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पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र में जंगल से मिले एक व्यक्ति के शव से जुड़े हत्याकांड का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस जांच के दौरान इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही, हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई प्रेस विज्ञप्ति और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य समाचार और जन-जागरूकता प्रदान करना है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध किए जाने तक निर्दोष माना जाना चाहिए।

2 hrs ago
user_Ranchi Club Tv
Ranchi Club Tv
Media house कांके, रांची, झारखंड•
2 hrs ago

पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र में जंगल से मिले एक व्यक्ति के शव से जुड़े हत्याकांड का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस जांच के दौरान इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही, हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई प्रेस विज्ञप्ति और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य समाचार और जन-जागरूकता प्रदान करना है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध किए जाने तक निर्दोष माना जाना चाहिए।

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  • झारखंड राज्य में तंबाकू के सेवन की लत लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे युवाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस बढ़ती हुई समस्या पर नियंत्रण स्थापित करना और इसके प्रसार को रोकना राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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    झारखंड राज्य में तंबाकू के सेवन की लत लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे युवाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस बढ़ती हुई समस्या पर नियंत्रण स्थापित करना और इसके प्रसार को रोकना राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
    user_Nation24 news
    Nation24 news
    News Anchor कांके, रांची, झारखंड•
    13 hrs ago
  • झारखंड के रातू प्रखंड की गुडू पंचायत में कुरमाली भाषा परिषद् ने स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय ठेबले उरांव की 68वीं पुण्यतिथि जयंती मनाई। इस अवसर पर लोगों ने स्वर्गीय उरांव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम स्थल पर पाहन द्वारा पूजा-अर्चना और ठेबले उरांव के चित्र पर माल्यार्पण के साथ सरकार की ओर से रेखांकित जगह पर एक जतरा मेले की भी शुरुआत की गई। परिषद् के अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो ने ठेबले उरांव को महात्मा गांधी का अनुयायी और भगवान बिरसा मुंडा का मार्गदर्शक बताया। उनका जन्म 1863 में राजधानी रांची से 22 किलोमीटर दूर रातू थाना क्षेत्र के गुडू गांव में हुआ था, और उनके पिता जीतू उरांव एक किसान थे। ठेबले उरांव ने 1900 ई. में छोटानागपुर उन्नति समाज का गठन किया और उसके अध्यक्ष बने। वे 1919 में कांग्रेस के सदस्य भी बने और 1928 में झारखंड के लिए अलग प्रांत की मांग रखी। इसके बाद 1931 में उन्होंने छोटानागपुर किसान सभा का गठन कर एक संगठन बनाया। स्वाधीनता के बाद वे रांची के सांसद भी रहे और बिहार सरकार में सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवाएँ दीं। हालांकि, इन सभी योगदानों के बावजूद, ठेबले उरांव इतिहासकारों के कारण गुमनाम रहे। अब कुरमाली भाषा परिषद् के अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो ने ठेबले उरांव के जीवन गाथा की खोज कर उन्हें स्वतंत्रता सेनानी का स्थान दिलाने का बीड़ा उठाया है। श्री महतो ने विधानसभा में उनके चित्र लगाने और उनके पैतृक गांव गुडू में एक स्मारक समिति गठित कर आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की बात कही है। उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड सरकार से मिलकर रातू रोड का नाम ठेबले उरांव के नाम पर करने, रातू का विकास करने, उनके वंशजों का उत्थान करने के साथ-साथ आदमकद प्रतिमा, सांस्कृतिक भवन, कला केंद्र भवन और उनके इतिहास को प्राथमिक विद्यालय से एम.ए. तक की पढ़ाई में किताबों में शामिल करने जैसी कई मांगें रखी जाएंगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुरमाली भाषा परिषद् के अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो का आदिवासी रीति-रिवाज और संस्कृति नृत्य-गीत व ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया। मेले में कई गांव के खोड़हे धारी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और इस दौरान नृत्य-संगीत के साथ छऊ नृत्य का भी आयोजन किया गया। डॉ. राजाराम महतो के अलावा शिव शंकर नील कंठ, लक्ष्मण उरांव, कृष्ण भगत, जौरा उरांव, देवचरण उराँव, मुकेश कुमार, सिकंदर महतो और मुखिया अनिल उराँव सहित कई लोगों ने कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर ठेबले उरांव के वंशज और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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    झारखंड के रातू प्रखंड की गुडू पंचायत में कुरमाली भाषा परिषद् ने स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय ठेबले उरांव की 68वीं पुण्यतिथि जयंती मनाई। इस अवसर पर लोगों ने स्वर्गीय उरांव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम स्थल पर पाहन द्वारा पूजा-अर्चना और ठेबले उरांव के चित्र पर माल्यार्पण के साथ सरकार की ओर से रेखांकित जगह पर एक जतरा मेले की भी शुरुआत की गई।

