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महोबा जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है जहाँ कुछ लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की। चौंकाने वाली बात यह है कि मारपीट के शिकार पीड़ित पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। इस घटना से स्थानीय ग्राम वासी बेहद परेशान हैं।

2 hrs ago
user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

महोबा जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है जहाँ कुछ लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की। चौंकाने वाली बात यह है कि मारपीट के शिकार पीड़ित पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। इस घटना से स्थानीय ग्राम वासी बेहद परेशान हैं।

More news from Mahoba and nearby areas
  • महोबा जनपद के चरखारी थाना क्षेत्र के ग्राम भटेवरकला निवासी धारीराम पुत्र बाबूलाल ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपकर गोरहरी चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उनके परिवार के साथ अभद्रता की, मारपीट की और ₹10 हजार की अवैध धनराशि की मांग भी की। शिकायती पत्र के अनुसार, 27 जून को गांव में हुए एक विवाद के बाद पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उनके परिजनों से अभद्रता की। इसके बाद 29 जून को चौकी इंचार्ज पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचे और उनके पुत्र भारत व भाई नरसिंह को घर से ले जाकर धारा 151 सीआरपीसी के तहत चालान कर दिया। धारीराम का आरोप है कि अवैध धनराशि न देने पर चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके पुत्रों के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस विपक्षी पक्ष से सांठगांठ कर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है, और उन्हें तथा उनके परिवार को लगातार जानमाल की धमकियां मिल रही हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई, घायल युवकों का चिकित्सीय परीक्षण कराने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस घटना को पुलिस की बर्बर कार्रवाई और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया गया है।
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    महोबा जनपद के चरखारी थाना क्षेत्र के ग्राम भटेवरकला निवासी धारीराम पुत्र बाबूलाल ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपकर गोरहरी चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उनके परिवार के साथ अभद्रता की, मारपीट की और ₹10 हजार की अवैध धनराशि की मांग भी की।

