logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

Aaj Raju Ne sahanpur mein beche Apne chhole aur iske chhole bahut hi acche hote Hain tt

2 hrs ago
user_Mohd Azhar
Mohd Azhar
नजीबाबाद, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

Aaj Raju Ne sahanpur mein beche Apne chhole aur iske chhole bahut hi acche hote Hain tt

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • बिजनौर के बढ़ापुर इलाके में पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के तहत बालिकाओं को किया जागरूक। बालिकाओं को महिला हेल्पलाइन नंबरों के बारे में दी जानकारी।
    1
    बिजनौर के बढ़ापुर इलाके में पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के तहत बालिकाओं को किया जागरूक।
बालिकाओं को महिला हेल्पलाइन नंबरों के बारे में दी जानकारी।
    user_Saleem Ahmad Journalist
    Saleem Ahmad Journalist
    पत्रकार बिजनौर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • फर्रुखाबाद में रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल, दरोगा सुधा पाल सस्पेंड फर्रुखाबाद। जिले में पुलिस विभाग की छवि को धक्का पहुंचाने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक दरोगा का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दरोगा सुधा पाल कथित तौर पर 7000 रुपये की रिश्वत सीधे न लेकर अपने ड्राइवर के माध्यम से लेते हुए दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि रिश्वत देने वाले व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जिसमें वह मुस्कुराते हुए पैसे देता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, जिसके बाद तत्काल संज्ञान लेते हुए दरोगा सुधा पाल को सस्पेंड कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
    1
    फर्रुखाबाद में रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल, दरोगा सुधा पाल सस्पेंड
फर्रुखाबाद। जिले में पुलिस विभाग की छवि को धक्का पहुंचाने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक दरोगा का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दरोगा सुधा पाल कथित तौर पर 7000 रुपये की रिश्वत सीधे न लेकर अपने ड्राइवर के माध्यम से लेते हुए दिखाई दे रही हैं।
बताया जा रहा है कि रिश्वत देने वाले व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जिसमें वह मुस्कुराते हुए पैसे देता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, जिसके बाद तत्काल संज्ञान लेते हुए दरोगा सुधा पाल को सस्पेंड कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
    user_TN NEWS CHANNEL
    TN NEWS CHANNEL
    धामपुर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • जनपद बिजनोर में देर रात से हो रही हल्की व तेज़ बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। उधर मौसम में फिर से सर्दियों का अहसास होने लगा है। लोगो ने गर्म कपड़े फिर से निकालने शुरू कर दिये हैं।
    1
    जनपद बिजनोर में देर रात से हो रही हल्की व तेज़ बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। उधर मौसम में फिर से सर्दियों का अहसास होने लगा है। लोगो ने गर्म कपड़े फिर से निकालने शुरू कर दिये हैं।
    user_Rajkumar Raj
    Rajkumar Raj
    Chartered Accountant बिजनौर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by नीरज कुमार
    5
    Post by नीरज कुमार
    user_नीरज कुमार
    नीरज कुमार
    धामपुर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by Tushar Verma “Tushar Gaurav” I
    1
    Post by Tushar Verma “Tushar Gaurav” I
    user_Tushar Verma “Tushar Gaurav” I
    Tushar Verma “Tushar Gaurav” I
