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जयपुर में 'जयपुर की बेटी' रेशु गुप्ता के लिए न्याय की मांग अब तेज हो गई है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस मामले में सरकार को एक स्पष्ट चेतावनी दी है। खाचरियावास ने कहा है कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर रेशु गुप्ता को न्याय नहीं मिलता है, तो राजस्थान में होने वाले किसी भी संभावित टकराव की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस संवेदनशील मामले ने राजनीतिक बयानबाज़ी को बढ़ावा दिया है, और सभी की यही अपेक्षा है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और शीघ्र जांच सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
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जयपुर में 'जयपुर की बेटी' रेशु गुप्ता के लिए न्याय की मांग अब तेज हो गई है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस मामले में सरकार को एक स्पष्ट चेतावनी दी है। खाचरियावास ने कहा है कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर रेशु गुप्ता को न्याय नहीं मिलता है, तो राजस्थान में होने वाले किसी भी संभावित टकराव की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस संवेदनशील मामले ने राजनीतिक बयानबाज़ी को बढ़ावा दिया है, और सभी की यही अपेक्षा है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और शीघ्र जांच सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
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- जयपुर में 'जयपुर की बेटी' रेशु गुप्ता के लिए न्याय की मांग अब तेज हो गई है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस मामले में सरकार को एक स्पष्ट चेतावनी दी है। खाचरियावास ने कहा है कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर रेशु गुप्ता को न्याय नहीं मिलता है, तो राजस्थान में होने वाले किसी भी संभावित टकराव की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस संवेदनशील मामले ने राजनीतिक बयानबाज़ी को बढ़ावा दिया है, और सभी की यही अपेक्षा है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और शीघ्र जांच सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।1
- राजधानी जयपुर की निवासी रेशु गुप्ता की दर्दभरी कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। रेशु के अनुसार, कोरोना काल में उनके पिता के निधन के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। अपनी बीएससी (गणित) की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बीच उन्होंने अपनी माँ और बहन का सहारा बनने के लिए बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया और बाद में अपनी मेहनत से मोमोज का एक छोटा-सा ठेला शुरू किया। रेशु का दावा है कि ठेला शुरू करने के महज 25 दिन बाद ही एक कार्रवाई के दौरान गर्म पानी से भरा स्टीमर उन पर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गईं। उनका आरोप है कि इस घटना के समय उन्हें तत्काल कोई मदद नहीं मिली और बाद में अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए भी उन्हें कई दिनों तक पुलिस थाने के चक्कर काटने पड़े। पीड़िता का कहना है कि आज भी उनके इलाज का सारा खर्च परिवार स्वयं उठा रहा है। रेशु ने भावुक अपील करते हुए कहा, "मुझे किसी से दया नहीं चाहिए, सिर्फ न्याय चाहिए।" उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, अपने इलाज में सरकारी सहायता, आर्थिक मदद और सुरक्षा की माँग की है। रेशु गुप्ता की यह गुहार लोगों को झकझोर रही है।1
- जयपुर एटीएस द्वारा जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़ी महिला स्लीपर सेल बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। आरोप है कि बबीता धाकड़ पिछले करीब दो वर्षों से आतंकी संगठन के संपर्क में थी और उसे ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा था। जांच में उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल की गई है। एजेंसियां राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही हैं और प्रकरण में यूएपीए की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, इसलिए सुरक्षा कारणों से कई जानकारियां गोपनीय रखी गई हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 29 जून को होगी।1
