छत्तीसगढ़ में मानसून-2026 के दौरान औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए रायपुर में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की मुख्य आतिथ्य आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने की। बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों, आवास एवं पर्यावरण विभाग और राज्य की प्रमुख मीडियम एवं लार्ज स्केल औद्योगिक इकाइयों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है, लेकिन पर्यावरणीय मानकों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वृक्षारोपण केवल लक्ष्य पूरा करने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का जीवित रहना सबसे महत्वपूर्ण है। मंत्री श्री चौधरी ने उद्योगों से पीपल, शिरीष, नीम, आम और कटहल जैसी स्थानीय व दीर्घायु प्रजातियों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'मन की बात' कार्यक्रम में उल्लिखित मियावाकी जैसी आधुनिक वृक्षारोपण तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों को निर्देश दिए कि वे 31 जुलाई तक वृक्षारोपण का निर्धारित लक्ष्य पूरा करें और 15 अगस्त तक गुणवत्तापूर्ण पौधरोपण सुनिश्चित करें, जिसकी पोर्टल पर समयबद्ध ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। मंत्री ने बताया कि नवा रायपुर को "पीपल सिटी" के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां आगामी पांच वर्षों में एक लाख से अधिक पीपल के पौधे लगाने का लक्ष्य है। इसके अलावा, सेंध लेक के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण से 12 लाख घन मीटर अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता विकसित की जा रही है और इसके बीच स्थित द्वीप पर मियावाकी पद्धति से 25 हजार पौधे लगाकर "बर्ड आइलैंड" विकसित किया जा रहा है। आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अध्यक्ष श्री अंकित आनंद ने जानकारी दी कि इस वर्ष अब तक लगभग 22 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 90 प्रतिशत है। इस वर्ष के लिए कुल 25 लाख पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है, जो उद्योगों के सहयोग से 30 लाख से अधिक तक पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि 320 से अधिक उद्योगों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली के जरिए निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव श्री राजू अगसिमनी ने उद्योगों को निर्देश दिए कि प्रति हेक्टेयर न्यूनतम 2,500 पौधे लगाकर थ्री-लेयर सघन ग्रीन बेल्ट विकसित की जाए और प्रत्येक औद्योगिक इकाई को अपने परिसर के कम से कम 33 प्रतिशत क्षेत्र में हरित क्षेत्र विकसित करना अनिवार्य होगा।
छत्तीसगढ़ में मानसून-2026 के दौरान औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए रायपुर में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की मुख्य आतिथ्य आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने की। बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों, आवास एवं पर्यावरण विभाग और राज्य की प्रमुख मीडियम एवं लार्ज स्केल औद्योगिक इकाइयों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है, लेकिन पर्यावरणीय मानकों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वृक्षारोपण केवल लक्ष्य पूरा करने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का जीवित रहना सबसे महत्वपूर्ण है। मंत्री श्री चौधरी ने उद्योगों से पीपल, शिरीष, नीम, आम और कटहल जैसी स्थानीय व दीर्घायु प्रजातियों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'मन की बात' कार्यक्रम में उल्लिखित मियावाकी जैसी आधुनिक वृक्षारोपण तकनीकों को अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी औद्योगिक इकाइयों को निर्देश दिए कि वे 31 जुलाई तक वृक्षारोपण का निर्धारित लक्ष्य पूरा करें और 15 अगस्त तक गुणवत्तापूर्ण पौधरोपण सुनिश्चित करें, जिसकी पोर्टल पर समयबद्ध ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। मंत्री
ने बताया कि नवा रायपुर को "पीपल सिटी" के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां आगामी पांच वर्षों में एक लाख से अधिक पीपल के पौधे लगाने का लक्ष्य है। इसके अलावा, सेंध लेक के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण से 12 लाख घन मीटर अतिरिक्त जल भंडारण क्षमता विकसित की जा रही है और इसके बीच स्थित द्वीप पर मियावाकी पद्धति से 25 हजार पौधे लगाकर "बर्ड आइलैंड" विकसित किया जा रहा है। आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अध्यक्ष श्री अंकित आनंद ने जानकारी दी कि इस वर्ष अब तक लगभग 22 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 90 प्रतिशत है। इस वर्ष के लिए कुल 25 लाख पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है, जो उद्योगों के सहयोग से 30 लाख से अधिक तक पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि 320 से अधिक उद्योगों में ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली के जरिए निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव श्री राजू अगसिमनी ने उद्योगों को निर्देश दिए कि प्रति हेक्टेयर न्यूनतम 2,500 पौधे लगाकर थ्री-लेयर सघन ग्रीन बेल्ट विकसित की जाए और प्रत्येक औद्योगिक इकाई को अपने परिसर के कम से कम 33 प्रतिशत क्षेत्र में हरित क्षेत्र विकसित करना अनिवार्य होगा।