परिषद् के अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो ने ठेबले उरांव को महात्मा गांधी का अनुयायी और भगवान बिरसा मुंडा का मार्गदर्शक बताया। उनका जन्म 1863 में राजधानी रांची से 22 किलोमीटर दूर रातू थाना क्षेत्र के गुडू गांव में हुआ था, और उनके पिता जीतू उरांव एक किसान थे। ठेबले उरांव ने 1900 ई. में छोटानागपुर उन्नति समाज का गठन किया और उसके अध्यक्ष बने। वे 1919 में कांग्रेस के सदस्य भी बने और 1928 में झारखंड के लिए अलग प्रांत की मांग रखी। इसके बाद 1931 में उन्होंने छोटानागपुर किसान सभा का गठन कर एक संगठन बनाया। स्वाधीनता के बाद वे रांची के सांसद भी रहे और बिहार सरकार में सलाहकार के रूप में भी अपनी सेवाएँ दीं। हालांकि, इन सभी योगदानों के बावजूद, ठेबले उरांव इतिहासकारों के कारण गुमनाम रहे।

अब कुरमाली भाषा परिषद् के अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो ने ठेबले उरांव के जीवन गाथा की खोज कर उन्हें स्वतंत्रता सेनानी का स्थान दिलाने का बीड़ा उठाया है। श्री महतो ने विधानसभा में उनके चित्र लगाने और उनके पैतृक गांव गुडू में एक स्मारक समिति गठित कर आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की बात कही है। उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड सरकार से मिलकर रातू रोड का नाम ठेबले उरांव के नाम पर करने, रातू का विकास करने, उनके वंशजों का उत्थान करने के साथ-साथ आदमकद प्रतिमा, सांस्कृतिक भवन, कला केंद्र भवन और उनके इतिहास को प्राथमिक विद्यालय से एम.ए. तक की पढ़ाई में किताबों में शामिल करने जैसी कई मांगें रखी जाएंगी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुरमाली भाषा परिषद् के अध्यक्ष डॉ. राजाराम महतो का आदिवासी रीति-रिवाज और संस्कृति नृत्य-गीत व ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया। मेले में कई गांव के खोड़हे धारी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और इस दौरान नृत्य-संगीत के साथ छऊ नृत्य का भी आयोजन किया गया। डॉ. राजाराम महतो के अलावा शिव शंकर नील कंठ, लक्ष्मण उरांव, कृष्ण भगत, जौरा उरांव, देवचरण उराँव, मुकेश कुमार, सिकंदर महतो और मुखिया अनिल उराँव सहित कई लोगों ने कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर ठेबले उरांव के वंशज और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
    user_Sanjay kumar
    Sanjay kumar
    Newspaper publisher बुरमू, रांची, झारखंड•
    33 min ago
  • यह सवाल उठाया गया कि क्या सरना और क्रिश्चियन एक ही माँ के बेटे हैं। इस प्रश्न के जवाब में, एक आदिवासी भाई ने 'मुँहतोड़ जवाब' दिया है।
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    यह सवाल उठाया गया कि क्या सरना और क्रिश्चियन एक ही माँ के बेटे हैं। इस प्रश्न के जवाब में, एक आदिवासी भाई ने 'मुँहतोड़ जवाब' दिया है।
    user_Jharkhand News Feed
    Jharkhand News Feed
    Local News Reporter Ramgarh, Jharkhand•
    10 hrs ago
  • संथाल समाज दिशोम मांझी परगना का तीसरा स्थापना दिवस सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो संस्था के स्थापना के महत्व को दर्शाते हैं।
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    संथाल समाज दिशोम मांझी परगना का तीसरा स्थापना दिवस सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो संस्था के स्थापना के महत्व को दर्शाते हैं।
    user_आशीष कुमार मुखर्जी
