logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

लौह नगरी किरंदुल में आस्था का विराट महाकुंभ,राघव मंदिर में श्री श्री बालाजी कल्याणम महोत्सव ने रचा भक्ति, समरसता और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत इतिहास रिपोर्ट/रवि सरकार बैलाडीला पर्वतमाला की पावन छाया में स्थित लौह नगरी किरंदुल एक बार फिर इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों में अंकित हो गई,जब नगर के प्रतिष्ठित राघव मंदिर में श्री श्री बालाजी कल्याणम महोत्सव का भव्य,दिव्य और अलौकिक आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं,बल्कि आस्था, संस्कृति,परंपरा और सामाजिक समरसता का विराट उत्सव बनकर उभरा, *किरंदुल, जिसे देशभर में “मिनी भारत” के नाम से जाना जाता है*, इस महोत्सव के माध्यम से अपनी इसी पहचान को साकार करता नजर आया विभिन्न राज्यों,भाषाओं और संस्कृतियों से जुड़े लोग एक ही परिसर में,एक ही आराध्य के चरणों में नतमस्तक दिखाई दिए—यह दृश्य स्वयं में भारत की आत्मा को प्रतिबिंबित कर रहा था, *प्रातः से रात्रि तक—भक्ति का अनवरत प्रवाह* महोत्सव के दिन प्रातःकाल ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही प्रारंभ हो गई थी,स्नान, व्रत और पूजा-पाठ के उपरांत श्रद्धालु भगवान श्री बालाजी के दर्शन हेतु कतारबद्ध होकर प्रतीक्षारत थे। मंदिर में गूंजते वेद मंत्र, शंख-ध्वनि, घंटियों की मधुर नाद और “जय श्री बालाजी,गोविंदा गोविंदा के जयघोष ने वातावरण को दिव्य बना दिया, *श्री श्री बालाजी कल्याणम—दिव्यता का चरम उत्सव* वैदिक विधि-विधान से संपन्न श्री श्री बालाजी कल्याणम के दौरान भगवान बालाजी का दिव्य श्रृंगार भक्तों की आस्था का केंद्र बना,पुष्पों से सुसज्जित मंडप, दीपों की पंक्तियां और मंत्रोच्चार के बीच संपन्न होता यह पावन अनुष्ठान मानो साक्षात वैकुण्ठ की अनुभूति करा रहा था, श्रद्धालु इस दृश्य को निहारते हुए भाव-विभोर हो उठे। किसी की आंखों में श्रद्धा के अश्रु थे,तो कोई हाथ जोड़कर मौन प्रार्थना में लीन था,बच्चे मासूम जिज्ञासा से अनुष्ठान को देख रहे थे,महिलाएं भक्ति गीतों में तल्लीन थीं और वरिष्ठजन शांत भाव से प्रभु कृपा का अनुभव कर रहे थे, *सर्व समाज की सहभागिता—आस्था का महासंगम* इस महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता रही सर्व समाज की सक्रिय सहभागिता,जाति,भाषा, क्षेत्र और वर्ग से परे सभी श्रद्धालु एक ही भाव से भगवान बालाजी की आराधना में जुटे नजर आए, यही वह भाव है जो *किरंदुल को “मिनी भारत” बनाता है* जहां विविधता में एकता केवल शब्द नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष अनुभव है, *सामाजिक समरसता और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण* आयोजन के दौरान अनुशासन,सेवा और सहयोग की भावना हर ओर दिखाई दी। स्वयंसेवकों द्वारा भक्तों की सहायता,प्रसाद वितरण और व्यवस्था संचालन ने यह सिद्ध किया कि भक्ति जब सेवा से जुड़ती है,तब समाज का वास्तविक उत्थान होता है, *श्रद्धा,शांति और संतोष—हर चेहरे पर झलकता भाव* महोत्सव के समापन के पश्चात भी मंदिर परिसर में दिव्यता की अनुभूति बनी रही,भक्तों के चेहरों पर शांति, तृप्ति और आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था,यह आयोजन किरंदुल नगर के धार्मिक जीवन में एक अमिट स्मृति के रूप में अंकित हो गया, *आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा* निस्संदेह,राघव मंदिर में आयोजित श्री श्री बालाजी कल्याणम महोत्सव आने वाले वर्षों में न केवल एक धार्मिक आयोजन के रूप में,बल्कि सांस्कृतिक एकता,सामाजिक समरसता और आस्था की शक्ति के प्रेरक उदाहरण के रूप में याद किया जाता रहेगा