शिकायती पत्र के अनुसार, 27 जून को गांव में हुए एक विवाद के बाद पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उनके परिजनों से अभद्रता की। इसके बाद 29 जून को चौकी इंचार्ज पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचे और उनके पुत्र भारत व भाई नरसिंह को घर से ले जाकर धारा 151 सीआरपीसी के तहत चालान कर दिया। धारीराम का आरोप है कि अवैध धनराशि न देने पर चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके पुत्रों के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस विपक्षी पक्ष से सांठगांठ कर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है, और उन्हें तथा उनके परिवार को लगातार जानमाल की धमकियां मिल रही हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई, घायल युवकों का चिकित्सीय परीक्षण कराने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस घटना को पुलिस की बर्बर कार्रवाई और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया गया है।
    user_Nitendra Jha
    Nitendra Jha
    Mahoba Insight & Ikvnews Sharafipura, Mahoba•
    10 hrs ago
  • नौगांव में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर, केयर इंग्लिश स्कूल नौगांव के छात्रों ने सिविल हॉस्पिटल नौगांव का दौरा किया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज में डॉक्टरों के अमूल्य योगदान से परिचित कराना और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। छात्रों ने अस्पताल का भ्रमण कर डॉक्टरों के महत्व को करीब से जाना।
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    नौगांव में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर, केयर इंग्लिश स्कूल नौगांव के छात्रों ने सिविल हॉस्पिटल नौगांव का दौरा किया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज में डॉक्टरों के अमूल्य योगदान से परिचित कराना और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। छात्रों ने अस्पताल का भ्रमण कर डॉक्टरों के महत्व को करीब से जाना।
    user_The best news
    The best news
    लौंडी, छतरपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बांदा शहर के पीली कोठी स्थित तुलसीलाज क्षेत्र में बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे तेज रफ्तार बोलेरो के बेलगाम कहर ने सड़कों पर बढ़ते यातायात अनुशासनहीनता और कानून के डर की कमी को उजागर किया। यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक भयावह तस्वीर है, जहाँ एक तेज रफ्तार बोलेरो ने पहले स्कूल जा रही एक महिला शिक्षक के रिक्शे को जोरदार टक्कर मारी। इस टक्कर से शिक्षिका गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ीं। इसके बाद भी बेकाबू बोलेरो रुकी नहीं और आगे बढ़ते हुए एक दुकान का शटर तोड़कर भीतर जा घुसी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटनास्थल से बोलेरो के भीतर से शराब की बोतल मिलने की बात सामने आई है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि चालक नशे की हालत में था, तो इसे केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क पर खुलेआम मौत बांटने जैसा एक गंभीर आपराधिक कृत्य माना जाना चाहिए। नशे की हालत में गाड़ी चलाने वाला व्यक्ति निर्दोष राहगीरों की जान के लिए खतरा बन जाता है। पुलिस ने मामले में चालक को हिरासत में लेकर अपनी जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इस घटना ने प्रशासन और कानून प्रवर्तन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या वे हर हादसे के बाद ही जागेंगे और क्या उनकी सख्ती सिर्फ चालान काटने तक ही सीमित रहेगी? या फिर ऐसे लापरवाह चालकों पर कोई ऐसी मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई होगी, जिससे दूसरों को भी सबक मिले। यह समय केवल जांच करने का नहीं, बल्कि ऐसे लापरवाह लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का है, क्योंकि सड़कें रफ्तार दिखाने का मैदान नहीं हैं और यदि कानून का भय समाप्त हो जाएगा, तो सड़कों पर वाहन नहीं, बल्कि मौत खुलेआम दौड़ेगी।
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    बांदा शहर के पीली कोठी स्थित तुलसीलाज क्षेत्र में बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे तेज रफ्तार बोलेरो के बेलगाम कहर ने सड़कों पर बढ़ते यातायात अनुशासनहीनता और कानून के डर की कमी को उजागर किया। यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक भयावह तस्वीर है, जहाँ एक तेज रफ्तार बोलेरो ने पहले स्कूल जा रही एक महिला शिक्षक के रिक्शे को जोरदार टक्कर मारी। इस टक्कर से शिक्षिका गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ीं। इसके बाद भी बेकाबू बोलेरो रुकी नहीं और आगे बढ़ते हुए एक दुकान का शटर तोड़कर भीतर जा घुसी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

घटनास्थल से बोलेरो के भीतर से शराब की बोतल मिलने की बात सामने आई है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि चालक नशे की हालत में था, तो इसे केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क पर खुलेआम मौत बांटने जैसा एक गंभीर आपराधिक कृत्य माना जाना चाहिए। नशे की हालत में गाड़ी चलाने वाला व्यक्ति निर्दोष राहगीरों की जान के लिए खतरा बन जाता है। पुलिस ने मामले में चालक को हिरासत में लेकर अपनी जांच शुरू कर दी है।