    आशीष कुमार मुखर्जी
    रिपोर्टर रामगढ़, रामगढ़, झारखंड•
    23 hrs ago
  • खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत राजागढ़ स्थित छाता सरना मैदान में 'कॉम्पाट मुंडा 12 मौजा धनवार बाबा किलि पड़हा जतरा' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष, युवा और पारंपरिक नृत्य दल शामिल हुए, जिससे पूरा सरना मैदान पारंपरिक उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया। जतरा समारोह में शनिचाराय भेंगरा बतौर मुख्य अतिथि और अमृता मुंडा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों, खोड़हा मंडलियों और आदिवासी मूलवासी भाई-बहनों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, मांदर की थाप और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पड़हा व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को बनाए रखने पर जोर दिया, साथ ही कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। जतरा का मुख्य उद्देश्य पड़हा संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण, संवर्धन और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना रहा। इस आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई तथा आयोजन स्थल पर शराब की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रखी गई। समिति की ओर से विभिन्न गांवों से पहुंचे नृत्य दलों को सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम में एदेल संगा पड़हा महारानी अमृता मुंडा, सचिव विरेन्द्र धान, देवान दुबिया मुंडा, हेरेंज पड़हा कार्यवाही राजा हरीनाथ हेरेंज सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के सचिव फ्रेंकलिन धान, छाता पंचायत मुखिया सुखराम मुंडा, आलोक मुंडा, विश्वनाथ मुंडा, विलियम धान, दीपक धान, गंदुर भगत, फागु धान, बिरसी धान, मरियम धान, चांदू धान, लुदू धान, सनिका धान, सुकरा धान, मंगल धान एवं मार्शल धान समेत अन्य सदस्यों एवं ग्रामीणों की मुख्य भूमिका रही।
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    खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत राजागढ़ स्थित छाता सरना मैदान में 'कॉम्पाट मुंडा 12 मौजा धनवार बाबा किलि पड़हा जतरा' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष, युवा और पारंपरिक नृत्य दल शामिल हुए, जिससे पूरा सरना मैदान पारंपरिक उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया।

जतरा समारोह में शनिचाराय भेंगरा बतौर मुख्य अतिथि और अमृता मुंडा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों, खोड़हा मंडलियों और आदिवासी मूलवासी भाई-बहनों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, मांदर की थाप और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पड़हा व्यवस्था, आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को बनाए रखने पर जोर दिया, साथ ही कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। जतरा का मुख्य उद्देश्य पड़हा संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण, संवर्धन और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना रहा। इस आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई तथा आयोजन स्थल पर शराब की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रखी गई। समिति की ओर से विभिन्न गांवों से पहुंचे नृत्य दलों को सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया गया।