- जयपुर के गुप्त वृंदावन धाम में 'चिड़ा दही उत्सव' आज बड़े ही धूमधाम से मनाया गया, जिसमें पूरे जयपुर से लाखों भक्तों ने भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दिव्य अवसर पर भगवान श्री श्री कृष्ण बलराम का 1100 किलो फलों से विशेष 'फल-अलंकार' किया गया, वहीं भगवान श्री श्री गौर निताई (कृष्ण बलराम) का फलों के रस और पुष्पों से 'महा अभिषेक' संपन्न हुआ। इस दौरान भक्तों ने भव्य पालकी उत्सव में संकीर्तन नृत्य भी किया। दही चिड़ा उत्सव के लिए श्री श्री कृष्ण बलराम ने 15 प्रकार के सूखे मेवों से बनी विशेष पौशाक धारण की, जिसे तैयार करने में भक्तों को कुल 551 घंटे लगे। पानीहाटी दही चिड़ा महोत्सव के अवसर पर श्री श्री कृष्ण-बलराम ने 30,000 लीटर दिव्य जल से निर्मित पवित्र कुंड में 'जल-विहार' किया। इस दिव्य कुंड के निर्माण में 500 किलो पुष्प-पंखुड़ियों, सात पवित्र नदियों का जल, गुलाब जल, केवड़ा जल और सुगंधित इत्र का उपयोग किया गया। इसके अतिरिक्त, गुप्त वृंदावन धाम में इस महोत्सव पर वर्ष में केवल एक बार बनने वाले 21 प्रकार के विशेष चिड़ा-दही का 'महाभोग' भी लगाया गया। गुप्त वृंदावन धाम के अध्यक्ष श्री अमितासना दास ने इस उत्सव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पश्चिम बंगाल के कोलकाता के पास स्थित पानीहाटी गांव से जुड़ा है, जहां श्री नित्यानद प्रभू और श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी की पहली मुलाकात हुई थी। इसी ऐतिहासिक घटना के उपलक्ष्य में हर साल गुप्त वृंदावन धाम में पानीहाटी चिड़ा दही उत्सव का आयोजन होता है। श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी ने श्री नित्यानद प्रभू के आदेश का पालन करते हुए सभी भक्तों को दही के साथ मिश्रित चावल वितरित किए थे, जिसके कारण इस त्यौहार को 'दंड महोत्सव' के नाम से भी जाना जाता है।2
- व्हॉईस ऑफ मीडिया (वीओएम) इंटरनेशनल फोरम के संयुक्त तत्वावधान में 29 जुलाई को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर पत्रकारों की 50 सूत्रीय राष्ट्रीय मांगों को लेकर एक विशाल राष्ट्रीय आंदोलन का आयोजन किया जाएगा। इस आंदोलन में देशभर से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, रेडियो, डिजिटल मीडिया, वेब पोर्टल, यूट्यूब, दैनिक, साप्ताहिक, मासिक, फ्रीलालांस, ग्रामीण एवं जिला स्तरीय पत्रकार बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे। इस राष्ट्रीय आंदोलन से पहले पूरे देश के प्रत्येक राज्य और जिला मुख्यालय पर एक महीने तक चरणबद्ध आंदोलन, धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन अभियान चलाया जाएगा, जिसका समापन 29 जुलाई को नई दिल्ली में होगा। आंदोलन के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष पत्रकारों और पत्रकारिता से संबंधित 50 महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मांगें रखी जाएंगी। इनमें राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा कानून, पत्रकारों पर हमलों के विरुद्ध कठोर कानूनी प्रावधान, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा, पेंशन योजना, आवास योजना, ग्रामीण, फ्रीलांस एवं डिजिटल पत्रकारों को मान्यता, पत्रकारों की स्वतंत्रता की रक्षा, सरकारी विज्ञापन नीति में पारदर्शिता और राष्ट्रीय पत्रकार कल्याण निगम की स्थापना जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। व्हॉईस ऑफ मीडिया के संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप काळे और राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल म्हस्के ने देशभर के सभी पत्रकारों से इस राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक वर्ग या माध्यम के पत्रकारों का नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक पत्रकार के सम्मान, सुरक्षा, सामाजिक अधिकारों और प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इन न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि यदि सरकार गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो भविष्य में इससे भी व्यापक और मजबूत लोकतांत्रिक आंदोलन चलाया जाएगा। संदीप काळे और अनिल म्हस्के ने देशभर के पत्रकारों से राजनीतिक एवं वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होने और इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय आंदोलन में भाग लेने की अपील भी की है। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर होने वाले इस आंदोलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और देश के विभिन्न राज्यों से हजारों पत्रकार इसमें भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आंदोलन पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा और लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा।2
- जस्ट जयपुर लाइव 24x7 ने एक ब्रेकिंग न्यूज़ जारी करते हुए आम जनता से महत्वपूर्ण अपील की है। इस अपील में लोगों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। इसके बजाय, जस्ट जयपुर लाइव 24x7 ने केवल आधिकारिक और विश्वसनीय जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी है।1
- एक घटना में, एक पुलिसकर्मी के धक्के के कारण मोमोज के ठेले पर रखा खौलता पानी एक युवती पर गिर गया। यह हादसा पुलिसकर्मी की इस कार्रवाई के चलते हुआ।1