बुलन्दशहर के शिकारपुर तहसील प्रशासन ने जेवर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए सरकारी बैनामे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लगभग 76 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के दायरे में आने वाले शिकारपुर क्षेत्र के लगभग 62 किसानों की जमीन के बैनामे अब तक कराए जा चुके हैं। शिकारपुर के एसडीएम रविंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी दी है कि सरकारी बैनामा होने के मात्र सात दिन के भीतर किसानों का पैसा सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के बनने से आसपास के किसानों और आम जनता का विकास होगा। एसडीएम ने परियोजना से प्रभावित होने वाले गांवों के किसानों से अपील की है कि वे सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में सहयोग करें और एक्सप्रेसवे जैसी सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। जेवर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के संबंध में शिकारपुर तहसील प्रशासन पूरी तैयारी में जुटा हुआ है और इस प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
बुलन्दशहर के शिकारपुर तहसील प्रशासन ने जेवर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए सरकारी बैनामे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लगभग 76 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के दायरे में आने वाले शिकारपुर क्षेत्र के लगभग 62 किसानों की जमीन के बैनामे अब तक कराए जा चुके हैं। शिकारपुर के एसडीएम रविंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी दी है कि सरकारी बैनामा होने के मात्र सात दिन के भीतर किसानों का पैसा सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के बनने से आसपास के किसानों और आम जनता का विकास होगा। एसडीएम ने परियोजना से प्रभावित होने वाले गांवों के किसानों से अपील की है कि वे सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में सहयोग करें और एक्सप्रेसवे जैसी सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। जेवर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के संबंध में शिकारपुर तहसील प्रशासन पूरी तैयारी में जुटा हुआ है और इस प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
- बुलन्दशहर के शिकारपुर तहसील प्रशासन ने जेवर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए सरकारी बैनामे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लगभग 76 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के दायरे में आने वाले शिकारपुर क्षेत्र के लगभग 62 किसानों की जमीन के बैनामे अब तक कराए जा चुके हैं। शिकारपुर के एसडीएम रविंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी दी है कि सरकारी बैनामा होने के मात्र सात दिन के भीतर किसानों का पैसा सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के बनने से आसपास के किसानों और आम जनता का विकास होगा। एसडीएम ने परियोजना से प्रभावित होने वाले गांवों के किसानों से अपील की है कि वे सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में सहयोग करें और एक्सप्रेसवे जैसी सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। जेवर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के संबंध में शिकारपुर तहसील प्रशासन पूरी तैयारी में जुटा हुआ है और इस प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।1
- मूल पाठ में मुस्तफा वेल्डिंग वर्कशॉप का उल्लेख है।1
- बुलंदशहर जिले के अनूपशहर में रेडीमेड कपड़े के व्यापारी नदीम मलिक पुत्र हसमुद्दीन ने अपनी दुकान के अंदर तमंचे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उन्होंने व्यापार में हुए घाटे के कारण यह कदम उठाया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, जिन्होंने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस पूरे मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच में जुटी हुई है। इस घटना के बाद से परिजनों में गहरा कोहराम मचा हुआ है।3
- बुलंदशहर में करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने सिकंदराबाद तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सिकंदराबाद के एसडीएम दिनेश चंद्र को सौंपा, जिसमें तहसील में बिचौलियों द्वारा अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रदर्शन के बाद, प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से चार हजार रुपये के कथित लेन-देन से जुड़े एक मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही, संगठन ने इस भ्रष्टाचार में शामिल दोषी अधिकारी, कर्मचारी और बिचौलियों को जेल भेजने की कड़ी मांग भी उठाई। करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने जोर देकर कहा कि भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई से ही जनता का सरकारी व्यवस्था में भरोसा बढ़ेगा।2
- बुलंदशहर के सिकंदराबाद स्थित पक्का बाग में गैस सिलेंडर में रिसाव के कारण भीषण आग लग गई। इस दुर्घटना में दो महिलाएं और एक युवक गंभीर रूप से झुलस गए। आग की चपेट में आकर घर में मौजूद एक पालतू कुत्ता भी झुलसकर घायल हो गया। परिजनों ने त्वरित सूझबूझ का परिचय देते हुए रेगुलेटर बंद कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद पानी डालकर आग पर काबू पाया। तीनों गंभीर रूप से झुलसे घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासन को भी मामले से अवगत कराया गया है।4
- अलीगढ़ जिले के अतरौली स्थित इनायतपुर-समसपुर क्षेत्र में स्थानीय निवासियों को अपनी गली से आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि गली से निकलना भी बेहद मुश्किल हो गया है, जिसके चलते नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से तुरंत मदद की अपील की है।1
- आज कासगंज जिले में एक हेलिकॉप्टर को ले जाते हुए देखा गया है। इसे अलीगढ़ की ओर ले जाया जा रहा है, जहाँ इसका उपयोग किसी महत्वपूर्ण बचाव कार्य के लिए किया जाएगा।2
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के शिकारपुर नगर में मौहल्ला थाने वाला स्थित रामलीला मैदान के पीछे काफी समय से जर्जर पड़े एक सामुदायिक भवन का लेंटर अचानक भरभरा कर गिर गया। गनीमत रही कि इस हादसे के समय वहां मौजूद बच्चे बाल-बाल बच गए, जिससे एक बड़ा और दर्दनाक हादसा टल गया। लेंटर गिरने की तेज आवाज सुनकर पूरे मौहल्ले में हड़कम्प मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, इस सामुदायिक भवन में एक गरीब परिवार की लड़की की शादी होनी तय हुई थी। इसी विवाह कार्यक्रम को देखते हुए वीरवार को मौहल्ले के बच्चे सामुदायिक भवन परिसर में साफ-सफाई कर रहे थे। सफाई के दौरान ही अचानक भवन के जर्जर लेंटर का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, लेकिन बच्चे समय रहते पीछे हट गए। मौके पर मौजूद स्थानीय निवासी लवदीप कुमार ने नगर पालिका के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में नगर पालिका के कासिम अंसारी नामक एक कर्मचारी ने मौहल्ले वासियों से यह कहकर कागजों पर हस्ताक्षर कराए थे कि जल्द ही इस सामुदायिक भवन का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। लवदीप कुमार ने बताया कि कासिम अंसारी ने झूठे हस्ताक्षर कराकर आश्वासन दिया था कि नया सामुदायिक भवन बन जाएगा, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी न तो भवन का निर्माण हुआ और न ही आज तक पालिका का कोई अधिकारी या कर्मचारी यहां की सुध लेने आया। लवदीप कुमार, अर्जुन, महेश चन्द्र, सुशील, मनीष, पुनीत, कालू, करन, सुनीता, सुमन, मंजू, वीरवती, पुष्पा और राजकुमारी सहित अन्य स्थानीय निवासियों ने उच्चाधिकारियों से मामले की जांच करने, संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने और जल्द से जल्द नए सामुदायिक भवन का निर्माण कराने की मांग की है। मौहल्ले वासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस जर्जर भवन को ठीक नहीं कराया गया या इसे सुरक्षित नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। इस संबंध में नगर पालिका ईओ नीतू सिंह ने बताया है कि जल्द से जल्द सामुदायिक भवन का निर्माण करवा दिया जाएगा।1