मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में टोल पर फ्री पास न मिलने को लेकर बीजेपी नेताओं और टोलकर्मियों के बीच जमकर हंगामा हो गया। केंद्रीय मंत्री वीरेन्द्र कुमार को छोड़कर वापस लौट रहे बीजेपी नेता अप्पूराजा सोनी और सांसद प्रतिनिधि संजू बरसैया की गाड़ी को टोलकर्मियों ने रोक लिया। टोल प्लाजा पर पहुंचने पर कर्मचारियों ने नेताओं की गाड़ी को VIP या फ्री पास न मानते हुए टोल देने को कहा। इसी बात पर नेताओं और टोलकर्मियों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि काफी देर तक गाड़ी को टोल पर रोके रखा गया, जिसके बाद पूरा मामला घंटों चले ड्रामे में बदल गया और मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई। बीजेपी नेताओं का तर्क था कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें टोल से छूट मिलनी चाहिए, जबकि टोलकर्मियों का कहना था कि नियम के अनुसार फ्री पास उपलब्ध नहीं है। फिलहाल मामले को शांत करा दिया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद अब टोल प्लाजा पर वीआईपी पास और इससे संबंधित नियमों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में टोल पर फ्री पास न मिलने को लेकर बीजेपी नेताओं और टोलकर्मियों के बीच जमकर हंगामा हो गया। केंद्रीय मंत्री वीरेन्द्र कुमार को छोड़कर वापस लौट रहे बीजेपी नेता अप्पूराजा सोनी और सांसद प्रतिनिधि संजू बरसैया की गाड़ी को टोलकर्मियों ने रोक लिया। टोल प्लाजा पर पहुंचने पर कर्मचारियों ने नेताओं की गाड़ी को VIP या फ्री पास न मानते हुए टोल देने को कहा। इसी बात पर नेताओं और टोलकर्मियों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि काफी देर तक गाड़ी को टोल पर रोके रखा गया, जिसके बाद पूरा मामला घंटों चले ड्रामे में बदल गया और मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई। बीजेपी नेताओं का तर्क था कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें टोल से छूट मिलनी चाहिए, जबकि टोलकर्मियों का कहना था कि नियम के अनुसार फ्री पास उपलब्ध नहीं है। फिलहाल मामले को शांत करा दिया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद अब टोल प्लाजा पर वीआईपी पास और इससे संबंधित नियमों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
- छतरपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम काटी रामनगर में 22 वर्षीय नवविवाहिता रोशनी देवी की करंट लगने से मौत हो गई। रोशनी की शादी करीब डेढ़ साल पहले अशोक पटेल के साथ हुई थी। बताया गया कि वह घर में पूजा और घरेलू काम कर रही थी, तभी बिजली के तार की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसकर बेहोश हो गई। परिजन उसे निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद जिला अस्पताल में मायके और ससुराल पक्ष के बीच विवाद खड़ा हो गया। मृतका की मां रेखा पटेल और मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल वालों पर रोशनी की करंट लगाकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। मायके वालों का कहना है कि रोशनी को दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच करंट लगा था, लेकिन उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय उसके कपड़े बदले गए और काफी देर बाद अस्पताल लाया गया। उन्होंने बताया कि घटना से एक दिन पहले ही फोन पर बात के दौरान रोशनी ने कोई परेशानी नहीं बताई थी। वहीं, पति अशोक पटेल और उसके परिजनों ने आरोपों को गलत बताया है। पति के मुताबिक रोशनी पूजा कर रही थी, तभी हीटर के तार से उसे करंट लग गया। उसने दावा किया कि घटना के समय वह घर पर नहीं था और लौटने पर रोशनी को बेहोश पाकर तुरंत अस्पताल ले गया। फिलहाल मायके पक्ष ने कोतवाली थाने में शिकायत दी है, जिसके आधार पर पुलिस मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम और मामले की जांच कर रही है।1
- टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ अंतर्गत कुडीला थाना क्षेत्र के ग्राम बछोडा निवासी 34 वर्षीय मनोज अहिरवार और उनके 60 वर्षीय पिता कडोरी अहिरवार ने थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का कहना है कि वे गांव के दबंग जयराम लुहार और हरदास द्वारा पिछले तीन वर्षों से की जा रही गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियों की शिकायत दर्ज कराने 25 जुलाई 2026 को सुबह 7 बजे कुडीला थाने पहुंचे थे। आरोप है कि थाना प्रभारी ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की और दोपहर करीब ढाई-तीन बजे दूसरी पार्टी को बुलाकर जबरदस्ती राजीनामा पत्र पर अंगूठा निशानी लगवा ली। पीड़ितों का दावा है कि उन्हें थाने के अंदर 3 घंटे बिठाकर रखा गया और धमकी दी गई कि राजीनामा न करने पर उल्टी झूठी रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा। भयभीत होकर उन्होंने मजबूरन अंगूठा लगा दिया। पीड़ितों के अनुसार, उनका यह वीडियो भी बनवाया गया कि वे शिकायत लेकर पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ के पास नहीं जाएंगे। मीडिया के सामने आकर उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और पूरे दिन बैठाकर एकपक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक व जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। दूसरी तरफ, मामले में कुडीला थाना प्रभारी अरविंद यादव का कहना है कि फरियादी गाली-गलौज और मारपीट की रिपोर्ट के साथ महिला से छेड़खानी का मामला भी दर्ज कराना चाहते थे, इसलिए दूसरे पक्ष को बुलाया जा रहा था।2
- निवाड़ी जिले के ओरछा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भगवान रामराजा सरकार के दर्शन किए। मंदिर में दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव मीडिया से रूबरू हुए और अपनी बात रखी।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ स्थित पुलिस चौकी उपथाना अस्तौन में पुलिस अधिकारियों और ग्रामीण वासियों को नशामुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाई गई है। "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" के तहत आयोजित इस पहल के माध्यम से लोगों से स्वयं नशे से दूर रहने और समाज को भी नशामुक्त बनाने में अपना योगदान देने का आह्वान किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ कलेक्टर परिसर में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए अत्याचार और लाठी-डंडों के प्रयोग के विरोध में विभिन्न संगठनों द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम मैडम को ज्ञापन सौंपा और जंतर-मंतर पर हुई घटना के खिलाफ आवाज उठाते हुए उचित कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान परिसर में भारी पुलिस बल की तैनाती रही। इस प्रदर्शन में ओबीसी महासभा, आजाद समाज पार्टी, छात्र संघ और किसान संघ सहित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान 'ओबीसी महासभा जिंदाबाद', 'आजाद समाज पार्टी जिंदाबाद' और 'छात्र-किसान एकता जिंदाबाद' के नारे भी लगाए गए।1
- टीकमगढ़ में केंद्रीय मंत्री वीरेन्द्र कुमार को छोड़कर वापस लौट रहे बीजेपी नेताओं की गाड़ी को टोलकर्मियों द्वारा मुफ्त में न निकलने देने पर घंटों भारी ड्रामा और हंगामा चला। बीजेपी नेता अप्पूराजा सोनी और सांसद प्रतिनिधि संजू बरसैया की गाड़ी को टोल कर्मचारी आगे नहीं जाने दे रहे थे। गाड़ी को टोल से फ्री में न निकलने देने की बात को लेकर बीजेपी नेताओं और टोल कर्मचारियों के बीच बात बिगड़ गई और मौके पर जमकर बवाल हुआ।1
- छतरपुर जिले में जमीन विवाद को लेकर मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित संतू आदिवासी ने जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि चंद्रभान दुबे की जमीन पर काम करने के दौरान कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और लाइसेंसी बंदूक लेकर मौके पर पहुंचे। शिकायत में आरोपियों द्वारा मशीनें छीनकर ले जाने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह मामला शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन पर आधारित है और फिलहाल मामले की जांच जारी है, जिसके बाद ही आधिकारिक रूप से तथ्यों की पुष्टि होगी।1