मोहम्मद फैज हत्याकांड को लेकर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है, क्योंकि घटना के करीब दस दिन बीत जाने के बाद भी परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें अब तक पूरी तरह न्याय नहीं मिला है। इसी असंतोष के चलते शहर में लगातार विरोध-प्रदर्शन जारी है। कुछ दिन पहले हजारों लोगों ने मोहम्मद फैज को इंसाफ दिलाने की मांग के साथ कैंडल मार्च निकाला था और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन प्रयासों के बावजूद मामले में कोई अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। इसी क्रम में सोमवार को इंसाफ मंच और ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईएसएफ) के समर्थन से पोलो मैदान में एक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने पैदल मार्च करते हुए लहेरियासराय थाना और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों में कहा है कि मोहम्मद फैज हत्याकांड की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) से कराई जाए, मामले में स्पीडी ट्रायल चलाया जाए, सभी फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई है। धरने में शामिल लोगों का आरोप है कि अब तक पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही है और मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आ सकी है। उनका स्पष्ट कहना है कि प्रशासन को इस मामले में और अधिक गंभीरता के साथ कदम उठाने की आवश्यकता है। बढ़ते जनदबाव के बीच अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या मामले की जांच किसी उच्च एजेंसी को सौंपी जाती है और क्या मोहम्मद फैज के परिजनों को उनकी मांगों के अनुरूप न्याय मिल पाता है।
मोहम्मद फैज हत्याकांड को लेकर लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है, क्योंकि घटना के करीब दस दिन बीत जाने के बाद भी परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें अब तक पूरी तरह न्याय नहीं मिला है। इसी असंतोष के चलते शहर में लगातार विरोध-प्रदर्शन जारी है। कुछ दिन पहले हजारों लोगों ने मोहम्मद फैज को इंसाफ दिलाने की मांग के साथ कैंडल मार्च निकाला था और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन प्रयासों के बावजूद मामले में कोई अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। इसी क्रम में सोमवार को इंसाफ मंच और ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईएसएफ) के समर्थन से पोलो मैदान में एक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने पैदल मार्च करते हुए लहेरियासराय थाना और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों में कहा है कि मोहम्मद फैज हत्याकांड की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) से कराई जाए, मामले में स्पीडी ट्रायल चलाया जाए, सभी फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई है। धरने में शामिल लोगों का आरोप है कि अब तक पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही है और मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आ सकी है। उनका स्पष्ट कहना है कि प्रशासन को इस मामले में और अधिक गंभीरता के साथ कदम उठाने की आवश्यकता है। बढ़ते जनदबाव के बीच अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या मामले की जांच किसी उच्च एजेंसी को सौंपी जाती है और क्या मोहम्मद फैज के परिजनों को उनकी मांगों के अनुरूप न्याय मिल पाता है।
- पटना जंक्शन के पूछताछ काउंटर पर एक रेलवे कर्मचारी को तैनात किया गया है। यह जानकारी पटना जंक्शन से मिली है।1
- समस्तीपुर, बिहार के अजय ब्लॉक स्थित मथुरापुर घाट पर एक प्रसिद्ध मंदिर, मणिपुर मंदिर, स्थित है। यह मंदिर समस्तीपुर शहर से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है। यह वीडियो इसी प्रसिद्ध मणिपुर मंदिर से संबंधित है।1
- पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष और अब तक की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी साझा की है। एडीजी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस के लिए एनकाउंटर कभी भी कोई बड़ी उपलब्धि नहीं होती, लेकिन जब पुलिसकर्मियों की जान पर खतरा मंडरा रहा हो, तो आत्मरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस में कानून के तहत गोली चलाने का अधिकार पुलिस के पास सुरक्षित है। इस पूरे मामले में पुलिस की शुरुआती लापरवाही को लेकर भी बड़ा एक्शन लिया गया है। एडीजी ने बताया कि 16 तारीख को जब पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, तब अभियुक्त को ठीक से नियंत्रित नहीं किया जा सका, जो एक गंभीर लापरवाही थी। इस आरोप में एक एसएचओ (थाना प्रभारी), दो सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और एक कॉन्स्टेबल को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें दो एफआईआर (नंबर 169/26 और 170/26) दर्ज की गई हैं। पुलिस मुख्यालय के स्तर से डीआईजी शाहाबाद को इस पूरे मामले के पर्यवेक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए अधिकृत किया गया है, जो एफएसएल और आधुनिक तकनीकों की मदद से जांच को आगे बढ़ाएंगे। इसके साथ ही, मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग का भी गठन किया गया है। चूंकि यह मामला अब पूरी तरह सब-जुडिस है और न्यायिक जांच के दायरे में है, इसलिए पुलिस ने आगे किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया है और कहा है कि उन्हें जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।1
- दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड में जीविका दीदियों के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जीविका दीदियों को लखपति योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था, जिसके साथ ही योजना का लाभ लेने के इच्छुक आवेदकों से आवेदन भी प्राप्त किए गए।1
- समस्तीपुर के ताजपुर में 22 जून 2026, सोमवार को भाकपा माले और बिहार राज्य व्यवसायी संघ के संयुक्त आह्वान पर जनता मैदान (कर्बला पोखर) से जुलूस निकालकर ताजपुर थाने का घेराव किया गया। यह प्रदर्शन ताजपुर थाना कांड संख्या 98/26 के मृतक संजीव सहनी के हत्यारों की गिरफ्तारी और क्षेत्र में बढ़ती हत्या, लूट एवं अन्य आपराधिक घटनाओं के खिलाफ था। प्रदर्शनकारियों ने थाना परिसर के सामने जमकर नारेबाजी करते हुए अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में एक सभा आयोजित की गई, जिसे भाकपा माले के राज्य और जिला कमिटी सदस्यों के साथ-साथ मृतक संजीव सहनी की पत्नी रविना कुमारी, पिता देवकी सहनी और भाई सुशील सहनी सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ताजपुर थाना क्षेत्र में हत्या, लूट, छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम लोगों और व्यवसायियों में भय का माहौल है। उन्होंने संजीव सहनी हत्याकांड, किराना व्यवसायी नरेश चौधरी से लूट एवं गोलीकांड, दर्गाहिया चौक हत्याकांड, नीम चौक सोना लूटकांड जैसे विभिन्न मामलों का शीघ्र उद्भेदन कर अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन के दौरान तैनात मजिस्ट्रेट के माध्यम से थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा को सात सूत्री मांगपत्र सौंपा गया। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर संजीव सहनी हत्याकांड समेत अन्य मामलों के अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन आंदोलन शुरू किया जाएगा। सभा के अंत में प्रशासन से कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और महिला थाना कांड संख्या 61/26 के आरोपी की भी अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की गई।1
- पूसा वैनी थाना क्षेत्र से एक नवविवाहिता ने दहेज उत्पीड़न से संबंधित अपनी समस्या बताई है। यह मामला नवविवाहिता के साथ हुए कथित दहेज उत्पीड़न से जुड़ा है, जिसके बारे में उसने अपनी आपबीती सुनाई।1
- मुजफ्फरपुर के बांद्रा प्रखंड स्थित तेपरी से पटसरा रोड पर, जिसे तेपरी उर्फ हसन नगर रोड के नाम से भी जाना जाता है, हाल ही में हुई बारिश के कारण पानी भर गया है। इस जलजमाव की वजह से इस मार्ग पर 4 से 5 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।1
- समस्तीपुर जिले के कर्पूरी ग्राम थाना क्षेत्र में अपराधियों ने एक गिट्टी व्यवसायी को गोली मार दी है। गोली लगने के बाद व्यवसायी की हालत नाजुक बताई जा रही है। उसे तुरंत सदर अस्पताल समस्तीपुर ले जाया गया, जहाँ उसका इलाज जारी है।1