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जालौन चौकी से कथित हिरासत में लिए गए सौरभ सक्सेना का वीडियो सामने आया, जालौन से झांसी तक ले जाने की चर्चा—पुलिस के आधिकारिक बयान का इंतजार जालौन। जालौन चौकी से कथित रूप से हिरासत में लिए गए सौरभ सक्सेना निवासी गहेसर, जनपद औरैया का एक वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो में सौरभ पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए यह कहते नजर आ रहा है कि “पता नहीं पुलिस क्या गेम खेल रही है।” वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि सौरभ सक्सेना समेत कुछ लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। इसके बाद सौरभ को पहले जालौन, फिर उरई और झांसी ले जाए जाने की बात सामने आई है। अब उसे ग्वालियर ले जाने की चर्चा भी है। हालांकि, इन दावों को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले में कई सवाल उठ रहे हैं—सौरभ सक्सेना को जालौन से झांसी तक पुलिस अभिरक्षा में क्यों ले जाया गया? क्या उसके परिजन उसके साथ हैं? उसके साथ पकड़े गए अन्य लोगों का क्या हुआ? पुलिस इस पूरे मामले में आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है? वहीं, चौकी प्रभारी मनीष तिवारी को लेकर भी पूर्व में विभिन्न आरोप और शिकायतों की चर्चाएं सामने आती रही हैं। इनमें एक महिला के घर का दरवाजा कथित रूप से लात मारकर तोड़ने, जुआ के आरोपी को सार्वजनिक स्थान पर कथित रूप से अपमानित करने तथा ई-रिक्शा चालक का मोबाइल तोड़ने जैसे आरोपों की चर्चा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और उनके संबंध में आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय स्तर पर जालौन क्षेत्र में हुई कुछ चोरी की घटनाओं के खुलासे को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। वहीं, एक युवती की स्कूटी से पैसे निकालने के मामले में कथित तौर पर करीब 45 दिन बाद एफआईआर दर्ज होने और उसके बाद कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई है। इस मामले में भी पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सौरभ सक्सेना के मामले में पुलिस की वास्तविक कार्रवाई क्या है, उसे अलग-अलग स्थानों पर क्यों ले जाया गया और उसके साथ पकड़े गए अन्य लोगों की स्थिति क्या है? मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक बयान और आगे होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

1 hr ago
user_Dr.Anupam Gurjar
Dr.Anupam Gurjar
Doctor जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

जालौन चौकी से कथित हिरासत में लिए गए सौरभ सक्सेना का वीडियो सामने आया, जालौन से झांसी तक ले जाने की चर्चा—पुलिस के आधिकारिक बयान का इंतजार जालौन। जालौन चौकी से कथित रूप से हिरासत में लिए गए सौरभ सक्सेना निवासी गहेसर, जनपद औरैया का एक वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो में सौरभ पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए यह कहते नजर आ रहा है कि “पता नहीं पुलिस क्या गेम खेल रही है।” वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि सौरभ सक्सेना समेत कुछ लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। इसके बाद सौरभ को पहले जालौन, फिर उरई और झांसी ले जाए जाने की बात सामने आई है। अब उसे ग्वालियर ले जाने की चर्चा भी है। हालांकि,

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इन दावों को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले में कई सवाल उठ रहे हैं—सौरभ सक्सेना को जालौन से झांसी तक पुलिस अभिरक्षा में क्यों ले जाया गया? क्या उसके परिजन उसके साथ हैं? उसके साथ पकड़े गए अन्य लोगों का क्या हुआ? पुलिस इस पूरे मामले में आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है? वहीं, चौकी प्रभारी मनीष तिवारी को लेकर भी पूर्व में विभिन्न आरोप और शिकायतों की चर्चाएं सामने आती रही हैं। इनमें एक महिला के घर का दरवाजा कथित रूप से लात मारकर तोड़ने, जुआ के आरोपी को सार्वजनिक स्थान पर कथित रूप से अपमानित करने तथा ई-रिक्शा चालक का मोबाइल तोड़ने जैसे आरोपों की चर्चा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और उनके संबंध में आधिकारिक

