बरेली: घंघोरा पिपरिया मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई से उबाल, AIMIM ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन बरेली। जिले के घंघोरा पिपरिया गांव में मस्जिद गिराए जाने के बाद तनाव चरम पर है। AIMIM ने इसे प्रशासन की "एकतरफा और असंवैधानिक" कार्रवाई बताते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। पार्टी का आरोप है कि प्रशासन ने कोर्ट की अवहेलना करते हुए बिना नोटिस 50 साल पुरानी मस्जिद जमींदोज कर दी। नदीम कुरैशी का चुनौतीपूर्ण ऐलान: "जुम्मे को वहीं पढ़ेंगे नमाज" मस्जिद ध्वस्तीकरण के विरोध में AIMIM नेता नदीम कुरैशी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वे मौलाना तौकीर रज़ा की राह पर चलते हुए आने वाले जुम्मे को ध्वस्त मस्जिद स्थल पर ही नमाज अदा करेंगे। कुरैशी ने दो टूक कहा— "प्रशासन चाहे जो कर ले, मुस्लिम समाज को इबादत से नहीं रोका जा सकता।" विवाद के मुख्य बिंदु: कोर्ट की अवहेलना: AIMIM का दावा है कि मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित था और निचली अदालत का फैसला मस्जिद के पक्ष में था। भेदभाव का आरोप: जिलाध्यक्ष असलम एडवोकेट ने कहा कि प्रशासन केवल मुस्लिम धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहा है, जबकि अन्य अवैध धार्मिक निर्माणों पर चुप्पी साधी हुई है। आबादी का सवाल: गांव की 3500 मुस्लिम आबादी के लिए यह इबादत का एकमात्र स्थान था। राष्ट्रपति से प्रमुख मांगें: हाईकोर्ट का फैसला आने तक स्थल पर नमाज की अनुमति दी जाए। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो। धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाए। निष्कर्ष: नदीम कुरैशी के इस ऐलान ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। आगामी जुमा बरेली पुलिस और प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था की बड़ी परीक्षा साबित होगा।
बरेली: घंघोरा पिपरिया मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई से उबाल, AIMIM ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन बरेली। जिले के घंघोरा पिपरिया गांव में मस्जिद गिराए जाने के बाद तनाव चरम पर है। AIMIM ने इसे प्रशासन की "एकतरफा और असंवैधानिक" कार्रवाई बताते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। पार्टी का आरोप है कि प्रशासन ने कोर्ट की अवहेलना करते हुए बिना नोटिस 50 साल पुरानी मस्जिद जमींदोज कर दी। नदीम कुरैशी का चुनौतीपूर्ण ऐलान: "जुम्मे को वहीं पढ़ेंगे नमाज" मस्जिद ध्वस्तीकरण के विरोध में AIMIM नेता नदीम कुरैशी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वे मौलाना तौकीर रज़ा की राह पर चलते हुए आने वाले जुम्मे को ध्वस्त मस्जिद स्थल पर ही नमाज अदा करेंगे। कुरैशी ने दो टूक कहा— "प्रशासन चाहे जो कर ले, मुस्लिम समाज को इबादत से नहीं रोका जा सकता।" विवाद के मुख्य बिंदु: कोर्ट की अवहेलना: AIMIM का दावा है कि मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित था और निचली अदालत का फैसला मस्जिद के पक्ष में था। भेदभाव का आरोप: जिलाध्यक्ष असलम एडवोकेट ने कहा कि प्रशासन केवल मुस्लिम धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहा है, जबकि अन्य अवैध धार्मिक निर्माणों पर चुप्पी साधी हुई है। आबादी का सवाल: गांव की 3500 मुस्लिम आबादी के लिए यह इबादत का एकमात्र स्थान था। राष्ट्रपति से प्रमुख मांगें: हाईकोर्ट का फैसला आने तक स्थल पर नमाज की अनुमति दी जाए। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो। धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाए। निष्कर्ष: नदीम कुरैशी के इस ऐलान ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। आगामी जुमा बरेली पुलिस और प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था की बड़ी परीक्षा साबित होगा।
- beti ki neyaay guhar1
- Post by Firoz Idrisi1
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- बरेली।बथाना भमोरा #bareillypolice द्वारा चोरी/लूट की घटनाओं में संलिप्त 02 शातिर अपराधियों की पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तारी,कब्जे से 02 चोरी की बाइक, लूटे गये मोबाइल फोन एवं अवैध असलहा बरामदगी के सम्बन्ध में जानकारी देते श्री नितिन कुमार, क्षेत्राधिकारी आंवला।1
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