20 hrs ago
user_Ravi sarkar
Ravi sarkar
बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़•
20 hrs ago

लौह नगरी किरंदुल में आस्था का विराट महाकुंभ,राघव मंदिर में श्री श्री बालाजी कल्याणम महोत्सव ने रचा भक्ति, समरसता और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत इतिहास रिपोर्ट/रवि सरकार बैलाडीला पर्वतमाला की पावन छाया में स्थित लौह नगरी किरंदुल एक बार फिर इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों में अंकित हो गई,जब नगर के प्रतिष्ठित राघव मंदिर में श्री श्री बालाजी कल्याणम महोत्सव का भव्य,दिव्य और अलौकिक आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं,बल्कि आस्था, संस्कृति,परंपरा और सामाजिक समरसता का विराट उत्सव बनकर उभरा, *किरंदुल, जिसे देशभर में “मिनी भारत” के नाम से जाना जाता है*, इस महोत्सव के माध्यम से अपनी इसी पहचान को साकार करता नजर आया विभिन्न राज्यों,भाषाओं और संस्कृतियों से जुड़े लोग एक ही परिसर में,एक ही आराध्य के चरणों में

नतमस्तक दिखाई दिए—यह दृश्य स्वयं में भारत की आत्मा को प्रतिबिंबित कर रहा था, *प्रातः से रात्रि तक—भक्ति का अनवरत प्रवाह* महोत्सव के दिन प्रातःकाल ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही प्रारंभ हो गई थी,स्नान, व्रत और पूजा-पाठ के उपरांत श्रद्धालु भगवान श्री बालाजी के दर्शन हेतु कतारबद्ध होकर प्रतीक्षारत थे। मंदिर में गूंजते वेद मंत्र, शंख-ध्वनि, घंटियों की मधुर नाद और “जय श्री बालाजी,गोविंदा गोविंदा के जयघोष ने वातावरण को दिव्य बना दिया, *श्री श्री बालाजी कल्याणम—दिव्यता का चरम उत्सव* वैदिक विधि-विधान से संपन्न श्री श्री बालाजी कल्याणम के दौरान भगवान बालाजी का दिव्य श्रृंगार भक्तों की आस्था का केंद्र बना,पुष्पों से सुसज्जित मंडप, दीपों की पंक्तियां और मंत्रोच्चार के बीच संपन्न होता यह पावन अनुष्ठान मानो साक्षात वैकुण्ठ की अनुभूति करा

f1fbd5da-dd1b-447e-a102-58dd18e0a1fc

रहा था, श्रद्धालु इस दृश्य को निहारते हुए भाव-विभोर हो उठे। किसी की आंखों में श्रद्धा के अश्रु थे,तो कोई हाथ जोड़कर मौन प्रार्थना में लीन था,बच्चे मासूम जिज्ञासा से अनुष्ठान को देख रहे थे,महिलाएं भक्ति गीतों में तल्लीन थीं और वरिष्ठजन शांत भाव से प्रभु कृपा का अनुभव कर रहे थे, *सर्व समाज की सहभागिता—आस्था का महासंगम* इस महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता रही सर्व समाज की सक्रिय सहभागिता,जाति,भाषा, क्षेत्र और वर्ग से परे सभी श्रद्धालु एक ही भाव से भगवान बालाजी की आराधना में जुटे नजर आए, यही वह भाव है जो *किरंदुल को “मिनी भारत” बनाता है* जहां विविधता में एकता केवल शब्द नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष अनुभव है, *सामाजिक समरसता और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण* आयोजन के दौरान अनुशासन,सेवा और सहयोग की भावना

561ddb3d-2b1e-4cfb-a0c6-b6e0563a310f

हर ओर दिखाई दी। स्वयंसेवकों द्वारा भक्तों की सहायता,प्रसाद वितरण और व्यवस्था संचालन ने यह सिद्ध किया कि भक्ति जब सेवा से जुड़ती है,तब समाज का वास्तविक उत्थान होता है, *श्रद्धा,शांति और संतोष—हर चेहरे पर झलकता भाव* महोत्सव के समापन के पश्चात भी मंदिर परिसर में दिव्यता की अनुभूति बनी रही,भक्तों के चेहरों पर शांति, तृप्ति और आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था,यह आयोजन किरंदुल नगर के धार्मिक जीवन में एक अमिट स्मृति के रूप में अंकित हो गया, *आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा* निस्संदेह,राघव मंदिर में आयोजित श्री श्री बालाजी कल्याणम महोत्सव आने वाले वर्षों में न केवल एक धार्मिक आयोजन के रूप में,बल्कि सांस्कृतिक एकता,सामाजिक समरसता और आस्था की शक्ति के प्रेरक उदाहरण के रूप में याद किया जाता रहेगा