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कार्रवाई की जानकारी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय स्तर पर जालौन क्षेत्र में हुई कुछ चोरी की घटनाओं के खुलासे को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। वहीं, एक युवती की स्कूटी से पैसे निकालने के मामले में कथित तौर पर करीब 45 दिन बाद एफआईआर दर्ज होने और उसके बाद कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई है। इस मामले में भी पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सौरभ सक्सेना के मामले में पुलिस की वास्तविक कार्रवाई क्या है, उसे अलग-अलग स्थानों पर क्यों ले जाया गया और उसके साथ पकड़े गए अन्य लोगों की स्थिति क्या है? मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक बयान और आगे होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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  • जालौन चौकी से कथित हिरासत में लिए गए सौरभ सक्सेना का वीडियो सामने आया, जालौन से झांसी तक ले जाने की चर्चा—पुलिस के आधिकारिक बयान का इंतजार जालौन। जालौन चौकी से कथित रूप से हिरासत में लिए गए सौरभ सक्सेना निवासी गहेसर, जनपद औरैया का एक वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो में सौरभ पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए यह कहते नजर आ रहा है कि “पता नहीं पुलिस क्या गेम खेल रही है।” वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि सौरभ सक्सेना समेत कुछ लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। इसके बाद सौरभ को पहले जालौन, फिर उरई और झांसी ले जाए जाने की बात सामने आई है। अब उसे ग्वालियर ले जाने की चर्चा भी है। हालांकि, इन दावों को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले में कई सवाल उठ रहे हैं—सौरभ सक्सेना को जालौन से झांसी तक पुलिस अभिरक्षा में क्यों ले जाया गया? क्या उसके परिजन उसके साथ हैं? उसके साथ पकड़े गए अन्य लोगों का क्या हुआ? पुलिस इस पूरे मामले में आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है? वहीं, चौकी प्रभारी मनीष तिवारी को लेकर भी पूर्व में विभिन्न आरोप और शिकायतों की चर्चाएं सामने आती रही हैं। इनमें एक महिला के घर का दरवाजा कथित रूप से लात मारकर तोड़ने, जुआ के आरोपी को सार्वजनिक स्थान पर कथित रूप से अपमानित करने तथा ई-रिक्शा चालक का मोबाइल तोड़ने जैसे आरोपों की चर्चा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और उनके संबंध में आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय स्तर पर जालौन क्षेत्र में हुई कुछ चोरी की घटनाओं के खुलासे को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। वहीं, एक युवती की स्कूटी से पैसे निकालने के मामले में कथित तौर पर करीब 45 दिन बाद एफआईआर दर्ज होने और उसके बाद कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई है। इस मामले में भी पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सौरभ सक्सेना के मामले में पुलिस की वास्तविक कार्रवाई क्या है, उसे अलग-अलग स्थानों पर क्यों ले जाया गया और उसके साथ पकड़े गए अन्य लोगों की स्थिति क्या है? मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक बयान और आगे होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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    जालौन चौकी से कथित हिरासत में लिए गए सौरभ सक्सेना का वीडियो सामने आया, जालौन से झांसी तक ले जाने की चर्चा—पुलिस के आधिकारिक बयान का इंतजार
जालौन। जालौन चौकी से कथित रूप से हिरासत में लिए गए सौरभ सक्सेना निवासी गहेसर, जनपद औरैया का एक वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो में सौरभ पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए यह कहते नजर आ रहा है कि “पता नहीं पुलिस क्या गेम खेल रही है।” वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि सौरभ सक्सेना समेत कुछ लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। इसके बाद सौरभ को पहले जालौन, फिर उरई और झांसी ले जाए जाने की बात सामने आई है। अब उसे ग्वालियर ले जाने की चर्चा भी है। हालांकि, इन दावों को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मामले में कई सवाल उठ रहे हैं—सौरभ सक्सेना को जालौन से झांसी तक पुलिस अभिरक्षा में क्यों ले जाया गया? क्या उसके परिजन उसके साथ हैं? उसके साथ पकड़े गए अन्य लोगों का क्या हुआ? पुलिस इस पूरे मामले में आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है?
वहीं, चौकी प्रभारी मनीष तिवारी को लेकर भी पूर्व में विभिन्न आरोप और शिकायतों की चर्चाएं सामने आती रही हैं। इनमें एक महिला के घर का दरवाजा कथित रूप से लात मारकर तोड़ने, जुआ के आरोपी को सार्वजनिक स्थान पर कथित रूप से अपमानित करने तथा ई-रिक्शा चालक का मोबाइल तोड़ने जैसे आरोपों की चर्चा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और उनके संबंध में आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी स्पष्ट नहीं है।
स्थानीय स्तर पर जालौन क्षेत्र में हुई कुछ चोरी की घटनाओं के खुलासे को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। वहीं, एक युवती की स्कूटी से पैसे निकालने के मामले में कथित तौर पर करीब 45 दिन बाद एफआईआर दर्ज होने और उसके बाद कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई है। इस मामले में भी पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सौरभ सक्सेना के मामले में पुलिस की वास्तविक कार्रवाई क्या है, उसे अलग-अलग स्थानों पर क्यों ले जाया गया और उसके साथ पकड़े गए अन्य लोगों की स्थिति क्या है?
मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक बयान और आगे होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
    user_Dr.Anupam Gurjar
    Dr.Anupam Gurjar
    Doctor जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • महंत की गद्दी को लेकर फिर गरमाया विवाद! विवादित जमीन पर कब्जे के आरोपों के बीच पुराने गद्दी विवाद की चर्चा तेज, महिला ने धमकी देने का लगाया आरोप स्थानीय लोगों का दावा—महंत रामजीवन दास की गद्दी से जुड़ा है पुराना विवाद, कागजात होने की भी कही जा रही बात जालौन। कस्बा जालौन के मोहल्ला चौधरयाना स्थित मंदिर और उससे जुड़ी भूमि को लेकर विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। एक ओर जहां मजदूर पेशा महिला राममूर्ति पत्नी रामकिशुन ने विवादित भूमि पर तार फेंसिंग एवं जाली लगाकर कथित रूप से कब्जे की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर इस पूरे प्रकरण के पीछे मंदिर की महंती और गद्दी को लेकर चला आ रहा पुराना विवाद भी चर्चा में है। महंत रामजीवन दास की गद्दी को लेकर पुराना विवाद होने का दावा मोहल्ले के कुछ लोगों और मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार, महंत रामजीवन दास की गद्दी से जुड़ी पुरानी परंपरा और उत्तराधिकार को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस गद्दी के दो प्रमुख शिष्य ओमप्रकाश महंत/दास और रामसिया दास बताए जाते हैं। कुछ स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों पहले ओमप्रकाश दास द्वारा अपने भाई भानुप्रकाश बादल को बुलाए जाने के बाद रामसिया दास को मंदिर से हटना पड़ा था। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि इस खबर के लिए उपलब्ध नहीं हो सकी है। सुप्रीम कोर्ट तक मामला जाने का भी दावा मंदिर से जुड़े लोगों का दावा है कि महंती और गद्दी को लेकर विवाद न्यायालयों तक पहुंचा और मामला सुप्रीम कोर्ट तक चला, जहां रामसिया दास को महंत घोषित किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि इस दावे के समर्थन में संबंधित न्यायालय के आदेश की प्रमाणित प्रति फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे स्थानीय लोगों का दावा ही माना जा रहा है। भानुप्रकाश बादल और शिवम बादल पर भी आरोप इसी पुराने विवाद को वर्तमान भूमि विवाद से जोड़ते हुए कुछ मोहल्लेवासियों का आरोप है कि भानुप्रकाश बादल और उनके पुत्र शिवम बादल मंदिर एवं उससे जुड़ी जमीन पर अपना प्रभाव बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ लोगों ने भानुप्रकाश बादल के व्यवहार को दबंग प्रवृत्ति का बताते हुए भी आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। महिला की गुहार—“हमें धमकाया जा रहा है” वर्तमान विवाद में राममूर्ति पत्नी रामकिशुन ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी विवादित भूमि के 859 जुजभाग मकान पर भानुप्रकाश बादल एवं शिवम बादल समेत अन्य लोगों द्वारा तार फेंसिंग और जाली लगाने का प्रयास किया जा रहा है। महिला का कहना है कि संबंधित भूमि को लेकर न्यायालय में मामला विचाराधीन है और वहां स्टे प्रभावी है। प्रार्थिनी ने आरोप लगाया कि उसे कथित रूप से धमकाया जा रहा है और यदि जमीन की स्थिति में जबरन बदलाव किया गया तो उसे अपूरणीय क्षति हो सकती है। “कागजात होने” का भी दावा मंदिर से जुड़े कुछ लोगों का दावा है कि महंती और मंदिर की संपत्ति से संबंधित कागजात उनके पास मौजूद हैं और आवश्यकता पड़ने पर इन्हें प्रशासन एवं न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। हालांकि इन दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच एवं सत्यापन होना अभी बाकी है। महिला सशक्तिकरण के दौर में उठे सवाल प्रदेश सरकार द्वारा महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे में यदि एक महिला अपनी संपत्ति को लेकर धमकी अथवा दबाव की शिकायत कर रही है तो प्रशासन के सामने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है। सवाल यह भी है कि न्यायालय में विवाद लंबित होने के बावजूद विवादित भूमि पर फेंसिंग लगाने की स्थिति क्यों पैदा हुई? अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के दस्तावेजों एवं न्यायालय के आदेशों की जांच कर क्या कार्रवाई करता है। स्पष्टिकरण: खबर में मंदिर की महंती, पुराने विवाद, न्यायालयी निर्णय, दबंगई, धमकी तथा जमीन पर कब्जे से संबंधित बातें संबंधित पक्षों, स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ता द्वारा किए गए दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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    महंत की गद्दी को लेकर फिर गरमाया विवाद!

