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रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने बुलेट मोटरसाइकिल पर लापरवाही से और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से स्टंटबाजी करने वालों को लक्षित है, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों को चालान भरना पड़ेगा।
POLICE DOST NEWS
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने बुलेट मोटरसाइकिल पर लापरवाही से और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से स्टंटबाजी करने वालों को लक्षित है, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों को चालान भरना पड़ेगा।
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- बिलासपुर से पेंड्रा जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बेहद खराब है, जिससे आम जनता का जीवन मुश्किलों से भरा हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि सड़कों के निर्माण को लेकर यह 'बबली का खेल' आखिर कब खत्म होगा। इसी बीच, सरकार यह दावा कर रही है कि वह भारत में सड़कों को जापान जैसा बनाएगी, जो मौजूदा स्थिति के बिल्कुल विपरीत है।3
- नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता बलराज सिंह मलिक प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की और शांतिपूर्ण विरोध, लोकतांत्रिक अधिकारों व संविधान के महत्व पर विशेष जोर दिया। अपने संबोधन के दौरान, एडवोकेट मलिक ने संबंधित सभी पक्षों से संवाद के माध्यम से किसी समाधान तक पहुँचने की अपील की। उनका यह संबोधन सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से चर्चा का विषय बना।1
- दुर्ग जिले के धमधा में सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड से संबद्ध सेव फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की शाखा में एक बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ है। शाखा प्रबंधक और कर्मचारियों पर 267 महिला ग्राहकों के ऋण खातों से कुल ₹1,11,93,173 की धोखाधड़ी करने का आरोप है। धमधा पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायत दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह शिकायत सेव फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने 04.07.2026 को धमधा थाने में प्रस्तुत की थी। संस्था का सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड के साथ अनुबंध है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से लघु ऋण उपलब्ध कराए जाते हैं। संस्था के आंतरिक ऑडिट में यह सामने आया कि धमधा शाखा में पदस्थ शाखा प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर ग्राहकों से वसूली गई ऋण किस्त और लोन क्लोजर की राशि को कंपनी के अधिकृत खाते में जमा नहीं किया, बल्कि व्यक्तिगत उपयोग में लिया। कंपनी द्वारा आरोपियों को गबन की गई राशि जमा करने का नोटिस भी दिया गया था, लेकिन कोई प्रतिउत्तर नहीं मिला और राशि भी जमा नहीं की गई। विस्तृत ऑडिट और रिकॉर्ड सत्यापन के बाद कुल ₹1,11,93,173 के गबन की पुष्टि हुई, जिससे कंपनी को आर्थिक क्षति पहुंची। प्रार्थी की रिपोर्ट पर धमधा थाने में अपराध क्रमांक 176/2026, धारा 316(5), 318(4), 61(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष विवेचना टीम का गठन किया गया, जिसने बैंक रिकॉर्ड, लेनदेन रजिस्टर, गवाहों के कथनों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सबूत जुटाए। मुखबिर की सूचना पर दो आरोपियों – अनिल विश्वकर्मा (उम्र 23 वर्ष, निवासी साजा, जिला बेमेतरा, छत्तीसगढ़) और संदीप कुमार खूंटीहरे (उम्र 31 वर्ष, निवासी पाटन, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़) को हिरासत में लिया गया। कड़ी पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और उनकी निशानदेही पर धोखाधड़ी में प्रयुक्त दस्तावेज जब्त किए गए। दोनों आरोपियों को 05.07.2026 को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है, जबकि प्रकरण में संलिप्त अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश जारी है। दुर्ग पुलिस ने इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए धमधा थाना प्रभारी, विवेचना अधिकारी और समस्त पुलिस स्टाफ की सराहना की है। साथ ही, दुर्ग पुलिस ने आम जनता, विशेषकर महिला स्व-सहायता समूहों से अपील की है कि वे किसी भी वित्तीय संस्था या माइक्रो फाइनेंस कंपनी से ऋण लेते समय सभी भुगतान केवल अधिकृत रसीद और बैंक खाते के माध्यम से ही करें। नकद भुगतान से बचने और किसी भी वित्तीय अनियमितता, दबाव या धोखाधड़ी की जानकारी होने पर तत्काल निकटतम थाने या डायल 112 पर सूचना देने की अपील की गई है, क्योंकि दुर्ग पुलिस आर्थिक अपराध करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।2
- राजिम शहर और आसपास के गांवों में बीती रात से हो रही लगातार बारिश अब राहत की बजाय आफत बन गई है, जिससे चारों ओर तबाही का मंजर धीरे-धीरे सामने आ रहा है। यह बारिश कच्चे मकानों के लिए बड़ा खतरा साबित हो रही है, वहीं सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्राम पंचायत भवनों सहित अन्य सरकारी इमारतों में पानी भर गया है। ग्राम पंचायत भैंसातरा के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 03 में घुटने तक पानी भर जाने से पूरा केंद्र जलमग्न हो गया, जहाँ रखे प्लास्टिक के सामान पानी में तैरते नजर आए। हालांकि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और ग्रामीणों की मदद से समय रहते सभी सामानों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर रख दिया गया था। गांव की गलियों में भी भारी जलभराव हो गया है, जहाँ कहीं घुटने से ऊपर तो कहीं कमर तक पानी भरा है, जिससे लोग आने-जाने में हिचकिचा रहे हैं और घरों में घुसते पानी से भारी नुकसान की आशंका है। इस सबके बीच, एक अलग ही तस्वीर उन बच्चों की देखने को मिली जो इस बारिश का खुलकर आनंद ले रहे हैं। वे गांव की जलमग्न गलियों में, जिन्हें उन्होंने अपना स्विमिंग पूल बना लिया है, कूद-कूद कर नहा रहे हैं और अपने बचपन के साथ बारिश का भी पूरा मजा उठा रहे हैं। चूंकि रविवार होने के कारण सभी कर्मचारी और अधिकारी छुट्टी पर हैं, इसलिए सरकारी भवनों में हुए वास्तविक नुकसान का आकलन सोमवार को उनके खुलने के बाद ही पता चल पाएगा।1
- राजधानी रायपुर में हुई बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। इस स्थिति से जनता में गहरा गुस्सा है, जिसे लोग सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर व्यक्त कर रहे हैं।1
- मानसून की शुरुआत होते ही रायपुर नगर निगम के जलभराव से निपटने के दावों की सच्चाई सामने आ जाती है। शहर में कुछ ही घंटों की बारिश से नगर घड़ी चौक, कलेक्टर परिसर और राजभवन मार्ग जैसे प्रमुख इलाकों में घुटनों तक पानी भर जाता है। इस गंभीर जलभराव के कारण लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुसने जैसी बड़ी समस्याएं पैदा होती हैं।1