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • लौह नगरी किरंदुल में आस्था का विराट महाकुंभ,राघव मंदिर में श्री श्री बालाजी कल्याणम महोत्सव ने रचा भक्ति, समरसता और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत इतिहास रिपोर्ट/रवि सरकार बैलाडीला पर्वतमाला की पावन छाया में स्थित लौह नगरी किरंदुल एक बार फिर इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों में अंकित हो गई,जब नगर के प्रतिष्ठित राघव मंदिर में श्री श्री बालाजी कल्याणम महोत्सव का भव्य,दिव्य और अलौकिक आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं,बल्कि आस्था, संस्कृति,परंपरा और सामाजिक समरसता का विराट उत्सव बनकर उभरा, *किरंदुल, जिसे देशभर में “मिनी भारत” के नाम से जाना जाता है*, इस महोत्सव के माध्यम से अपनी इसी पहचान को साकार करता नजर आया विभिन्न राज्यों,भाषाओं और संस्कृतियों से जुड़े लोग एक ही परिसर में,एक ही आराध्य के चरणों में नतमस्तक दिखाई दिए—यह दृश्य स्वयं में भारत की आत्मा को प्रतिबिंबित कर रहा था, *प्रातः से रात्रि तक—भक्ति का अनवरत प्रवाह* महोत्सव के दिन प्रातःकाल ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही प्रारंभ हो गई थी,स्नान, व्रत और पूजा-पाठ के उपरांत श्रद्धालु भगवान श्री बालाजी के दर्शन हेतु कतारबद्ध होकर प्रतीक्षारत थे। मंदिर में गूंजते वेद मंत्र, शंख-ध्वनि, घंटियों की मधुर नाद और “जय श्री बालाजी,गोविंदा गोविंदा के जयघोष ने वातावरण को दिव्य बना दिया, *श्री श्री बालाजी कल्याणम—दिव्यता का चरम उत्सव* वैदिक विधि-विधान से संपन्न श्री श्री बालाजी कल्याणम के दौरान भगवान बालाजी का दिव्य श्रृंगार भक्तों की आस्था का केंद्र बना,पुष्पों से सुसज्जित मंडप, दीपों की पंक्तियां और मंत्रोच्चार के बीच संपन्न होता यह पावन अनुष्ठान मानो साक्षात वैकुण्ठ की अनुभूति करा रहा था, श्रद्धालु इस दृश्य को निहारते हुए भाव-विभोर हो उठे। किसी की आंखों में श्रद्धा के अश्रु थे,तो कोई हाथ जोड़कर मौन प्रार्थना में लीन था,बच्चे मासूम जिज्ञासा से अनुष्ठान को देख रहे थे,महिलाएं भक्ति गीतों में तल्लीन थीं और वरिष्ठजन शांत भाव से प्रभु कृपा का अनुभव कर रहे थे, *सर्व समाज की सहभागिता—आस्था का महासंगम* इस महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता रही सर्व समाज की सक्रिय सहभागिता,जाति,भाषा, क्षेत्र और वर्ग से परे सभी श्रद्धालु एक ही भाव से भगवान बालाजी की आराधना में जुटे नजर आए, यही वह भाव है जो *किरंदुल को “मिनी भारत” बनाता है* जहां विविधता में एकता केवल शब्द नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष अनुभव है, *सामाजिक समरसता और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण* आयोजन के दौरान अनुशासन,सेवा और सहयोग की भावना हर ओर दिखाई दी। स्वयंसेवकों द्वारा भक्तों की सहायता,प्रसाद वितरण और व्यवस्था संचालन ने यह सिद्ध किया कि भक्ति जब सेवा से जुड़ती है,तब समाज का वास्तविक उत्थान होता है, *श्रद्धा,शांति और संतोष—हर चेहरे पर झलकता भाव* महोत्सव के समापन के पश्चात भी मंदिर परिसर में दिव्यता की अनुभूति बनी रही,भक्तों के चेहरों पर शांति, तृप्ति और आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था,यह आयोजन किरंदुल नगर के धार्मिक जीवन में एक अमिट स्मृति के रूप में अंकित हो गया, *आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा* निस्संदेह,राघव मंदिर में आयोजित श्री श्री बालाजी कल्याणम महोत्सव आने वाले वर्षों में न केवल एक धार्मिक आयोजन के रूप में,बल्कि सांस्कृतिक एकता,सामाजिक समरसता और आस्था की शक्ति के प्रेरक उदाहरण के रूप में याद किया जाता रहेगा