    Interior designer बिजनौर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • *ईद के दौरान शांति/सुरक्षा व्यवस्था एवं धार्मिक सद्भाव दुरुस्त रखने के लिए एसएसपी हरिद्वार ने सभी पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारी। ko को ऑनलाइन वीसी के माध्यम से दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश-* *किसी भी स्तर पर ना हो कोई लापरवाही सभी अधिकारी रहेंगे सतर्क* *सभी पुलिस अधिकारी रहेंगे अपने अपने क्षेत्र में राउंड पर* 1- सभी थाना प्रभारी नमाज एवं पर्व के दौरान सरकारी वाहन के साथ लगातार राउंड पर रहेंगे। 2- ईदगाह एवं आसपास के स्थलों की लगातार निगरानी व चैकिंग की जाए। 3- नमाज से पूर्व वाहनों को सही तरीके से खड़ा करवाया जाए ताकी यातायात संबंधी कोई परेशानी न हो। 4- संवेदनशील स्थानों पर लगातार पुलिस पार्टी गश्त पर रहें एवं शरारती तत्वों पर नजर बनाए रखें। 5- पर्व के दौरान सभी सर्किल ऑफिसर्स थाना प्रभारियों के संपर्क में रहेंगे व कोई भी लॉ एंड ऑर्डर की समस्या होने पर मौके पर पहुंच समस्या का निस्तारण करेंगे। 6- सुनिश्चित किया जाए कि ईद के दौरान पालतू पशु विशेषकर सुअर सार्वजनिक स्थलों पर न घूमें। उक्त संबंध में समय से संबंधित से मीटिंग कर लें।
    1
    *ईद के दौरान शांति/सुरक्षा व्यवस्था एवं धार्मिक सद्भाव दुरुस्त रखने के लिए एसएसपी हरिद्वार ने सभी पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारी। ko को ऑनलाइन वीसी के माध्यम से दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश-*
*किसी भी स्तर पर ना हो कोई लापरवाही सभी अधिकारी रहेंगे सतर्क*
*सभी पुलिस अधिकारी रहेंगे अपने अपने क्षेत्र में राउंड पर*
1-	सभी थाना प्रभारी नमाज एवं पर्व के दौरान सरकारी वाहन के साथ लगातार राउंड पर रहेंगे।
2-	ईदगाह एवं आसपास के स्थलों की लगातार निगरानी व चैकिंग की जाए।
3-	नमाज से पूर्व वाहनों को सही तरीके से खड़ा करवाया जाए ताकी यातायात संबंधी कोई परेशानी न हो।
4-	संवेदनशील स्थानों पर लगातार पुलिस पार्टी गश्त पर रहें एवं शरारती तत्वों पर नजर बनाए रखें।
5-	पर्व के दौरान सभी सर्किल ऑफिसर्स थाना प्रभारियों के संपर्क में रहेंगे व कोई भी लॉ एंड ऑर्डर की समस्या होने पर मौके पर पहुंच समस्या का निस्तारण करेंगे।
6-	सुनिश्चित किया जाए कि ईद के दौरान पालतू पशु विशेषकर सुअर सार्वजनिक स्थलों पर न घूमें। उक्त संबंध में समय से संबंधित से मीटिंग कर लें।
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • बिजनौर जनपद में कुट्टू काटा खाने से कई व्यक्तियों की हालत खराब हो गई जिन्हें निजी चिकित्सालय में उपचार हेतु भर्ती कराया गया मंडावली थाना क्षेत्र मे कुट्टू का आटा खाने से लगभग दस लोगों को हुआ फूड प्वाइजन हो गया ओम चौधरी हॉस्पिटल में चल रहा है इलाज कुट्टू के आटा खाने से हुई उल्टी जयप्रकाश उपाध्याय उम्र 45 वर्ष, रोहित उम्र 15 वर्ष , प्रीति उम्र 19 वर्ष कुट्टू के आटे की पकोड़ी खाने से बीमार हो गए हैं। जिनका उपचार ॐ चौधरी हॉस्पिटल मंडावली में किया जा रहा है ,सपना उम्र 25 वर्ष l ग्राम सिकरोड़ा निवासी अंश पुत्र राजेन्द्र उम्र 17 वर्ष, चांदनी पत्नी राजेंद्र उम्र करीब 36 वर्ष एवं राजेन्द्र की चार पुत्री अमोली उम्र 13 वर्ष, श्रद्धा उम्र 10 वर्ष, अनामिका उम्र 14 वर्ष, सलोनी उम्र 14 वर्ष एवं कल्पना पत्नी रामकुमार निवासी सिकरोड़ा भी कुट्टू का आटा खाने से बीमार हो गई है जिन्हें एम्बुलेंस से सी एच सी समीपुर नजीबाबाद भेजा गया है सभी की हालत ठीक बताई जा रही है l मौके पर पहुँचे खाद्यान विभाग की टीम ने जाट पड़ताल शुरू कर दी है और कार्यवाही के लिए आश्वासन दिया.. वही फूड प्वाइजन के शिकार लोगो का कहना है की सभी लोग नजीबाबाद मोटे आम गाँधी की दुकान से ये आटा लाये थे..मौके पर थाना मंडावली की टीम भी मौजूद रही थाना प्रभारी मंडावली राकेश कुमार का कहना है कि इस संबंध में जैसे ही तहरीर प्राप्त होगी आरोपी दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
    1
    बिजनौर जनपद में कुट्टू काटा खाने से कई व्यक्तियों की हालत खराब हो गई जिन्हें निजी चिकित्सालय में उपचार हेतु भर्ती कराया गया 