हालांकि, इस घटना ने प्रशासन और कानून प्रवर्तन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या वे हर हादसे के बाद ही जागेंगे और क्या उनकी सख्ती सिर्फ चालान काटने तक ही सीमित रहेगी? या फिर ऐसे लापरवाह चालकों पर कोई ऐसी मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई होगी, जिससे दूसरों को भी सबक मिले। यह समय केवल जांच करने का नहीं, बल्कि ऐसे लापरवाह लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का है, क्योंकि सड़कें रफ्तार दिखाने का मैदान नहीं हैं और यदि कानून का भय समाप्त हो जाएगा, तो सड़कों पर वाहन नहीं, बल्कि मौत खुलेआम दौड़ेगी।
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • महोबा के पनवाड़ी में सामने आई एक तस्वीर ने स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है। यह तस्वीर सीधे तौर पर प्रशासन की उदासीनता और अभियान के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैये की पोल खोलती है।
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    महोबा के पनवाड़ी में सामने आई एक तस्वीर ने स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है। यह तस्वीर सीधे तौर पर प्रशासन की उदासीनता और अभियान के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैये की पोल खोलती है।
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • चित्रकूट जनपद में पत्रकार ओंकार सिंह चंदेल के खिलाफ थाना सरधुवा में दर्ज रंगदारी के मुकद्दमे को लेकर पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। भारतीय मीडिया महासंघ के बैनर तले पत्रकारों ने बांदा स्थित पुलिस उपमहानिरीक्षक, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि यह रंगदारी का मुकद्दमा 13 जून 26 को पंजीकृत किया गया है। महासंघ ने डीआईजी को दिए ज्ञापन में गहरी आशंका जताई है कि यह मुकद्दमा ओंकार सिंह चंदेल द्वारा पत्रकारिता के अपने दायित्वों का निर्वहन करने के कारण द्वेषपूर्ण भावना से दर्ज कराया गया है। उनका कहना है कि ओंकार सिंह चंदेल पिछले कई वर्षों से एक नेशनल टीवी चैनल के माध्यम से चित्रकूट जनपद में अवैध खनन, शासकीय योजनाओं में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार जैसे जनहित के मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाते रहे हैं। महासंघ के अनुसार, इस मुकद्दमे का उद्देश्य स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाना तथा राष्ट्रीय चैनल से जुड़े पत्रकार को मानसिक व सामाजिक रूप से प्रताड़ित करना प्रतीत होता है, क्योंकि एफआईआर में वर्णित घटनाक्रम तथ्यहीन एवं विरोधाभासी है। पत्रकार संगठनों ने मांग की है कि मुकद्दमे की विवेचना थाना सरधुवा से हटाकर किसी राजपत्रित अधिकारी या क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी से कराई जाए। इसके साथ ही, विवेचना पूर्ण होने तक ओंकार सिंह चंदेल के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई या गिरफ्तारी न की जाए। उन्होंने पूरे प्रकरण की समयबद्ध, निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच कराकर वास्तविक सत्यता सामने लाने की अपील की है, और कहा है कि यदि विवेचना में मुकद्दमा असत्य या द्वेषपूर्ण पाया जाता है, तो झूठा मुकद्दमा दर्ज कराने वाले वादी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में भारतीय मीडिया महासंघ के बांदा जिलाध्यक्ष अल्तमश हुसैन, आनंद तिवारी, शिवम तिवारी, अनवर रजा, शुभम सिंह, पवन यादव, राजेंद्र कुमार मिश्रा, पुरन राय, मो. हसन, गुल मोहम्मद, अयाज जमा, इमरान खान, संदीप, मनीष निगम, कुलदीप, मनोज, रिजवान खान, राहुल वर्मा, व अन्य पत्रकार मौजूद रहे। महासंघ ने डीआईजी से अनुरोध किया है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता, निष्पक्षता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु इस प्रकरण में तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायोचित कार्रवाई की जाए।
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    चित्रकूट जनपद में पत्रकार ओंकार सिंह चंदेल के खिलाफ थाना सरधुवा में दर्ज रंगदारी के मुकद्दमे को लेकर पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश है। भारतीय मीडिया महासंघ के बैनर तले पत्रकारों ने बांदा स्थित पुलिस उपमहानिरीक्षक, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि यह रंगदारी का मुकद्दमा 13 जून 26 को पंजीकृत किया गया है।

महासंघ ने डीआईजी को दिए ज्ञापन में गहरी आशंका जताई है कि यह मुकद्दमा ओंकार सिंह चंदेल द्वारा पत्रकारिता के अपने दायित्वों का निर्वहन करने के कारण द्वेषपूर्ण भावना से दर्ज कराया गया है। उनका कहना है कि ओंकार सिंह चंदेल पिछले कई वर्षों से एक नेशनल टीवी चैनल के माध्यम से चित्रकूट जनपद में अवैध खनन, शासकीय योजनाओं में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार जैसे जनहित के मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाते रहे हैं। महासंघ के अनुसार, इस मुकद्दमे का उद्देश्य स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाना तथा राष्ट्रीय चैनल से जुड़े पत्रकार को मानसिक व सामाजिक रूप से प्रताड़ित करना प्रतीत होता है, क्योंकि एफआईआर में वर्णित घटनाक्रम तथ्यहीन एवं विरोधाभासी है।