विवादित जमीन पर कब्जे के आरोपों के बीच पुराने गद्दी विवाद की चर्चा तेज, महिला ने धमकी देने का लगाया आरोप
स्थानीय लोगों का दावा—महंत रामजीवन दास की गद्दी से जुड़ा है पुराना विवाद, कागजात होने की भी कही जा रही बात
जालौन। कस्बा जालौन के मोहल्ला चौधरयाना स्थित मंदिर और उससे जुड़ी भूमि को लेकर विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। एक ओर जहां मजदूर पेशा महिला राममूर्ति पत्नी रामकिशुन ने विवादित भूमि पर तार फेंसिंग एवं जाली लगाकर कथित रूप से कब्जे की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर इस पूरे प्रकरण के पीछे मंदिर की महंती और गद्दी को लेकर चला आ रहा पुराना विवाद भी चर्चा में है।
महंत रामजीवन दास की गद्दी को लेकर पुराना विवाद होने का दावा
मोहल्ले के कुछ लोगों और मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार, महंत रामजीवन दास की गद्दी से जुड़ी पुरानी परंपरा और उत्तराधिकार को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस गद्दी के दो प्रमुख शिष्य ओमप्रकाश महंत/दास और रामसिया दास बताए जाते हैं।
कुछ स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों पहले ओमप्रकाश दास द्वारा अपने भाई भानुप्रकाश बादल को बुलाए जाने के बाद रामसिया दास को मंदिर से हटना पड़ा था। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि इस खबर के लिए उपलब्ध नहीं हो सकी है।
सुप्रीम कोर्ट तक मामला जाने का भी दावा
मंदिर से जुड़े लोगों का दावा है कि महंती और गद्दी को लेकर विवाद न्यायालयों तक पहुंचा और मामला सुप्रीम कोर्ट तक चला, जहां रामसिया दास को महंत घोषित किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि इस दावे के समर्थन में संबंधित न्यायालय के आदेश की प्रमाणित प्रति फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे स्थानीय लोगों का दावा ही माना जा रहा है।
भानुप्रकाश बादल और शिवम बादल पर भी आरोप
इसी पुराने विवाद को वर्तमान भूमि विवाद से जोड़ते हुए कुछ मोहल्लेवासियों का आरोप है कि भानुप्रकाश बादल और उनके पुत्र शिवम बादल मंदिर एवं उससे जुड़ी जमीन पर अपना प्रभाव बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ लोगों ने भानुप्रकाश बादल के व्यवहार को दबंग प्रवृत्ति का बताते हुए भी आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महिला की गुहार—“हमें धमकाया जा रहा है”
वर्तमान विवाद में राममूर्ति पत्नी रामकिशुन ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी विवादित भूमि के 859 जुजभाग मकान पर भानुप्रकाश बादल एवं शिवम बादल समेत अन्य लोगों द्वारा तार फेंसिंग और जाली लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
महिला का कहना है कि संबंधित भूमि को लेकर न्यायालय में मामला विचाराधीन है और वहां स्टे प्रभावी है। प्रार्थिनी ने आरोप लगाया कि उसे कथित रूप से धमकाया जा रहा है और यदि जमीन की स्थिति में जबरन बदलाव किया गया तो उसे अपूरणीय क्षति हो सकती है।
“कागजात होने” का भी दावा
मंदिर से जुड़े कुछ लोगों का दावा है कि महंती और मंदिर की संपत्ति से संबंधित कागजात उनके पास मौजूद हैं और आवश्यकता पड़ने पर इन्हें प्रशासन एवं न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। हालांकि इन दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच एवं सत्यापन होना अभी बाकी है।
महिला सशक्तिकरण के दौर में उठे सवाल
प्रदेश सरकार द्वारा महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे में यदि एक महिला अपनी संपत्ति को लेकर धमकी अथवा दबाव की शिकायत कर रही है तो प्रशासन के सामने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है। सवाल यह भी है कि न्यायालय में विवाद लंबित होने के बावजूद विवादित भूमि पर फेंसिंग लगाने की स्थिति क्यों पैदा हुई?
अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के दस्तावेजों एवं न्यायालय के आदेशों की जांच कर क्या कार्रवाई करता है।
स्पष्टिकरण: खबर में मंदिर की महंती, पुराने विवाद, न्यायालयी निर्णय, दबंगई, धमकी तथा जमीन पर कब्जे से संबंधित बातें संबंधित पक्षों, स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ता द्वारा किए गए दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
    user_अखिलेश सोनी
    अखिलेश सोनी
    Court reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • जालौन गोलीकांड में अपडेट: दो आरोपी गिरफ्तार, तमंचा-चाकू बरामद उरई, जालौन। अजनारी बायपास गोलीकांड मामले में उरई कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय सिंह ठाकुर और रामजी सोनी के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को उरई क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से एक तमंचा, कारतूस और चाकू बरामद हुआ है। बता दें कि मोहित यादव निवासी रामनगर पर चाकुओं से हमला कर गोली मारकर हत्या का प्रयास किया गया था। घटना के बाद से आरोपी फरार थे। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत यह गिरफ्तारी की गई। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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    जालौन गोलीकांड में अपडेट: दो आरोपी गिरफ्तार, तमंचा-चाकू बरामद
उरई, जालौन। अजनारी बायपास गोलीकांड मामले में उरई कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय सिंह ठाकुर और रामजी सोनी के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को उरई क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से एक तमंचा, कारतूस और चाकू बरामद हुआ है।
बता दें कि मोहित यादव निवासी रामनगर पर चाकुओं से हमला कर गोली मारकर हत्या का प्रयास किया गया था। घटना के बाद से आरोपी फरार थे।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत यह गिरफ्तारी की गई। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
    user_Sanjay kumar Pattakar
    Sanjay kumar Pattakar
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • माता-पिता की मृत्यु के बाद बेसहारा हुए तीन बच्चे, सरकारी सहायता के लिए भटक रहा परिवार!! जालौन। जनपद जालौन के ग्राम कुदरा कुदारी में माता-पिता की मृत्यु के बाद तीन बच्चे जीवनयापन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बच्चों के सामने दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी मुश्किल हो रहा है। आर्थिक तंगी के चलते उनका जीवन बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है। बताया जा रहा है कि बच्चों की सरकारी सहायता के लिए मार्च माह में सभी आवश्यक फॉर्म भरकर संबंधित विभाग में जमा कर दिए गए थे, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद अभी तक सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी है। इससे बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार की ओर से अनाथ एवं निराश्रित बच्चों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक सहायता और बेहतर जीवन उपलब्ध कराना है। इसके बावजूद कुदरा कुदारी के ये तीन बच्चे आज भी सरकारी मदद की आस लगाए बैठे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर बच्चों की पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि उन्हें भोजन, शिक्षा और जीवनयापन के लिए आवश्यक सहायता मिल सके।
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    माता-पिता की मृत्यु के बाद बेसहारा हुए तीन बच्चे, सरकारी सहायता के लिए भटक रहा परिवार!!