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जिला साहू समाज का शपथ ग्रहण और वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न हो गया है। इस दौरान सत्यनारायण बाबा जयंती के अवसर पर समाज के मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।1
- महासमुंद जिला पुलिस ने एक सहकारी समिति के उपार्जन केंद्र का ताला तोड़कर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, बांट और अन्य कीमती सामान चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का सारा सामान बरामद कर लिया है। इस संबंध में ठाकुरदियाखुर्द निवासी 46 वर्षीय लोचन पटेल (पिता सुखदेव) ने थाना उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित बरेकेल के उपार्जन केन्द्र डिघेपुर सोसायटी के कमरे का ताला तोड़कर चोरों ने सामान चोरी कर लिया था। चोरी गए सामानों में 4 नग इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा, 10mm इलेक्ट्रॉनिक तार का 1 बंडल, 5 बंडल कैमरा केबल, 2 सीसी कैमरा, 20 किलोग्राम के 14 नग बांट, 1 नग 3-फेस इलेक्ट्रॉनिक केबल तार और 2 नग स्टील धान कटोरा शामिल थे, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹78,250 थी। शिकायतकर्ता ने पिथौरा निवासी मोहित नागर और शोभु देवार पर संदेह जताया था, जिन्हें मोटरसाइकिल क्रमांक CG 04 HP 5860 में चोरी का सामान लोड करके ले जाते हुए देखा गया था। इस रिपोर्ट पर पिथौरा थाने में अपराध क्रमांक 174/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(3), 305(a), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान मुखबिरों की सूचना पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को उनके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने चोरी गया सामान जब्त कर उन्हें हिरासत में ले लिया है।2
- जशपुर जिले के कंवरधाम पमशाला में आज तपकरा तहसील को ब्लॉक बनाने की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ ग्रामीणों और आम जनता ने नए सिरे से आवाज बुलंद की है। पूर्व में स्वीकृत विकासखंड मुख्यालय, जो किसी कारणवश फरसाबहार में खोल दिया गया था, उसी पुरानी स्वीकृति के आधार पर अब तपकरा को ब्लॉक बनाने की मांग की जा रही है। इस मांग को पूरा कराने के उद्देश्य से एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी के गठन के अवसर पर भारी संख्या में जनप्रतिनिधि, आम जनता और महिलाएं शामिल हुईं। इस दौरान सभी ने दृढ़ संकल्प लिया कि जब तक तपकरा को ब्लॉक बनाने की मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह कमेटी सतत रूप से अपना कार्य करती रहेगी।1
- बिलासपुर में अपोलो हॉस्पिटल के खिलाफ कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया है। कांग्रेस ने अस्पताल प्रबंधन पर एक मरीज की शिफ्टिंग के दौरान गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा में अपोलो अस्पताल के खिलाफ कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया है। कांग्रेस की ओर से अस्पताल पर एक मरीज की शिफ्टिंग में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए गए हैं। मरीज की शिफ्टिंग के दौरान हुई इसी लापरवाही के विरोध में कांग्रेस द्वारा यह हंगामा किया गया।1
- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बसना में मध्य प्रदेश से पहुंचे सरपंच साहब ने संत रामपाल जी महाराज जी से मुलाकात की है।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में तपस्वी बाबा सत्यनारायण का जन्मदिन मनाया गया। इस अवसर पर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही।1
- सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में सारंगढ़ से रायगढ़ जाने वाले मुख्य मार्ग पर हरदी के गौटीन दाई मंदिर के पास एक बाइक और कार के बीच भिड़ंत हो गई। इस सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों को गंभीर चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त कार सराईपाली क्षेत्र की है, जबकि घायल बाइक सवार युवक पास के ही कौवाताल गांव के रहने वाले हैं। हादसे के तत्काल बाद स्थानीय ग्रामीणों ने सक्रियता दिखाते हुए घायलों के उपचार के लिए एम्बुलेंस और पुलिस को सूचना दी। वहीं, इस घटना की असल वजह वाहनों की ओवर स्पीड और अनियंत्रित होने की आशंका जताई जा रही है।1