हजारीबाग शहर इस समय भीषण जल संकट की दोहरी मार झेल रहा है। एक ओर जहाँ शहर की प्यास बुझाने वाले मुख्य स्रोत छड़वा डैम में जलस्तर खतरनाक रूप से नीचे गिर गया है और अब मात्र 10 से 12 दिनों का ही पानी शेष बचा है, वहीं दूसरी ओर हजारीबाग झील परिसर में चल रहे सुंदरीकरण कार्य के दौरान ठेकेदार की घोर लापरवाही सामने आई है। सुंदरीकरण के तहत की जा रही खुदाई के दौरान निर्माण एजेंसी के कर्मियों ने सुरक्षा मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप शहरी जलापूर्ति योजना की मुख्य राइजिंग पाइपलाइन टूट गई। पाइपलाइन फटते ही झील परिसर और आसपास की सड़कों पर पानी का तेज सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे हजारों गैलन शुद्ध पेयजल व्यर्थ ही बह गया। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और नागरिकों के अनुसार, झील के सुंदरीकरण का कार्य कर रहे ठेकेदार बिना किसी पूर्व योजना या विभागीय मैपिंग के धड़ल्ले से खुदाई करवा रहा था। इस दौरान भारी मशीनों के अनियंत्रित इस्तेमाल से जमीन के नीचे बिछी मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फटने से पानी का दबाव इतना तेज़ था कि कई फीट ऊपर तक फव्वारे फूटने लगे और कुछ ही घंटों के भीतर पूरा इलाका जलमग्न हो गया, जिससे लाखों लीटर बहुमूल्य पानी सड़कों पर बहकर नालियों में मिल गया। हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद भी ठेकेदार के कर्मियों द्वारा काफी देर तक पानी के बहाव को रोकने या संबंधित पीएचईडी (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के अधिकारियों को सूचित करने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया। इस मुख्य पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से शहर की आम जनता पर सीधा और बड़ा असर पड़ा है। छड़वा डैम के सूखते जलस्तर को लेकर पहले से ही चिंतित शहरवासी अब इस पाइपलाइन के टूटने से पूरी तरह ठप हुई जलापूर्ति सेवा के कारण अचानक भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं। स्थानीय वासियों का कहना है कि जब शहर में महज 10-12 दिनों का पानी बचा है, तब ठेकेदार की इस अक्षम्य लापरवाही ने लाखों लीटर पानी बर्बाद कर दिया। यदि विभाग ने युद्ध स्तर पर इस पाइपलाइन की मरम्मत नहीं कराई, तो आने वाले दिनों में पूरा शहर बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने को मजबूर हो जाएगा। इस घटना के बाद शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और नगर निगम के वरीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। जनता ने पुरजोर मांग की है कि बिना सुरक्षा मानकों के काम करने और इस भीषण जल संकट के दौर में राष्ट्रीय संपत्ति व बहुमूल्य जल को बर्बाद करने के लिए संबंधित ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए। फिलहाल, प्रभावित इलाकों के लोग पानी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर बेहद चिंतित हैं और पेयजल विभाग की त्वरित कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
हजारीबाग शहर इस समय भीषण जल संकट की दोहरी मार झेल रहा है। एक ओर जहाँ शहर की प्यास बुझाने वाले मुख्य स्रोत छड़वा डैम में जलस्तर खतरनाक रूप से नीचे गिर गया है और अब मात्र 10 से 12 दिनों का ही पानी शेष बचा है, वहीं दूसरी ओर हजारीबाग झील परिसर में चल रहे सुंदरीकरण कार्य के दौरान ठेकेदार की घोर लापरवाही सामने आई है। सुंदरीकरण के तहत की जा रही खुदाई के दौरान निर्माण एजेंसी के कर्मियों ने सुरक्षा मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप शहरी जलापूर्ति योजना की मुख्य राइजिंग पाइपलाइन टूट गई। पाइपलाइन फटते ही झील परिसर और आसपास की सड़कों पर पानी का तेज सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे हजारों गैलन शुद्ध पेयजल व्यर्थ ही बह गया। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और नागरिकों के अनुसार, झील के सुंदरीकरण का कार्य कर रहे ठेकेदार बिना किसी पूर्व योजना या विभागीय मैपिंग के धड़ल्ले से खुदाई करवा रहा था। इस दौरान भारी मशीनों के अनियंत्रित इस्तेमाल से जमीन के नीचे बिछी मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फटने से पानी का दबाव इतना तेज़ था कि कई फीट ऊपर तक फव्वारे फूटने लगे और कुछ ही घंटों के भीतर पूरा इलाका जलमग्न हो गया, जिससे लाखों लीटर बहुमूल्य पानी सड़कों पर बहकर नालियों में मिल गया। हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद भी ठेकेदार के कर्मियों द्वारा काफी देर तक पानी के बहाव को रोकने या संबंधित पीएचईडी (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के अधिकारियों को सूचित करने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया। इस मुख्य पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से शहर की आम जनता पर सीधा और बड़ा असर पड़ा है। छड़वा डैम के सूखते जलस्तर को लेकर पहले से ही चिंतित शहरवासी अब इस पाइपलाइन के टूटने से पूरी तरह ठप हुई जलापूर्ति सेवा के कारण अचानक भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं। स्थानीय वासियों का कहना है कि जब शहर में महज 10-12 दिनों का पानी बचा है, तब ठेकेदार की इस अक्षम्य लापरवाही ने लाखों लीटर पानी बर्बाद कर दिया। यदि विभाग ने युद्ध स्तर पर इस पाइपलाइन की मरम्मत नहीं कराई, तो आने वाले दिनों में पूरा शहर बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने को मजबूर हो जाएगा। इस घटना के बाद शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और नगर निगम के वरीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। जनता ने पुरजोर मांग की है कि बिना सुरक्षा मानकों के काम करने और इस भीषण जल संकट के दौर में राष्ट्रीय संपत्ति व बहुमूल्य जल को बर्बाद करने के लिए संबंधित ठेकेदार और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए। फिलहाल, प्रभावित इलाकों के लोग पानी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर बेहद चिंतित हैं और पेयजल विभाग की त्वरित कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार सुबह हजारीबाग में सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने जनसेवा कार्यालय में आम लोगों, युवाओं और कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। यह कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ, जहाँ विधायक ने 'स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करेगा' का संदेश दिया। विधायक प्रदीप प्रसाद ने वीआईपी प्रोटोकॉल और औपचारिकताओं को दरकिनार करते हुए ज़मीन पर चटाई बिछाकर आम जनता के बीच योगाभ्यास किया। योगाचार्य सोनू पाण्डेय और अंजू कुमारी के निर्देशन में हुए इस सत्र में अनुलोम-विलोम और कपालभाति जैसे अभ्यास शामिल थे, जिससे पूरा परिसर 'योगमय' हो गया। विधायक ने जोर देकर कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव में योग ही दिमाग को शांत और शरीर को मजबूत रखने की एकमात्र कुंजी है, और यह केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि सशक्त समाज के लिए हर नागरिक को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होना आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक विजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने योग को वैश्विक प्रतिष्ठा दिलाई है, जिसे हजारीबाग के हर घर तक पहुँचाना उनका संकल्प है। कार्यक्रम दीप प्रज्वलन से शुरू हुआ और विधायक ने उपस्थित भारी भीड़ को गवाह बनाकर यह संकल्प दिलवाया कि रोज सुबह कम से कम आधा घंटा खुद को दें, ताकि हजारीबाग को बीमारियों से मुक्त बनाया जा सके। इस योग शिविर में भाजपा के संगठन के कई प्रमुख नेताओं और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। इनमें मुख्य रूप से भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक यादव, सुदेश चंद्रवंशी, हरिश श्रीवास्तव, जिला उपाध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि रेणुका साहू, मंजू नंदिनी, आनंद देव, सुनील मेहता, प्रकाश झा, नरेंद्र