राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच पानी का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है, जिससे जनता बेहाल है। कई इलाकों में लोगों के घरों तक कई दिनों से पानी नहीं पहुँच रहा, वहीं कुछ जगहों पर गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई किया जा रहा है। जनता का स्पष्ट कहना है कि यह पानी न तो पीने, न नहाने और न ही हाथ धोने लायक है। उत्तरी पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी B-4 इलाके से एक ताजा मामला सामने आया है, जहाँ स्थानीय निवासी पिछले 15 से 20 दिनों से पानी की गंभीर किल्लत झेल रहे हैं। निवासियों का आरोप है कि इलाके में या तो बिल्कुल पानी नहीं आ रहा, और यदि आता भी है तो इतना गंदा और बदबूदार होता है कि वह गटर के पानी जैसा प्रतीत होता है। पानी की इस गंभीर समस्या के चलते लोगों को अपनी जेब से रोजाना 200 से 250 रुपये खर्च करके पानी खरीदना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि प्रतिदिन पानी खरीदने में ही इतनी बड़ी रकम खर्च करनी पड़ेगी, तो घर का राशन और अन्य आवश्यक खर्चे कैसे पूरे होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि नंद नगरी B-4 में वर्षों से बंद पड़ा एक हैंडपंप भी है, जिसे संबंधित विभाग ने अब तक चालू नहीं कराया है। लोगों की व्यथा है कि “जल ही जीवन है,” लेकिन जब जल ही उपलब्ध नहीं होगा, तो जीवन कैसे चलेगा। इस भीषण गर्मी में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं विशेष रूप से परेशान हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार और संबंधित विभागों से तत्काल साफ पानी की सप्लाई बहाल करने और वर्षों से बंद पड़े हैंडपंप को चालू करने की मांग की है। यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि आखिर राजधानी दिल्ली में जनता को पीने तक का साफ पानी क्यों नहीं मिल पा रहा है, और जिम्मेदार विभाग तथा सरकार इस ज्वलंत समस्या पर कब कोई ठोस कार्रवाई करेंगे।
राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच पानी का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है, जिससे जनता बेहाल है। कई इलाकों में लोगों के घरों तक कई दिनों से पानी नहीं पहुँच रहा, वहीं कुछ जगहों पर गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई किया जा रहा है। जनता का स्पष्ट कहना है कि यह पानी न तो पीने, न नहाने और न ही हाथ धोने लायक है। उत्तरी पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी B-4 इलाके से एक ताजा मामला सामने आया है, जहाँ स्थानीय निवासी पिछले 15 से 20 दिनों से पानी की गंभीर किल्लत झेल रहे हैं। निवासियों का आरोप है कि इलाके में या तो बिल्कुल पानी नहीं आ रहा, और यदि आता भी है तो इतना गंदा और बदबूदार होता है कि वह गटर के पानी जैसा प्रतीत होता है। पानी की इस गंभीर समस्या के चलते लोगों को अपनी जेब से रोजाना 200 से 250 रुपये खर्च करके पानी खरीदना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि प्रतिदिन पानी खरीदने में ही इतनी बड़ी रकम खर्च करनी पड़ेगी, तो घर का राशन और अन्य आवश्यक खर्चे कैसे पूरे होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि नंद नगरी B-4 में वर्षों से बंद पड़ा एक हैंडपंप भी है, जिसे संबंधित विभाग ने अब तक चालू नहीं कराया है। लोगों की व्यथा है कि “जल ही जीवन है,” लेकिन जब जल ही उपलब्ध नहीं होगा, तो जीवन कैसे चलेगा। इस भीषण गर्मी में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं विशेष रूप से परेशान हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार और संबंधित विभागों से तत्काल साफ पानी की सप्लाई बहाल करने और वर्षों से बंद पड़े हैंडपंप को चालू करने की मांग की है। यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि आखिर राजधानी दिल्ली में जनता को पीने तक का साफ पानी क्यों नहीं मिल पा रहा है, और जिम्मेदार विभाग तथा सरकार इस ज्वलंत समस्या पर कब कोई ठोस कार्रवाई करेंगे।