    4
    लौह नगरी किरंदुल में आस्था का विराट महाकुंभ,राघव मंदिर में श्री श्री बालाजी कल्याणम महोत्सव ने रचा भक्ति, समरसता और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत इतिहास
रिपोर्ट/रवि सरकार 
बैलाडीला पर्वतमाला की पावन छाया में स्थित लौह नगरी किरंदुल एक बार फिर इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों में अंकित हो गई,जब नगर के प्रतिष्ठित राघव मंदिर में श्री श्री बालाजी कल्याणम महोत्सव का भव्य,दिव्य और अलौकिक आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं,बल्कि आस्था, संस्कृति,परंपरा और सामाजिक समरसता का विराट उत्सव बनकर उभरा,
*किरंदुल, जिसे देशभर में “मिनी भारत” के नाम से जाना जाता है*, इस महोत्सव के माध्यम से अपनी इसी पहचान को साकार करता नजर आया विभिन्न राज्यों,भाषाओं और संस्कृतियों से जुड़े लोग एक ही परिसर में,एक ही आराध्य के चरणों में नतमस्तक दिखाई दिए—यह दृश्य स्वयं में भारत की आत्मा को प्रतिबिंबित कर रहा था,
*प्रातः से रात्रि तक—भक्ति का अनवरत प्रवाह*
महोत्सव के दिन प्रातःकाल ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही प्रारंभ हो गई थी,स्नान, व्रत और पूजा-पाठ के उपरांत श्रद्धालु भगवान श्री बालाजी के दर्शन हेतु कतारबद्ध होकर प्रतीक्षारत थे। मंदिर में गूंजते वेद मंत्र, शंख-ध्वनि, घंटियों की मधुर नाद और “जय श्री बालाजी,गोविंदा गोविंदा के जयघोष ने वातावरण को दिव्य बना दिया,
*श्री श्री बालाजी कल्याणम—दिव्यता का चरम उत्सव*
वैदिक विधि-विधान से संपन्न श्री श्री बालाजी कल्याणम के दौरान भगवान बालाजी का दिव्य श्रृंगार भक्तों की आस्था का केंद्र बना,पुष्पों से सुसज्जित मंडप, दीपों की पंक्तियां और मंत्रोच्चार के बीच संपन्न होता यह पावन अनुष्ठान मानो साक्षात वैकुण्ठ की अनुभूति करा रहा था,
श्रद्धालु इस दृश्य को निहारते हुए भाव-विभोर हो उठे। किसी की आंखों में श्रद्धा के अश्रु थे,तो कोई हाथ जोड़कर मौन प्रार्थना में लीन था,बच्चे मासूम जिज्ञासा से अनुष्ठान को देख रहे थे,महिलाएं भक्ति गीतों में तल्लीन थीं और वरिष्ठजन शांत भाव से प्रभु कृपा का अनुभव कर रहे थे,
*सर्व समाज की सहभागिता—आस्था का महासंगम*
इस महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता रही सर्व समाज की सक्रिय सहभागिता,जाति,भाषा, क्षेत्र और वर्ग से परे सभी श्रद्धालु एक ही भाव से भगवान बालाजी की आराधना में जुटे नजर आए, यही वह भाव है जो *किरंदुल को “मिनी भारत” बनाता है* जहां विविधता में एकता केवल शब्द नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष अनुभव है,
*सामाजिक समरसता और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण*
आयोजन के दौरान अनुशासन,सेवा और सहयोग की भावना हर ओर दिखाई दी। स्वयंसेवकों द्वारा भक्तों की सहायता,प्रसाद वितरण और व्यवस्था संचालन ने यह सिद्ध किया कि भक्ति जब सेवा से जुड़ती है,तब समाज का वास्तविक उत्थान होता है,
*श्रद्धा,शांति और संतोष—हर चेहरे पर झलकता भाव*
महोत्सव के समापन के पश्चात भी मंदिर परिसर में दिव्यता की अनुभूति बनी रही,भक्तों के चेहरों पर शांति, तृप्ति और आध्यात्मिक आनंद स्पष्ट दिखाई दे रहा था,यह आयोजन किरंदुल नगर के धार्मिक जीवन में एक अमिट स्मृति के रूप में अंकित हो गया,
*आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा*
निस्संदेह,राघव मंदिर में आयोजित श्री श्री बालाजी कल्याणम महोत्सव आने वाले वर्षों में न केवल एक धार्मिक आयोजन के रूप में,बल्कि सांस्कृतिक एकता,सामाजिक समरसता और आस्था की शक्ति के प्रेरक उदाहरण के रूप में याद किया जाता रहेगा
    user_Ravi sarkar
    Ravi sarkar
    बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुँच के राहत व बचाव का कार्य किया अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग ने बताया कि घटनास्थल से मलवे में रेगुलर मिला है। सम्भवतः ये सिलेंडर की वजह से ब्लास्ट हुआ हो फिर भी मामले की बारीकी से जांच की जा रही है
    1
    घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुँच के राहत व बचाव का कार्य किया
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग ने बताया कि घटनास्थल से मलवे में रेगुलर मिला है।
सम्भवतः ये सिलेंडर की वजह से ब्लास्ट हुआ हो फिर भी मामले की बारीकी से जांच की जा रही है
    user_SAMYAK NAHATA
    SAMYAK NAHATA
    Local News Reporter जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी ने बस्तर पण्डुम 2026 जगदलपुर से सम्मान के अवसर पर नक्सलियों से क्या कहा सुनिए लाइव।#अमितशाह #गृहमंत्री #बस्तरपंडुम #जगदलपुर #नक्सलियों
    1
    माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी ने बस्तर पण्डुम 2026  जगदलपुर से सम्मान के अवसर पर नक्सलियों से क्या कहा सुनिए लाइव।#अमितशाह #गृहमंत्री #बस्तरपंडुम #जगदलपुर #नक्सलियों
    user_ESHENDRA PATEL
    ESHENDRA PATEL
    पत्रकार कोंडागाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • Post by Vishwanath pujari
    1
    Post by Vishwanath pujari
    user_Vishwanath pujari
    Vishwanath pujari
    Local Politician धनोरा, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत वायर काटने की बात पर युवक से की मारपीट,रिपोर्ट दर्ज
    1
    कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत वायर काटने की बात पर युवक से की मारपीट,रिपोर्ट दर्ज
    user_Ashish parihar Parihar
    Ashish parihar Parihar
    पत्रकार कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • नगरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी पुलिस थाने में रविवार (8 फरवरी 2026) को भारी हंगामा हुआ। आदिवासी समाज और स्थानीय ग्रामीणों ने थाना प्रभारी (TI) पर एक जनप्रतिनिधि के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव किया। *मुख्य विवाद और पुलिस की लापरवाही* घटना की शुरुआत एक 16 साल की नाबालिग लड़की की गुमशुदगी से हुई। परिजनों के अनुसार, बच्ची मेला देखने जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। जब स्थानीय जनपद सदस्य परिजनों के साथ शिकायत लेकर थाने पहुँचे, तो आरोप है कि थाना प्रभारी ने सहयोग करने के बजाय उनके साथ अशोभनीय और अभद्र व्यवहार किया। *ग्रामीणों का आरोप है कि* _पुलिस बार-बार जांच शुरू करने का आश्वासन देती रही, लेकिन जमीन पर कोई ठोस खोजबीन शुरू नहीं हुई।_ _जब जनपद सदस्य ने देरी का कारण पूछा, तो थाना प्रभारी ने उनके साथ गाली-गलौज की।