प्रसाद, विवेक सिंह, महिला मोर्चा अध्यक्ष साक्षी राणा, युवा मोर्चा अध्यक्ष राजकरण पांडेय, मनमीत अकेला और राजेश गुप्ता अग्रिम पंक्ति में शामिल थे। वहीं, कोलेश्वर रजक, चौधरी साहू, दिलीप साहू, बलराम शर्मा, सुमन राय, रामकुमार मेहता, पंडल यादव, सौरभ सिन्हा, विनोद सिंह, अशोक राणा, मनदीप यादव, सुबोध सिन्हा, प्रीत गुप्ता, कृष्णा साहू, हेमंती देवी, फुलवा कच्छप, दिलीप गोप, रामावतार शर्मा, बिरजू रवि, मनीष चौधरी, सुरेंद्र सिंह, राजेश यादव, राजेश ठाकुर, विजय निषाद, चंदन सिंह, विमल गुप्ता और प्रकाश कुशवाहा सहित विधायक प्रतिनिधियों की एक बड़ी टीम भी इस कार्यक्रम में पूरी तरह सराबोर नजर आई।1
- झारखंड में संजय मेहता ने डुमरी के विधायक जयराम महतो से सीधा सवाल किया है। मेहता ने विधायक महतो से सीधे तौर पर पूछा कि क्या वे ‘बिक गए’ हैं।1
- हजारीबाग पुलिस ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर माइकिंग के माध्यम से लोगों को ठगी के प्रति जागरूक किया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि शहर में ऐसे ठग सक्रिय हैं जो भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते हैं और उनके कीमती गहने लेकर फरार हो जाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने गहने न दें और न ही झाड़-फूंक या चमत्कार के झांसे में आएं। यदि कोई अनजान व्यक्ति सोने-चांदी के गहने चमकाने, साफ करने या झाड़-फूंक के नाम पर मांगता है, तो उस पर बिल्कुल भी भरोसा न करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये ठग पहले लोगों का विश्वास जीतते हैं और फिर उनकी मेहनत की कमाई लेकर गायब हो जाते हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत सूचना देने और अपने परिवार तथा बुजुर्गों को भी इस बारे में जागरूक करने का आग्रह किया है। हजारीबाग पुलिस ने आगाह किया है कि एक छोटी सी गलती से बड़ा नुकसान हो सकता है। लोगों से इस जानकारी को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है ताकि कोई भी व्यक्ति ठगी का शिकार न बने।1
- हजारीबाग के आनंदा चौक पर एक बार फिर अवैध लॉटरी का खेल बेधड़क जारी है, जिसने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की नाक के नीचे खुलेआम टिकटों की बिक्री हो रही है, लेकिन टिकट विक्रेता लगातार उनकी नजरों से बच निकलने में कामयाब हो रहे हैं। इस स्थिति ने स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा दिए हैं कि आखिर यह अवैध कारोबार उनकी नजरों से कैसे बचा हुआ है।1
- विश्व योग दिवस के अवसर पर, झारखंड सशस्त्र पुलिस-07 (जैप-07) के पदमा परिसर में एक विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जैप-07 के समादेष्टा अविनाश कुमार (भापुसे) की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिसमें वाहिनी के पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने भाग लिया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य चौबीसों घंटे कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले पुलिस बल को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ, तनावमुक्त तथा अधिक कार्यशील बनाना था। सामूहिक योगाभ्यास के दौरान समादेष्टा के साथ पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) राजेंद्र कुमार दुबे, वरीय पुलिस उपाधीक्षक रजत मानिक बाखला और पुलिस उपाधीक्षक अमिता लकड़ा सहित कई अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में सभी ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया, जिसके वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। समारोह को संबोधित करते हुए, समादेष्टा अविनाश कुमार ने पुलिस के कार्य को अत्यंत चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण बताया, जिसमें लंबे समय तक ड्यूटी और आपातकालीन परिस्थितियों का सामना करना शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि योग पुलिसकर्मियों के लिए तनाव प्रबंधन, मानसिक संतुलन बनाए