जीएसटी चोरी मामले में दो वांछित अभियुक्त गिरफ्तार कन्धरापुर पुलिस की कार्रवाई आजमगढ़, 18 फरवरी 2026। जनपद में कर अपवंचन एवं संगठित आर्थिक अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कन्धरापुर पुलिस ने जीएसटी चोरी के एक प्रकरण में वांछित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मामले में कूटरचित इनवॉयस और ई-वे बिल के माध्यम से आयरन स्क्रैप का परिवहन कर राजस्व की हानि पहुंचाई जा रही थी। पूर्व की घटना बताया गया कि 3 सितंबर 2025 को राज्यकर सचल दल, आजमगढ़ के सहायक आयुक्त (प्रभारी) अविनाश चन्द्र राय ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निकट दो वाहनों—UP14GT6325 और P810HX4887—को जांच के लिए रोका था। वाहनों में आयरन स्क्रैप (HSN 7204) लदा हुआ था। जांच में पाया गया कि अस्तित्वहीन और बोगस फर्मों के नाम पर कूटरचित इनवॉयस व ई-वे बिल जारी कर “ओल्ड आयरन टीन टैपर स्क्रैप” का परिवहन किया जा रहा था। यह कृत्य जीएसटी अधिनियम-2017 की धारा 31 सहपठित नियम 46 एवं ई-वे बिल नियम 138 का उल्लंघन पाए जाने के साथ ही भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत दंडनीय पाया गया। मामले में सर्वश्री विद्या ट्रेडर्स (रायपुर), सर्वश्री अविराज ट्रेडिंग (शिमला), श्री मुनि जी ट्रांसपोर्ट कंपनी (पटना) सहित अन्य संगठित समूहों की संलिप्तता प्रकाश में आई। इस संबंध में थाना कन्धरापुर पर मु0अ0सं0 285/25 धारा 318(4) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई। गिरफ्तारी का विवरण विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन, सीडीआर विश्लेषण और तकनीकी जांच में दो अभियुक्तों की भूमिका स्पष्ट हुई। 18 फरवरी 2026 को लगभग 12:10 बजे पुलिस ने विजय कुमार यादव (55 वर्ष), निवासी ग्राम तकिया गोपालपुर, जनपद श्रावस्ती तथा अविराज शर्मा (21 वर्ष), निवासी प्रगति बिहार, थाना गुडम्बा, लखनऊ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि अविराज ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर पैन, आधार और अन्य दस्तावेजों का उपयोग कर फर्जी पंजीयन कराया गया था। विभागीय जांच में फर्म कूटरचित पाई गई, जबकि उसके नाम पर माल की खरीद दर्शाकर कर अपवंचन किया गया। सीडीआर विश्लेषण में विजय कुमार यादव की संदिग्ध व्यक्तियों से निरंतर संपर्क की पुष्टि हुई। साक्ष्यों के आधार पर धारा 3(5), 318(4), 111, 336(3), 338, 339 और 340(2) बीएनएस के तहत अपराध के प्रमाण मिले हैं। दोनों अभियुक्तों को नियमानुसार गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। बरामदगी पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन (एक पारदर्शी डिब्बे में), आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद किए हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम कार्रवाई व0उ0नि0 रमेश कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में हे0का0 ओमप्रकाश जायसवाल (साइबर थाना), का0 विकास कुमार (साइबर थाना) एवं का0 अमित कुमार जायसवाल (थाना कन्धरापुर) शामिल रहे। जनपद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित आर्थिक अपराधों और कर चोरी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
जीएसटी चोरी मामले में दो वांछित अभियुक्त गिरफ्तार कन्धरापुर पुलिस की कार्रवाई आजमगढ़, 18 फरवरी 2026। जनपद में कर अपवंचन एवं संगठित आर्थिक अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कन्धरापुर पुलिस ने जीएसटी चोरी के एक प्रकरण में वांछित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मामले में कूटरचित इनवॉयस और ई-वे बिल के माध्यम से आयरन स्क्रैप का परिवहन कर राजस्व की हानि पहुंचाई जा रही थी। पूर्व की घटना बताया गया कि 3 सितंबर 2025 को राज्यकर सचल दल, आजमगढ़ के सहायक आयुक्त (प्रभारी) अविनाश चन्द्र राय ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निकट दो वाहनों—UP14GT6325 और P810HX4887—को जांच के लिए रोका था। वाहनों में आयरन स्क्रैप (HSN 7204) लदा हुआ था। जांच में पाया गया कि अस्तित्वहीन और बोगस फर्मों के नाम पर कूटरचित इनवॉयस व ई-वे बिल जारी कर “ओल्ड आयरन टीन टैपर स्क्रैप” का परिवहन किया जा रहा था। यह कृत्य जीएसटी अधिनियम-2017 की धारा 31 सहपठित नियम 46 एवं ई-वे बिल नियम 138 का उल्लंघन पाए जाने के साथ ही भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत दंडनीय पाया गया। मामले में सर्वश्री विद्या ट्रेडर्स (रायपुर), सर्वश्री अविराज ट्रेडिंग (शिमला), श्री मुनि जी ट्रांसपोर्ट कंपनी (पटना) सहित अन्य संगठित समूहों की संलिप्तता प्रकाश में आई। इस संबंध में थाना कन्धरापुर पर मु0अ0सं0 285/25 धारा 318(4) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई। गिरफ्तारी का विवरण विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन, सीडीआर विश्लेषण और तकनीकी जांच में दो अभियुक्तों की भूमिका स्पष्ट हुई। 