जालौन। जनपद जालौन के ग्राम कुदरा कुदारी में माता-पिता की मृत्यु के बाद तीन बच्चे जीवनयापन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बच्चों के सामने दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी मुश्किल हो रहा है। आर्थिक तंगी के चलते उनका जीवन बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है। बताया जा रहा है कि बच्चों की सरकारी सहायता के लिए मार्च माह में सभी आवश्यक फॉर्म भरकर संबंधित विभाग में जमा कर दिए गए थे, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद अभी तक सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी है। इससे बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार की ओर से अनाथ एवं निराश्रित बच्चों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक सहायता और बेहतर जीवन उपलब्ध कराना है। इसके बावजूद कुदरा कुदारी के ये तीन बच्चे आज भी सरकारी मदद की आस लगाए बैठे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर बच्चों की पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि उन्हें भोजन, शिक्षा और जीवनयापन के लिए आवश्यक सहायता मिल सके।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मां-बाप के साये के साथ रोजी-रोटी का सहारा भी छिना: कुदरा कुदारी में 3 अनाथ बच्चों का घुट रहा दम मार्च में जमा हुए थे सरकारी मदद के दस्तावेज; 6 महीने बीतने के बाद भी नहीं पसीजा प्रशासनिक अमला उरई/जालौन। जिले के ग्राम कुदरा कुदारी में माता-पिता की असामयिक मौत के बाद तीन मासूम बच्चे बेसहारा होकर दाने-दाने को तरस रहे हैं। सिर से मां-बाप का साया उठने के बाद अब इन नौनिहालों के सामने दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी पहाड़ जैसा साबित हो रहा है। विडंबना यह है कि मार्च माह में ही सरकारी सहायता के लिए सभी जरूरी फॉर्म भरकर जमा कराए जा चुके थे, लेकिन आधे साल से अधिक का वक्त बीत जाने के बाद भी फाइलें प्रशासनिक दराजों में धूल फांक रही हैं।नअनाथ और निराश्रित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने व उन्हें आर्थिक संबल देने के लिए सरकार ढेरों कल्याणकारी योजनाएं चलाने का दावा करती है। लेकिन कुदरा कुदारी के इन तीन मासूमों की बदहाली इन तमाम दावों की पोल खोल रही है। 6 महीने पहले सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद विभागीय अफसरों की हीलाहवाली के चलते बच्चों तक मदद की एक पाई भी नहीं पहुंच सकी है। मासूमों की ऐसी बेबसी देख अब गांव के लोग भी आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व संबंधित विभाग से गुहार लगाई है कि मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए। ग्रामीणों की मांग है कि कागजी अड़चनों को दूर कर बच्चों को योजना के तहत मासिक आर्थिक सहायता, निशुल्क शिक्षा और राशन उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे भूख की टीस और आर्थिक तंगी के बीच अपनी जिंदगी की जंग जीत सकें।
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    मां-बाप के साये के साथ रोजी-रोटी का सहारा भी छिना: कुदरा कुदारी में 3 अनाथ बच्चों का घुट रहा दम
मार्च में जमा हुए थे सरकारी मदद के दस्तावेज; 6 महीने बीतने के बाद भी नहीं पसीजा प्रशासनिक अमला
उरई/जालौन। जिले के ग्राम कुदरा कुदारी में माता-पिता की असामयिक मौत के बाद तीन मासूम बच्चे बेसहारा होकर दाने-दाने को तरस रहे हैं। सिर से मां-बाप का साया उठने के बाद अब इन नौनिहालों के सामने दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी पहाड़ जैसा साबित हो रहा है। विडंबना यह है कि मार्च माह में ही सरकारी सहायता के लिए सभी जरूरी फॉर्म भरकर जमा कराए जा चुके थे, लेकिन आधे साल से अधिक का वक्त बीत जाने के बाद भी फाइलें प्रशासनिक दराजों में धूल फांक रही हैं।नअनाथ और निराश्रित बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने व उन्हें आर्थिक संबल देने के लिए सरकार ढेरों कल्याणकारी योजनाएं चलाने का दावा करती है। लेकिन कुदरा कुदारी के इन तीन मासूमों की बदहाली इन तमाम दावों की पोल खोल रही है। 6 महीने पहले सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद विभागीय अफसरों की हीलाहवाली के चलते बच्चों तक मदद की एक पाई भी नहीं पहुंच सकी है।
मासूमों की ऐसी बेबसी देख अब गांव के लोग भी आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व संबंधित विभाग से गुहार लगाई है कि मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए। ग्रामीणों की मांग है कि कागजी अड़चनों को दूर कर बच्चों को योजना के तहत मासिक आर्थिक सहायता, निशुल्क शिक्षा और राशन उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे भूख की टीस और आर्थिक तंगी के बीच अपनी जिंदगी की जंग जीत सकें।
