा रहा है। आगामी मॉनसून की बारिश पड़ते ही ये बीज स्वतः अंकुरित हो उठेंगे। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि मिट्टी और खाद का यह सुरक्षात्मक आवरण बीजों को तेज धूप और पक्षियों से बचाकर उनके पौधे बनने की संभावना को काफी बढ़ा देता है। अभियान से जुड़ी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने आम जनता से इस मुहिम का हिस्सा बनने की अपील की है, क्योंकि उनका मानना है कि आज फेंकी गई एक छोटी सी सीड बॉल भविष्य में एक विशाल वृक्ष का रूप लेगी, और यह छोटा सा प्रयास कल एक घने जंगल में बदल जाएगा। 'हर हाथ से हरियाली' का संदेश देकर, यह अभियान लोगों को प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारी का एहसास करा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक शुद्ध और स्वच्छ वातावरण मिल सके और पर्यावरण में क्रांति लाई जा सके।2
- छीपाबड़ौद निजी विद्यालय संघ का वार्षिक अधिवेशन स्थानीय बालाजी की डूंगरी पर संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में आचार्य भागचंद नागर (जिला संरक्षक बारां), वाहिद अलोन (स्कूल शिक्षा परिवार जिला संयोजक छबड़ा), मुकेश शर्मा, राजेश मान, रघुवीर पांचाल और भोजराज तिवारी जैसे अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम का विधिवत् संचालन गिरिराज बंसल द्वारा किया गया। अधिवेशन के दौरान, निजी विद्यालय संघ के अध्यक्ष सूरज वैष्णव ने संघ के छह वर्ष के कार्यकाल के विषय में जानकारी प्रदान की। इसके बाद, कोषाध्यक्ष राकेश दक्षिणी ने गत तीन वर्षों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया और प्रत्येक सदस्य को मिलने वाले लाभांश की जानकारी भी साझा की। समस्त अतिथियों की उपस्थिति में कार्यकारिणी समिति का चुनाव करवाया गया, जिसमें नवीन कार्यकारिणी समिति में अध्यक्ष पद पर सूरज वैष्णव, उपाध्यक्ष धनराज सुमन, सचिव धर्मेंद्र काकानी, सह सचिव जितेंद्र गोयल, कोषाध्यक्ष राकेश दक्षिणी, संगठन मंत्री राकेश विजय और मीडिया प्रभारी श्याम बहादुर को सर्वसम्मति से चुना गया। अंत में, अतिथियों द्वारा प्रत्येक सदस्य को लाभांश वितरित किया गया, जिसके साथ छीपाबड़ौद निजी विद्यालय संघ का वार्षिक अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।2
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के संबंध में छीपाबड़ौद स्टेडियम में अभ्यास किया जा रहा है। इस अभ्यास सत्र के दौरान 'डाउनवर्ड फेसिंग' और पैदल चलने जैसी गतिविधियां की जा रही हैं।2
- राजस्थान के कोटा में कांग्रेस संगठन के भीतर गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। यह स्थिति प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी में आयोजित ओबीसी प्रकोष्ठ के एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जहां संगठन में आपसी समन्वय की कमी और अलग-अलग गुटों की सक्रियता साफ नजर आई। गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने हाल ही में राजस्थान कांग्रेस को एकजुट बताते हुए भाजपा के खिलाफ मजबूती से लड़ने की बात कही थी, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि कोटा में 'थोड़ी बहुत गुटबाजी' है, जिसे जल्द समाप्त किया जाएगा। बुधवार को कोटा में जिला कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग का जिला स्तरीय अधिवेशन और पदभार ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम की तैयारी कई दिनों से चल रही थी, लेकिन आयोजन के दौरान ही अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए। सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष को लेकर समन्वय की कमी दिखाई दी। उन्हें अंतिम समय में सूचना देकर आमंत्रित किया गया, जिससे असंतोष की स्थिति बनी। जिलाध्यक्ष ने नयापुरा चौराहे पर कार्यकर्ताओं के साथ डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष का स्वागत तो किया, लेकिन इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल पर मंच पर नहीं गईं और कुछ देर बाद ही वहां से लौट गईं। कार्यक्रम में ओबीसी प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष दीपक नामदेव और देहात अध्यक्ष डॉ. टीकमचंद सुमन ने पदभार ग्रहण किया। इस आयोजन की कमान पूर्व विधायक और नेता प्रहलाद गुंजल के प्रभाव वाले गुट के नेताओं के हाथ में थी। इस कार्यक्रम में टीकाराम जूली, गोविंद सिंह डोटासरा और ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के नेताओं को आमंत्रित किया गया था, लेकिन देहात कांग्रेस और संगठन से जुड़े कई वरिष्ठ नेता अनुपस्थित रहे, जिससे संगठनात्मक असंतुलन की स्थिति और भी स्पष्ट हो गई। कोटा कांग्रेस में लंबे समय से गुटबाजी की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन इस बार प्रदेश नेतृत्व के सामने ही यह स्थिति खुलकर सामने आने से पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रदेश नेतृत्व इस अंदरूनी खींचतान को कैसे संभालता है और संगठन को एकजुट करने के लिए क्या कदम उठाता है।4
- बुधवार शाम 5 बजे मिली जानकारी के अनुसार, वन एवं प्रशासनिक अधिकारियों की रेंज स्तरीय टीम ने समरानियां क्षेत्र के मामोनी और ढिकवानी के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 बीघा भूमि से अतिक्रमण हटाया। इस अभियान के तहत जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध कब्जों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध खनन में इस्तेमाल हो रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी जब्त किया गया। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया। इस अभियान में समरानियां नाका प्रभारी विनोद कुमार सहित वन विभाग और प्रशासन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत छीपाबड़ौद स्टेडियम में बटरफ्लाई आसन का अभ्यास किया गया। यह अभ्यास आने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा है।1