दमोह विकासखंड के जुझार गांव से सटी ब्यारमा नदी के बड़ों गहरा घाट पर गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मगरमच्छ नदी में बह रही एक मृत भैंस को खाने के लिए कई बार पानी से बाहर आया, जिससे घाट पर मौजूद लोग डरकर वहां से दूर हट गए। स्थानीय लोगों द्वारा तत्काल डायल-112 को घटना की सूचना दिए जाने के बाद हिंडोरिया थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, जांच के दौरान मगरमच्छ के नदी के गहरे हिस्से में होने की वजह से उसका रेस्क्यू नहीं किया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में ब्यारमा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण मगरमच्छ अक्सर घाटों और तटीय इलाकों तक पहुंच जाते हैं, जिससे नदी किनारे बसे जुझार गांव के लोगों में हमेशा भय का माहौल रहता है। इस घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से नदी घाटों से दूरी बनाए रखने, बच्चों को अकेले नदी किनारे नहीं भेजने और सतर्क रहने की अपील की है। वहीं, ग्रामीणों द्वारा स्थायी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की मांग किए जाने के बाद मौके पर सक्रिय हुई वन विभाग की टीम ने मगरमच्छों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
दमोह विकासखंड के जुझार गांव से सटी ब्यारमा नदी के बड़ों गहरा घाट पर गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मगरमच्छ नदी में बह रही एक मृत भैंस को खाने के लिए कई बार पानी से बाहर आया, जिससे घाट पर मौजूद लोग डरकर वहां से दूर हट गए। स्थानीय लोगों द्वारा तत्काल डायल-112 को घटना की सूचना दिए जाने के बाद हिंडोरिया थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, जांच के दौरान मगरमच्छ के नदी के गहरे हिस्से में होने की वजह से उसका रेस्क्यू नहीं किया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में ब्यारमा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण मगरमच्छ अक्सर घाटों और तटीय इलाकों तक पहुंच जाते हैं, जिससे नदी किनारे बसे जुझार गांव के लोगों में हमेशा भय का माहौल रहता है। इस घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से नदी घाटों से दूरी बनाए रखने, बच्चों को अकेले नदी किनारे नहीं भेजने और सतर्क रहने की अपील की है। वहीं, ग्रामीणों द्वारा स्थायी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की मांग किए जाने के बाद मौके पर सक्रिय हुई वन विभाग की टीम ने मगरमच्छों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
- Post by Shubham Patel1
- मध्य प्रदेश के बड़ामलहरा में पुलिस ने भैंसों से भरे एक ट्रक को पकड़ा है। इस कार्रवाई के बाद मौके पर पुलिस बल मौजूद है और ट्रक के ड्राइवर को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और इस जांच के बाद ही यह पता चल पाएगा कि आखिर यह ट्रक कहां जा रहा था।1
- मध्य प्रदेश के दमोह के जरारू धाम में पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने दादा गुरु की उपस्थिति में मंथन अतिथि निवास का लोकार्पण किया। इस भवन का निर्माण 24.95 लाख रुपए की लागत से किया गया है। इस भवन का लोकार्पण दादा गुरु जी के 2100 निराहार दिवस के अवसर पर संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर नरेंद्र बजाज, गोपाल पटेल, शिवचरण पटेल, सुशील गुप्ता, अमर सिंह राजपूत, पंडित नरेंद्र दुबे, साधु सिंह, कैलाश शेलार, गंगाराम लोधी, शंकर महंतो, नर्मदा सिंह एकता, अनीता खरे, आचार्य जगेंद्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु गण उपस्थित रहे।1
- देश की जनता के साथ किए जा रहे रवैये को लेकर सरकार पर तीखे सवाल उठाए गए हैं। इसमें लोगों को चेतावनी देते हुए आगाह किया गया है कि सरकार देश की जनता के साथ गलत कर रही है और जल्द ही आपको भी चूना लगने वाला है।1
- दमोह शहर के हृदय स्थल घंटाघर स्थित हनुमानगढ़ी से आज गुरुवार शाम 5 बजे भगवान जगन्नाथ जी की भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक यात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री प्रहलाद पटेल शामिल हुए। उन्होंने हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचकर दादा गुरु के साथ भगवान जगदीश स्वामी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और फिर पारंपरिक रथ यात्रा में सम्मिलित होकर भगवान के रथ की अगवानी की। इस भव्य आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे मार्ग में अत्यंत धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। भगवान के दर्शन के लिए उमड़े जनसैलाब ने यात्रा मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा करने के साथ ही रथ यात्रा का भव्य स्वागत किया।1
- दमोह विकासखंड के जुझार गांव से सटी ब्यारमा नदी के बड़ों गहरा घाट पर गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मगरमच्छ नदी में बह रही एक मृत भैंस को खाने के लिए कई बार पानी से बाहर आया, जिससे घाट पर मौजूद लोग डरकर वहां से दूर हट गए। स्थानीय लोगों द्वारा तत्काल डायल-112 को घटना की सूचना दिए जाने के बाद हिंडोरिया थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, जांच के दौरान मगरमच्छ के नदी के गहरे हिस्से में होने की वजह से उसका रेस्क्यू नहीं किया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में ब्यारमा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण मगरमच्छ अक्सर घाटों और तटीय इलाकों तक पहुंच जाते हैं, जिससे नदी किनारे बसे जुझार गांव के लोगों में हमेशा भय का माहौल रहता है। इस घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से नदी घाटों से दूरी बनाए रखने, बच्चों को अकेले नदी किनारे नहीं भेजने और सतर्क रहने की अपील की है। वहीं, ग्रामीणों द्वारा स्थायी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की मांग किए जाने के बाद मौके पर सक्रिय हुई वन विभाग की टीम ने मगरमच्छों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।1