    user_Ravindra Gautam
    Ravindra Gautam
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • गणेश महोत्सव को लेकर जालौन में तैयारियां तेज, कल से घर-घर विराजेंगे भगवान गणेश जालौन। गणेश महोत्सव को लेकर जालौन नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। पिछले कई दिनों से भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम चल रहा था। अब श्रद्धालु प्रतिमाओं को अपने साथ ले जाने लगे हैं। कल से गाजे-बाजे के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना शुरू होगी। जालौन नगर और आसपास के गांवों में इस बार 100 से अधिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं विराजमान होने की तैयारी है। गणेश पंडालों को सजाने और स्थापना की तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। जालौन में तैयार होने वाली गणेश प्रतिमाओं की मांग आसपास के जिलों तक रहती है। यहां बनाई गई प्रतिमाएं औरैया, कानपुर सहित कई क्षेत्रों तक भेजी जाती हैं। मूर्ति बनाने का काम करने वाले कारीगर कई दिनों पहले से ही प्रतिमाओं को तैयार करने में जुटे हुए थे। मूर्ति निर्माण को लेकर पेंटर लक्खा ने बताया कि गणेश महोत्सव से काफी पहले से ही प्रतिमाएं बनाने का काम शुरू कर दिया गया था। श्रद्धालुओं की मांग के अनुसार अलग-अलग आकार और डिजाइन की गणेश प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। अब श्रद्धालु प्रतिमाएं ले जाने लगे हैं और कल से विधि-विधान व गाजे-बाजे के साथ भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी। गणेश महोत्सव को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है। जगह-जगह पंडाल सजाए जा रहे हैं और श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है।
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    गणेश महोत्सव को लेकर जालौन में तैयारियां तेज, कल से घर-घर विराजेंगे भगवान गणेश

जालौन। गणेश महोत्सव को लेकर जालौन नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। पिछले कई दिनों से भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम चल रहा था। अब श्रद्धालु प्रतिमाओं को अपने साथ ले जाने लगे हैं।
कल से गाजे-बाजे के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना शुरू होगी। जालौन नगर और आसपास के गांवों में इस बार 100 से अधिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं विराजमान होने की तैयारी है। गणेश पंडालों को सजाने और स्थापना की तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
जालौन में तैयार होने वाली गणेश प्रतिमाओं की मांग आसपास के जिलों तक रहती है। यहां बनाई गई प्रतिमाएं औरैया, कानपुर सहित कई क्षेत्रों तक भेजी जाती हैं। मूर्ति बनाने का काम करने वाले कारीगर कई दिनों पहले से ही प्रतिमाओं को तैयार करने में जुटे हुए थे।
मूर्ति निर्माण को लेकर पेंटर लक्खा ने बताया कि गणेश महोत्सव से काफी पहले से ही प्रतिमाएं बनाने का काम शुरू कर दिया गया था। श्रद्धालुओं की मांग के अनुसार अलग-अलग आकार और डिजाइन की गणेश प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। अब श्रद्धालु प्रतिमाएं ले जाने लगे हैं और कल से विधि-विधान व गाजे-बाजे के साथ भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी।
गणेश महोत्सव को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है। जगह-जगह पंडाल सजाए जा रहे हैं और श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है।
    user_Dr.Anupam Gurjar
    Dr.Anupam Gurjar
    Doctor जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जालौन.. चौकी जालौन मे कथित रूप हार्पिक पीने वाले का वीडिओ आया सामने जिसमे वो कह रहा पता नहीं पुलिस क्या गेम खेल रही उसकी पहचान सौरभ सक्सेना निवासी गहेसर जिला औरय्या के रूप मे हुई है पकडे गये और लोग कहा इसका भी कोई आधिकारिक बयान पुलिस का नहीं आया चौकी इंचार्ज मनीष तिबारी चार और पुलिस वालों के साथ उसे पहले जालौन फिर उरई. फिर झाँसी. अब ग्वालियर ले जाने की बात सामने आ रही है अभी पुलिस ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया..मनीष तिवारी का. हमेशा विवादों से नाता रहा है मगर हर बार किस जादू की चढ़ी से वो कार्यवाही से बच जाता है ये भी जाँच का विषय है 1-अकेली महिला के घर लातो से दरवाजा तोड़ने का आरोप 2-जुआ के आरोपी की पुरानी फोटो दिखा सरे चौराहा शर्ट फाड़ने का आरोप 3-ईरीक्षा वाले का मोबाईल तोड़ने का आरोप सहित कई आरोप है जिनकी शिकायत नहीं हुई.. जालौन मे हुई 10 चोरियो के खुलासे नहीं किये.. जिनमे कई cc कैमरे मे कैद.. इस मामले मे भी एक लड़की की स्कूटी से पैसे निकालने के मामले मे 45 दिन बाद fir हो पायी थी जिसके बाद ये लोग उठाये गये थे अब देखने वाली बात है चौकी इंचार्ज पर किया कार्यवाही होती है या फिर जादू की छड़ी काम कर जायेगी ❓ आखिर सौरभ सक्सेना को जालौन से झांसी तक पुलिस कस्टडी में क्यों ले जाया गया? 2-उसके परिजन साथ है के नहीं 3.आखिर पुलिस कोई आधिकारिक बयान क्यों नहीं दे रही 4 -उसके साथ पकडे गये लोगो का क्या हुआ.. आखिर सौरभ सक्सेना का क्या होगा सबकी नजर बरिष्ठ अधिकारियो की कार्यवाही पर लगी है