पत्रकार संगठनों ने मांग की है कि मुकद्दमे की विवेचना थाना सरधुवा से हटाकर किसी राजपत्रित अधिकारी या क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी से कराई जाए। इसके साथ ही, विवेचना पूर्ण होने तक ओंकार सिंह चंदेल के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई या गिरफ्तारी न की जाए। उन्होंने पूरे प्रकरण की समयबद्ध, निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच कराकर वास्तविक सत्यता सामने लाने की अपील की है, और कहा है कि यदि विवेचना में मुकद्दमा असत्य या द्वेषपूर्ण पाया जाता है, तो झूठा मुकद्दमा दर्ज कराने वाले वादी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में भारतीय मीडिया महासंघ के बांदा जिलाध्यक्ष अल्तमश हुसैन, आनंद तिवारी, शिवम तिवारी, अनवर रजा, शुभम सिंह, पवन यादव, राजेंद्र कुमार मिश्रा, पुरन राय, मो. हसन, गुल मोहम्मद, अयाज जमा, इमरान खान, संदीप, मनीष निगम, कुलदीप, मनोज, रिजवान खान, राहुल वर्मा, व अन्य पत्रकार मौजूद रहे। महासंघ ने डीआईजी से अनुरोध किया है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता, निष्पक्षता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु इस प्रकरण में तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायोचित कार्रवाई की जाए।
    user_Altmush Husain
    Altmush Husain
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जनपद के पत्रकार ओंकार सिंह चंदेल के खिलाफ थाना सरधुवा में रंगदारी का मुकदमा दर्ज होने पर पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले को लेकर बांदा जनपद के पत्रकारों ने पुलिस उपमहानिरीक्षक, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र, बांदा को एक ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि ओंकार सिंह चंदेल के विरुद्ध यह मुकदमा 13 जून 26 को पंजीकृत किया गया है। पत्रकारों ने गहरी आशंका जताई है कि यह मुकदमा द्वेषपूर्ण भावना से दर्ज कराया गया है, क्योंकि ओंकार सिंह चंदेल पिछले कई वर्षों से एक नेशनल टीवी चैनल के माध्यम से चित्रकूट जनपद में अवैध खनन, शासकीय योजनाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार जैसे जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि इस मुकदमे का उद्देश्य स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाना तथा राष्ट्रीय चैनल से जुड़े पत्रकार को मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित करना है। ज्ञापन में एफआईआर में वर्णित घटनाक्रम को तथ्यहीन एवं विरोधाभासी भी बताया गया है। पत्रकारों ने डीआईजी से मांग की है कि मुकदमे की विवेचना थाना सरधुवा से हटाकर किसी राजपत्रित अधिकारी/क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी से कराई जाए, तथा विवेचना पूर्ण होने तक ओंकार सिंह चंदेल के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई या गिरफ्तारी न की जाए। उन्होंने समयबद्ध, निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच कराकर वास्तविक सत्यता सामने लाने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, यदि विवेचना में मुकदमा असत्य या द्वेषपूर्ण पाया जाता है, तो झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले वादी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की भी मांग की गई है। पत्रकारों ने डीआईजी से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता, निष्पक्षता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रकरण में तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायोचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। ज्ञापन सौंपने वालों में अल्तमश हुसैन, आनंद तिवारी, अनवर रज़ा रानू, शिवम तिवारी, शुभम सिंह, पवन यादव, राजेन्द्र कुमार मिश्रा, इमरान खान, पूरन राय, मो0 हसन, गुल मोहम्मद, अयाज़ जमा और अन्य पत्रकार मौजूद रहे।
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    उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जनपद के पत्रकार ओंकार सिंह चंदेल के खिलाफ थाना सरधुवा में रंगदारी का मुकदमा दर्ज होने पर पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले को लेकर बांदा जनपद के पत्रकारों ने पुलिस उपमहानिरीक्षक, चित्रकूटधाम परिक्षेत्र, बांदा को एक ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

