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रायबरेली जिले के खीरो थाना क्षेत्र के फिरोजाबाद मजरे गांव में जमीन विवाद को लेकर एक खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान दबंगों ने करीब आधा दर्जन से अधिक महिलाओं और पुरुषों पर लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज फिलहाल जिला अस्पताल में चल रहा है। पीड़ितों ने बताया कि पुलिस थाने में मुकदमा तो दर्ज कर लिया गया है, लेकिन दबंगों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनका आरोप है कि दबंगों के होमगार्ड में होने के कारण पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, और पीड़ित परिवार को दबंगों द्वारा लगातार जान से मारने की धमकियाँ भी मिल रही हैं। इसी क्रम में, पीड़ित परिवार आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई है।
रोहित यादव भारत न्यूज़ 24
रायबरेली जिले के खीरो थाना क्षेत्र के फिरोजाबाद मजरे गांव में जमीन विवाद को लेकर एक खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान दबंगों ने करीब आधा दर्जन से अधिक महिलाओं और पुरुषों पर लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज फिलहाल जिला अस्पताल में चल रहा है। पीड़ितों ने बताया कि पुलिस थाने में मुकदमा तो दर्ज कर लिया गया है, लेकिन दबंगों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनका आरोप है कि दबंगों के होमगार्ड में होने के कारण पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, और पीड़ित परिवार को दबंगों द्वारा लगातार जान से मारने की धमकियाँ भी मिल रही हैं। इसी क्रम में, पीड़ित परिवार आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई है।
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- उत्तर प्रदेश के लगभग 36 हजार संविदा ग्राम रोजगार सेवकों (पंचायत मित्र) ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इसी कड़ी में, 'ग्राम रोजगार सेवक वेलफेयर एसोसिएशन' की जनपद इकाई रायबरेली ने सोमवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें रोजगार सेवकों को नियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा देने सहित 10 सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी गई हैं। एसोसिएशन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आगामी 1 जुलाई को लखनऊ में विधानसभा का घेराव किया जाएगा। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कृष्ण शंकर दीक्षित और जिला महामंत्री योगेश मौर्य ने बताया कि प्रदेश के रोजगार सेवक पिछले 20 वर्षों से ग्राम पंचायतों में सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कर रहे हैं। इतने महत्वपूर्ण योगदान के बावजूद, उन्हें मात्र 10,000 रुपये मासिक मानदेय पर काम करना पड़ रहा है। गंभीर चिंता का विषय यह भी है कि पिछले 12 से 14 महीनों से उनका मानदेय बकाया है, जिसके कारण कई परिवारों को भुखमरी और गंभीर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने सरकार से कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें ग्राम पंचायतों में खाली पड़े सहायक सचिव या ग्राम विकास सहायक के पदों पर रोजगार सेवकों को समायोजित कर 24,000 रुपये प्रति माह मानदेय देने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, मानदेय भुगतान के लिए मनरेगा के प्रशासनिक मद के बजाय सरकार से एक पृथक बजट व्यवस्था करने की अपील की गई है। रोजगार सेवकों के जॉब चार्ट में मनरेगा के अलावा अन्य सरकारी कार्यों को भी जोड़ने और उन्हें विभागीय कर्मी घोषित करने की मांग भी प्रमुख है। अन्य लाभों में प्राइवेट सेक्टर की तर्ज पर ईपीएफ (EPF) विसंगतियों को दूर करना, चिकित्सा के लिए हेल्थ कार्ड की सुविधा, 20 दिन का आकस्मिक अवकाश तथा मृतक आश्रितों को सेवा का लाभ प्रदान करना शामिल है। एसोसिएशन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी जायज मांगों को अनसुना किया गया, तो 1 जुलाई को लखनऊ में प्रदेश भर के हजारों रोजगार सेवक विधानसभा, भाजपा कार्यालय, जवाहर भवन और राजभवन के सामने विशाल प्रदर्शन करेंगे। इस आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस दौरान, ज्ञापन सौंपने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष पूनम शुक्ला, उपाध्यक्ष रवींद्र कुमार, मीडिया प्रभारी शिवबरन, गुड्डी देवी, सवित्री, सुमन, विजय सिंह, अनिल, नेपाल, वेदान्त, राजेश कुमार, सुनील, बंदना, राजकुमार, मनोज और संरक्षक राजकरन तिवारी समेत अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।1