- जापान ने 20 साल के अंतराल के बाद भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे जापान के लोग अब मुंह में घुल जाने वाले भारतीय आमों का स्वाद नहीं चख पाएंगे। इस प्रतिबंध का मुख्य कारण यह है कि इस साल की शुरुआत में किए गए निरीक्षण के दौरान जापान के क्वारंटाइन अधिकारियों ने भारतीय उपचार सुविधाओं में कीट नियंत्रण प्रक्रियाओं में कुछ खामियाँ पाई थीं। इस निर्णय से अल्फोंसो, केसर, लंगड़ा और बंगनपल्ली जैसी भारतीय आमों की प्रीमियम किस्में प्रभावित हुई हैं। जापान द्वारा भारतीय आमों पर यह प्रतिबंध पिछले दो दशकों में पहली बार लगाया गया है। इससे पहले, जापान ने फल मक्खी के खतरे के कारण भारतीय आमों पर प्रतिबंध लगाया था, जिसे भारत द्वारा अपने उपचार प्रोटोकॉल को मजबूत करने के बाद 2006 में हटा दिया गया था। अब, जापानी अधिकारियों ने एक बार फिर इस बात पर चिंता जताई है कि क्या भारतीय आमों की खेप देश के सख्त पौध स्वास्थ्य मानकों को पूरा कर रही है, क्योंकि जापान फल मक्खियों जैसे आक्रामक कीटों के लिए शून्य सहिष्णुता की नीति का पालन करता है, जिन्हें घरेलू कृषि के लिए एक बड़ा खतरा माना जाता है। निर्यात के हर सीजन से पहले, जापान आमों की जांच के लिए अपने क्वारंटाइन अधिकारियों को भारत के वाष्प ताप उपचार (वीएचटी) केंद्रों पर भेजता है। इन केंद्रों पर आमों को निर्यात से पहले कीटाणुरहित किया जाता है। वीएचटी एक गैर-रासायनिक प्रक्रिया है, जिसमें कीटों और फलों के कीड़ों के लार्वा को मारने के लिए आमों को नियंत्रित गर्म और आर्द्र हवा के संपर्क में रखा जाता है। यह भारत-जापान निर्यात समझौते के तहत एक बहुत ही ज़रूरी काम है।1
- पूर्वी दिल्ली रेंज पुलिस ने 'ऑपरेशन विश्वास' नामक अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस ऑपरेशन के तहत, पुलिस ने कुल 500 फोन सफलतापूर्वक बरामद किए, जिन्हें बाद में उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। इस विशेष कार्यक्रम में शाहदरा जिले के डीसीपी, पूर्वी दिल्ली के डीसीपी और उत्तर पूर्वी दिल्ली जिले के डीसीपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- दिल्ली की रोहिणी जिला पुलिस ने 'ऑपरेशन शास्त्र' के तहत एक बड़ा अभियान चलाकर 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में कुल 120 पुलिसकर्मी शामिल थे, जिन्होंने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में यह अभियान चलाया। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से 11 पिस्टल, मोटरसाइकिल और अन्य कई सामान बरामद किए हैं।1
- पंजाब में हुए नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी ने बम्पर जीत हासिल की है। इस शानदार जीत के बाद, अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 'ईडी पार्टी' कहकर संबोधित किया।1
- पहलवान विनेश फोगाट ने दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित किए जा रहे एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लिया है। यह ट्रायल्स एशियाई खेलों के लिए टीम का चयन करने के उद्देश्य से हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कल ही विनेश फोगाट को इन चयन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दी थी, जिसके बाद अब वह ट्रायल्स के माध्यम से एशियन गेम्स की टीम में जगह बनाने का प्रयास करेंगी।1
- दिल्ली के IHBAS में ‘वर्ल्ड नो टोबैको डे 2026’ के अवसर पर एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों और अधिकारियों ने लोगों को तंबाकू तथा अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। मौजूद विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि तंबाकू धीरे-धीरे व्यक्ति की जिंदगी खत्म कर देता है, इसीलिए युवाओं को इससे विशेष रूप से दूर रहना चाहिए, ताकि 'तंबाकू छोड़ो वरना जिंदगी छोड़ देगी' का संदेश जन-जन तक पहुँच सके।1
- सुफियान द्वारा मुस्लिम लोगों और उनके मदरसों के बारे में दिए गए बयान को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोग जानना चाहते हैं कि इस मामले की असल सच्चाई क्या है और सुफियान ने इस तरह की बात क्यों कही।1
- लोनी गोल चक्कर पर रात 11 बजे आग लगने की एक घटना सामने आई है।1