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    जालौन.. चौकी जालौन मे कथित रूप हार्पिक पीने वाले का वीडिओ आया सामने जिसमे वो कह रहा पता नहीं पुलिस क्या गेम खेल रही उसकी पहचान सौरभ सक्सेना निवासी गहेसर जिला औरय्या के रूप मे हुई है पकडे गये और लोग कहा इसका भी कोई आधिकारिक बयान पुलिस का नहीं आया चौकी इंचार्ज मनीष तिबारी चार और पुलिस वालों के साथ उसे पहले जालौन फिर उरई. फिर झाँसी. अब ग्वालियर ले जाने की बात सामने आ रही है अभी पुलिस ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया..मनीष तिवारी का. हमेशा विवादों से नाता रहा है मगर हर बार किस जादू की चढ़ी से वो कार्यवाही से बच जाता है ये भी जाँच का विषय है 1-अकेली महिला के घर लातो से दरवाजा तोड़ने का आरोप 2-जुआ के आरोपी की पुरानी फोटो दिखा सरे चौराहा शर्ट फाड़ने का आरोप 3-ईरीक्षा वाले का मोबाईल तोड़ने का आरोप सहित कई आरोप है जिनकी शिकायत नहीं हुई.. जालौन मे हुई 10 चोरियो के खुलासे नहीं किये.. जिनमे कई cc कैमरे मे कैद.. इस मामले मे भी एक लड़की की स्कूटी से पैसे निकालने के मामले मे 45 दिन बाद fir हो पायी थी जिसके बाद ये लोग उठाये गये थे अब देखने वाली बात है चौकी इंचार्ज पर किया कार्यवाही होती है या फिर जादू की छड़ी काम कर जायेगी ❓ आखिर सौरभ सक्सेना को जालौन से झांसी तक पुलिस कस्टडी में क्यों ले जाया गया? 2-उसके परिजन साथ है के नहीं 3.आखिर पुलिस कोई आधिकारिक बयान क्यों नहीं दे रही 4 -उसके साथ पकडे गये लोगो का क्या हुआ.. आखिर सौरभ सक्सेना का क्या होगा 
सबकी नजर बरिष्ठ अधिकारियो की कार्यवाही पर लगी है
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से अभद्रता का कार्यकर्ताओं ने लगाया आरोप! ➡️ नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से अभद्रता का आरोप! ➡️ गोंडा जाते वक्त प्रशासनिक मौजूदगी में दुर्व्यवहार की खबर। ➡️ आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी का उरई में फूटा भारी गुस्सा। ➡️ जिलाध्यक्ष नीरज गौतम के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट में भरी हुंकार। ➡️ जिलाधिकारी के जरिए राष्ट्रपति को भेजा गया शिकायती ज्ञापन। ➡️ जनप्रतिनिधि के अपमान को बताया लोकतंत्र पर सीधा हमला। ➡️ मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की उठाई कड़ी मांग। ➡️ दोषी व लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी। ➡️ मौके पर भारी संख्या में आसपा व भीम आर्मी के कार्यकर्ता रहे मौजूद।
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    नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से अभद्रता का कार्यकर्ताओं ने लगाया आरोप!
➡️ नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद से अभद्रता का आरोप!
➡️ गोंडा जाते वक्त प्रशासनिक मौजूदगी में दुर्व्यवहार की खबर।
➡️ आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी का उरई में फूटा भारी गुस्सा।
➡️ जिलाध्यक्ष नीरज गौतम के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट में भरी हुंकार।
➡️ जिलाधिकारी के जरिए राष्ट्रपति को भेजा गया शिकायती ज्ञापन।
➡️ जनप्रतिनिधि के अपमान को बताया लोकतंत्र पर सीधा हमला।
➡️ मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की उठाई कड़ी मांग।
➡️ दोषी व लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी।
➡️ मौके पर भारी संख्या में आसपा व भीम आर्मी के कार्यकर्ता रहे मौजूद।
    user_Ravindra Gautam
    Ravindra Gautam
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • muradhganj me yek hotal me gass silendar fatne se huaa muradhganj
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    muradhganj me yek hotal me gass silendar fatne se huaa
muradhganj
    user_Sandeep kushwaha
    Sandeep kushwaha
    जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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