नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा मार्ग की खस्ताहाली और गड्ढों को सुधारने के नाम पर की जा रही लीपापोती से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस व्यस्त मार्ग पर बने जानलेवा गड्ढों को सुधारने के लिए गिट्टी या डामर का उपयोग करने के बजाय काली मिट्टी डाली जा रही है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वर्तमान में जारी बरसात के मौसम में काली मिट्टी डालने से यह पानी के संपर्क में आकर कीचड़ में तब्दील हो जाएगी, जिससे स्थिति सुधरने की जगह और अधिक खतरनाक हो जाएगी। नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा को जोड़ने वाले इस प्रमुख रास्ते से रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन, एम्बुलेंस और यात्री बसें गुजरती हैं। गीली काली मिट्टी के कारण सड़क पर फिसलन बहुत बढ़ गई है, जिससे दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर चोटिल हो रहे हैं और भारी वाहनों के फंसने या अनियंत्रित होने की आशंका बनी हुई है। सड़क सुधार के नाम पर हो रहे इस भयंकर मजाक को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों और चालकों में रोष व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग और ठेकेदार जनता की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और बरसात के दिनों में की जा रही इस तरह की खानापूर्ति भ्रष्टाचार की पोल खोल रही है। अब देखना यह होगा कि इस मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कदम उठाते हैं या फिर जनता को ऐसे ही भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है।
नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा मार्ग की खस्ताहाली और गड्ढों को सुधारने के नाम पर की जा रही लीपापोती से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस व्यस्त मार्ग पर बने जानलेवा गड्ढों को सुधारने के लिए गिट्टी या डामर का उपयोग करने के बजाय काली मिट्टी डाली जा रही है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वर्तमान में जारी बरसात के मौसम में काली मिट्टी डालने से यह पानी के संपर्क में आकर कीचड़ में तब्दील हो जाएगी, जिससे स्थिति सुधरने की जगह और अधिक खतरनाक हो जाएगी। नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा को जोड़ने वाले इस प्रमुख रास्ते से रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन, एम्बुलेंस और यात्री बसें गुजरती हैं। गीली काली मिट्टी के कारण सड़क पर फिसलन बहुत बढ़ गई है, जिससे दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर चोटिल हो रहे हैं और भारी वाहनों के फंसने या अनियंत्रित होने की आशंका बनी हुई है। सड़क सुधार के नाम पर हो रहे इस भयंकर मजाक को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों और चालकों में रोष व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग और ठेकेदार जनता की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और बरसात के दिनों में की जा रही इस तरह की खानापूर्ति भ्रष्टाचार की पोल खोल रही है। अब देखना यह होगा कि इस मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कदम उठाते हैं या फिर जनता को ऐसे ही भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है।
- नरसिंहपुर में सरकारी विद्यालय से नीट तक का सफर तय करने वाली साक्षी साहू की सफलता हर विद्यार्थी के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है। उनकी इस कामयाबी में निःशुल्क नीट कोचिंग ने उनके लिए सफलता की सीढ़ी के रूप में काम किया है।1
- जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार, पेपरलीक महामारी के खिलाफ राहुल गांधी ने देहरादून में आयोजित एक महारैली को संबोधित किया है। उन्होंने इस महारैली के माध्यम से पेपरलीक महामारी के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया में एक घर गिरने की घटना सामने आई है। इस हादसे के दौरान मकान में रहने वाला परिवार बाल-बाल बच गया।1
- नरसिंहपुर के गोटेगांव में सरकारी विद्यालय से नीट तक का सफर तय करने वाली साक्षी साहू की सफलता हर विद्यार्थी के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है। उनके इस सफर में निःशुल्क नीट कोचिंग उनकी सफलता की सीढ़ी साबित हुई है।1
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- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में बीमारी की वजह से कम अंक आने पर एक छात्रा को हॉस्टल से बाहर निकाल दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद बेहद परेशान होकर पीड़ित छात्रा अपनी शिकायत लेकर सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंची है।1
- नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा मार्ग की खस्ताहाली और गड्ढों को सुधारने के नाम पर की जा रही लीपापोती से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस व्यस्त मार्ग पर बने जानलेवा गड्ढों को सुधारने के लिए गिट्टी या डामर का उपयोग करने के बजाय काली मिट्टी डाली जा रही है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वर्तमान में जारी बरसात के मौसम में काली मिट्टी डालने से यह पानी के संपर्क में आकर कीचड़ में तब्दील हो जाएगी, जिससे स्थिति सुधरने की जगह और अधिक खतरनाक हो जाएगी। नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा को जोड़ने वाले इस प्रमुख रास्ते से रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन, एम्बुलेंस और यात्री बसें गुजरती हैं। गीली काली मिट्टी के कारण सड़क पर फिसलन बहुत बढ़ गई है, जिससे दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर चोटिल हो रहे हैं और भारी वाहनों के फंसने या अनियंत्रित होने की आशंका बनी हुई है। सड़क सुधार के नाम पर हो रहे इस भयंकर मजाक को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों और चालकों में रोष व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग और ठेकेदार जनता की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और बरसात के दिनों में की जा रही इस तरह की खानापूर्ति भ्रष्टाचार की पोल खोल रही है। अब देखना यह होगा कि इस मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कदम उठाते हैं या फिर जनता को ऐसे ही भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है।1
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