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प्रिय जिलेवासियों, जोहार। आप सभी नागरिकों से अपील है कि 1 मई से 15 मई 2026 के तक se census gov in पोर्टल पर जाकर स्व-गणना (Self Enumeration) अवश्य पूर्ण करें। इसके उपरांत 16 मई से 14 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य संचालित होगा। आपकी सक्रिय भागीदारी इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाने में अत्यंत सहायक होगी।
BaरKaट्ठा Ki आwaज
प्रिय जिलेवासियों, जोहार। आप सभी नागरिकों से अपील है कि 1 मई से 15 मई 2026 के तक se census gov in पोर्टल पर जाकर स्व-गणना (Self Enumeration) अवश्य पूर्ण करें। इसके उपरांत 16 मई से 14 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य संचालित होगा। आपकी सक्रिय भागीदारी इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाने में अत्यंत सहायक होगी।
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- Post by BaरKaट्ठा Ki आwaज1
- Bijli ka tar jamin par latak Raha hai jise koi elektrik karm chari thik nahi kar rahe hai or Bijli chalu rahta hai baarish ka mousam chalu ho gaya pareshni bad rahi hai1
- -- हजारीबाग की ध्वस्त कानून व्यवस्था और पत्रकारों पर हमले को लेकर सांसद मनीष जायसवाल ने सरकार और पुलिस को घेरा -- मंत्री इरफ़ान अंसारी के सामने पत्रकारों पर हुए हमले की कड़ी निंदा, पुलिस से एफआईआर की मांग -- भाजपा का नए एसपी को अल्टीमेटम, हजारीबाग का लॉ एंड ऑर्डर नहीं सुधरा तो सड़क ओट उतरकर होगा पुरजोर विरोध -- धार्मिक मानसिकता लेकर हजारीबाग आए थे मंत्री इरफान अंसारी, उनके सामने पत्रकारों से हुई बदसलूकी और मारपीट, उन्होंने नहीं किया हस्तक्षेप: मनीष जायसवाल -- हजारीबाग की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराई, पुलिस की भूमिका और चुप्पी चिंताजनक: प्रदीप प्रसाद -- हजारीबाग। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने शनिवार को संसदीय समिति के दौरे से लौटने के उपरांत सांसद सेवा कार्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण प्रेस-वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दो प्रमुख विषयों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। सांसद मनीष जायसवाल ने अपनी बात की शुरुआत हजारीबाग की ध्वस्त कानून व्यवस्था से करते हुए कहा कि अपराधियों ने जिले के नए पुलिस अधीक्षक का स्वागत लगातार बड़ी आपराधिक घटनाओं के साथ किया है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नए एसपी को ज्वाइन किए महज 10-12 दिन ही हुए हैं और इस अल्प अवधि में जिस प्रकार की बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया गया है, वह अत्यंत गंभीर और सोचनीय विषय है। उन्होंने हालिया घटनाओं का विवरण देते हुए कहा कि 22 अप्रैल को बड़कागांव के 13 माइल क्षेत्र में एक हाईवा को आग के हवाले कर दहशत फैलाने की कोशिश की जो बहुत दिनों बाद ऐसी घटना हुई। बीते 17 से 19 अप्रैल के बीच मुफस्सिल थाने में एक दलित महिला और दो वर्षीय दुधमुंहे बच्चे को 38 घंटे तक हिरासत में रखकर यातनाएं दी गईं और उनकी पिटाई की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस कर्मियों ने अपने ही नए कप्तान को यह चुनौती दी है कि उनके आने के बाद भी वे ऐसी करतूतें जारी रखेंगे। इस मामले में पीड़ित द्वारा शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सांसद मनीष जायसवाल ने बैंक डकैती की घटना पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि हजारीबाग को याद भी नहीं कि यहाँ आखिरी बार बैंक डकैती कब हुई थी, लेकिन बीते 24 अप्रैल को बरही में हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े 'बैंक ऑफ महाराष्ट्र' में घुसकर करीब 6 से 7 करोड़ रुपये के मूल्य के सामान और कैश की लूट की और आसानी से चंपत हो गए। इसके अतिरिक्त 26 अप्रैल को केरेडारी थाना क्षेत्र में एक दंपति पर फायरिंग की गई, जिसमें राय बस्ती निवासी विकास प्रजापति की पत्नी मंजू देवी की मृत्यु हो गई और अपराधी अब तक फरार हैं। वहीं, 27 अप्रैल को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता जंगल से तीन लापता बच्चों (दो बालिका और एक बालक) के शव बरामद हुए। मृतकों के परिजनों के मुताबिक 23 अप्रैल को उनके लापता होने की लिखित सूचना मुफ्फसिल थाना को देने के बावजूद पुलिस ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई, जिसका परिणाम अत्यंत दुखद रहा। सांसद मनीष जायसवाल ने पुलिस प्रशासन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल वारंटियों को गिरफ्तार करने से कानून व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो जाती। वारंटी पकड़ना आवश्यक है, लेकिन जिले की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पुलिस की ही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी निरंतर यह कह रही है कि वर्तमान राज्य सरकार की प्राथमिकता में कानून व्यवस्था है ही नहीं और यहाँ कोई भी सुरक्षित नहीं है। पिछले एसपी के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि महज 11 महीने में उनका स्थानांतरण करने के पीछे सरकार की क्या मंशा थी, इसका स्पष्टीकरण जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले एसपी के कार्यकाल की सराहना जनता कर रही है और अब तो हमसे मिलकर भी लोग ये पूछ रहे हैं आखिर इतनी जल्दी उनका ट्रांफास्ट क्यों किया गया। उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी कि यदि वे अपने लोकप्रिय हथकंडे को छोड़कर अपराध नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित नहीं करते, तो भाजपा सड़क पर उतरकर इसका पुरजोर विरोध करेगी। प्रेस- वार्ता के दूसरे चरण में सांसद मनीष जायसवाल ने बीते 28 अप्रैल को सदर अस्पताल में मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा पत्रकार साथियों के साथ की गई गाली-गलौज, बदसलूकी और मारपीट की घटना पर गहरा खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और उन पर हुआ यह हमला अत्यंत जी निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवेदन दिए जाने के बावजूद हजारीबाग पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है, जो कि बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मनीष जायसवाल ने कहा कि मंत्री इरफान अंसारी एक सेलेक्टिव माइंडसेट के साथ हजारीबाग पहुंचे। उन्होंने सवाल किया कि बीते कुछ महीनों में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में हाथियों के कुचलने से दर्जनों मौतें हुई। चुरचू में एक ही दिन में आधा दर्जन लोगों की मौत हुई। अवैध खनन के कारण दर्जनों मौतें हुई, बड़कागांव के नापो में एक घटना में दो मौत, कटकमसांडी में बीते छठ महापर्व के दौरान तालाब में डूबने से चार मौत और विष्णुगढ़ में तंत्र-मंत्र के एक बच्ची की नरबलि जैसे संवेदनशील मामलों में मंत्री जी की गंभीरता क्यों नहीं दिखी? उन्होंने स्पष्ट किया कि पौता जंगल की घटना और पत्रकारों पर हमले की घटना अलग-अलग हैं, लेकिन मामले में दिशा भटकाने की कोशिश खूब हो रही है। उन्होंने कहा कि पौता जंगल से तीन शव मामले में भाजपा पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और उनकी प्रति संवेदना व्यक्त करता हुआ साथ ही पुलिस प्रशासन से यह मांग करता है कि इस घटना से जल्द पर्दा हटाए और दोषियों को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करके उनपर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे। अंत में उन्होंने हजारीबाग पुलिस से अपील की कि वे पत्रकारों के मामले में अविलंब प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करें, अन्यथा भाजपा पीड़ित पत्रकारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगी। सांसद मनीष जायसवाल ने मंत्री इरफान अंसारी से भी आग्रह किया कि पत्रकार साथियों जिनसे आपके सामने बदसलूकी और मारपीट हुई उन्हें न्याय दिलाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा और मर्यादा का ख्याल जरूर रखें ताकि वे निष्पक्ष और निर्भीक होकर जनता की आवाज बनकर अपनी सेवा समाज और राष्ट्र को दे सकें । प्रेस- वार्ता को संबोधित करते हुए हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग में हाल के दिनों में घटित घटना अत्यंत दुखद और शर्मनाक है। इस पूरे मामले को जिस प्रकार से अलग-अलग रूप देकर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह उचित नहीं है। अपराधी सिर्फ अपराधी होता है उसकी पहचान किसी भी पार्टी या विचारधारा से नहीं जोड़ी जानी चाहिए। घटना के तीन दिन बाद बच्चों का मिलना कई सवाल खड़े करता है। वहीं मुफस्सिल थाना की भूमिका भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि परिजनों के साथ जिस तरह के दुर्व्यवहार की बात सामने आई है, वह बेहद चिंताजनक है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे इस घटना की सूचना तक नहीं दी गई। यदि समय रहते जानकारी मिलती, तो हम भी अपने स्तर से बच्ची की तलाश में सहयोग करते और पुलिस प्रशासन पर आवश्यक दबाव बनाते। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का हजारीबाग आगमन हुआ, लेकिन इस दौरान मीडिया कर्मियों के साथ उनके द्वारा किया गया व्यवहार भी बिल्कुल अनुचित रहा, जिसकी निंदा होनी चाहिए। तीन बच्चियों से जुड़ी इस घटना की जानकारी मिलते ही मेरी टीम ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया में सहयोग किया और परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया। हालांकि जब भी उनके घर जाने की कोशिश की गई, यह जानकारी मिली कि मंत्री जी वहां मौजूद हैं या उन्हें रांची बुलाया गया है। इस कारण लगातार संपर्क में बाधा उत्पन्न होती रही। उक्त प्रेस-वार्ता में विशेषरूप से भाजपा के वरिष्ठ नेता केपी ओझा, हरीश श्रीवास्तव, जयनारायण मेहता, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, विनोद झुनझुनवाला, अजय कुमार साहू, जीवन मेहता, द्वारिका प्रसाद सिंह उर्फ खोखा सिंह, रेणुका कुमारी, दामोदर साव, लब्बू गुप्ता, बीजेपी नेता दिनेश सिंह राठौड़, भाजपा एससी मोर्चा अध्यक्ष महेंद्र राम बिहारी, भाजयुमो अध्यक्ष राजकरण पाण्डेय, भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि इन्द्रनारायण कुशवाहा, भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मनोरमा राणा, शंकर चंद्र पाठक, नरेंद्र कुमार, विनोद ओझा, भाजपा सदर मंडल अध्यक्ष शिवपाल यादव, भाजयुमो नेता विक्रमादित्य, बलराम शर्मा, बंटी तिवारी, रामपति राम, महेंद्र महतो, विजय वर्मा, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।1
- दिल्ली तक गूंजा ‘मौत की घाटी’ दनुआ का दर्द: नितिन गडकरी से मिले विधायक मनोज यादव1
- *मेयर संजीव ने कतरास सब्जी पट्टी में 161 करोड़ की लागत से बनने वाले नाली निर्माण का किया शिलान्यास, जल जमाव से मिलेगी मुक्ति* *धनबाद :* कतरास के सब्जी पट्टी में बरसात में जल जमाव की समस्या को देखते हुए धनबाद नगर निगम के मेयर संजीव सिंह ने 161 करोड़ की लागत से बनने वाली नाली का नारियल फोड़ कर किया शिलान्यास. बताते चलें कि कतरास में जल जमाव की समस्या विकराल रूप धारण किये थी. इस जलजमाव से मुक्ति के लिए मेयर संजीव सिंह और वार्ड संख्या तीन के पार्षद रागनी विनायक गुप्ता ने एक करोड़ 61 लाख रुपए की लागत से बनने वाले नाले का शिलान्यास संयुक्त रूप से की। बताया जाता है कि आज के ही दिन कतरास गुहीबांध का ऐतिहासिक तालाब का जिर्णोद्धार के लिए भी उद्घाटन होने की तारीख निर्धारित थी परंतु शिलापट में नाम शामिल करने का विवाद दो जनप्रतिनिधियों के बीच आ गई और फिलहाल तालाब का जिर्णोद्धार का शिलान्यास टल गया। पत्रकारों को जानकारी देते हुए मेयर संजीव सिंह ने कहा वह नगर निगम का चुनाव नहीं होने से कई योजनाएं यहां रुकी पड़ी हुई थी जो संकल्प लिया था शहर को सुंदर बनाने का और अपने किए गए वादों को पूरा करने के लिए वचनबद्ध है कतरास शहर को निश्चित तौर पर जलजमाव से मुक्ति मिलेगी। नाली निर्माण कार्य में जो भी समस्याएं आएगी निगम बखूबी उससे निपटने का काम करेगी। मेयर संजीव सिंह ने शिलापट पर नामकरण के विवाद पर पर्दा डालते हुए कहा समयाभाव के कारण तालाब का जिर्णोद्धार का शिलान्यास आज नहीं हो सका आने वाले कुछ ही दिनों में तालाब का जिर्णोद्धार का कार्य भी प्रारंभ हो जाएगी ।मेयर संजीव सिंह ने कहा बरसों से निगम का चुनाव नहीं होने के कारण क्षेत्र में समस्याओं का ग्राफ बड़ा है इसका निदान के लिए हम सभी तैयार हैं। मौके पर वार्ड एक के पार्षद डॉ मधुमाला,, पूर्व पार्षद विनायक गुप्ता, संदीप गुप्ता, मासूम खान,सहित दर्जनों लोग मौजूद थे.2
- पत्नी की हत्या का खौफनाक खेल! पति ही निकला मास्टरमाइंड, साजिश का परत-दर-परत खुलासा खबर मन्त्र संवाददाता केरेडारी: केरेडारी की शांत रात 26 अप्रैल 2026 को अचानक गोलियों की आवाज से दहल उठी थी। कोयला क्षेत्र के पास एक महिला को निशाना बनाकर गोली मारी गई, मामला पहले लूट या बाहरी हमले जैसा दिखा, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सच्चाई ने सबको हिला कर रख दिया। यह कोई बाहरी हमला नहीं, बल्कि घर के अंदर रची गई खून की साजिश थी।1
- बगोदर: बगोदर प्रखंड के अटका स्थित बुढाचांच इलाके में एक जंगली मादा हिरण के शिकार का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, अज्ञात लोगों द्वारा मादा हिरण को तीर मारकर शिकार किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और संतुरपी डुंगो वन संरक्षण समिति के अध्यक्ष भैरो यादव की मौजूदगी में मृत हिरण के शव को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद वन विभाग की टीम शव को गैंडा स्थित वन विभाग कार्यालय लेकर गई, जहां आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई। बाद में बगोदर पशु चिकित्सालय के कर्मियों द्वारा हिरण का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के उपरांत वन विभाग के कर्मियों की मौजूदगी में मृत मादा हिरण को दफना दिया गया।1
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