रखने, बेहतर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने तथा शारीरिक स्वास्थ्य बनाए रखने का एक प्रभावी माध्यम है। समादेष्टा ने यह भी उल्लेख किया कि नियमित योग से उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा एवं अन्य जीवनशैली संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा, "स्वस्थ पुलिस बल ही सुरक्षित एवं सशक्त समाज की आधारशिला है," और योग को केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सतत प्रयास बताया। कार्यक्रम के अंत में, सभी प्रतिभागियों ने प्रतिदिन योग करने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। यह पूरा कार्यक्रम "करे योग, रहे निरोग" के संकल्प के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर ने सरकारी स्कूलों की बदहाली के बीच एक नई मिसाल कायम की है। रविवार सुबह विद्यालय प्रांगण में गुरु और शिष्यों ने एक साथ योगाभ्यास किया, जिससे प्राचीन गुरुकुल की परंपरा पुनर्जीवित होती दिखी। इस आयोजन ने शिक्षकों के सम्मान और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी, और एक पत्रकार को सकारात्मक खबर भी दी। विद्यालय के बरामदे और प्रांगण में बिछे हरे तिरपाल पर हरे-सफेद वर्दी में दर्जनों छात्र-छात्राएं योग कर रहे थे। एक ओर प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं बालासन और पद्मासन में लीन थे, तो दूसरी ओर बच्चे भी पूर्ण अनुशासन से उनका अनुसरण कर रहे थे। 'ऊँच्च विद्यालय दैहर' का बोर्ड, दीवारों पर बने तिरंगा, उगते सूरज और रानी लक्ष्मी बाई के चित्र इस आयोजन को और गौरवशाली बना रहे थे। बारिश से भीगे मैदान और निर्माण सामग्री के बीच भी बच्चों का यह समर्पण सबको अभिभूत कर गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक उपेंद्र वर्मा ने किया, जिन्होंने माइक के माध्यम से प्रत्येक योगासन की बारीकियां समझाईं और बच्चों का उत्साह बढ़ाया। एक शिक्षक की टी-शर्ट पर लिखा 'आयुष विभाग हजारीबाग, योग रहे निरोग' यह दर्शाता था कि यह पहल स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से हो रही है। इस अवसर पर मौजूद समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि नागेंद्र कुमार कुशवाहा ने बच्चों और शिक्षकों का हौसला बढ़ाते हुए योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि योगाभ्यास से मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, जिससे अच्छे विचार आते हैं और अच्छे समाज तथा सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने विद्यालय परिवार के इस प्रयास की जमकर प्रशंसा की। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि आज के बच्चे मानसिक तनाव से घिरे हैं, और उनका लक्ष्य है कि बच्चे केवल अंक पाने वाली मशीन न बनकर अच्छे इंसान बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि योग से एकाग्रता, अनुशासन और आत्मबल बढ़ता है, और जब गुरु स्वयं मैदान में उतरकर झुकेंगे, तभी शिष्य भी सीखेगा, यहीं से नए भारत की नींव तैयार होगी। बच्चों की आंखों में दिखा आत्मविश्वास बता रहा था कि यह पहल उनके भविष्य को नई दिशा दे रही है। अक्सर सरकारी स्कूलों की नकारात्मक खबरें ही सुर्खियां बनती हैं, लेकिन दैहर का यह विद्यालय उन हजारों समर्पित शिक्षकों का सम्मान है जो बिना प्रचार के चुपचाप देश का भविष्य गढ़ रहे हैं। यह खबर समाज से अपील करती है कि अपने शिक्षकों पर भरोसा करें और सरकारी स्कूलों का मान बढ़ाएं, क्योंकि यहां भी हीरे तराशे जा रहे हैं। उत्क्रमित उच्च विद्यालय दैहर अब केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि 'संस्कारशाला' बन गया है, जहाँ गुरु-शिष्य का रिश्ता, समाजसेवी का सहयोग और बच्चों का समर्पण मिलकर एक नया इतिहास रच रहे हैं। ऐसे गुरुओं को सलाम, नागेंद्र कुमार कुशवाहा जैसे मार्गदर्शकों का आभार, और उन बच्चों को नमन जो कल का नया भारत बनेंगे। 'ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः॥' मंत्रोच्चारण के साथ यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।4