Shuru
Apke Nagar Ki App…
पोद्दार की बगिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, मुख्य अतिथि ने उपस्थित लोगों को बताया कि परिवार को संस्कारों से कैसे जोड़ा जा सकता है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों को आत्मसात करना कितना महत्वपूर्ण है।
जितेन्द्र सिंह कौरव
पोद्दार की बगिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, मुख्य अतिथि ने उपस्थित लोगों को बताया कि परिवार को संस्कारों से कैसे जोड़ा जा सकता है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों को आत्मसात करना कितना महत्वपूर्ण है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- पोद्दार की बगिया में आयोजित एक सुंदरकांड पाठ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल होने पहुँचे। इस धार्मिक आयोजन में बच्चे, माताएं, बहनें और पुरुष सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।1
- यदि आप अपनी भूमि का सीमांकन कराना चाहते हैं, तो अब इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। कई नागरिक जानकारी के अभाव में सीमांकन की कार्यवाही में अनावश्यक देरी का सामना करते हैं, जिसे अब RCMS पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर के टाला जा सकता है। भूमि सीमांकन के लिए आवेदक को सबसे पहले RCMS पोर्टल पर प्रकरण मद आ-12 के अंतर्गत आवेदन दर्ज कराना होता है। यह आवेदन अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र पर जाकर प्रस्तुत किया जा सकता है। आवेदन दर्ज होने के बाद प्रकरण राजस्व अभिलेखों में शामिल किया जाता है और नियमानुसार उस पर कार्रवाई शुरू होती है। साथ ही, आवेदक अपने प्राप्त प्रकरण क्रमांक का उपयोग करके अपने आवेदन की प्रगति की जानकारी भी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी भूमि से जुड़े अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सीमांकन के लिए समय पर आवेदन अवश्य करें। प्रशासन का जोर है कि नागरिक जागरूक बनें, अपनी भूमि के अधिकार सुरक्षित रखें और RCMS पोर्टल के माध्यम से समय पर आवेदन करें।1
- भांडेर अनुभाग के गोंदन थाना क्षेत्र के उड़ीना गाँव से अज्ञात कारणों के चलते एक वृद्ध महिला लापता हो गई है। रविवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित प्रकाश कुशवाहा की 60 वर्षीय पत्नी, जो दिमागी रूप से कमजोर बताई गई हैं, 28 मई की सुबह करीब 10:30 बजे अपने घर से लापता हो गईं। परिजनों ने हर जगह उनकी तलाश की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल पाया। इसके बाद, परिजनों ने गोंदन थाने पहुंचकर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लापता महिला की तलाश शुरू कर दी है।1
- उनाव थाना प्रभारी यतेंद्र भदोरिया ने उत्तर प्रदेश के बदमाशों को दो टूक चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि कोई भी अपराधी अपराध की नियत से इस क्षेत्र में आता है, तो उसे 'ठिकाने लगा दिया जाएगा'। यह सख्त संदेश MBKS डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क के लोकेश मिश्रा बुंदेली द्वारा रिपोर्ट किया गया है।1
- इंदरगढ़ में लोकमाता अहिल्या बाई होलकर और माता रमा बाई डॉ. भीमराव अम्बेडकर जैसे महापुरुषों के सम्मान में एक संस्कृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह में राकेश पाल जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि फूल सिंह बरैया ने इसकी अध्यक्षता की। डॉ. अमित यादव जी और डॉ. कौशल यादव जी के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में लोक गायिका संजू बघेल ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी। इस भव्य आयोजन में हजारों लोगों ने भाग लिया और सहभोज ग्रहण किया।1
- दतिया के भांडेर में एक विशाल जन समूह को संबोधित करते हुए रामजीवन छोटे राय ने महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कहा कि 'हमारा नगर हमारा तीर्थ, हमारी माटी हमारा चंदन'।1
- दतिया के भांडेर में सामाजिक समरसता मंगल टोली द्वारा 501 सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। इन पाठों के संपन्न होने के उपरांत, टोली द्वारा महा आरती की गई।1
- मध्य प्रदेश के दतिया जिले से खौफनाक तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ एक व्यक्ति अपनी जान हथेली पर रखकर भागता दिख रहा है, और पीछे दस लाख रुपए का एक ट्रैक्टर छूट जाता है। ये दृश्य किसी एक्शन फिल्म के नहीं, बल्कि दतिया की हकीकत हैं, जो रेत की चोरी से कहीं बढ़कर है। यह सवाल उठाता है कि आखिर वो कौन सा डर है जिसके आगे एक इंसान को अपनी जान की भी परवाह नहीं है, क्या यह कानून का डर है या फिर रेत माफिया के रसूख का? दतिया जिले में ऑन-रिकॉर्ड केवल 39 रेत खदानें ही अधिकृत रूप से वैध हैं, लेकिन आरोप हैं कि चंद वैध खदानों की आड़ में, प्रशासन की कथित सह पर, दर्जनों अवैध खदानों का जाल फैला हुआ है। रेत माफियाओं का दबदबा हर जगह है, और उससे भी बड़ा दबदबा उस रेत कंपनी का बताया जा रहा है, जिसका खौफ आज छोटे ट्रैक्टर-ट्रॉली संचालकों के सिर चढ़कर बोल रहा है। थरेट थाना क्षेत्र के चीना बंबा के पास की एक घटना में, एक ट्रैक्टर रेत लेकर निकल रहा था, और जैसे ही उसे खतरा महसूस हुआ, ड्राइवर अपनी जान की परवाह किए बिना चलते ट्रैक्टर से कूदकर भाग खड़ा हुआ। यह साफ दिखाता है कि रेत का परिवहन करने वालों में खनिज विभाग के उड़न दस्ते, दतिया पुलिस और रेत ठेकेदार के कारिंदों का किस कदर खौफ है। रिपोर्ट सवाल करती है कि ड्राइवर अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा है, या अपनी जेब के पैसे बचाने के लिए, या फिर उस प्रताड़ना से बचने के लिए जो पकड़े जाने के बाद ठेकेदार के लठैतों या खाकी के जरिए उसे मिल सकती है। इस रिपोर्ट के माध्यम से दतिया के सम्मानीय कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से सीधे सवाल पूछे गए हैं। पहला, ऐसा कौन सा खौफ पैदा हो चुका है कि एक ड्राइवर अपना 10 लाख रुपए का वाहन लावारिस छोड़कर भागने को मजबूर है? दूसरा, क्या दतिया में कानून का राज चल रहा है, या रेत ठेकेदार की समानांतर सत्ता? और तीसरा, अगर केवल 39 खदानें वैध हैं, तो बाकी जगहों से अवैध रेत आ कहां से रही है, और क्या यह खनिज विभाग व स्थानीय पुलिस की नाक के नीचे मुमकिन है? रिपोर्ट में कहा गया है कि दतिया में रेत का यह कारोबार अब सिर्फ रॉयल्टी और पर्यावरण का मुद्दा नहीं रहा, यह सीधे तौर पर मानवाधिकार और दहशत का पर्याय बनता जा रहा है। अगर ट्रैक्टर चालक गलत है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन अगर कार्रवाई के नाम पर खौफ का कारोबार चल रहा है, तो जवाबदेही प्रशासन की भी तय होनी चाहिए। देखना होगा कि दतिया का शीर्ष प्रशासन इस वायरल खौफ पर क्या संज्ञान लेता है, या फिर यह मामला ठंडे बस्ते में ही पड़ा रहेगा।1