कार्यक्रम में एदेल संगा पड़हा महारानी अमृता मुंडा, सचिव विरेन्द्र धान, देवान दुबिया मुंडा, हेरेंज पड़हा कार्यवाही राजा हरीनाथ हेरेंज सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के सचिव फ्रेंकलिन धान, छाता पंचायत मुखिया सुखराम मुंडा, आलोक मुंडा, विश्वनाथ मुंडा, विलियम धान, दीपक धान, गंदुर भगत, फागु धान, बिरसी धान, मरियम धान, चांदू धान, लुदू धान, सनिका धान, सुकरा धान, मंगल धान एवं मार्शल धान समेत अन्य सदस्यों एवं ग्रामीणों की मुख्य भूमिका रही।
    user_Durga Baraik
    Durga Baraik
    Local News Reporter कर्रा, खूंटी, झारखंड•
    51 min ago
  • झारखंड में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज के राजनीतिक अधिकारों और उनकी आरक्षित सीटों में किसी भी तरह की कटौती कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह बात रांची में आयोजित आदिवासी समाज की राज्यस्तरीय संगोष्ठी के दौरान कही। बंधु तिर्की ने संविधान के अनुच्छेद 330, 332 और पांचवीं अनुसूची का हवाला देते हुए कहा कि झारखंड में अनुसूचित जनजाति (ST) के प्रतिनिधित्व को कमजोर करने का कोई भी प्रयास स्वीकार्य नहीं होगा और इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। इसी संदर्भ में, बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि आगामी 2 अगस्त को आदिवासी एकता महजुटान रैली का आयोजन किया जाएगा, जो आदिवासी समाज के अधिकारों के संरक्षण के प्रति उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
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    झारखंड में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज के राजनीतिक अधिकारों और उनकी आरक्षित सीटों में किसी भी तरह की कटौती कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह बात रांची में आयोजित आदिवासी समाज की राज्यस्तरीय संगोष्ठी के दौरान कही।

बंधु तिर्की ने संविधान के अनुच्छेद 330, 332 और पांचवीं अनुसूची का हवाला देते हुए कहा कि झारखंड में अनुसूचित जनजाति (ST) के प्रतिनिधित्व को कमजोर करने का कोई भी प्रयास स्वीकार्य नहीं होगा और इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।

इसी संदर्भ में, बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि आगामी 2 अगस्त को आदिवासी एकता महजुटान रैली का आयोजन किया जाएगा, जो आदिवासी समाज के अधिकारों के संरक्षण के प्रति उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
    user_Ranchi Club Tv
    Ranchi Club Tv
    Media house कांके, रांची, झारखंड•
    10 hrs ago
  • रांची में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया है। इस निरीक्षण के बाद, ट्रैफिक व्यवस्था के नियमों का पालन कड़ा कर दिया गया है।
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    रांची में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया है। इस निरीक्षण के बाद, ट्रैफिक व्यवस्था के नियमों का पालन कड़ा कर दिया गया है।
    user_Sanjay kumar
    Sanjay kumar
    Newspaper publisher बुरमू, रांची, झारखंड•
    1 hr ago
  • झारखंड के रामगढ़ में जदयू की प्रमंडलीय बैठक संपन्न हो गई है। इस बैठक में आगामी आने वाले चुनावों को लेकर गहन रणनीति तैयार की गई।
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    झारखंड के रामगढ़ में जदयू की प्रमंडलीय बैठक संपन्न हो गई है। इस बैठक में आगामी आने वाले चुनावों को लेकर गहन रणनीति तैयार की गई।
    user_आशीष कुमार मुखर्जी
    आशीष कुमार मुखर्जी
    रिपोर्टर रामगढ़, रामगढ़, झारखंड•
    23 hrs ago
  • रांची स्थित सहजानंद चौक के पास एक बालू लदा वाहन बीच सड़क पर पलट गया है।
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    रांची स्थित सहजानंद चौक के पास एक बालू लदा वाहन बीच सड़क पर पलट गया है।
    user_Amit Kr Chiku Objectionnews
    Amit Kr Chiku Objectionnews
    Local News Reporter बुरमू, रांची, झारखंड•
    10 hrs ago
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