स्कूल बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जो कर्नाटक के बेंगलुरु का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, एक स्कूल वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया गया था। इसी दौरान, चलते वाहन का पिछला दरवाजा अचानक खुल गया, जिसके कारण कई बच्चे सड़क पर गिर पड़े। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। हालांकि गनीमत रही कि इस हादसे में किसी बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली, लेकिन इस घटना ने स्कूल वैन की सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला स्पष्ट रूप से दिखाता है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ की गई किसी भी तरह की लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। यह घटना एक बार फिर स्कूल वाहनों की नियमित जांच, क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाने, और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता को उजागर करती है, ताकि हर बच्चे को सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा का अधिकार मिल सके।
स्कूल बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जो कर्नाटक के बेंगलुरु का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, एक स्कूल वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया गया था। इसी दौरान, चलते वाहन का पिछला दरवाजा अचानक खुल गया, जिसके कारण कई बच्चे सड़क पर गिर पड़े। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। हालांकि गनीमत रही कि इस हादसे में किसी बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली, लेकिन इस घटना ने स्कूल वैन की सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला स्पष्ट रूप से दिखाता है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ की गई किसी भी तरह की लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। यह घटना एक बार फिर स्कूल वाहनों की नियमित जांच, क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाने, और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता को उजागर करती है, ताकि हर बच्चे को सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा का अधिकार मिल सके।
- जयपुर में 'जयपुर की बेटी' रेशु गुप्ता के लिए न्याय की मांग अब तेज हो गई है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस मामले में सरकार को एक स्पष्ट चेतावनी दी है। खाचरियावास ने कहा है कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर रेशु गुप्ता को न्याय नहीं मिलता है, तो राजस्थान में होने वाले किसी भी संभावित टकराव की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस संवेदनशील मामले ने राजनीतिक बयानबाज़ी को बढ़ावा दिया है, और सभी की यही अपेक्षा है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और शीघ्र जांच सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।1
- राजधानी जयपुर की निवासी रेशु गुप्ता की दर्दभरी कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। रेशु के अनुसार, कोरोना काल में उनके पिता के निधन के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। अपनी बीएससी (गणित) की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बीच उन्होंने अपनी माँ और बहन का सहारा बनने के लिए बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया और बाद में अपनी मेहनत से मोमोज का एक छोटा-सा ठेला शुरू किया। रेशु का दावा है कि ठेला शुरू करने के महज 25 दिन बाद ही एक कार्रवाई के दौरान गर्म पानी से भरा स्टीमर उन पर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गईं। उनका आरोप है कि इस घटना के समय उन्हें तत्काल कोई मदद नहीं मिली और बाद में अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए भी उन्हें कई दिनों तक पुलिस थाने के चक्कर काटने पड़े। पीड़िता का कहना है कि आज भी उनके इलाज का सारा खर्च परिवार स्वयं उठा रहा है। रेशु ने भावुक अपील करते हुए कहा, "मुझे किसी से दया नहीं चाहिए, सिर्फ न्याय चाहिए।" उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, अपने इलाज में सरकारी सहायता, आर्थिक मदद और सुरक्षा की माँग की है। रेशु गुप्ता की यह गुहार लोगों को झकझोर रही है।1
- जयपुर एटीएस द्वारा जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़ी महिला स्लीपर सेल बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। आरोप है कि बबीता धाकड़ पिछले करीब दो वर्षों से आतंकी संगठन के संपर्क में थी और उसे ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा था। जांच में उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल की गई है। एजेंसियां राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही हैं और प्रकरण में यूएपीए की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, इसलिए सुरक्षा कारणों से कई जानकारियां गोपनीय रखी गई हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 29 जून को होगी।1
- जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में कथित अतिक्रमण को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी व्याप्त है। यह स्थिति इसलिए बनी हुई है क्योंकि जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) में इस अतिक्रमण के संबंध में शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद, इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है और इसे हटाया नहीं जा सका है।1
- हरनावदाशाहजी पुलिस थाने के सामने ग्रामीणों द्वारा धरना दिए जाने की जानकारी मिली है। सूत्रों के अनुसार, यह धरना आठ दिन पूर्व अर्जुनपुरा गाँव के एक व्यक्ति की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर दिया जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन में अकेलरा-मनोहरथाना के विधायक प्रत्याशी नेमीचंद मीणा भी मौजूद हैं। हरनावदा पुलिस थाना अधिकारी दीनदयाल वैष्णव ग्रामीणों को कार्रवाई का भरोसा दिलाकर समझाने का प्रयास कर रहे हैं।1
- जयपुर ग्रामीण पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक नशे के तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई डीएसटी टीम की सूचना पर चंदवाजी थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने संयुक्त रूप से की, जिसका खुलासा रविवार दोपहर करीब 3:00 बजे चंदवाजी थाना पुलिस द्वारा किया गया। पुलिस ने आरोपी सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 10.01 ग्राम अवैध स्मैक और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस के अनुसार, जब्त स्मैक की बाजार कीमत लगभग एक लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी यह स्मैक कहां से लाता था और किन लोगों तक इसकी आपूर्ति करता था। यह पूरी कार्रवाई जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद मीणा के निर्देशन में और चंदवाजी थाना प्रभारी हीरालाल सैनी के नेतृत्व में की गई। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उनका यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- एक घटना में, एक पुलिसकर्मी के धक्के के कारण मोमोज के ठेले पर रखा खौलता पानी एक युवती पर गिर गया। यह हादसा पुलिसकर्मी की इस कार्रवाई के चलते हुआ।1