18 फरवरी 2026 को लगभग 12:10 बजे पुलिस ने विजय कुमार यादव (55 वर्ष), निवासी ग्राम तकिया गोपालपुर, जनपद श्रावस्ती तथा अविराज शर्मा (21 वर्ष), निवासी प्रगति बिहार, थाना गुडम्बा, लखनऊ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि अविराज ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर पैन, आधार और अन्य दस्तावेजों का उपयोग कर फर्जी पंजीयन कराया गया था। विभागीय जांच में फर्म कूटरचित पाई गई, जबकि उसके नाम पर माल की खरीद दर्शाकर कर अपवंचन किया गया। सीडीआर विश्लेषण में विजय कुमार यादव की संदिग्ध व्यक्तियों से निरंतर संपर्क की पुष्टि हुई। साक्ष्यों के आधार पर धारा 3(5), 318(4), 111, 336(3), 338, 339 और 340(2) बीएनएस के तहत अपराध के प्रमाण मिले हैं। दोनों अभियुक्तों को नियमानुसार गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। बरामदगी पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन (एक पारदर्शी डिब्बे में), आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद किए हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम कार्रवाई व0उ0नि0 रमेश कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में हे0का0 ओमप्रकाश जायसवाल (साइबर थाना), का0 विकास कुमार (साइबर थाना) एवं का0 अमित कुमार जायसवाल (थाना कन्धरापुर) शामिल रहे। जनपद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित आर्थिक अपराधों और कर चोरी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- चीनी रोबोडॉग: Galgotias की प्रोफेसर ने दी सफाई1
- आज उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित हाईस्कूल (कक्षा 10) की प्रथम पाली में हिंदी विषय की परीक्षा संपन्न हुई। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही छात्र-छात्राओं के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी। अधिकांश विद्यार्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र सिलेबस के अनुरूप और सरल स्तर का था। गद्य, पद्य और व्याकरण से जुड़े प्रश्न सीधे और स्पष्ट पूछे गए थे, जिससे तैयारी करने वाले छात्रों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हुई। कई छात्रों ने कहा कि पेपर उम्मीद से भी ज्यादा आसान था, जिससे अच्छे अंक आने की संभावना बढ़ गई है। अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली और बच्चों के आत्मविश्वास की सराहना की।1
- Post by Kabya Chauhan1
- *मऊ में भीषण सड़क हादसा: कोयला लदे ट्रेलर में आग, चालक जिंदा जला* जनादेश टुडे घोसी, मऊ। जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत बशारतपुर के पास वाराणसी–गोरखपुर फोरलेन पर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। हल्दिया पश्चिम बंगाल से कोयला लादकर गोरखपुर के सहजनवा जा रहा एक ट्रेलर आगे चल रहे बालू लदे दूसरे ट्रेलर से पीछे से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोयला लदे ट्रेलर में तुरंत भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से ट्रेलर चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। चालक जिंदा जलकर राख हो गया जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम, दोहरीघाट थाना पुलिस और घोसी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस के अनुसार मृतक चालक की पहचान संदीप कुमार राणा निवासी हजारीबाग झारखंड के रूप में हुई है। वह मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे हल्दिया पश्चिम बंगाल से कोयला लेकर गोरखपुर के सहजनवा के लिए रवाना हुआ था। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर पीछे से टक्कर को हादसे का कारण माना जा रहा है हालांकि वास्तविक वजहों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।3