- हरचंदपुर ब्लॉक के ग्राम सभा बाला के ख़तई का पुरवा गाँव में ग्रामीणों ने पूर्व विधायक राकेश सिंह को अपनी एक समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों की शिकायत पर, पूर्व विधायक राकेश सिंह ने मात्र 15 घंटे के भीतर ही रास्ते का निर्माण कार्य शुरू करा दिया।1
- भीषण गर्मी और 40-45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पारे के बीच, जहां मनुष्य किसी तरह अपनी प्यास बुझा लेते हैं, वहीं बेजुबान पशु-पक्षियों की तकलीफें गहरी संवेदना जगाती हैं। इस मानवीय सोच को मूर्त रूप देते हुए, रायबरेली के रामविलास यादव के ‘डिलाइट परिवार’ ने शहर के कई स्थानों पर पानी के हौद रखवाए हैं। ये हौद इस तपती गर्मी में बेजुबान जीवों के लिए 'जीवन का अमृत' बन गए हैं, जो केवल पानी से भरे नहीं, बल्कि दया, करुणा और इंसानियत से लबालब हैं। कल्पना की जा सकती है कि कैसे एक प्यासा पक्षी या थका-हारा पशु इन हौदों को पाकर अपनी प्यास बुझाते हैं और नई ऊर्जा प्राप्त करते हैं, उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक आ जाती है। यह पहल सिर्फ पानी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को एक गहरा संदेश भी देती है। ‘डिलाइट परिवार’ का यह कार्य हमें याद दिलाता है कि हमारी इंसानियत की पहचान केवल मनुष्यों के प्रति नहीं, बल्कि हर जीव के प्रति हमारी जिम्मेदारी से भी होती है, जो प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व के महत्व को समझाती है। रामविलास यादव और उनके परिवार का यह प्रयास दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो दिखाता है कि एक साधारण विचार और थोड़ी मेहनत से सैकड़ों-हजारों बेजुबान जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। इस नेक पहल का हिस्सा बनने के लिए, लोगों से अपने घर, दुकान या मोहल्ले के बाहर एक बर्तन पानी रखने का आह्वान किया गया है। क्योंकि हर बूंद जीवन है और हर जीवन अनमोल है, इसलिए इस भीषण गर्मी में सभी मिलकर बेजुबानों का सहारा बनें और अपनी संवेदनाओं को पानी के रूप में प्रवाहित करें।4
- रायबरेली जिले के दरसवां स्थित माँ कमासिन धाम में श्रीमद् देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव का आयोजन किया गया। इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूज्य प्रद्युम्नानंद महाराज ने अपने श्रीमुख से दिव्य कथा का श्रवण कराया। इस महोत्सव में 181 विधानसभा सलोन (रायबरेली) के पूर्व प्रत्याशी अर्जुन पासी ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान मंदिर के संरक्षक और पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर आजाद सिंह ने अर्जुन पासी को सम्मानित किया, जिसके लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया। यह पूरा धार्मिक आयोजन माँ कमासिन जन कल्याण सेवा समिति द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया, और अर्जुन पासी ने समिति तथा सभी श्रद्धालु भक्तों को साधुवाद दिया। अर्जुन पासी ने अपने वक्तव्य में कहा कि ऐसे आयोजन सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना भी की।1
- रायबरेली जिले के खीरो थाना क्षेत्र के फिरोजाबाद मजरे गांव में जमीन विवाद को लेकर एक खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान दबंगों ने करीब आधा दर्जन से अधिक महिलाओं और पुरुषों पर लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज फिलहाल जिला अस्पताल में चल रहा है। पीड़ितों ने बताया कि पुलिस थाने में मुकदमा तो दर्ज कर लिया गया है, लेकिन दबंगों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनका आरोप है कि दबंगों के होमगार्ड में होने के कारण पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, और पीड़ित परिवार को दबंगों द्वारा लगातार जान से मारने की धमकियाँ भी मिल रही हैं। इसी क्रम में, पीड़ित परिवार आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और न्याय की गुहार लगाई है।1