जर्जर स्कूल भवन में पढ़ रहे 100 बच्चे, हादसे का खतरा—ग्रामीणों ने जताई चिंता जबेरा/दमोह। जनपद पंचायत जबेरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सुरई में संचालित प्राथमिक-माध्यमिक शाला की जर्जर हालत को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि स्कूल भवन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि यहां पढ़ रहे करीब 100 बच्चों की जान जोखिम में है। पंचायत प्रतिनिधि सतेंद्र सिंह ने बताया कि शाला भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। जगह-जगह से छत टपक रही है और दीवारों में दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। इतना ही नहीं, भवन के कॉलम तक हिलने लगे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई सुधार कार्य नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब कक्षाओं के अंदर पानी भर जाता है और बच्चों को पढ़ाई में परेशानी होती है। बावजूद इसके मजबूरी में बच्चों को उसी भवन में बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। इस मुद्दे पर जिला किसान कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमर सिंह लोधी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर सरकार विकास यात्रा निकालकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर सुरई जैसे गांवों में स्कूलों की हालत बदहाल है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सैकड़ों बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर भवन को तत्काल बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए तथा नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
जर्जर स्कूल भवन में पढ़ रहे 100 बच्चे, हादसे का खतरा—ग्रामीणों ने जताई चिंता जबेरा/दमोह। जनपद पंचायत जबेरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सुरई में संचालित प्राथमिक-माध्यमिक शाला की जर्जर हालत को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि स्कूल भवन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि यहां पढ़ रहे करीब 100 बच्चों की जान जोखिम में है। पंचायत प्रतिनिधि सतेंद्र सिंह ने बताया कि शाला भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। जगह-जगह से छत टपक रही है और दीवारों में दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। इतना ही नहीं, भवन के कॉलम तक हिलने लगे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई सुधार कार्य नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब कक्षाओं के अंदर पानी भर जाता है और बच्चों को पढ़ाई में परेशानी होती है। बावजूद इसके मजबूरी में बच्चों को उसी भवन में बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। इस मुद्दे पर जिला किसान कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमर सिंह लोधी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर सरकार विकास यात्रा निकालकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर सुरई जैसे गांवों में स्कूलों की हालत बदहाल है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सैकड़ों बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर भवन को तत्काल बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए तथा नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
- Post by भगवत सिंह लोधी पत्रकार1
- Post by Savita vishwkarama1
- Post by नीलेश विश्वकर्मा1
- Post by Bhupendra Rai दबंग इंडिया1
- पथरिया नगर में एकमात्र बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट) एम्बुलेंस लगातार खराब हो रही है। इंजन हीटिंग की समस्या के कारण वाहन कई बार स्टार्ट नहीं होता और सड़कों पर धक्का लगाकर चलाना पड़ता है। करीब 4 साल पुरानी एम्बुलेंस की बार-बार मरम्मत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। महीने में आधे दिन वाहन बंद रहता है, जिससे आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। फिलहाल स्वास्थ्य सेवाएं जननी वाहन के सहारे चल रही हैं। वायरल वीडियो ने शासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- दमोह रेलवे स्टेशन परिसर में बुधवार-गुरुवार रात सीएसपी कार्यालय में पदस्थ चालक आरक्षक रवींद्र अहिरवार से मारपीट का मामला सामने आया। घायल आरक्षक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरक्षक ने बताया कि वह भाई को लेने स्टेशन पहुंचे थे, तभी कुछ लोगों ने लाठी, लात-घूंसों से हमला कर दिया। सूचना पर सीएसपी एचआर पांडे व टीआई मनीष कुमार पहुंचे। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।1
- गेहूं उपार्जन केंद्र सलैया पटोरी में तेजी, दो दिनों में बढ़ी तौल की रफ्तार... कटनी जिले के सलैया पटोरी स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र में व्यवस्थाओं ने अब रफ्तार पकड़ ली है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निरीक्षण के बाद उपार्जन कार्य में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिल रही है। उपार्जन के पहले दिन केंद्र में 115 किसानों ने अपना गेहूं तुलवाया। वहीं दूसरे दिन यह आंकड़ा दोगुना होकर लगभग 250 किसानों तक पहुंच गया, जिससे केंद्र की कार्यप्रणाली में सुधार साफ नजर आ रहा है। साइलो प्रबंधन के अनुसार, केंद्र में किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की भीड़ या अव्यवस्था न हो। प्रबंधन ने बताया कि आने वाले दिनों में प्रतिदिन 350 से 400 किसानों तक उपार्जन करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि केंद्र पर आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी और उपार्जन प्रक्रिया को सुचारु एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाएगा। कुल मिलाकर, प्रशासनिक सक्रियता के चलते सलैया पटोरी उपार्जन केंद्र अब तेजी और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ किसानों के लिए राहत भरा साबित हो रहा है।1
- Post by भगवत सिंह लोधी पत्रकार1