मंडावली  थाना क्षेत्र मे कुट्टू का आटा खाने से लगभग  दस लोगों को हुआ फूड प्वाइजन हो गया ओम चौधरी हॉस्पिटल में चल रहा है इलाज  कुट्टू के आटा खाने से हुई उल्टी  जयप्रकाश  उपाध्याय उम्र 45 वर्ष, रोहित  उम्र 15 वर्ष , प्रीति उम्र 19 वर्ष कुट्टू के आटे की पकोड़ी खाने से बीमार हो गए हैं। जिनका उपचार ॐ चौधरी हॉस्पिटल मंडावली में किया जा रहा है ,सपना  उम्र 25 वर्ष  l ग्राम सिकरोड़ा निवासी   अंश पुत्र राजेन्द्र उम्र 17 वर्ष, चांदनी पत्नी  राजेंद्र उम्र करीब 36 वर्ष एवं  राजेन्द्र की चार पुत्री अमोली उम्र 13 वर्ष, श्रद्धा उम्र 10 वर्ष, अनामिका उम्र 14 वर्ष, सलोनी उम्र 14 वर्ष एवं कल्पना पत्नी रामकुमार निवासी सिकरोड़ा भी  कुट्टू का आटा खाने से बीमार हो गई है जिन्हें एम्बुलेंस से सी एच सी समीपुर नजीबाबाद भेजा गया है सभी की हालत ठीक बताई जा रही है l मौके पर पहुँचे खाद्यान विभाग की टीम ने  जाट पड़ताल शुरू कर दी है और कार्यवाही के लिए आश्वासन दिया..
वही फूड प्वाइजन  के शिकार लोगो का कहना है की सभी लोग नजीबाबाद मोटे आम गाँधी की दुकान से ये आटा लाये थे..मौके पर थाना मंडावली की टीम भी मौजूद रही थाना प्रभारी मंडावली राकेश कुमार का कहना है कि इस संबंध में जैसे ही तहरीर प्राप्त होगी आरोपी दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
    user_HNNK News Sabir
    HNNK News Sabir
    नजीबाबाद, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by नीरज कुमार
    5
    Post by नीरज कुमार
    user_नीरज कुमार
    नीरज कुमार
    धामपुर, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर जिला कारागार रोशनाबाद में श्री अखंड परशुराम अखाड़ा द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य आयोजन हरिद्वार, संवाददाता | स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ धर्म की राजधानी कही जाने वाली तीर्थ नगरी हरिद्वार में इस बार हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर एक ऐसा आध्यात्मिक आयोजन हुआ जिसने कारागार की कठोर दीवारों के भीतर भी भक्ति, आत्मचिंतन और सुधार की नई रोशनी जगा दी। श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के तत्वावधान में जिला कारागार रोशनाबाद हरिद्वार में सर्वजन कल्याण की भावना से श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। कथा के द्वितीय दिवस पर कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कैदियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को भागवत की अमृतमयी कथा का श्रवण कराया। राजा परीक्षित और कलयुग की कथा से दिया धर्म का संदेश कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने बताया कि सर्वप्रथम सप्ताह कथा का आयोजन शुक्रताल में हुआ था, जहां सुखदेव मुनि ने राजा परीक्षित को सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कराया था। उन्होंने विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि जब राजा परीक्षित को यह ज्ञात हुआ कि पृथ्वी पर कलयुग का आगमन हो चुका है, तब वे स्वयं कलयुग को खोजते हुए गंगा तट तक पहुंचे। वहां उनकी भेंट कलयुग से हुई। राजा परीक्षित ने उसे पृथ्वी से चले जाने का आदेश दिया, लेकिन कलयुग ने निवेदन किया कि जैसे सतयुग, त्रेता और द्वापर को स्थान मिला, वैसे ही उसे भी रहने के लिए स्थान दिया जाए। तब राजा परीक्षित ने चार स्थानों— जहां जुआ खेला जाता हो, जहां निर्दोष पशुओं की हत्या होती हो, जहां मद्यपान होता हो, और जहां पराई स्त्री के साथ दुर्व्यवहार होता हो— वहीं कलयुग को निवास करने की अनुमति दी। परंतु कलयुग ने पुनः निवेदन किया कि राजा के भय से उनके राज्य में ये चारों अधर्म नहीं होते। तब राजा परीक्षित ने उसे स्वर्ण में वास करने की अनुमति दी। कथा के अनुसार, अधर्म से बने जरासंध के स्वर्ण मुकुट को धारण करते ही उसी मुकुट में कलयुग का प्रवेश हो गया और वहीं से अधर्म का प्रभाव आरंभ हुआ। श्राप, पश्चाताप और भागवत कथा का महात्म्य कथा के दौरान शास्त्री जी ने बताया कि एक बार शिकार के दौरान प्यास और थकान से व्याकुल राजा परीक्षित ने ऋषि समिक मुनि के गले में मृत सर्प डाल दिया। यह अपमान देखकर उनके पुत्र श्रृंगी ऋषि ने क्रोधित होकर राजा परीक्षित को श्राप दिया कि सातवें दिन तक्षक नाग के दंश से उनकी मृत्यु