- मऊ - नेशनल हाईवे पर ट्रक और ट्रेलर की हुई जबरदस्त टक्कर...! ट्रेलर की टक्कर से कोयला से लदा ट्रक में लगी आग ट्रक ड्राइवर की मौत...! दो थानों की पुलिस व फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। मृतक ड्राइवर संदीप कुमार राणा झारखंड हजारीबाग रांची का रहने वाला था। दोहरीघाट थाना क्षेत्र के बशारतपुर गांव के पास नेशनल हाईवे की घटना...! #jeettaklivenews #दलजीतसिंह #maunathbhanjan #HumaraUP #maumahadev #facebookreels #reelschallenge #NayeBharatKaNayaUP #fbreels #reelsviralシ1
- Post by Bala Ji1
- *खबर का जोरदार असर*जबरदस्त नारेबाजी बौखलाया केंद्र प्रभारी स्वयं बयान में कबूल रहा कि मैं फोर्थ क्लास का हूं कर्मचारी *वायरल वीडियो में होश उड़ा देने वाला बयान* आखिर फोर्थ क्लास कर्मचारी को कैसे बना दिया गया केंद्र प्रभारी *🚨 मेगा ब्रेकिंग* *उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव फेडरेशन लि. (PCF) अम्बेडकर नगर में भ्रष्टाचार का संगठित खेल?* जनपद अम्बेडकर नगर में PCF के जनपदीय कार्यालय से सामने आई जानकारी ने पूरे सहकारिता तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक सहयोगी/चौकीदार विनय पटेल द्वारा मीडिया से कथित बातचीत में किए गए दावों ने उर्वरक वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड होने का दावा किया जा रहा है। *🎥 कैमरे में कैद कथित दावे* मीडिया से बातचीत के दौरान निम्न गंभीर आरोप सामने आए: KSK ( किसान सेवा केन्द्र )को उर्वरक उपलब्ध कराने और प्रभार पाने के लिए “मोटी रकम” देने की बात। खाद लाने पर “बाबू से लेकर अधिकारी तक खिलाना-पिलाना पड़ता है” जैसा कथन। कार्यालय में अपने प्रभाव और रिश्तेदारों की मौजूदगी का दावा। दावे में बाबू से लेकर स्टोर कीपर तक अपने होने का दावा किया गया। “खबर चलने से कुछ नहीं होगा” जैसा बयान। यूरिया निर्धारित दर से 300 रुपये तक की कीमत पर बेचने का संकेत। हालांकि यह भी कहा गया कि बयान नशे की अवस्था में दिया गया, लेकिन यदि वीडियो साक्ष्य उपलब्ध है तो जांच आवश्यक हो जाती है। ⚖️ संभावित कानूनी प्रश्न यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो निम्न बिंदुओं पर जांच बनती है: क्या किसी सहयोगी/चपरासी को वित्तीय या प्रभार संबंधी अधिकार दिए गए? यदि हाँ, किस आदेश से? उर्वरक की बिक्री दर क्या अधिकृत थी, और वास्तविक बिक्री दर क्या रही? क्या कार्यालय में हितों का टकराव (conflict of interest) या पारिवारिक प्रभाव है? कितने कर्मचारी कई वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं? क्या उर्वरक नियंत्रण आदेश/आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ? *📞 प्रशासन कीप्रतिक्रिया?* मीडिया द्वारा जिला प्रबंधक PCF से संपर्क का प्रयास किया गया, किंतु फोन रिसीव नहीं किया गया। आधिकारिक प्रतिक्रिया न आने से संदेह और गहरा गया है। निष्पक्ष जांच और दस्तावेजी सत्यापन के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं, परंतु आरोपों की गंभीरता को नज़रअंदाज़ भी नहीं किया जा सकता। *❓ अब सबसे बड़े सवाल* क्या किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक मिल रहा है? क्या प्रभार और स्टॉक आवंटन में पारदर्शिता है? क्या उच्च अधिकारी स्वतंत्र जांच कराएंगे? 📢 यह मामला केवल एक कार्यालय का नहीं, बल्कि किसानों के विश्वास और सहकारिता व्यवस्था की साख का है। यदि आरोपों में सत्यता है तो यह व्यापक प्रशासनिक जवाबदेही का विषय बनेगा। भ्रष्टाचार की परतें खुल रही हैं… सत्य सामने आने तक जुड़े रहे आप मेरे साथ । *शेष खबर अगले अंक में...*1
- आजमगढ़: जनपद के इंटर कॉलेजों में 18/02/2026 से प्रारंभ हुई बोर्ड परीक्षा के पहले दिन सघन और प्रभावी जांच व्यवस्था देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पूर्व परीक्षार्थियों की गहन तलाशी ली गई और नियमों का कड़ाई से पालन कराया गया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षा को नकलविहीन एवं पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती और सुरक्षा बलों की मौजूदगी से व्यवस्था मजबूत दिखी। छात्र-छात्राओं ने भी जांच प्रक्रिया में सहयोग किया और अनुशासन बनाए रखा। अभिभावकों ने प्रशासन की व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे निष्पक्ष परीक्षा की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। कुल मिलाकर, आज परीक्षा केंद्रों पर जांच बहुत ही अच्छे और व्यवस्थित तरीके से की जा रही है।2