ज्ञापन में बताया गया है कि ओंकार सिंह चंदेल के विरुद्ध यह मुकदमा 13 जून 26 को पंजीकृत किया गया है। पत्रकारों ने गहरी आशंका जताई है कि यह मुकदमा द्वेषपूर्ण भावना से दर्ज कराया गया है, क्योंकि ओंकार सिंह चंदेल पिछले कई वर्षों से एक नेशनल टीवी चैनल के माध्यम से चित्रकूट जनपद में अवैध खनन, शासकीय योजनाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार जैसे जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि इस मुकदमे का उद्देश्य स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता को दबाना तथा राष्ट्रीय चैनल से जुड़े पत्रकार को मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित करना है। ज्ञापन में एफआईआर में वर्णित घटनाक्रम को तथ्यहीन एवं विरोधाभासी भी बताया गया है।

पत्रकारों ने डीआईजी से मांग की है कि मुकदमे की विवेचना थाना सरधुवा से हटाकर किसी राजपत्रित अधिकारी/क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी से कराई जाए, तथा विवेचना पूर्ण होने तक ओंकार सिंह चंदेल के विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई या गिरफ्तारी न की जाए। उन्होंने समयबद्ध, निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच कराकर वास्तविक सत्यता सामने लाने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, यदि विवेचना में मुकदमा असत्य या द्वेषपूर्ण पाया जाता है, तो झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले वादी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की भी मांग की गई है। पत्रकारों ने डीआईजी से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता, निष्पक्षता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रकरण में तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायोचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। ज्ञापन सौंपने वालों में अल्तमश हुसैन, आनंद तिवारी, अनवर रज़ा रानू, शिवम तिवारी, शुभम सिंह, पवन यादव, राजेन्द्र कुमार मिश्रा, इमरान खान, पूरन राय, मो0 हसन, गुल मोहम्मद, अयाज़ जमा और अन्य पत्रकार मौजूद रहे।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बांदा में बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे पीली कोठी स्थित तुलसी होटल के पास एक तेज रफ्तार बोलेरो चालक की लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक वाहन को तेज और लापरवाही से चला रहा था, जिसके चलते बोलेरो ने सबसे पहले एक रिक्शे को जोरदार टक्कर मारी। इस टक्कर से स्कूल जा रही एक महिला शिक्षिका गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं। टक्कर के बाद भी चालक बोलेरो पर नियंत्रण नहीं रख सका और गाड़ी सीधे एक दुकान का शटर तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। इस हादसे से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। घायल शिक्षिका को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मौके से बोलेरो में शराब की बोतल भी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और चालक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी।
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    बांदा में बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे पीली कोठी स्थित तुलसी होटल के पास एक तेज रफ्तार बोलेरो चालक की लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक वाहन को तेज और लापरवाही से चला रहा था, जिसके चलते बोलेरो ने सबसे पहले एक रिक्शे को जोरदार टक्कर मारी। इस टक्कर से स्कूल जा रही एक महिला शिक्षिका गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं।

टक्कर के बाद भी चालक बोलेरो पर नियंत्रण नहीं रख सका और गाड़ी सीधे एक दुकान का शटर तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। इस हादसे से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। घायल शिक्षिका को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मौके से बोलेरो में शराब की बोतल भी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और चालक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी।
    user_Shivam
    Shivam
    Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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