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पर्यटन स्थल दमाऊधारा में दोस्तों के साथ घूमने आया दुर्ग के 20 वर्षीय युवक झरने के बहाव से लापता
Dwarika prasad Yadaw
पर्यटन स्थल दमाऊधारा में दोस्तों के साथ घूमने आया दुर्ग के 20 वर्षीय युवक झरने के बहाव से लापता
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- हेपेटाइटिस से बचाव के लिए जागरूकता शिविर, आयुर्वेद एवं योग चिकित्सा विशेषज्ञों ने दिए स्वास्थ्य संबंधी सुझाव कोरबा में वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे के अवसर पर लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट और आयुष मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में नि:शुल्क आयुर्वेद एवं योग चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। निहारिका रोड स्थित पतंजलि चिकित्सालय में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में अंचलवासियों ने स्वास्थ्य परामर्श का लाभ लिया। शिविर में छत्तीसगढ़ के अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञ नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा सहित धरमजयगढ़ के डॉ. खुर्शीद खान, पेंड्रा के डॉ. सोमेश कुशवाहा और पंतोरा के डॉ. सुरेंद्र मिश्रा ने मरीजों को हेपेटाइटिस यानी यकृत शोथ से बचाव, उपचार और जीवनशैली से जुड़ी जरूरी जानकारी दी। डॉ. नागेंद्र शर्मा ने बताया कि मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तंबाकू, शराब, पित्तवर्धक आहार और जरूरत से ज्यादा भोजन जैसी आदतें लिवर के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने पीलापन, गहरे रंग का पेशाब, अत्यधिक थकान, जी मिचलाना, भूख कम लगना, उल्टी और पेट में दर्द या सूजन जैसे लक्षण लंबे समय तक बने रहने पर चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी।वहीं डॉ. खुर्शीद खान ने हेपेटाइटिस से बचाव के लिए नशे से दूर रहने और जीवनशैली को बेहतर बनाने पर जोर दिया। डॉ. सोमेश कुशवाहा ने सात्विक और संतुलित आहार लेने की सलाह दी, जबकि डॉ. सुरेंद्र मिश्रा ने नियमित योग और प्राणायाम को स्वास्थ्य के लिए उपयोगी बताया। शिविर में लिवर स्वास्थ्य के लिए यकृत बूस्टर क्वाथ का नि:शुल्क सेवन कराया गया। इसके साथ ही लिवर के स्वास्थ्य से संबंधित पुस्तिकाएं भी लोगों को नि:शुल्क वितरित की गईं।कार्यक्रम में डॉ. प्रवीण श्रीवास, डॉ. विवेक साहू सहित श्री शिव औषधालय की संचालिका प्रतिभा शर्मा और अन्य सहयोगियों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविर का उद्देश्य लोगों को हेपेटाइटिस के प्रति जागरूक करने के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।कोरबा में आयोजित इस जागरूकता शिविर के जरिए लोगों को लिवर के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने का संदेश दिया गया।4
- हरिओम हॉस्पिटल में भारी हंगामा,,मौT के बाद शV को बंधक बनाने का आरोप बिलासपुर के हरिओम हॉस्पिटल में उस समय जमकर हंगामा मच गया, जब कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल प्रबंधन पर अमानवीय रवैया अपनाने का आरोप लगाया। आरोप है कि कोरिया जिले से इलाज के लिए आई एक महिला की उपचार के दौरान मौT हो गई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने बकाया राशि जमा नहीं होने का हवाला देते हुए करीब दो दिनों तक शV परिजनों को नहीं सौंपा। इस मामले की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचे और जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि अस्पताल ने मानवता को शर्मसार करते हुए शव को बंधक बना लिया और पूरे पैसे मिलने तक अंतिम संस्कार के लिए भी शV नहीं दिया। मामले को लेकर अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा चलता रहा।1
- जल जीवन मिशन के कार्यों में लाएं तेजी, गुणवत्ता से न हो कोई समझौता : कलेक्टर मार्च 2027 तक सभी स्वीकृत योजनाएं पूर्ण करने के निर्देश हर घर जल प्रमाणन, स्रोत सुदृढ़ीकरण और नियमित पेयजल आपूर्ति पर दिया जोर1
- सजग कोरबा – सतर्क कोरबा" अभियान के तहत विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन एवं सड़क सुरक्षा का दिया गया संदेश पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में जिले में संचालित "सजग कोरबा – सतर्क कोरबा" अभियान के अंतर्गत सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जन-जागरूकता लाने के उद्देश्य से लगातार विभिन्न विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज यातायात थाना, कोरबा द्वारा निर्मला इंग्लिश स्कूल, पुलिस लाइन, कोरबा एवं निर्मला स्कूल, कोसाबाड़ी में विशेष यातायात एवं सड़क सुरक्षा जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डीएसपी सुश्री ज्योत्सना चौधरी ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से नाबालिग बच्चों द्वारा मोटरसाइकिल अथवा अन्य मोटर वाहन नहीं चलाने के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी तथा विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने माता-पिता एवं परिजनों को भी इसके लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन नहीं चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलाना, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाना तथा यातायात संकेतों का पालन करने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों को बताया गया कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना कानूनन अपराध होने के साथ-साथ स्वयं एवं अन्य लोगों के जीवन के लिए गंभीर खतरा भी है। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने यातायात नियमों का पालन करने तथा अपने परिवार एवं समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कोरबा पुलिस द्वारा संचालित "सजग कोरबा – सतर्क कोरबा" अभियान के माध्यम से जिले में सुरक्षित, अनुशासित एवं जिम्मेदार यातायात व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।2
- बिलासपुर सेंट्रल जेल में बड़ा हादसा: गैसीफायर प्लांट की जलती भट्ठी में कूदने से उम्रकैद के कैदी की मौत, जांच शुरू डबल मर्डर मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा कैदी बृजेश उर्फ राहुल की दर्दनाक मौत, कलेक्टर, एसएसपी, एफएसएल और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। बिलासपुर। बिलासपुर सेंट्रल जेल में बुधवार को एक दर्दनाक और सनसनीखेज घटना सामने आई। डबल मर्डर मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा कैदी बृजेश उर्फ राहुल, निवासी बम्हनीडीह (चांपा), जेल परिसर में स्थित गैसीफायर प्लांट की जलती भट्ठी में कूद गया। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे जेल परिसर में हड़कंप मच गया। सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल सख्त कर दिया गया और जेल प्रशासन ने पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके साथ ही एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) और पुलिस की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक कैदी डबल मर्डर मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। हालांकि उसने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और जेल प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि कैदी गैसीफायर प्लांट की जलती भट्ठी तक कैसे पहुंचा, घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और कहीं किसी स्तर पर कोई चूक तो नहीं हुई। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और परिस्थितियों के संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जाएगी। फिलहाल पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। घटना के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अब जांच में इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस कैदी गैसीफायर प्लांट तक कैसे पहुंचा? घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति क्या थी? क्या घटना के पीछे कोई विशेष कारण था? जेल परिसर में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं? अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1