_ प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब पुलिस एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार कर सकती है, तो आम जनता की सुनवाई वहाँ कैसे होती होगी। *थाने के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन* पुलिस प्रशासन की इस कार्यशैली से नाराज पूरा गाँव और आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में थाने के बाहर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने "पुलिस प्रशासन होश में आओ" के नारे लगाए और दोषी थाना प्रभारी के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। *प्रशासनिक प्रतिक्रिया* मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों द्वारा उचित जांच का आश्वासन दिया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि लापता लड़की की जल्द बरामदगी नहीं हुई और थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
    1
    नगरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी पुलिस थाने में रविवार (8 फरवरी 2026) को भारी हंगामा हुआ। आदिवासी समाज और स्थानीय ग्रामीणों ने थाना प्रभारी (TI) पर एक जनप्रतिनिधि के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव किया।
*मुख्य विवाद और पुलिस की लापरवाही*
घटना की शुरुआत एक 16 साल की नाबालिग लड़की की गुमशुदगी से हुई। परिजनों के अनुसार, बच्ची मेला देखने जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। जब स्थानीय जनपद सदस्य परिजनों के साथ शिकायत लेकर थाने पहुँचे, तो आरोप है कि थाना प्रभारी ने सहयोग करने के बजाय उनके साथ अशोभनीय और अभद्र व्यवहार किया।
*ग्रामीणों का आरोप है कि*
_पुलिस बार-बार जांच शुरू करने का आश्वासन देती रही, लेकिन जमीन पर कोई ठोस खोजबीन शुरू नहीं हुई।_
_जब जनपद सदस्य ने देरी का कारण पूछा, तो थाना प्रभारी ने उनके साथ गाली-गलौज की।_
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब पुलिस एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार कर सकती है, तो आम जनता की सुनवाई वहाँ कैसे होती होगी।
*थाने के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन*
पुलिस प्रशासन की इस कार्यशैली से नाराज पूरा गाँव और आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में थाने के बाहर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने "पुलिस प्रशासन होश में आओ" के नारे लगाए और दोषी थाना प्रभारी के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
*प्रशासनिक प्रतिक्रिया*
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों द्वारा उचित जांच का आश्वासन दिया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि लापता लड़की की जल्द बरामदगी नहीं हुई और थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
    user_Simant Prajapati
    Simant Prajapati
    Voice of people नगरी, धमतरी, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • हमारे साथ बनी रहे वीडियो पूरा देखिए और वीडियो अच्छा लगा हो तो लाइक करें कमेंट करें फोलो करें शेयर करें
    1
    हमारे साथ बनी रहे वीडियो पूरा देखिए और वीडियो अच्छा लगा हो तो लाइक करें कमेंट करें फोलो करें शेयर करें
    user_Devraj mrakam
    Devraj mrakam
    Agricultural association धमतरी, धमतरी, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • लोहंडीगुड़ा स्थित एक दुकान में लगी आग सूत्रों के मुकाबले सिलेंडर फटने की भी सूचना सामने आ रही मौके पर पहुंची दमकल की टीम आज पर काबू पाया गया
    1
    लोहंडीगुड़ा स्थित एक दुकान में लगी आग 
सूत्रों के मुकाबले सिलेंडर फटने की भी सूचना सामने आ रही 
मौके पर पहुंची दमकल की टीम आज पर काबू पाया गया
    user_SAMYAK NAHATA
    SAMYAK NAHATA
    Local News Reporter जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.