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पकरीबरावां में भारी सुरक्षा के बीच मना होलिका दहन, विवाद भूलकर जश्न में डूबे लोग #Pakribarawan #NawadaNews #Holi2026 #HolikaDahan #AvNews #BiharPolice #RanjanChaudhary #NawadaPolice #GroundReport #PublicSafety #PeacefulHoli #AvNewsPakribarawan #नवादा #पकरीबरावां पकरीबरावां में भारी सुरक्षा के बीच मना होलिका दहन, विवाद भूलकर जश्न में डूबे लोग
Avdhesh kumar raj
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- पकरीबरावां की देहाती होली गीत पर झूमते हुए लोग4
- Post by Shuru User1
- चेवाड़ा नगर पंचायत, प्रखंड एवं जिला वासियों को होली, चैती नवरात्रा एवं चैत छठ के पावन अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष लट्टू यादव ने हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अपने शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा कि होली का त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। यह पर्व समाज में एकता और समरसता को मजबूत करने का कार्य करता है। उन्होंने सभी से शांति, सद्भाव और सुरक्षित वातावरण में होली मनाने की अपील की। चैती नवरात्रा के अवसर पर उन्होंने मां दुर्गा से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति की कामना की। वहीं चैत छठ के पावन पर्व पर उन्होंने छठ व्रतियों के उत्तम स्वास्थ्य एवं परिवार की खुशहाली की मंगलकामना की। नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि ये सभी पर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आस्था के प्रतीक हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखते हुए त्योहार मनाने का आग्रह किया। सभी क्षेत्रवासियों को पुनः हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।1
- होली से पहले बिहारशरीफ में बड़ा धमाका! 95.78 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ धंधेबाज दबोचा गया। Nalanda Police Bihar Police1
- एंकर, नालंदा जिले में होली का उत्सव हर साल एक खास और अनोखे अंदाज़ में मनाया जाता है। यहां होली की शुरुआत रंगों से नहीं बल्कि कीचड़ से होती है। सुबह होते ही सड़कों और गलियों में लोग कीचड़ के साथ होली खेलते नजर आते हैं और पूरे इलाके में उत्साह और मस्ती का माहौल बन जाता है। नालंदा की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। होली के दिन सुबह से ही बच्चे, युवा और बुजुर्ग सड़कों पर उतर आते हैं और एक-दूसरे को कीचड़ लगाकर होली की शुरुआत करते हैं। ढोल-नगाड़ों की थाप, होली के गीत और लोगों की हंसी-ठिठोली से पूरा माहौल उत्सवमय हो जाता है। लोगों का मानना है कि कीचड़ से होली खेलने की यह परंपरा सिर्फ मस्ती ही नहीं बल्कि आपसी भाईचारे और अपनापन का भी प्रतीक है। इस दौरान हर कोई जाति, वर्ग और उम्र की सीमाओं को भूलकर एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटता है। दोपहर बाद माहौल पूरी तरह बदल जाता है। लोग स्नान कर नए कपड़े पहनते हैं और फिर रंग व गुलाल के साथ पारंपरिक होली खेलते हैं। घर-घर में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं और लोग एक-दूसरे के घर जाकर अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं देते हैं। नालंदा की यह अनोखी होली न केवल जिले की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और उत्साह का भी प्रतीक है। यही वजह है कि इस खास परंपरा को देखने के लिए दूर-दूर से लोग नालंदा पहुंचते हैं और इस अनोखे उत्सव का आनंद लेते हैं।1
- क्या यह महिला सही बोल रही है तो कमेंट बॉक्स में Yes लिखें अगर गलत बोल रही है तो कमेंट बॉक्स में No लिखे।1
- बिहार शरीफ के अंबर चौक पर होली के मौके पर लोगों ने जमकर रंग-गुलाल उड़ाए और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। युवाओं ने DJ की धुन पर डांस कर माहौल को और भी रंगीन बना दिया। शांति और भाईचारे के संदेश के साथ पूरे इलाके में उत्साह का माहौल देखने को मिला।1
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