हो जाएगी। जब राजा परीक्षित को इस श्राप का ज्ञान हुआ तो उन्होंने अपने पुत्र जनमेजय को राजगद्दी सौंप दी और गंगा तट स्थित शुक्रताल पहुंचकर जीवन के अंतिम सात दिनों में आत्मकल्याण का मार्ग चुना। वहीं वेदव्यास जी के पुत्र सुखदेव जी का आगमन हुआ और उन्होंने सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा का अमृत सुनाया। कथा श्रवण के पश्चात राजा परीक्षित को परम पद की प्राप्ति हुई और वे भगवान विष्णु के वैकुंठ धाम के अधिकारी बन गए। भागवत कथा: आत्मशुद्धि और मोक्ष का मार्ग कथा व्यास ने कहा कि तभी से अपने जीवन का कल्याण चाहने वाले भक्त भागवत सप्ताह का आयोजन करते हैं। श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मशुद्धि, वैराग्य और परमात्मा से जुड़ने का दिव्य माध्यम है, जो मनुष्य को अंततः भगवत धाम का अधिकारी बनाता है। कैदियों के जीवन में सुधार की पहल इस अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि समाज के प्रत्येक समर्थ व्यक्ति को संकल्प लेकर समय-समय पर कारागारों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। इससे बंदियों के मन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और वे अपने जीवन की गलतियों को सुधारने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कैदियों के भीतर आध्यात्मिक चेतना जागृत हो जाए तो वे समाज में लौटकर एक नया और बेहतर जीवन जी सकते हैं। जेल प्रशासन ने जताया आभार जिला कारागार के अधीक्षक मनोज आर्य ने श्री अखंड परशुराम अखाड़ा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अखाड़े द्वारा समय-समय पर कारागार में इस प्रकार के आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे कैदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर होते रहेंगे। भागवत पूजन के साथ सम्पन्न हुआ कार्यक्रम कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी जलज कौशिक द्वारा विधिवत श्रीमद् भागवत का पूजन किया गया। इस अवसर पर पंडित सतीश तिवारी, पंडित सचिन पैन्यूली, पंडित आदित्य जागुड़ी, बलविंदर चौधरी, कुलदीप शर्मा, मनोज ठाकुर, बृजमोहन शर्मा, संजू अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर भागवत पूजन सम्पन्न कराया। कारागार में भक्ति का संदेश कारागार जैसी जगह, जहां आमतौर पर अपराध और दंड की कहानियां लिखी जाती हैं, वहीं श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से पश्चाताप, आत्मशुद्धि और मोक्ष की नई कहानी लिखी जा रही है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब धर्म का दीपक जलता है तो उसकी रोशनी सबसे अंधेरी जगहों तक भी पहुंच जाती है। — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़
    3
    हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर जिला कारागार रोशनाबाद में श्री अखंड परशुराम अखाड़ा द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य आयोजन
हरिद्वार, संवाददाता | स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़
धर्म की राजधानी कही जाने वाली तीर्थ नगरी हरिद्वार में इस बार हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर एक ऐसा आध्यात्मिक आयोजन हुआ जिसने कारागार की कठोर दीवारों के भीतर भी भक्ति, आत्मचिंतन और सुधार की नई रोशनी जगा दी।
श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के तत्वावधान में जिला कारागार रोशनाबाद हरिद्वार में सर्वजन कल्याण की भावना से श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। कथा के द्वितीय दिवस पर कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कैदियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को भागवत की अमृतमयी कथा का श्रवण कराया।
राजा परीक्षित और कलयुग की कथा से दिया धर्म का संदेश
कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने बताया कि सर्वप्रथम सप्ताह कथा का आयोजन शुक्रताल में हुआ था, जहां सुखदेव मुनि ने राजा परीक्षित को सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कराया था।
उन्होंने विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि जब राजा परीक्षित को यह ज्ञात हुआ कि पृथ्वी पर कलयुग का आगमन हो चुका है, तब वे स्वयं कलयुग को खोजते हुए गंगा तट तक पहुंचे। वहां उनकी भेंट कलयुग से हुई। राजा परीक्षित ने उसे पृथ्वी से चले जाने का आदेश दिया, लेकिन कलयुग ने निवेदन किया कि जैसे सतयुग, त्रेता और द्वापर को स्थान मिला, वैसे ही उसे भी रहने के लिए स्थान दिया जाए।
तब राजा परीक्षित ने चार स्थानों—
जहां जुआ खेला जाता हो,
जहां निर्दोष पशुओं की हत्या होती हो,
जहां मद्यपान होता हो,
और जहां पराई स्त्री के साथ दुर्व्यवहार होता हो—
वहीं कलयुग को निवास करने की अनुमति दी।
परंतु कलयुग ने पुनः निवेदन किया कि राजा के भय से उनके राज्य में ये चारों अधर्म नहीं होते। तब राजा परीक्षित ने उसे स्वर्ण में वास करने की अनुमति दी। कथा के अनुसार, अधर्म से बने जरासंध के स्वर्ण मुकुट को धारण करते ही उसी मुकुट में कलयुग का प्रवेश हो गया और वहीं से अधर्म का प्रभाव आरंभ हुआ।
श्राप, पश्चाताप और भागवत कथा का महात्म्य
कथा के दौरान शास्त्री जी ने बताया कि एक बार शिकार के दौरान प्यास और थकान से व्याकुल राजा परीक्षित ने ऋषि समिक मुनि के गले में मृत सर्प डाल दिया। यह अपमान देखकर उनके पुत्र श्रृंगी ऋषि ने क्रोधित होकर राजा परीक्षित को श्राप दिया कि सातवें दिन तक्षक नाग के दंश से उनकी मृत्यु हो जाएगी।
जब राजा परीक्षित को इस श्राप का ज्ञान हुआ तो उन्होंने अपने पुत्र जनमेजय को राजगद्दी सौंप दी और गंगा तट स्थित शुक्रताल पहुंचकर जीवन के अंतिम सात दिनों में आत्मकल्याण का मार्ग चुना। वहीं वेदव्यास जी के पुत्र सुखदेव जी का आगमन हुआ और उन्होंने सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा का अमृत सुनाया। कथा श्रवण के पश्चात राजा परीक्षित को परम पद की प्राप्ति हुई और वे भगवान विष्णु के वैकुंठ धाम के अधिकारी बन गए।
भागवत कथा: आत्मशुद्धि और मोक्ष का मार्ग
कथा व्यास ने कहा कि तभी से अपने जीवन का कल्याण चाहने वाले भक्त भागवत सप्ताह का आयोजन करते हैं। श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मशुद्धि, वैराग्य और परमात्मा से जुड़ने का दिव्य माध्यम है, जो मनुष्य को अंततः भगवत धाम का अधिकारी बनाता है।
कैदियों के जीवन में सुधार की पहल
इस अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि समाज के प्रत्येक समर्थ व्यक्ति को संकल्प लेकर समय-समय पर कारागारों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। इससे बंदियों के मन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और वे अपने जीवन की गलतियों को सुधारने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कैदियों के भीतर आध्यात्मिक चेतना जागृत हो जाए तो वे समाज में लौटकर एक नया और बेहतर जीवन जी सकते हैं।
जेल प्रशासन ने जताया आभार
जिला कारागार के अधीक्षक मनोज आर्य ने श्री अखंड परशुराम अखाड़ा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अखाड़े द्वारा समय-समय पर कारागार में इस प्रकार के आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे कैदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर होते रहेंगे।
भागवत पूजन के साथ सम्पन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी जलज कौशिक द्वारा विधिवत श्रीमद् भागवत का पूजन किया गया। इस अवसर पर पंडित सतीश तिवारी, पंडित सचिन पैन्यूली, पंडित आदित्य जागुड़ी, बलविंदर चौधरी, कुलदीप शर्मा, मनोज ठाकुर, बृजमोहन शर्मा, संजू अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर भागवत पूजन सम्पन्न कराया।
कारागार में भक्ति का संदेश
कारागार जैसी जगह, जहां आमतौर पर अपराध और दंड की कहानियां लिखी जाती हैं, वहीं श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से पश्चाताप, आत्मशुद्धि और मोक्ष की नई कहानी लिखी जा रही है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब धर्म का दीपक जलता है तो उसकी रोशनी सबसे अंधेरी जगहों तक भी पहुंच जाती है।
— स्वतंत्र पत्रकार
रामेश्वर गौड़
    user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.